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पुणे । भारत की एकदिवसीय टीम के नए कप्तान विराट कोहली ने कहा है कि हम विपक्षी टीम को बताना चाहते थे कि 63 रनों पर चार विकेट खोने के बाद भी हम मैच से बाहर नहीं हुए हैं। भारत ने रविवार को इंग्लैंड द्वारा दिए गए 351 रनों के लक्ष्य को हासिल करते हुए मैच तीन विकेट से जीतने में सफल रहा। कोहली ने 105 गेंदों में 122 रनों और केदार जाधव ने 76 गेंदों में 120 रनों की पारी खेल भारत को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 200 रनों की साझेदारी की। मैच के बाद कोहली ने कहा, हम एक-एक रन लेकर मैच नहीं जीत सकते थे। हमें अपने विपक्षी को बताना था कि हमें भरोसा है कि हम जीत सकते हैं। उन्होंने जाधव की भी प्रशंसा की और कहा, 350 रनों का पीछा करते हुए हमने 63 रनों पर चार विकेट खो दिए थे तब हमें एक अच्छी साझेदारी की जरूरत थी। कोहली ने कहा, केदार ने शानदार पारी खेली। न्यूजीलैंड श्रृंखला के दौरान हमने उनकी काबिलियत देखी थी। आज नंबर छह पर आकर ऐसी पारी खेलना आसान नहीं था। जाधव ने अपनी पारी का श्रेय कोहली को दिया है। जाधव ने कहा, अपने घरेलू दर्शकों के सामने अपने देश के लिए मैच जीतना शानदार अहसास है। अपने घरेलू मैदान में मां, पिता, पत्नी और बेटी के सामने देश के लिए मैच जीतना खास है। अपनी इस मैराथन पारी का राज खोलते हुए जाधव ने कहा कि, मैं इतना लंबा खेल सका, क्योंकि कप्तान कोहली ने हमें बताया है कि बड़े लक्ष्य का पीछा कैसे किया जाता है। मैंने पहले कई मौके गंवाए हैं। विराट के साथ विकेट के बीच दौडऩा कठिन है, उसने थका दिया। लेकिन मैं इसको और बेहतर करूंगा। उन्होंने कहा, मैं ऐसा अपने कप्तान के कारण खेल सका। उन्होंने देश के लिए ऐसा कई बार किया है और मैंने कई बार ऐसे मौके गंवाए हैं। इसलिए आज मेरे पास रन बनाने का मौका था और विराट को दूसरे छोर पर देखने का भी। इंग्लैंड के खिलाफ जीत दर्ज करने के बाद सोशल मीडिया पर टीम इंडिया को जमकर बधाई संदेश दिए गए। आए दिन अपने ट्वीट से सुर्खियां बटोरने वाले पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने इंग्लैंड के खिलाडिय़ों पर तंज कसते हुए लिखा कि भारतीय टीम ने दस गुना लगान वसूल लिया है। टीम इंडिया की जीत पर कई पूर्व क्रिकेटरों ने विराट कोहली की टीम को बधाई दी। ऑलराउंडर इरफान पठान ने लिखा, चार विकेट खोने के बाद भी अद्भुत जीत दर्ज की। बहुत खूब टीम इंडिया। सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट किया, 2017 की पहली जीत! बहुत खूब टीम इंडिया, यह नए वर्ष की बेहतरीन शुरुआत है. जीतते रहें। अनिल कुंबले और टीम इंडिया को बधाई। यह शानदार चेज था। केदार जाधव की पारी देखकर खुशी के आंसू आ गए।  साभार-khaskhabar.com  

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पुणे । भारतीय क्रिकेट टीम ने महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में जारी पहले एकदिवसीय मैच में रविवार को इंग्लैंड के खिलाफ टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला लिया। विराट कोहली की कप्तानी में पहली बार एकदिवसीय मैच खेल रही भारतीय टीम में इस एकदिवसीय मैच के लिए मनीष पांडे, अजिंक्य रहाणे, भुवनेश्वर कुमार और अमित मिश्रा को शामिल नहीं किया गया है।  इसके अलावा, इंग्लैंड की एकादश टीम में सैम बिलिंग्स, जॉन बेयर्सटो, लियम डॉसन और लियाम प्लंकट को इस मैच के लिए जगह नहीं मिली है। एकदिवसीय श्रृंखला से पहले भारत ने इंग्लैंड को टेस्ट श्रृंखला में 4-0 से मात दी थी। रविवार को खेले जाने वाले मुकाबले में भारत इस मानसिक बढ़त के साथ मैदान पर उतरेगा। इस समय आईसीसी रैंकिंग में पांचवें स्थान पर काबिज इंग्लैंड 1984-85 से भारत में एकदिवसीय श्रृंखला नहीं जीत पाई है। मेहमान टीम अपनी इस बुरे इतिहास को बदलने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। कागजों पर दोनों टीमें मजबूत हैं। इंग्लैंड ने इंडिया ए के खिलाफ खेले गए पहले अभ्यास मैच में जीत हासिल की थी तो दूसरे मैच में इंडिया ए ने इंग्लैंड को हराया था। भारत के नियमित सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी में लोकेश राहुल शिखर धवन के साथ पारी का आगाज करने आ सकते हैं। मध्य क्रम में कोहली, युवराज सिंह, अंजिक्य रहाणे और धौनी के कंधों पर टीम की जिम्मेदारी होगी।  गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह के साथ उमेश यादव तेज गेंदबाजी का भार साझा कर सकते हैं। रविचन्द्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा दोनों का अंतिम एकादश में खेलना तय है। इन दोनों पर स्पिन की जिम्मेदारी होगी। वहीं दूसरी तरफ बांग्लादेश दौरे से अपना नाम वापस लेने वाले इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन की वापसी टीम के लिए अच्छा संकेत है। इंग्लैंड की बल्लेबाजी काफी हद तक सलामी जोड़ी जेसन रॉय और ऐलक्स हेल्स पर निर्भर करती है। मध्य क्रम में जोए रूट से इंग्लैंड को काफी उम्मीदें होंगी। वह टीम की बल्लेबाजी की रीढ़ हैं। उनके अलावा मध्यक्रम में मोर्गन, जॉन बेयर्सटो और मोइन अली भी टीम के लिए अहम साबित होंगे। अली बल्ले के साथ-साथ गेंद से भी टीम में अहम रोल अदा करते आए हैं। भारत जैसे देश में जहां पिच हमेशा से स्पिनरों की मददगार रही, ऐसे में मोइन और लेग स्पिनर आदिल राशिद की जोड़ी इंग्लैंड के लिए अहम रोल अदा करेगी।  टीमें (संभावित) :  भारत :- विराट कोहली (कप्तान), महेन्द्र सिंह धौनी (विकेटकीपर), शिखर धवन, युवराज सिंह, अंजिक्य रहाणे, लोकेश राहुल, रविचन्द्रन अश्विन, रवीन्द्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, केदार जाधव, भुवनेश्वर कुमार, अमित मिश्रा, मनीष पांडे, हार्दिक पांड्य, उमेश यादव।  इंग्लैंड :- इयोन मोर्गन (कप्तान), एलेक्स हेल्स, जेसन रॉय, जोस बटलर (विकेटकीपर), जैक बॉल, क्रिस वोक्स, बेन स्टोक्स, जोए रूट, मोइन अली, सैम बिलिंग्स, जॉन बेयर्सटो, लियम डॉसन, लियाम प्लंकट, आदिल राशिद, डेविड विले। साभार-khaskhabar.com  

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पुणे । क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी ने टीम इंडिया की सीमित ओवर की कप्तानी छोडने के बाद शुक्रवार को पहली बार मीडिया से बातचीत की। धोनी ने कहा कि वह टीम के नए कप्तान विराट कोहली को समय-समय पर जरूरी सलाह देते रहेंगे। इस मौके पर इस पूर्व कप्तान ने विराट कोहली की जमकर तारीफ की और कहा कि यह विराट के कप्तान बनने का सही समय था। जब पत्रकारों ने धोनी से पूछा कि वह अपनी कप्तानी को कैसे आंकते हैं, तो धोनी ने कहा कि उनकी कप्तानी एक सफर की तरह रही। धोनी ने कहा, कप्तानी करते हुए मेरी जिंदगी में खुशी के मौके भी आए और मुश्किल वक्त भी आया। कुल मिलाकर यह एक सफर जैसा था। किसी चीज के पछतावे के सवाल पर धोनी ने कहा कि वह जिंदगी में किसी चीज का पछतावा नहीं करते। धोनी के मुताबिक, जब आप कुछ चीजों से नहीं डरते, तो यह रवैया आपको मजबूत बनाता है। धोनी ने कहा कि टीम इंडिया का भविष्य शानदार है। उन्होंने कहा,आज हमारे पास ऎसे शानदार गेंदबाजों का पूल है, जो कहीं भी किसी भी परिस्थिति में गेंदबाजी कर सकते हैं। इसी तरह हमारे पास बेहतरीन बैट्समैन हैं। इससे टीम को किसी खिलाडी के चोटिल होने पर कोई समस्या नहीं होती। धोनी ने कहा,भले ही इस बात को माना जाए या नहीं, लेकिन एक विकेटकीपर हमेशा टीम में वाइस कैप्टन की तरह होता है। वह खेल पर अपनी सलाह अपने कैप्टन को देता है। मैं भी इसी तरह विराट को हर उपयोगी सलाह देता रहूंगा। धोनी से पूछा गया कि वह अब पहली वाली भूमिका में लौट रहे हैं तो क्या वह पहले की तरह अपने बाल भी लंबे करेंगे तो उनका जवाब था,अब बाल लंबे नहीं करूंगा। अपने बैटिंग ऑर्डर के सवाल पर माही ने कहा,मैं टीम की जरूरत के हिसाब से अपना बैटिंग ऑर्डर चेंज करूंगा। जब उनसे वनडे कप्तानी में चुनौतियों के बारे में पूछा गया, तो भारत के इस सबसे सफल कप्तान ने कहा, टेस्ट की अपेक्षा वनडे में कप्तानी करना आसान रहता है। भले ही यहां आपको जल्दी-जल्दी निर्णय लेने होते हैं, फिर भी यह टेस्ट की कप्तानी की अपेक्षा आसान है। कोहली पहले से टेस्ट मैचों में कप्तानी कर रहे हैं, तो इस नई जिम्मेदारी से उन पर कोई खास दबाव नहीं होगा।  उन्होंने कहा कि क्रिकेट में आपका खुद का रेकॉर्ड इतना मायने नहीं रखता जितना की टीम का प्रदर्शन। धोनी ने क्रिकेट को शारीरिक खेल के साथ-साथ दिमागी खेल भी बताया। उन्होंने कहा कि खिलाडी हर वक्त एक ही माइंडसेट में नहीं होता। इसलिए उसके सामने चैलेंज आते रहते हैं।    साभार-khaskhabar.com  

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इंदौर । श्रेयस अय्यर (82) की शानदार पारी की बदौलत मौजूदा चैम्पियन मुंबई ने रणजी ट्रॉफी के फाइनल मैच के तीसरे दिन गुरुवार को गुजरात पर 108 रनों की बढ़त ले ली है। होल्कर क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में मुंबई ने दिन का खेल खत्म होने तक दूसरी पारी में तीन विकेट खोकर 208 रन बना लिए हैं। मुंबई के तीनों विकेट चितन गाजा ने लिए।  