BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

पनीर एक ऐसी चीज है जिसे नमकीन और मीठे तरीकों से खाया जाता है। स्नैक से लेकर डेजर्ट और रात के खाने में पनीर की सब्जी का इस्तेमाल किया जाता है। अधिकतर लोग इसे स्वाद के लिए इस्तेमाल करते हैं पर आपको यह जानकर हैरानी हो कि पनीर खाने के अनेक लाभ भी हैं। पनीर में विटामिन, कैश्यिम, प्रोटीन और मिनरल्स अच्छी मात्रा में पायी जाती है। पनीर खाने से रक्तचाप और कोलेस्ट्रोल के स्तर को संतुलित करता है। इसमें बहुत सारे उपयोगी खनिज की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो शरीर के विभिन्न जरूरतों को पूरा करता है। पनीर में ज्यादा मात्रा में प्रोटीन होने की वजह से यह शरीर का वजन कम करने से सहायक होता है।   साभार-khaskhabar.com  

Read More

आयुर्वेद के ग्रंथों में इसके गुणों की व्यापाक रूप से चर्चा की गई है और इसके सेवन को अत्यधिक फायदेमंद और बलदायक बताया गया है। अनानास एक रसदार फल है इसकी फांकें बहुत ही रसीली होती हैं, इसका मुरब्बे के तौर पर सेवन करें तो गर्मी के दिनों में पित्त की शिकायत नहीं होगी। अनानास कृमिनाशक है। अनानास के रस में प्रोटीन युक्त पदार्थो को पचाने की क्षमता होती है जो एसिडिटी में फायदा करती है। इसलिए एसिडिटी होने पर इसका सेवन करना चाहिए। अनन्नास मधुर, तृप्तिकारक व स्फूर्तिदायक फल है। इसमें कैल्शियम, फाइबर, मैग्रीनशियम और विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह पीलिया, उच्च रक्तचाप, यकृत दोष आदि रोगों में लाभकारी होता है। इसमें ब्रोमेलिन नामक एंजाइम भी पाया जाता है, जो प्रोटीन को पचाने, ब्रोंकाइटिस, एब्सेस न्यूमोनिया, गुर्दे का संक्रमण आदि में कार्य करता है। इससे शरीर की प्रतिरेाधक क्षमता भी बढती है। इससे गले को ठंडक मिलती है साथ ही गले के रोगों से बचाव होता है। यदि पेट में अजीर्ण हो तो पके अनन्नास के छोटे-छोटे टुकडे करके सेंधा नमक और कालीमिर्च का चूर्ण लगाकर खाने से लाभ मिलता है। इस प्रकार अनन्नास ग्रहण करने से पेट के कृमि हफ्ते भर में निकल जाते हैं। जिन बच्चों को पेट में अक्सर कृमि हो जाते हैं, उन्हें उक्त प्रकार से अनन्नास अवश्य दें। अनन्नास में रक्त के हर दोष को दूर करने की क्षमता है, इसीलिए इसका सेवन करने व लेप लगाने से त्वचा में निखार आता है। अस्थमा के रोगियों को सुबह-दोपहर खाली पेट अनन्नास का रस लेने से फायदा होता है। अनियमित माहवारी हो, तो इसके रस का नियमित सेवन करेने से माहवारी सामान्य हो जाती है। शोधों के मुताबिक दिन में 3 बार अनन्नास खाने से बढती उम्र के साथ कम होती आंखों की रोशनी का खतरा कम हो जाता है। साभार-khaskhabar.com          

