देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा(ब्यूरो)। थाना यमुनापार के गांव सिहोरा में मनरेगा के कामों में घपले की शिकायत पर जांच करने पहुंची प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस टीम की मौजूदगी में प्रधान पक्ष शिकायतकताओं पर हमलावर हो गया और चाकू, लाठी-डंडों से हमला कर एक दर्जन लोगों को घायल कर दिया। पूर्व प्रधान स्व.रामवीर सिंह के पुत्र सुरेंद्र सिंह की हालत गंभीर बनी हुई है। उसे जिला चिकत्सालय से आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया है।
मारपीट में घायल हुए बलवीर ने जिला अस्पतला में बताया कि पंचायत घर पर मनरेगा की टीम जांच करने पहुंची थी, इसी बीच देवेंद्र पहलवान अपने भाईयों धर्मेंद्र और राघवेंद्र तथा भूरा पुत्र नेमी सिंह आदि अचानक हमलावर हो गये। देवेंद्र ने पहले
लाइसेंसी पिस्टल निकाल कर फायर करना चाहा था आपाधापी में पिस्टल हाथ से छूट गई, इसके बाद देवेंद्र ने चाकू निकाल कर सुरेंद्र पर चाकू से ताबड़तोड़ हमले कर दिये। देवेंद्र के भाई और भूरा पहले से ही हथियारों से लैस थे उन्होंने भी वहां मौजूद दूसरे पक्ष के लोगों पर हमला कर दिया। सुरेंद्र के सीने और गिर जाने पर जान से मारने के लिए पेट पर कई चाकू से वार किये। बलवीर, हरेंद्र, हरस्वरूप, देवस्वरूप, पूरन, ठाकुरिया, मीना देवी आदि घायल हो गये।
जिला चिकित्सालय से सुरेंद्र को आगरा रैफर किये जाने के बाद जिला अस्पताल पहुंचे ग्रामीण बड़ी संख्या में गाड़ियों में भर कर थाना यमुनापार जा पहुंचे और पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए हंगामा काटा। इस बीच अहतियातन गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस के आलाधिकारी भी गांव पहुंचे और घटना के बारे में जानकारी की।
पहले से ही थी झगड़े की आशंका अधिकारियों को पहले से ही झगड़े की आशंका थी। इस लिए जांच टीम अपने साथ थाना यमुनापार पुलिस को लेकर गई थी। बीडीओ, एडीओ के साथ मनरेगा की जांच के लिए मथुरा से गये अधिकारी भी इस दौरान पंचायत घर पर मौजूद थे।
मूकदर्शक बनी रही पुलिस झगड़े की आशंका के चलते जांच टीम पुलिस लेकर गांव गई थी लेकिन इस का कोई फायदा नहीं हुआ। पुलिस की मौजूदी में इतनी बड़ी घटना हो गई और पुलिस मूक दर्शक बनी रही।
सुरेंद्र की मां जिला पंचायत सदस्य, देवेंद्र की मां प्रधान हैं सुरेंद्र की मां वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य हैं और इससे पहले सुरेंद्र के पिता कई बार गांव के प्रधान चुने गये थे, जिनका कुछ दिन पहले निधान हो गया था। स्व.रामवीर सिंह को हराकर वर्तामान देवेंद्र पहलवान की मां ग्राम प्रधान बनी थीं। देवेंद्र पहलवान और सुरेंद्र सिंह के परिवार के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंदिता लम्बे समय से चली आ रही है। इस देवेंद्र पहलवान भी जिला पंचायत का चुनाव लड़ा था लेकिन हार गया था।













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