मुंबई की पहली पारी महज 228 रनों पर सिमट गई थी, जिसके जवाब में गुजरात ने कप्तान पार्थिव पटेल (90) और मनप्रीत जुनेजा (77) की बेहतरीन बल्लेबाजी की मदद से 328 रन बनाते हुए पहली पारी में 100 रनों की बढ़त ले ली थी। गुजरात ने गुरुवार को अपने स्कोर छह विकेट के नुकसान पर 291 रनों से आगे खेलना शुरू किया, लेकिन गुजरात के शेष चार बल्लेबाज कुल स्कोर में सिर्फ 37 रन और जोड़ सके। दूसरी पारी खेलने उतरी मौजूदा विजेता को पृथ्वी शॉ (44) और अखिल हेरवाडकर (16) ने सधी शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 54 रन जोड़े। गाजा ने स्लिप पर खड़े समित गोहेल के हाथों अखिल को कैच कर टीम को पहली सफलता दिलाई। कुछ देर बाद अपने अर्धशतक की ओर बढ़ रहे शॉ भी गाजा का शिकार हुए। शॉ, गाजा की बाहर जाती गेंद पर ड्राइव लगाने गए, गेंद ने उनके बल्ले का बाहरी किनारा लिया और विकेटकीपर पार्थिव के हाथों में चली गई। शॉ 66 के कुल स्कोर पर आउट हुए। यहां से अय्यर ने मोर्चा संभाला और सूर्यकुमार यादव (नाबाद 45) के साथ पारी को आगे बढ़ाया। अय्यर ने हार्दिक पटेल द्वारा फेंके गए 47वें ओवर की पांचवीं गेंद पर चौका मार कर अपना अर्धशतक पूरा किया। यादव ने अय्यर का अच्छा साथ दिया। एक समय यह दोनों बल्लेबाज बिना किसी परेशानी के रन बना रहे थे। पार्थिव ने गाजा को गेंद थमाई और फिर गुजरात को अय्यर का महत्वपूर्ण विकेट मिला। गाजा की स्विंग लेती गेंद पर अय्यर शॉट चूक गए। गेंद ने बल्ले का बाहरी किनारा लिया और पार्थिव ने अहम कैच पकडऩे में कोई गलती नहीं की। आउट होने से पहले अय्यर ने तीसरे विकेट के लिए यादव के साथ 127 रनों की साझेदारी की। अय्यर ने 137 गेंदों में नौ चौके एवं दो छक्के लगाए।  अय्यर के जाने के बाद गुजरात जल्द ही एक और विकेट लेकर मुंबई को पीछे धकेलना चाहता था, लेकिन कप्तान आदित्य तारे (13) और यादव ने उसकी यह मंशा पूरी नहीं होने दी। यह जोड़ी किसी भी तरह से खेल खत्म होने से पहले विकेट गंवाना नहीं चाहती थी। इस जोड़ी ने अब तक 7.4 ओवरों में 1.95 की औसत से 15 रन जोड़े हैं। तिरुवनंतपुरम। केरल क्रिकेट संघ की अनुशासनात्मक समिति (केसीए) ने मर्यादा में बने रहने की कड़ी चेतावनी के साथ संजू सेमसन को माफी दी है। केसीए की अनुशासनात्मक समिति पिछले माह रणजी ट्रॉफी में 22 वर्षीय खिलाड़ी संजू के आपत्तिजनक आचरण की जांच कर रही थी। इस चेतावनी के साथ केसीए ने संजू के पिता से इस बात को सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि वह अपने बेटे के साथ मैदान पर नहीं आएंगे और न ही क्रिकेट के किसी भी मुद्दे में हस्तपक्षेप नहीं करेंगे। पिछले साल दिसम्बर में रणजी ट्रॉफी के मैच में संजू ने बेहद आपत्तिजनकर व्यवहार किया था। इसके साथ ही उन पर यह आरोप भी लगा था कि वह टीम के साथ होटल में नहीं रुके।  साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । यहां के ब्रेबोर्न स्टेडियम में गुरुवार को दूसरे अभ्यास मैच में इंग्लैंड एकादश ने भारत ए के सामने 283 रन का लक्ष्य रखा है। इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। टीम 48.5 ओवर में 282 रन पर सिमट गई। जॉनी बेयरस्टॉ और एलेक्स हेल्स ने अर्धशतक जमाए। बेयरस्टॉ ने 65 गेंदों पर 10 चौकों की मदद से 64 और हेल्स ने 53 गेंदों पर आठ चौकों की बदौलत 51 रन ठोके।  आदिल रशीद ने 39, बेन स्टोक्स व डेविड विली ने 38-38*, जेसन रॉय ने 25 और क्रिस वोक्स ने 16 रन का योगदान दिया। रशीद ने 42 गेंदों में चार चौके, विली ने 30 गेंदों पर दो चौके व दो छक्के और स्टोक्स ने 56 गेंदों पर तीन चौके लगाए। परवेज रसूल ने तीन, प्रदीप सांगवान, अशोक डिंडा व शाहबाज नदीम ने 2-2 और सिद्धार्थ कौल ने एक विकेट लिया।    साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । वनडे सीरीज से पहले मुंबई के ब्रेबॉन स्टेडियम में खेले गए अभ्‍यास मैच में इंग्‍लैंड ने भारत ए को 3 विकेट से हरा दिया। इंग्लैंड की ओर से सैम बिलिंग्‍स ने शानदार 93 रनों की पारी खेली। जेसन रॉय ने 62, अलेक्स हेल्स ने 40 रनों का योगदान दिया। जोस बटलर (46 रन) और एल. डॉसन (41 रन) ने भी उपयोगी पारियां खेलीं।  भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 305 रनों का लक्ष्य इंग्लैंड के सामने रखा था जिसे इंग्लैंड ने 48.5 ओवर में 7 विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारत की ओर से कुलदीप यादव ने 5 विकेट लिए। उन्होंने 10 ओवर में 60 रन खर्च हुए 5 बल्लेबाजों को आउट किया जिसमें एक मेडन ओवर भी शामिल है। भारत की ओर से आशीष नेहरा सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए। नेहरा ने महज 6 ओवर में 50 रन लुटाए. उन्हें एक भी सफलता नहीं मिली। भारतीय पारी में रायडू चमके... अंबाति रायुडू (100) के शतक और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (नाबाद 68), शिखर धवन (63) और युवराज सिंह (56) के अर्धशतकों की मदद से भारत ए ने इंग्लैंड एकादश के खिलाफ अभ्यास मैच में मजबूत स्कोर खड़ा किया। भारत ए ने निर्धारित 50 ओवरों में चार विकेट पर 304 रन बनाए।  