Read More

मॉडर्न लाइफस्टाइल के चलते हमारी खाने पीने की आदत काफी बदल गई है। हम पौष्टिक चीजें खाने की बजाय स्वाद को अधिक प्राथमिकता देने लगे हैं, जैसे- जंक फूड्स, तली भुनी चीजें, कोल्ड ड्रिंक्स, चॉकलेट, आइस्क्रीम आदि। खानपान में गडबडी के चलते शरीर में कैल्शियम की कमी एक आम समस्या हो गई है,जो आगे चलकर स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। शरीर के स्वस्थ और संतुलित विकास के लिए हर उम्र मेें कैल्शियम की आवश्यकता होती है। बढते बच्चों के शरीर, दांतों के आकार और हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए भी कैल्शियम जरूरी है।   क्यों जरूरी है कैल्शियम? बॉडी की प्रत्येक कोशिश को कैल्शियम की जरूरत इसलिए होती है, क्योंकि हमारी बॉडी में स्किन, नाखून, बाल और मल के जरिए रोज ही कैल्शियम की कुछ मात्रा नष्ट होती रहती है। इसलिए कैल्शियम की कुछ मात्रा नष्ट होती रहती है। इसलिए कैल्शियम का संतुलन बनाए रखने के लिए इसकी रोज ही पूर्ति कर ली जाए, तो अच्छा रहता है। यदि ऐसा नहीं होगा, तो हमारा शरीर हड्डियों से कैल्शियम लेने लगेगा। नतीजा बाहर से भले ही हम कमजोर ना लगें, लेकिन अन्दर ही अन्दर हड्डियाँ खोखली हो जाएंगी और शरीर कमजोर और कमजोर हड्डियाँ कई तरह की पेरशानियाँ पैदा करती हैं, जैसे- जरा-सी चोट लगने पर ही फ्रैक्चर हो सकता है। यही नहीं, कैल्शियम हृदय, मांसपेशियों, ब्लड क्लॉटिंग के लिए भी बेहद जरूरी होता है।इसके अलावा कैल्शियम मांसपेशियों के कई काम में मदद करता है। जैसे- कैल्शियम नर्वस सिस्टम के संदेश मस्तिष्क तक पहुंचाने में सहायक है, जैसे- यदि आपने किसाी गरम वस्तु को छू लिया है, तो मस्तिष्क तुरंत एक संदेश भेजेगा, जिससे आपके मुंह से आह!... आउच! की आवाज आएगी और आप अपने हाथ का जल्दी से दूर हटा लेंगे। इसके अलावा ये चोट, घाव, खरोंच आदि के भी जल्दी ठीक होने में मदद करता है। लेकिन यदि शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाए, तो इसके दुष्प्रभाव होते हैं, जो हमें बीमार कर सकते हैं। इन बीमारियों के लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं। कैल्शियम की कमी के लक्षण-: दांतों का समय से पहले गिरना  शरीर का विकास रूकना हड्डियों में टेढापन  शरीर के विभिन्न अंगों में ऐंडन या कंपन जोडों का दर्द मांसपेशियों में निष्क्रियता  भ्रूण के विकास पर प्रभाव पडना हाथ-पैरों में झुनझुनाहट व कमजोरी  जरा सा टकराने पर हड्डियों का टूटना कैल्शियम हमें कि चीजों से मिल सकता है, जिन्हें अपने डायट में शामिल कर हम स्वस्थ रह सकते हैं- अनाज-गेंहू, बाजरा, मोठ चना, राजमा, और सोयाबीन।   सब्जियाँ- गाजर, भिंडी, अरबी, मूली, मेथी, करेला और चुकंदर। फल- नारियल, आम, संतरा, और अनन्नास।   डेयरी उत्पाद- दूध व दूध से बनी चीजों को कैल्शियम का प्रमुख स्त्रोत माना जाता है। हर रोज दूध का सेवन शरीर में कैल्शियम की मात्रा बनाए रखने में मददगार होता है।   मां का दूध नवजात शिश के लिए कैल्शियम का सर्वोत्तम स्त्रोत है, जो उनमें कैल्शियम की पूर्ति करता है और स्वस्थ रखता है। साभार-khaskhabar.com        

Read More

गर्मियों के सीजन में बाजार और हर घर में कैरी होती ही है। यह केवल खाने का स्वाद ही नहीं बढाता बल्कि इसमें कई औषध गुण भी मौजूद हैं तो कई सुंदर साधन भी है। बॉलीवुड फिल्मों अभिनेत्री को गर्भवती के रूप में दिखाया जाता है कैरी खूब लोकप्रिय कर दिया है।गर्मियों में पसीना तो बहुत आता ही है साथ ही पसीने में दुर्गंध भी तेज आती है तो कैरी के टुकडे पर नमक छिडक कर खाने से पसीने की दुर्गंध कम होती है। कैरी में विटामिन सी उचित मात्रा में होती है जिससे यह तेज व लू से बचाता है। कब्ज दस्त, अपच आदि रोगों से बचाव भी करता है। कच्चे में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है साथ ही यह हृयद रोग और कैंसर से शरीर की रक्षा भी करता है। आयुर्वेद के अनुसार कच्चे आम के सेवन से शरीर में ठंडक बनी रहती है।साभार-khaskhabar.com      

