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  नयति है सबके लिए, वाजिब दामों पर विश्वस्तरीय उपचार देना ही हमारा उद्देश्य नीरा राडिया मथुरा। नयति मेडिसिटी में 83 वर्षीय मात्र 40 किलो वजन की बृद्ध महिला की टूटी रीढ़ की हड्डी का बिना चीरे के माध्यम से अत्यंत नयी तकनीक काइफोप्लास्टी बैलून विधि के द्वारा सफल ऑपरेशन किया गया। ज्ञात हो कि नयति के डॉक्टरों द्वारा रीढ़ की हड्डी के इस ऑपरेशन के दूसरे ही दिन बृद्धा को बैठा भी दिया गया। मथुरा की ही रहने वालीं 83 वर्षीय हेमकान्ति चलते समय फिसलकर गिर गयीं थीं। उसके बाद उनसे खड़ा नहीं हुआ गया और वे चलने में असमर्थ थीं। परिवार के लोगों को पता चलने के बाद उनको पास के ही अस्पताल में ले जाया गया। जहाँ उनके अत्यन्त कमजोर शरीर तथा अवस्था को देखते हुए डॉक्टरों ने इलाज करने से मना कर दिया, जिसके बाद परिवारीजन उनको नयति मेडिसिटी लेकर आये। जहां वे नयति मेडिसिटी के हड्डी रोग विभाग में  विभागाध्यक्ष डॉ. यूके साधू, सीनियर कंसल्टेंट डॉ. विवेक फँसवाल, डॉ. जीतेन्द्र गुप्ता तथा उनकी टीम से मिले जहां उनका सीटी स्कैन एवं एमआरआई कराई गई तो पता चला कि उनकी रीढ़ की दो हड्डी टूटकर पिचक गयी हैं। उनकी उम्र तथा अत्यन्त कमजोर शरीर को देखते हुए डॉक्टरों ने उनकी रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन अत्यंत नयी तकनीक बैलून काइफोप्लास्टी विधि से करने का फैसला किया। इस ऑपरेशन में ना ही कोई टांका लगता है और ना हीं खून का रिसाब होता है।ऑपरेशन के अगले ही दिन वे बैठने लगीं थीं, अब वे बिल्कुल स्वस्थ हैं और जल्द ही पहले की तरह अपनी दिनचर्या प्रारम्भ कर सकती हैं। इस अवसर पर नयति मेडिसिटी की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि हमारे यहाँ के बेहतरीन डॉक्टरों की टीम द्वारा ब्रजवासियों तक जिस प्रकार विश्वस्तरीय इलाज पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है उससे मुझे अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। मुझे खुशी है कि जो सपना आंखों में संजोये हम ब्रजवासियों की सेवा करने आये थे वो सपना सच होता दिखाई दे रहा है। 

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पपीता एक फल है। इसके कच्चे और पके फल दोनों ही उपयोग में आते है। पपीता एक ऐसा फल है जो पूरे साल आसानी से मिल जाता है। भारत के ज्यादातर घरों में पपीते का पौधा लगा होता है। पपीता जितना स्वादिष्ट होता है, यह उतना ही हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी भी है। पपीते के बीज के भी ढेर सारे उपयोग है। पपीता त्वचा और बालों के लिए भी अच्छा होता है। पपीते का उपयोग सलाद के रूप में भी किया जाता है।पपीते में एंटीऑक्सिडेंट्स न्सूट्रीएंट्स होते हैं, जैसेविटामिन सी, कैरोटीन्स और फ्लेवोनॉइड होता है। यह डायबिटीज की वजह से होने वाली हार्टकी बीमारियों से बचाता है। साथ ही यह एलर्जी, गंभीर डायरिया, अपच, बुखार और खेल के दौरान होने वाली इंजरीज का भी इलाज करता है। साथ ही यह त्वचा के लिए भी काफी लाभकारी फल है। इसके खाने या चेहरे पर लगाने से चेहरे की रंगत निखरती है। कच्चे पपीता का सेवन रोज करने से पाचन शक्ति में वृद्धि होती है पका पपीता पाचन शक्ति को बढता है। भूख को बढाता है। मोटोपे को कंट्रोल करता है।पपीता पेट के लिए वरदान माना जाता है। इसमें पेप्सिन नामक तत्व पाया जाता है, जो भोजन को पचाने में मदद करता है। यह कई बीमारियों से दूर रखता है। गंभीर डायरिया, अपच, बुखार और खेल के दौरान होने वाली इंजरीज का भी इलाज करता है। साथ ही यह त्वचा के लिए भी काफी लाभकारी फल है। इसके खाने या चेहरे पर लगाने से चेहरे की रंगत निखरती है। साभार-khaskhabar.com             