भारत और इंग्लैंड के बीच 15 जनवरी से होने वाली तीन मैच की वनडे सीरीज से पहले इसके बाद एक और अभ्यास मैच खेला जाना है। ब्रेबोर्न स्टेडियम में इंग्लैंड एकादश के कप्तान इयोन मोर्गन ने टॉस जीतकर मेजबान टीम को पहले बल्लेबाजी का न्यौता दिया। भारत ए की शुरुआत अच्छी नहीं रही और मनदीप सिंह (8) जल्द ही पैवेलियन लौट गए। इसके बाद धवन व रायुडू ने दूसरे विकेट के लिए 111 रन, रायुडू व युवराज ने तीसरे विकेट के लिए 114 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। रायुडू 97 गेंदों पर 11 चौकों व एक छक्के की मदद से 100 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हो गए। धोनी ने 40 गेंदों पर आठ चौके व दो छक्के, धवन ने 84 गेंदों पर आठ चौके व एक छक्का तथा युवराज ने 48 गेंदों पर छह चौके व दो छक्के उड़ाए। संजू सैमसन खाता भी नहीं खोल सके, जबकि हार्दिक पांड्या चार रन पर नाबाद लौटे। इंग्लैंड की ओर से डेविड विली व जेक बॉल ने 2-2 विकेट लिए।  साभार-khaskhabar.com  

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कोलकाता । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने सोमवार को बताया कि उन्हें किसी अज्ञात स्त्रोत से जान से मारने की धमकी मिली है। बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के अध्यक्ष गांगुली ने बताया,कुछ दिनों पहले मुझे धमकी भरा पत्र मिला था। मैंने पुलिस को इसकी सूचना दे दी है।  गांगुली 19 जनवरी को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले में स्थित विद्यासागर विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में शरीक होने वाले हैं। पत्र में धमकी देते हुए गांगुली को इस कार्यक्रम से दूर रहने के लिए कहा गया है। टीवी रिपोर्ट्स के अनुसार सौरव को मिदनापुर न जाने की सलाह दी गई है। धमकी किसी जेड अली नाम के अनजान शख्‍स से मिली है। उसने पत्र में आरोप लगाया है कि किसी आशीष चक्रवर्ती नाम के शख्‍स ने मिदनापुर में धोखाधड़ी की है तो अगर महाराज (सौरव) आशीष को प्रमोट करने मिदनापुर आते हैं तो वे उन्‍हें मार देंगे।  साभार-khaskhabar.com  

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सिडनी । भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार मैच की टेस्ट सीरीज अगले महीने फरवरी में शुरू होगी। भारत का पिछले कुछ समय से अपनी धरती पर जबरदस्त प्रदर्शन रहा है, ऐसे में कंगारू टीम में भी इस दौरे को लेकर खलबली मची हुई है। ऑस्ट्रेलिया ने हाल ही पाकिस्तान का टेस्ट सीरीज में 3-0 से व्हाइटवाश किया है और अब वह भारत दौरे पर नजर रखे हुए है। सीरीज के लिए इसी सप्ताह टीम का चयन किया जाएगा। ऑस्ट्रेलियाई कोच और बाएं हाथ के बल्लेबाज डैरेन लेहमन ने अपने बल्लेबाजों को खास सलाह दी है। लेहमन ने कहा कि कंगारू बल्लेबाजों को भारत में लंबी पारियां खेलने के लिए तैयार रहना चाहिए। लंबे समय तक बल्लेबाजी करना सबसे जरूरी है। मुझे लगता है कि इंग्लैंड के भारत दौरे से हम इसे आसानी से समझ सकते हैं। एलेस्टर कुक की टीम ने लंबे समय तक बल्लेबाजी नहीं की। उन्होंने अच्छा स्कोर बनाया पर अधिक समय तक विकेट पर टिक नहीं पाए। हमारी टीम के लिए यह चुनौती हो सकता है। सिडनी में पहली पारी में हमने 135 ओवर बल्लेबाजी की। भारत में हमें 150 से ज्यादा ओवर बल्लेबाजी करनी होगी। यह हमारी टीम के लिए एक बड़ी चुनौती है। खिलाड़ी फिट हैं और उन्हें भारत में लंबे समय तक बल्लेबाजी करने के लिए तैयार रहना होगा। माना जा रहा है कि इस दौरे पर पाकिस्तान के खिलाफ सिडनी टेस्ट में रखी गई 13 सदस्यीय टीम के साथ शॉन मार्श, एक तेज गेंदबाज और एक बल्लेबाज ऑलराउंडर का चयन किया जा सकता है। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलियाई स्पिन गेंदबाजों पर भी काफी फोकस रहेगा। ऑस्ट्रेलियाई टीम में नाथन लियोन, स्टीव ओ कीफे और एश्टन एगर की स्पिन तिकड़ी को मौका दिए जाने की संभावना है। मुंबई को मिले इंग्लैंड की मेजबानी : वेगसरकर मुंबई। तमिलनाडु क्रिकेट संघ के अगले महीने भारत और इंग्लैंड के बीच अंडर-19 श्रृंखला की मेजबानी में अक्षमता जताने के बाद पूर्व भारतीय बल्लेबाज दिलीप वेंगसरकर का मानना है कि इन मैचों को स्थानांतरित करने के साथ मुंबई को इसकी मेजबानी दी जानी चाहिए। पूर्व मुख्य चयनकर्ता वेंगसरकर ने कहा कि पूर्व भारतीय कप्तान होने के नाते मुझे लगता है कि अगर टीएनसीए इंग्लैंड के खिलाफ अंडर-19 मैचों की मेजबानी करने में अक्षम है तो मुंबई इसकी मेजबानी कर सकता है क्योंकि उसके पास भारत के किसी अन्य शहर से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय आयोजन स्थल हैं। टीएनसीए ने तूफान वरदा, इससे हुए नुकसान और अपने स्वयं के घरेलू क्रिकेट कार्यक्रम का हवाला देते हुए कहा है कि उसके पास पर्याप्त फिट मैदान नहीं है जिससे कि वह एक पखवाड़े तक चेपक में एमए चिदंबरम स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ मैचों की मेजबानी कर सके। 