Read More

कुछ कटहल की नाम सुनते ही अजीब-अजीब से मुंह बनाने लगते हैं। जब कि कटहल के अंदर कई पौष्टिक तत्व पाये जाते हैं जैसे, विटामिन ए, सी, कैल्शियम, आयरन, नियासिन, जिंक, थाइमिन, पोटैशियम और राइबोफ्लेविन आदि। कटहल की सब्जी, अचार और पकौडे कई लोगों का फेवरेट होता है। यह खाने में बहुत ही स्वादिष्ट लगता है। इसका सेवन करने से सेहत को तो कई लाभ होते ही है साथ में यह आपकी खूबसूरती को भी निखार देता है। कटहल का स्वास्थ्य लाभ आंखों तथा त्वचा पर भी देखने को मिलता है। इस फल में विटामिन ए पाया जाता है जिससे आंखों की रौशनी बढती है और स्किन अच्छी होती है। यह रतौंधी को भी ठीक करता है।कटहल के बीज डाइजेस्टिव सिस्टम को ठीक करते हैं। यह आपके पाचन तंत्र को डिटॉक्सीफाई करता है और विषाक्त पदार्थो को बाहर निकालता है। जब आपको पेट साफ रहेगा तो आपका चेहरा भी निखरे व खिलेगा।कटहल में विटामिन ए और सी पाया जाता है जो कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है और बैक्टीरियल और वायरल इंफेक्शन से बचाता है।कटहल में पोटैशियम पाया जाता है जो कि हार्ट की परेशान को दूर करता है क्योंकि यह ब्लड प्रेशर को लो कर देता है।कटहल में खूब सारा फाइबर पाया जाता है साथ इसमें बिल्कुल भी कैलोरी नहीं होती है। क्या आपको जानकारी है कि पके हुए कटहल के गुदे को अच्छी तरह से मैश करके पानी में उबाला जाए और इस मिश्रण को ठंडा कर एक गिलास पीने से शरीर में जबरदस्त स्फूर्ती आती है, यह हार्ट के रोगियों के लिये भी अच्छा माना जाता है।साभार-khaskhabar.com    

Read More

अक्सर हम सभी शादी, पार्टी या किसी रेस्टोरेंट पर खाना खाने जाते ही हैं लेकिन खाना चाहे कितना भी अच्छा क्यूं ना बना हो ‘सौंफ’ खाने का अपना ही एक मजा है। शायद ही कोई व्यक्ति हो जो सौंफ से परिचित न हो। सौंफ को मसलों की रानी और पान की जान भी कहा जाता है। सौंफ के दानों का सेवन कर हम अपने मुंह को फ्रेश करते हैँ। ऐसा इसलिए क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है। लेकिन क्या आप इस बात को जानती हैं कि सौंफ की चाय भी बनती है जो कि कई रोगों से निजात दिलाने में मदद करती है। आइये जानते हैं ऐसी ही कुछ बीमारियों के बारे में जो कि सौंफ की चाय का सेवन करके दूर की जा सकती हैं। सौंफ के छोटे-छोटे दाने हरे होते हैं। आम तौर पर सौंफ छोटी और बडी दो प्राकर की होती है। दोनों ही खुशबूदार होती है। सौंफ का उपयोग अचारों और सब्जियों में को रूचिकर जायेकदार बनाने के अतिरिक्त औषधि के रूप में भी बहुत अधिक होता है। आयुर्वेद के अनुसार सौंफ त्रिदोष नाशक है। सौंफ की चाय का सेवन करके आप जॉन्डिस के खतरे को कम कर सकती है, इसी के साथ यह किडनी के कार्य को तेज करके हमारे खून को साफ करती है। रातभर ठीक से ना सोने से हमारी आंखों में सूजन हो जाती है, इसके लिए आप सौंफ की चाय बनाए और फिर रूई इसमें डुबोकर अपनी आंखों को 10 मिनट के लिए सेंके। इस चाय का सेवन करके आप आसानी से अपने जोडो में होने वाले दर्द से राहत पा सकती हैं, इससे आपको जल्द ही आराम मिलता है।साभार-khaskhabar.com      