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केला- पूजा-पाठ से लेकर ब्यूटी प्रॉडक्टस तक में केले का इस्तेमाल किया जाता है। इसके भी एक नहीं, अनेक फायदे हैं। खाना खाने के बाद केला खाने से भोजन आसानी से पच जाता है। कॉन्स्टिपेशन के मरीजों के लिए भी यह अच्छा रहता है। रोज सुबह एक केला और एक गिलास दूध पीने से वजन कंट्रोल में रहता है और बार-बार भूख भी नहीं लगती।केला खाने से हाई ब्लड प्रेशर और यूरिन की समस्या को दूर करने में मदद मिलती है कच्चे केले को दूध में मिलाकर लगाने से त्वचा निखर जाती है और चेहरे पर भी चमक आ जाती है। गर्भावस्था में महिलाओं के लिए केला बहुत अच्छा होता है क्योंकि यह विटामिन से भरपूर होता है। केले को मैश करके बालों में लगाने से बाल नर्म, मुलायम और चमकदार हो जाते हैं। केला बच्चों के लिए बहुत अच्छा होता है क्योंकि यह अपने आप में ही पूर्ण आहार होता है।केला में पोटैशियम भरपूर पाया जाता है जोकि रक्त-संचार ठीक रखता है जिससे ब्लडे-प्रेशर ठीक रहता है।   वजन बढाने के लिए केला खास असरकारक होता है इसलिए केला, शहद और चुटकीभर इलायची पाउडर मिलाकर प्रतिदिन सुबह केला-शेक पियें या केला खाकर दूध पियें। साभार-khaskhabar.com           

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हम नए जमाने की औरतें, हमारी लाइफ आसान नहीं होती है। कभी काम की टेंशन, तो कभी अलग-अलग कामों की उलझ, गर्मी और धूप का सामना। जाहिर है ऐसे में आपकी त्वचा बेजान हो जाना। लेकिन मन हर वक्त एक सवाल उठा है कि आखिर ग्लैमर जगत की इन अभिनेत्रियों की तेज धूप में रहती है बाहर शूटिंग भी करती हैं लेकिन फिर भी इनकी स्किन इतनी ग्लो करती है। आप परेशान न हो हम आपके लिए लाये हैं घरेलू टिप्स से आप पाएं चमकदार त्वचा...सेब के पतले-पतले स्लाइस पूरे चेहरे पर रखें। 15 मिनट के लिए छोड दें। ये स्किन से अतिरिक्त ऑयल खींच लेते हैं और रोमछिद्रों को बंद करने में मदद करते हैं। चार बडे चम्मच दूध, 1 छोटा चम्मच शहद और 1/2 नींबू का रस अच्छी तरह मिलाएं। रूई से चेहरे पर लगाएं। सूखने पर धो लें। आपका चेहरा खिल जाएगा।मलाई वाले कच्चे नारियल की मलाई चेहरे पर लगाएं। त्वचा में निखार आ जाएगा। आधी कटोरी मसूर दाल रात भर पानी में भिगोएं। सुबह पीस कर चेहरे और गर्दन पर लगाएं। सूखने पर ठंडे पानी से धो लें। इस पेस्ट को 2 दिन तक फ्रिज में रख सकती हैं।     साभार-khaskhabar.com       

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वायरल बुखार कब होता है जब शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए खान-पान का उचित ध्यान रखना चाहिए। अगर सेहतमंद और प्रोटीन युक्त खाना खाया जाए तो शरीर में रोग-प्रतिरोधक क्षमता खुद निर्मित हो जाती है। सादा, ताजा खाना ही खाएं क्योंकि हैवी फूड आसानी से पच नहीं सकते हैं। वायरल में कई लोग खाना-पीना छोड देते हैं लेकिन खाना छोडने से बीमारी और बढ सकती है इसलिए जहां तक संभव हो वायरल में खूब खाना खाएं और डिहाइडे:शन से बचने के लिए खूब पानी पिएं। वायरल में गाजर खाएं, इसमें केरोटीन पाया जाता है जिससे रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढती है और कीटाणुओं से लडने में मदद मिलती है। अधिक मात्रा में केले और सेब का सेवन करें। इन दोनों ही में अधिक मात्रा में पोटेशियम पाई जाती है जो ऐसा इलेक्ट्रोलाइट है दस्त समाप्त होती है।मौसमी संतरा व नीबूं खाएं जिसमें विटामिन-सी और वीटा कैरोटींस होता है जिससे रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढती है वायरल फीवर होने पर ड्राई फूड खूब खाना चाहिए। ड्राई फूड में जिंक भरपूर मात्रा में पाया जाता है।     साभार-khaskhabar.com   