116 टेस्ट खेल चुके वेंगसरकर साथ ही चाहते हैं कि मुंबई को रिजर्व स्थल बनाया जाए जिससे कि अगर हैदराबाद क्रिकेट संघ फरवरी में किसी कारण से भारत और बांग्लादेश के बीच एकमात्र टेस्ट की मेजबानी नहीं कर पाए तो उसका आयोजन यहां कराया जा सके।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । भारत और इंग्लैंड के बीच 15 जनवरी से तीन वनडे और तीन टी20 मैच की सीरीज शुरू होगी। पहला मैच कानपुर में खेला जाएगा। शुक्रवार को इन दोनों सीरीज के लिए भारतीय टीमों की घोषणा की गई। महेंद्र सिंह धोनी के कप्तानी छोडऩे के कारण टेस्ट के बाद इन दोनों फॉर्मेट में भी विराट कोहली को कप्तानी दी गई है। इस बीच, कोहली ने कहा है कि धोनी ने कई बार उन्हें भारतीय टीम से बाहर होने से बचाया। कोहली वर्ष 2008 में श्रीलंका में वनडे में डेब्यू करने के बाद अधिकतर समय धोनी की कप्तानी में ही खेले हैं। शुरुआती दिनों में कोहली लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे लेकिन धोनी ने उन पर पूरा भरोसा दिखाया और उनका स्थान सुरक्षित रखा। कोहली ने कहा कि धोनी वो इंसान थे जो शुरू में मेरे मार्गदर्शक थे और जिन्होंने मुझे मौके दिए। उन्होंने मुझे एक क्रिकेटर के रूप में उभरने का पर्याप्त समय दिया और कई बार मुझे टीम से बाहर होने से बचाया। कोहली ने साफ किया कि कप्तान के रूप में धोनी की जगह लेना आसान नहीं होगा। कोहली ने कहा कि निश्चित तौर पर उनकी जगह भरना आसान नहीं है। जब आप महेंद्र सिंह धोनी के बारे में सोचते हो तो दिमाग में पहला शब्द कप्तान आता है। आप धोनी को किसी अन्य तरह से नहीं जोड़ सकते। मेरे लिए वे हमेशा मेरे कप्तान रहेंगे।  ‘भारत दौरा है असली चुनौती’ सिडनी । ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीवन स्मिथ ने पाकिस्तान पर टेस्ट श्रृंखला में 3-0 से जीत के बाद स्वीकार किया कि उनकी टीम को असली चुनौती अगले महीने के भारत दौरे में मिलेगी जहां उसे चार टेस्ट खेलने हैं। ऑस्ट्रेलिया ने 2004 से भारत में कोई टेस्ट नहीं जीता और इस बीच उसे सात मैचों में हार का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया ने आखिरी बार 2013 में भारत का दौरा किया था तब उसे चारों टेस्ट में हार झेलनी पड़ी थी। स्मिथ ने पाकिस्तान पर जीत के बाद संवाददाताओं से कहा भारत के खिलाफ बेहद चुनौतीपूर्ण और मुश्किल सीरीज होगी। हम इसको लेकर किसी तरह के मुगालते में नहीं हैं। वह बहुत कड़ी श्रृंखला होगी और यदि हमें उन्हें चुनौती देनी है तो अपनी सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेलनी होगी। भारत दौरा हमारे लिए असली चुनौती होगा और उससे खिलाडिय़ों को काफी कुछ सीखने को मिलेगा। स्मिथ ने कहा कि यदि उनकी टीम को भारत को कड़ी चुनौती देनी है तो उन्हें जल्द से जल्द परिस्थितियों से तालमेल बिठाना होगा। उन्होंने कहा, हमारी टीम में कई नए खिलाड़ी हैं और इससे मदद मिलेगी लेकिन उन्हें भारतीय परिस्थितियों में खेलने का भी अनुभव नहीं है और यह भी एक चुनौती है। वहां की परिस्थितियां पूरी तरह से भिन्न हैं। वहां के विकेट पर खेलना ऑस्ट्रेलिया में खेलने से पूरी तरह भिन्न है। हमारे खिलाडिय़ों को वहां सफल होने के लिए परिस्थितियों से जल्द से जल्द तालमेल बिठाना होगा। स्मिथ ने कहा कि मौजूदा टीम के अधिकतर सदस्य भारत दौरे पर जाएंगे। हमारे कुछ खिलाड़ी पहले भी वहां खेल चुके हैं और हम जानते हैं कि उनके खिलाफ उनकी धरती पर खेलना कितना मुश्किल है। उनकी टीम बहुत अच्छी है। हम टीम में निश्चित तौर पर कुछ और खिलाड़ी जोड़ेंगे। हमें वहां बेजोड़ क्रिकेट खेलनी होगी। पहला टेस्ट 23 से 27 फरवरी के बीच पुणे में खेला जाएगा।    साभार-khaskhabar.com  

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Mumbai : Star batsman Yuvraj Singh was named in the Indian One-Day International (ODI) and T20 squads for the series against England, led by new skipper Virat Kohli, starting on January 15, BCCI's Chairman of Selectors M.S.K. Prasad announced here on Friday. Mahendra Singh Dhoni, who on Wednesday stepped down as the limited overs skipper, was included in both the squads as a wicketkeeper-batsman. Yuvraj, 35, last played an ODI in December 2013 but was part of India's T20 squad last year.  