Read More

अंगूर एक बलवर्धक एवं सौन्दर्यवर्धक फ ल है। अंगूर फल मां के दूध के समान पोषक है। फलों में अंगूर सर्वोत्तम माना जाता है। यह निर्बल-सबल, स्वस्थ-अस्वस्थ आदि सभी के लिए समान उपयोगी होता है। बहुत से ऐसे रोग हैं जिसमें रोगी को कोई पदार्थ नहीं दिया जाता है। उसमें भी अंगूर फल दिया जा सकता है। पका हुआ अंगूर तासीर में ठंडा, मीठा और दस्तावर होता है। यह स्पर को शुद्ध बनाता है तथा आंखों के लिए हितकर होता है। अंगूर वीर्यवर्धक, रक्त साफ  करने वाला, रक्त बढाने वाला तथा तरावट देने वाला फ ल है। अंगूर में जल, शर्करा, सोडियम, पोटेशियम, साइट्रिक एसिड, फ्लोराइड, पोटेशियम सल्फेट, मैग्नेशियम और लौह तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। अंगूर ह्वदय की दुर्बलता को दूर करने के लिए बहुत गुणकारी है । ह्वदय रोगी को नियमित अंगूर खाने चाहिएं। हार्ट-अटैक से बचने के लिए बैंगनी (काले) अंगूर का रस ‘एसप्रिन’ की गोली के समान कारगर है। ‘एसप्रिन’ खून के थक्के नहीं बनने देती है। बैंगनी (काले) अंगूर के रस में  ‘फलोवोनाइड्स’ नामक तत्व होता है और यह भी यही कार्य करता है। पोटेशियम की कमी से बाल बहुत टूटते हैं। दांत हिलने लगते हैं, त्वचा ढीली व निस्तेज हो जाती है, जोडों में दर्द व जकडन होने लगती है। इन सभी रोगों को अंगूर दूर रखता है। अंगूर के पत्तों का रस पानी में उबालकर काले नमक मिलाकर पीने से गुर्दों के दर्द में भी बहुत लाभ होता है। गठिया रोग में अंगूर का सेवन करना चाहिए। इसका सेवन बहुत लाभप्रद है क्योंकि यह शरीर में से उन तत्वों को बाहर निकालता है जिसके कारण गठिया होता है। पेट की गर्मी शांत करने के लिए 20-25 अंगूर रात को पानी में भिगों दे तथा सुबह मसल कर निचोडें तथा इस रस में थोडी शक्कर मिलाकर पीना चाहिए। साभार-khaskhabar.com  

Read More

गन्ने का जूस गर्मियों के मौसम में सबसे अच्छा पेय माना जाता है। गन्ने का रस बुखार के रोगियों के लिए अत्यंत हितकारी है। एक शोध के अनुसार, गन्ने के रस का सेवन से रोगों को लाभ मिलता है। इसे पीने से कई प्रकार की बीमारियों जैसे, एनीमिया, हिचकी, जौण्डिस आदि बीमारियां ठीक हो जाती हैं।  गन्ने के रस में ज्यादा बर्फ मिलाकर नहीं पीना चाहिए, सिर्फ रस पीना ज्यादा लाभकारी है। ऐसे ही गन्ने के कई फायदे हैं जिनके बारें में आज हम आपको अच्छी तरह से बताने वाले हैं। गन्ने को जूस नियमित सेवन करने से लीवर में किसी भी प्रकार का इंफेक्शन नहीं होता। यदि इंफेक्शन होता भी है तो इसमें कमी आती है। गन्ने का जूस लीवर को रक्षा करता है।  गन्ने के रस में पोषक तत्वों का फायदा तभी मिलेगा जब साफ व स्वस्छ जूस हो और ताजा हो, जिससे यह ऑक्सीडाइज न हो सके। गन्ने का रस पीने से स्किन को अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड मिलता है जो कीलमुंहासे दूर करने लाभकारी होता है। गन्ने का रस गर्मियों में सेवन करने डी-हाइड्रेशन से बचा जा सकता है। साभार-khaskhabar.com      

