मथुरा(केके पाठक)। चित्कारा विश्वविद्यालय, पंजाब में आयोजित उच्चतम स्तर की डिजाइन प्रतियोगिता में जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के बीटेक मैकेनिकल के छात्रों ने इस प्रतियोगिता में अपने द्वारा तैयार की जाने वाली गाडिय़ों के प्रजेंटेशन को दिखाया। महिंद्रा कंपनी के तत्वावधान में एसएई बाहा 2019 पंजाब के चित्कारा विश्वविद्यालय में बीते दिनों एक डिजाइन प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें देश के कोने-कोने से 300 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का मकसद छात्रों द्वारा उबड़-खाबड़ जगहों पर चलने वाली गो-कार्ट अथवा एटीवी कारों जैसी गाडिय़ों के प्रजेंटेशन को बेहतर तरीके से प्रदर्शन करना था। इस प्रतियोगिता में सभी छात्रों के साथ ही जीएलए के छात्रों ने भी अपने द्वारा तैयार किए गए गाडिय़ों के प्रजेंटेशन को पीपीटी के माध्यम से दिखाया। वर्चुअल राउंड में विश्वविद्यालय से अक्षत श्रीवास्तव, सुयश त्यागी, सैयद कायज अली, करण अग्रवाल एवं कशिश गोयल ने भाग लिया। फैकल्टी एडवाइजर (इंचार्ज एसएई) गौरव पंत ने छात्रों का मार्गदर्शन किया और मनोबल बढ़ाया। टीम के कप्तान सुयश त्यागी एवं उपकप्तान अक्षत श्रीवास्तव ने चेयरपर्सन सैयद फायज, वाइस चेयरपर्सन करण व मैनेजर कशिश गोयल ने बताया कि सैकड़ों छात्रों के सामने डिजाइन प्रतियोगिता में जीएलए के छात्रों का उम्दा प्रदर्शन रहा है। इस प्रदर्शन को यूनिवर्सिटी और महिंद्रा कंपनी के अधिकारियों ने सराहा। शिक्षक गौरव पंत ने बताया कि प्रतियोगिता में मैकेनिकल के छात्रों की किताबी पढ़ाई को वास्तविक वस्तुओं पर लागू करना होता है। यह एक डिजाइन चैलेंज होता है, जिसमें खुद की लागू किए हुए ज्ञान से पहाड़ी एवं दुर्गम रास्तों के लिए वाहनों के निर्माण की प्रक्रिया प्रदर्शित किया जाता है। विभागाध्यक्ष प्रो. पीयूष सिंघल ने कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय के मैकेनिकल के छात्रों का कई प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिलता है। गो-कार्ट डिजाइन चेलैंज प्रतियोगिता में भी छात्रों ने कई बार अपनी बढ़त बनाई है। एनएसएस के छात्रों ने किया वृक्षारोपण जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के एनएसएस छात्र और अध्यापकों विश्वविद्यालय, में वृक्षारोपण कर पर्यावरण का संदेश दिया। इस दौरान एक स्वर में छात्रों ने कहा कि हमें यह याद रखना चाहिए कि हम आने वाली पीढ़ी को अगर कुछ दे सकते हैं तो वह है पेड़-पौधों से हरा-भरा वातावरण। वृक्ष रहेंगे तो हमारा जीवन भी सुरक्षित रहेगा और वृक्ष नहीं होंगे तो सांस लेना भी दूभर हो जायेगा। इस दौरान डॉ. विवेक शर्मा, प्रदीप चौधरी साथ हैं छात्र आकाश जैन, अमित चतुर्वेदी, भावेश गौतम सहित अनेकों एनएसएस के छात्र-छात्रा उपस्थित रहे।
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