The veteran southpaw's 672 runs in five Ranji Trophy games for Punjab this season was the reason cited by Prasad for his return to the limited overs squad. "Yuvraj has performed well at the domestic level and we must appreciate that. You should appreciate the way Yuvraj has played in domestic cricket. He's got 180 on a green-top Lahli wicket," Prasad told reporters while announcing the team. Uncapped Delhi and India Under-19 wicketkeeper-batsman Rishabh Pant, who scored 972 runs in the ongoing Ranji Trophy at a strike-rate of 107.28, with four centuries, was the lone new face in the T20 squad. Middle-order batsman Ajinkya Rahane also returned to the ODI outfit from a fractured finger but surprisingly found himself out of the T20 team. From India's previous ODI squad, Amit Mishra, Manish Pandey, Kedar Jadhav, Umesh Yadav and Jasprit Bumrah were retained.  All-rounder Hardik Pandya returned after recovering from injury sustained while part of the Test team in November. Medium pacer Bhuvneshwar Kumar is back for both ODIs and T20s, while veteran Delhi seamer Ashish Nehra is back in the T20 squad having not played since the World Twenty20 last year. Opening batsman Shikhar Dhawan was also recalled to the ODI team after being out due to injuries by the Board of Control for Cricket in India's (BCCI) selection panel. All-rounders Ravichandran Ashwin and Ravindra Jadeja, who were rested for the New Zealand ODIs, are also back in the squad. The duo played in the five Tests against England. Despite the huge workload on both Ashwin and Jadeja in the longest version of the game, and the four-match Test series against Australia to follow, the selectors were forced to include the duo in both the squads following injuries to spin-bowling all-rounders Axar Patel (thumb) and Jayant Yadav (hamstring). Veteran left-hander Suresh Raina, who was ignored for the England ODIs, found himself in the T20 squad. The southpaw last played for India during the World T20. Commenting on the composition of the squads, Prasad said: "We have selected the best possible team which can give us the best possible result." "After speaking to Kohli, we think this is the best possible team against England in ODIs and T20I," he added. On Dhoni's sudden call to quit as captain of the side, the former India stumper said: "On the last day of Ranji Trophy semis (Jharkhand vs Gujarat) in Nagpur, Dhoni informed BCCI that he plans to step down as captain and wants to move on." Haryana leg-spinner Yuzvendra Chahal has been recalled too, having played all three ODIs and T20Is on the tour of Zimbabwe under Dhoni last summer. Chahal's 33 wickets in seven matches helped Haryana qualify for the Ranji quarter-finals this season. The team for the three ODIs: Virat Kohli (captain), Mahendra Singh Dhoni (wicketkeeper), Lokesh Rahul, Shikhar Dhawan, Manish Pandey, Kedar Jadhav, Yuvraj Singh, Ajinkya Rahane, Hardik Pandya, Ravichandran Ashwin, Ravindra Jadeja, Amit Mishra, Jasprit Bumrah, Bhuvneshwar Kumar, Umesh Yadav. The team for the three T20s: Virat Kohli (captain), Mahendra Singh Dhoni (wicketkeeper), Mandeep Singh, Lokesh Rahul, Yuvraj Singh, Suresh Raina, Rishabh Pant, Hardik Pandya, Ravichandran Ashwin, Ravindra Jadeja, Yuzvendra Chahal, Manish Pandey, Jasprit Bumrah, Bhuvneshwar Kumar, Ashish Nehra.     Credit: The Emerging Word

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नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले तीन वनडे और तीन टी-20 मैचों के लिए आज भारतीय क्रिकेट टीम का चयन होने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार जब इंग्लैंड के खिलाफ चयनकर्ता टीम इंडिया का चयन के लिए बैठेंगे तो यह तय है कि विराट कोहली को इन दोनों प्रारूपों की कप्तानी भी दी जा सकती है। जो भारत की सीमित ओवरों की क्रिकेट में नए युग की शुरूआत होगी। एमएस धोनी ने सीमित ओवरों की कप्तानी छोड़ दी और ऐसे में अब टेस्ट कप्तान विराट कोहली को इन दोनों प्रारूपों में टीम की कमान सौंपी जा सकती है। कोहली को कप्तानी का जिम्मा सौंपे जाने को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं है लेकिन चयनकर्ताओं के लिये उचित संतुलन बनाते हुए दो टीमों का चयन करना आसान नहीं होगा क्योंकि कई खिलाड़ी अब भी चोटों से जूझ रहे हैं। मुंबई के दो बल्लेबाज रोहित शर्मा और अंजिक्य रहाणे चोटिल होने के कारण बाहर हैं। इससे खराब फार्म में चल रहे शिखर धवन को फिट होने की स्थिति में के एल राहुल के साथ पारी का आगाज करने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। माना