Read More

तरबूज में नब्बे फीसदी पानी होता है, इसलिए गर्मी का मुकाबला करने के लिए इससे अच्छा कोई फल नहीं । शायद यही कारण है कि इसका जन्म अफ्रीका के गर्म ईाके में हुआ। तरबूज पर काफी वैज्ञानिक अनुसंधान भी हुए हैं। गर्मी के झुलसते मौसम में तरबूज की तरावट शरीर और मन दोनों को प्रसन्न कर देती है। इसके फलों का भार लगभग डेढ-दो किलोग्राम तक होता है। फलों के हल्के-पीले-हरे छिलके पर गाढी हरी धानियां होती हैं। इसका छिलका पतला है, इसलिए अंदर के लाल गूदे का मात्रा ज्यादा होती है। मध्यम आकार और भार वाले फलों की एक जापानी किस्म असाही योमामोतो भी भारत लाई गई है। इसे भारत में उगाने के नतीजे उत्साहजनक नहीं हैं। वैस इसका गूदा और सुर्ख लाल रंग का है। तरबूज में विटामिन ए, बी, सी तथा लौहा भी प्रचुर मात्रा में मिलता है, जिससे रक्त सुर्ख व शुद्ध होता है। तरबूज के सेवन से लू और गर्मी की खुश्की से शरीर की रक्षा होती है। देश के रेतीले रेगिस्तानी इलाके और नदियों के किनारों पर गर्मी के मौसम में तरबूज की फसल पटे दिखाई देती है, फिर भी तरबूज उगाने वाले प्रमुख देशों में भारत का नाम नहीं है। पीलिया के रोगियों को तरबूज बहुत फायदा पहुंचाता है, क्योंकि यह शरीर में खून बढाता है और खून को साफ भी करता है। जिस वजह से यह चमडी के रोगियों में तरबूज का सेवन करनेसे लाभ होता है। तरबूज कफनाशक भी है, कहा जाता है कि तरबूज का नियमित सेवन उच्च रक्त-चाप को बढने से रोकता है। साभार-khaskhabar.com          

Read More

Juicing is no longer a lengthy cleanse used by extreme dieters or health nuts. Juices are much more than thirst quenchers; they are instant energy renderers. Here are 5 juice to boost your energy.   Grapes Juice This is a quick and simple recipe to raise your energy levels by detoxifying your lymphatic system. The grapefruit juice naturally provides you with a powerful punch of vitamin C while the celery replenishes your body with electrolytes. Carrot Juice Carrot contains high quantities of beta carotene or Vitamin A, a powerful antioxidant. It removes free radicals from your system, which can cause a lot of damage. However, it shouldn't be consumed in huge amounts, not unless you think yellow skin is a good look on you. Melon Juice It's loaded with water, it will give you the hydration you need to look and feel alive as you go about your day. Coconut juice The coconut in this juice recipe delivers a dose of electrolytes similar to those that balance out our own blood. In fact, doctors have used coconuts to help fight dehydrating diseases such as cholera, dysentery, and influenza, helping save the lives of thousands of children in underdeveloped parts of the world, according to Organic Avenue founder Denise Mari. Cherry Juice Tart cherries are the richest sources of antioxidants in the fruit and vegetable kingdom. This makes it an ideal choice as an energy boosting drink. A glass of cherry juice has a healthy amount of carbohydrates that give you instant energy without sticking around. साभार-khaskhabar.com  

