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नागरिकता संशोधन बिल किसी भी तरह से इस देश के मुसलमानों के विरुद्ध नहीं-दरगाह दीवान

अजमेर/ जयपुर। अजमेर शरीफ दरगाह दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने बयान जारी करते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा प्रजातंत्र है यही हमारी ताक़त है। किसी भी प्रजातांत्रिक देश मे जनभावना का सम्मान उतना ही अवश्यक है जितना सविधान का सम्मान।
सरकार को क़ानून बनाने का अधिकार है और देश की प्रजा को उस का सम्मान करना चाहिए परंतु सरकार की भी यह ज़िम्मेदारी है की जनभावनाओं का सम्मान करे, ऐसा कोई क़ानून ना लाए जिससे जनभावनाएं आहत हो और देश की एकता और सामाजिक भाईचारा धरमभरम हो।

दरगाह दीवान ने कहा है कि भारत सरकार ने जो नागरिकता संशोधन बिल पास करके जो क़ानून का रूप दिया है वो किसी भी तरह से इस देश के मुसलमानों के विरुद्ध नहीं है और इस क़ानून से भारत में रहने वाले किसी भी मुसलमान को डरने की ज़रूरत नहीं है और ना ही उन की नागरिक्ता को किसी भी प्रकार का ख़तरा है। परंतु देश में इस बिल को लेकर उपजे विवाद और देश के मुस्लिमों में फैलाए जा रहे डर और भ्रम को दूर करने की आवश्यकता है। देश के मुसलमानों की भावनाओं का सम्मान करते हुए और जनभावनाओं को देखते हुए भारत सरकार को एक हाई पावर कमेंटी का गठन करना चाहिए।

यह कमेटी पूरे देश में भ्रमण कर लोगों से मिलकर उन की बात सुने, इस बिल के बारे में उनके डर, उनकी शिकायत को सुनकर एक तथ्यात्मक रिपोर्ट सरकार को दें, सरकार उसे संसद में रखे और सबकी भ्रांति और उन के डर को दूर करने के बाद ही इस बिल को लागू किया जाए। जब तक के लिए इस बिल को लागू होने से रोका जाए।

उन्होंने कहा कि दया, मदद और रहम यदि धर्म के आधार पर होने लगेंगे तो दुनिया विनाश की ओर ही जाएगी। दरगाह दीवान ने कहा है कि जामिया मिल्लिया में जो हुआ वह बहुत दुःख देने वाली घटना है में भारत सरकार से अपील करता हूं कि वो पुलिस को एक गाइड लाइन जारी करें कि किसी भी शिक्षक संस्थान में बल प्रयोग ना किया जाए। जामिया मिल्लिया के छात्रों के साथ आतंकवादियों और अपराधियों जैसा बर्ताव ना किया जाएं वहा जो हुआ वह निंदनीय है।

दरगाह दीवान ने जामिया मिल्लिया के छात्रों से भी अपील करते हुए कहा है कि वो किसी भी परिस्थिती में क़ानून अपने हाथ में ना लें, आप लोग हमारे देश का भविष्य हो और आप ही को आगे चल कर इस देश का नेतृत्व करना है, आप से आप के माता-पिता और परिवार की उम्मीदे हैं, हम सब आप के साथ हैं, जो भी बात हो क़ानून के अधीन रहते हुए की जाए तो वो सबके लिए, पूरे देश के लिए अछी बात होगी। दरगाह दीवान ने देशवासियों से अपील की है क वें देश में अमन दऔर शांति कायम रखे, क़ानून अपने हाथ में ना ले और देश की एकता अखंडता बनाए रखे।

 


साभार-khaskhabar.com

नारद संवाद

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