जा रहा है कि चयनकर्ता किसी बिल्कुल नये खिलाड़ी पर भरोसा दिखायें। कर्नाटक के राहुल चोटिल होने के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में नहीं खेल पाये थे जबकि दिल्ली के बल्लेबाज शिखर धवन भी न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान चोटिल हो गये थे। बायें हाथ के बल्लेबाज धवन ने जनवरी में आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया में वनडे मैच खेले थे। पहले दो मैचों में फ्लॉप रहने के बाद उन्होंने अगले तीन मैचों में एक शतक और दो अर्धशतक लगाये थे। इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और अंतिम टेस्ट मैच में तिहरा शतक जडऩे वाले करूण नायर को रहाणे के स्थान पर सीमित ओवरों की टीम में चुने जाने की संभावना है। दूसरे ऑफ स्पिनर जयंत यादव को चोटिल होने के कारण इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टेस्ट मैच से बाहर रहना पड़ा था। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या चयनकर्ता मैच फिटनेस साबित किये बिना इन दोनों गेंदबाजी आलराउंडरों का चयन करते हैं या नहीं। धोनी भले ही कप्तानी से हट गये हैं लेकिन उन्होंने एक खिलाड़ी के रूप में खुद को उपलब्ध रखा है। चयनकर्ताओं को भी इससे अवगत करा दिया गया है जो कि अन्य दावेदारों पर उन्हें ही तरजीह देंगे।   साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । क्रिकेट इतिहास में जब भी सफल कप्तानों का जिक्र होगा तो उसमें भारत के महेंद्र सिंह धोनी का नाम बेशक आएगा। धोनी का नाम भारत के ही नहीं विश्व के सफलतम कप्तानों की सूची में आता है। धोनी ने बुधवार को भारत की एकदिवसीय और टी20 क्रिकेट टीम के कप्तान पद से अचानक इस्तीफा देकर हर किसी को चौंका दिया।  एक ऐसे देश में जहां संन्यास लिया नहीं जबरन लिवाया जाता रहा है, धोनी ने अपने चरम पर रहते कप्तानी से हटने का फैसला किया और नई मिसाल पेश की। उनका यह फैसला हैरानीभरा रहा जिससे पूरा क्रिकेट जगत सकते में है। धोनी से इस्तीफे की उम्मीद किसी को नहीं थी। मैदान पर कैप्टन कूल के नाम से मशहूर धोनी ने कप्तानी छोडऩे का फैसला भी उतने ही शांत अंदाज में लिया, जिस तरह वे मैदान पर कप्तानी करते रहे हैं। क्रिकेट के सार्वकालिक महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के कहने पर चयनकर्ताओं ने धोनी को टीम की कमान सौंपी थी और धोनी ने सचिन की सिफरिश को शत प्रतिशत सही ठहराया। अपनी पहली परीक्षा में उन्होंने भारत का नाम इतिहास में दर्ज करा दिया। दक्षिण अफ्रीका में हुए पहले टी20 विश्व कप में धोनी पहली बार भारतीय टीम का नेतृत्व कर रहे थे। धोनी ने जीत के सिलसिले को इस तरह शुरू किया कि टीम फाइनल में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराकर विजेता बनकर लौटी। इसके बाद धोनी जीत और कप्तानी की नई इबारत लिखते चले गए। टी20 विश्व कप जीत के बाद राहुल द्रविड़ के एकदिवसीय में कप्तानी छोडऩे के बाद धोनी को टीम का कप्तान बनाया गया। धोनी ने इस प्रारूप में भी सफलता के नए आयाम लिखे। 2011 में भारतीय सरजमीं पर खेले गए 50 ओवरों के विश्व कप के फाइनल में धोनी ने छक्का लगाकर 28 साल बाद देश को विश्व कप खिताब दिलाया। अनिल कुंबले ने टेस्ट में टीम की कप्तानी छोड़ी तो धोनी यहां भी जिम्मा लेने को आगे खड़े थे। नवंबर, 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई श्रंखला के चौथे टेस्ट मैच में धोनी को टीम की कमान सौंपी गई। टेस्ट में भी धोनी ने टीम को पहली बार नंबर-1 बनाया। धोनी भारत के इकलौते ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने आईसीसी के सभी आयोजनों में टीम को जीत दिलाई है। धोनी की कप्तानी में ही भारत ने 2013 में हुई चैम्पियंस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था। एकदिवसीय में धोनी ने कुल 199 मैचों में टीम का नेतृत्व किया। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फिनिशर माने जाने वाले धोनी ने टीम को कप्तान रहते कुल 110 मैचों में जीत दिलाई जबकि 74 मुकाबलों में उन्हें हार मिली। चार मुकाबले टाई और 11 मैचों का कोई परिणाम नहीं निकला। कप्तान रहते हुए एक बल्लेबाज के तौर पर भी धोनी कामयाब रहे। उन्होंने कप्तान रहते एकदिवसीय में 54 का औसत और 86 के स्ट्राइक रेट से 6,683 रन बनाए।  