Read More

प्राचीन काल से ही आयुर्वेद में छाछ को इंसान के शरीर के लिए बेहद उपयोगी बताया गया है। दही और दूध को मथने से छाछ बनती है। आयुर्वेद में इसे तक्र कहा जाता है। हाल ही में हुए एक रिसर्च में वैज्ञानिकों ने भी इस बात को माना है। छाछ के नियमित सेवन से वजन को कम किया जा सकता है। छाछ में मौजूद गुणों से पेट के अंदर के कीडे खत्म हो जाते हैं और इस वजह से शरीर का वजन घटने लगता है। गर्मियों के मौसम में कोल्ड ड्रिंक आदि पेय पीने की जगह आपको छाछ पीने की आदत डालनी चाहिए। यह आपको गर्मी से तो राहत देगी ही, साथ में आपके स्वास्थ्य के लिए भी काफी असरदार है। छाछ में विटामिन सी, ए, ई और बी पाये जाते हैं जो कि शरीर के पोषण की जरूरत को पूरा करता है। यह स्वस्थ्य पोषक तत्वों जैसे लोहा, जस्ता फोस्फोरस और पोटेशियम से भरी होती है। छाछ में विटामिन सी, ए, ई और बी पाये जाते हैं जो कि शरीर के पोषण की जरूरत को पूरा करता है। यह स्वस्थ्य पोषक तत्वों जैसे लोहा, जस्ता फोस्फोरस और पोटेशियम से भरी होती है। छाछ की तासीर बेहद ठंडी होती है। इसमें काला नामक और जीरा पाउडर मिलाकर सेवन करने से गर्मियों में लू से बचाव होता है। गर्मियों में छाछ को सबसे अधिक असरदार पेय माना गया है। इससे शरीर और दिमाग में ठंडक पहुंचती है। इससे शरीर की पाचन क्रिया बेहतर रहती है।  साभार-khaskhabar.com            

Read More

अनार में कई गुण समाएं होते हैं। यह अनार बडे काम की चीज है। चाहे आप इसे खाएं या फिर इसका जूस पिएं, इसके फायदे बहुत हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो रोज एक गिलास अनार का जूस पीने से प्रोस्टेट कैंसर कम हो सकता है। एक स्टडी में यह पाया गया कि अनार का जूस लगातार पीने से कैंसरस सेल्स के बढने की गति धीमी हो गई।ये खूबसूरत लाल फल आपको हेल्दी रखने के साथ ही कई रोगों से भी बचाता है। अनार के बीज, गूदे और छिलके में प्यूनिकलाजिन्ज नामक रसायन पाया जाता है, जो नपुंसकता, कैंसर, दिल की बीमारी और हाई ब्लड प्रेशर में असरदार होता है। इस स्टडी में अनार के जूस को दिल के मरीजों के लिए भी बहुत फायदेमंद पाया गया। दरअसल, इसमें एंटीऑक्सिडेंट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जिससे आर्टरीज कॉलेस्ट्रॉल से ब्लॉक नहीं होती है। इस जूस में आइसोफ्लेवोंस भी होते हैं, जो आमतौर पर हार्ट को हेल्थी रहने में मदद करते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के एक साइंटिस्ट ने 50 लोगों पर यह स्टडी की है। प्रोस्टेट कैंसर से पीडित इन लोगों को रोज अनार का जूस दिया गया। फिर रिसर्चर ने उनके खून में प्रोस्टेट स्पेसिफिक ऐंटिजेन का लेवल चेक किया और इससे पता चला कि अनार के जूस की वजह से पीएसए का लेवल धीरे-धीरे कम हो गया। अनार का रस पीने से पहले पीएसए का लेवल हर 15 महीनों में दोगुना हो जाता है, लेकिन अनार का जूस पीने से 54 महीनों से पहले ऐसा नहीं हुआ। अनार का सेवन करने से दांतों से संबंधित बीमारियों से छुटकारा मिलता है। साथ ही साथ अनार बहुत सारी दातों में होने वाली बीमारियों से बचाता है। रोजाना एक अनार खाने से हमारे शरीर में खून के मात्रा को बनाये रखता है। साथ ही साथ अनार का जूस पिने से हमारे पाचन तंत्र को सुधरता है। आप चाहे तो साबुत अनार के दाने के साथ ही खा सकते हैं। साभार-khaskhabar.com        

Read More

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्वतंत्रता सेनानी पं. हुकम सिंह गौतम की पुण्यतिथि मनाई

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More