वे विश्व क्रिकेट में सबसे ज्यादा एकदिवसीय मैचों में कप्तानी करने के मामले में तीसरे नंबर पर आते हैं। उनसे ज्यादा ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग और न्यूजीलैंड के स्टीफन फ्लेमिंग ने एकदिवसीय मैचों में कप्तानी की है। धोनी को क्रिकेट इतिहास में करिश्माई कप्तान भी कहा जाता है। क्रिकेट के मैदान पर उन्होंने कई बार ऐसे जोखिम उठाए जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने 72 टी20 मैचों में टीम की कमान संभाली और 41 जीत टीम को दिलाई और 28 हारों का सामना किया। एक मैच टाई और दो मैचों का परिणाम नहीं निकला। वे टी20 में सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने वाले खिलाड़ी हैं। टी-20 में कप्तान रहते उन्होंने 122.60 के स्ट्राइक रेट से 1112 रन बनाए। टी20 में वे बिना अर्धशतक लगाने के बाद सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं। टी20 में उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 48 रन है। पांच साल बाद उन्होंने भारत को एक बार फिर विश्व विजेता बनाया। भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश की संयुक्त मेजबानी में खेले गए 50 ओवरों के विश्व कप में भारत ने धोनी के कप्तान रहते ही जीत हासिल की।  भारत ने 28 साल बाद इस विश्व कप पर कब्जा जमाया था। 2015 में हुए विश्व कप में धौनी भारत को सेमीफाइनल तक ले गए। धोनी की कप्तानी में ही भारत ने अब तक खेले गए छह टी20 विश्व कप में हिस्सा लिया और धोनी की कप्तानी में भारत दो बार विश्व कप के फाइनल तक पहुंचा। एक बार टीम विजेता बनी तो 2014 में उपविजेता। 2014 के फाइनल में उसे श्रीलंका ने मात दी। पिछले साल भारत की मेजबानी में हुए टी-20 विश्व कप में भी भारत ने सेमीफाइनल में जगह बनाई, जहां उसे वेस्टइंडीज के हाथों हार का सामना करना पड़ा।  धोनी ने कप्तानी में अपनी सफलता इंडियन सुपर लीग (आईपीएल) में भी जारी रखी। उन्होंने इस समय निलंबित चल रही चेन्नई सुपर किंग्स को दो बार आईपीएल का विजेता बनाया जबकि चार बार उपविजेता बनी। चेन्नई ने धोनी के कप्तान रहते हर साल आईपीएल के सेमीफाइनल में जगह बनाई। धोनी ने दिसंबर, 2014 में टेस्ट से संन्यास ले लिया था। धोनी ने 60 टेस्ट मैचों में टीम की कमान संभाली जिसमें 27 में उन्हें जीत और 18 में हार मिली जबकि 11 मैच ड्रॉ रहे। आईए अब देखते हैं धोनी के वनडे और टी20 में कप्तानी छोडऩे पर दिग्गजों की राय :- धोनी को टी20 और वनडे विश्व कप में सफलता हासिल कराने वाले भारत के कप्तान के रूप में शानदार करिअर की बधाई। मैंने उन्हें आक्रामक खिलाड़ी से सटीक एवं निर्णायक कप्तान के रूप में उभरते देखा है। यह उनकी सफल कप्तानी का जश्न मनाने और उनके फैसले का सम्मान करने का दिन है। सचिन तेंदुलकर (पूर्व भारतीय कप्तान) धोनी ने देश को दो वल्र्ड कप और एक चैम्पियंस ट्रॉफी दिलाई है। वे स्वयं कैसे कप्तानी से हटने का फैसला कर सकते हैं। यह तो चयनकर्ताओं को तय करना चाहिए कि धोनी कप्तान रहे या नहीं। मोहम्मद अजहरुद्दीन (पूर्व कप्तान, भारत) भारत के सबसे सफल कप्तान एमएस धोनी जिन्होंने अपने सपने को हकीकत में बदला और कई लोगों प्रेरणा दी कि ज्यादा सपने देखो, ज्यादा मेहनत करो और ज्यादा बड़े बनो। सेल्यूट आपको। सुरेश रैना (भारतीय ऑलराउंडर) धोनी एक सच्चे लीडर हैं, जिन्होंने कई क्रिकेटर्स को प्रेरणा दी। चैम्पियंस ट्रॉफी के दौरान मुझे ओपनिंग पर भेजकर उन्होंने मेरे करिअर को नई दिशा दी। मोहम्मद कैफ (पूर्व भारतीय बल्लेबाज) टीम इंडिया के कप्तान के रूप में आपकी उपलब्धियों को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। अविश्वसनीय माही, वेलडन। रोहित शर्मा (भारतीय बल्लेबाज) 9 साल तक टीम का नेतृत्व करने और बेहतरीन परिणाम देने के लिए धोनी को सलाम, आप जैसा कप्तान मिलना टीम के लिए शानदार रहा। इरफान पठान (भारतीय ऑलराउंडर) धोनी भारतीय क्रिकेट की जीवित किवदंती हैं। उन्होंने लोगों का शानदार मनोरंजन किया है और देश को दो वल्र्ड कप दिलाए हैं। कृष्णामाचारी श्रीकांत (पूर्व भारतीय कप्तान) सौरव गांगुली के नेतृत्व में भारतीय क्रिकेट को जो ऊंचाई मिली थी धोनी ने उसे और आगे बढ़ाया है। वे चाहते तो एक-दो साल और कप्तानी कर सकते थे। चेतन चौहान (पूर्व भारतीय ओपनर) धोनी को भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक के रूप में याद किया जाएगा। वे बेहतरीन इंसान हैं और अब भी भारतीय क्रिकेट में काफी योगदान दे सकते हैं। मेरी राय में अब कोहली का समय है कि वे तीनों प्रारूप में कप्तानी संभाले। वे सुपरस्टार हैं और चुनौती के लिए तैयार हैं।  माइकल क्लार्क (पूर्व कप्तान, ऑस्ट्रेलिया) मैं धोनी को उनके बतौर कप्तान शानदार करिअर के लिए बधाई देता हूं। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने टी20 विश्व कप, वनडे विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी जीती। अनुराग ठाकुर (पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष) यहां तक कि सर्वकालिक महान कप्तानों में से एक ने फैसला कर लिया कि अब बहुत हो चुका। शाबाश धोनी एक अविश्सनीय कप्तानी दौर के लिए। साभार-khaskhabar.com  

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