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गर्मियों में पुदीना किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं होता है। स्वाद, सेहत और सौंन्दर्य का ऐसा संगम बहुत ही कम पौधों में देखने को मिलता है। पुदीना एक आयुर्वेदक औषधि भी है। पुदीना हरे रंग का एक छोटा सा पौधा होता है, जिसमें विटामिन ए, सी, मिनरल्स, कैल्शियम, आयरन, मैग्रीनिशयम, कॉपर और पौटेशियम पाया जाता है इसलिए यह हमारी सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। अगर आपके चेहरे पर पिंपल है तो पुदीने की कुछ पत्तियों को लेकर पेस्ट बना लें। फिर उसमें 2-3 बूंदे नींबू का रस मिलाकर इसे चेहरे पर कुछ देर के लिए लगाएं। साफ पानी से चेहरा धो लें। कुछ ही दिनों में पिंपल से राहत मिल जाएगी। पुदीने की कुछ पत्तियों को पानी में पीसकर सोने से पहले रोज रात में लगाएं। झाइयों से मुक्ति मिलेगी। मक्खन में कुछ मात्रा पिसी हल्दी मिलाकर पैरों में लगाएं, इससे पैरों के दाग-धब्बे दूर होते हैं। कच्ची गाजर, टमाटर खाएं। इनमें मौजूद विटामिनों से स्किन में निखार आता है।पुदीने की चाय या पुदीने का अर्क यकृत के लिए अच्छा होता है और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में बहुत ही उपयोगी है। हाई बीपी से रोगी को पुदीने का सेवन करना चाहिए। जब कि लो बीपी के पीडित की पुदीने की चटनी का सेवन करना चाहिए।हिचकी में पुदीने के रस को पीने से फायदा मिलता है। अगर आपकी हिचकी बंद न हो तो पुदीने के पत्ते में नींबू का रस मिलाकर लें। साथ ही पुदीने के पत्तों पर शक्कर डालकर चबाएं हिचकी में लाभ होगा।साभार-khaskhabar.com             

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आलू सबसे ज्यादा लोकप्रिय और सबसे ज्यादा प्रयोग की जाने वाली सब्जी है। आलू की खासियत है कि वो हर सब्जी के साथ अपना मेल-जोल बना ही लेता है। हालांकि आलू को इस गलतफहमी की वजह कि इससे मोटापा बढता है। लोग इस खाने से कतराते हैं। लेकिन आलू के जबरदस्त लाभ के बारें में जानकर आप इसे रोजाना ज्यादा से ज्यादा खाने में शामिल करने लगेंगे।आलू में कई औषधीय और सौंदर्य से जुडे गुण भी हैं। आलू पौष्टिक तत्वों से भरा होता है। आलू में सबसे ज्यादा मात्रा में स्टॉर्च पाया जाता है। आलू में पोटेशियम, सोडा, आयरन, कैल्शियम, विटामिन ए, सी और डी पर्याप्त मात्रा में होता है।आलू के गोलाकर टुकडे आंखों पर रखें व 10 मिनट बाद चेहरे को गुनगुने पानी से धो दें। यह प्रक्रिया आंखों की झुर्रियां हटाने में सहायक है।आल उबालने के बाद बचे पानी में एक आलू मसलकर बाल धोने से चमकीले, मुलायम और जडों से मजबूत होंगे। सिर में खाज, सफेद होने व गंजापन तत्काल रूक जाता है।1 चम्मच आल का रस और 2 चम्मच उसमें नींबू का रस, मुल्तानी मिट्टी में मिलाकर पतला घोल तैयार करें। फिर इससे चेहरे पर लगाएं व सूखने पर चेहरा सादे पानी से धो लें। यह पैक सभी प्रकार के दाग-धब्बों को हटाकर चेहरे को निखार प्रदान करने में अति उत्तम है। साभार-khaskhabar.com     

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कई लोग अखरोट को ब्रेन फूड कहते हैं उनका मानना है कि इसको खाने से उनके दिमाग को एनर्जी मिलती है और यादाशत तुरूस्त होती है। इसलिए अखरोट का सेवन लाभकारी होता है। अखरोट के लाभकारी गुण समाएं होते हैं। जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद हैं और इसमें कई अंदरूनी रोगों से लडने व उनसे बचाव करने की क्षमता होती है। थोडा महंगा है पर कारगर इलाज है अखरोट।अखरोट के फल के बाहृा कठोर आवरण को तोडकर अंदर की गिरी को 10-20 ग्राम की मात्रा में गाय के गुनगुने दूध से नियमित सेवन करने रसायनगुणों से युक्त अर्थात शारीरिक क्षय को रोकने वाला प्रभाव देता है।अखरोट में ओमोग3 फैटी एसिड्स होते हैं अन्य ड्राईफूट्स की तरह अखरोट के भी लाभ हैं लेकिन ये खास तौर पर याद्दश्त बढाने और कार्डियोवैस्कुलर यानी हृदय संबंधी बीमारियों से बचाने में भी मदद है।बढते वजन को घटाने में बेहद मददगार है। जो लडकियां या लडके अपना वेट लॉस करना चाहते हैं उनके लिए अखरोट का सेवन करना चाहिए।अखरोट में मेलाटोनिन पाया जाता है जो नींद के लिए प्रेरित करता है। जिन लोगों को रात के समय ठीक से नींद न आती हो। उन्हें अच्छी नींद लाने में सहायक है।      साभार-khaskhabar.com     

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लौकी में तो औषधी के अनेक गुण समाएं होते हैं। इसके सेवन से मानसिक तनाव कम होता है, और यह आंखों की रोशनी भी बढाने के अलावा रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बढाते हैं। साथ-साथ मानसिक तनाव कम होता है। सब्जियों में आप लौकी का सेवन कर सकते हैं। तो आइये जानते हैं लौकी के गुणों को...हृदय रोगियों को भोजन कम मात्रा में ही देना चाहिए इसके लिए रोगियों को लौकी की सब्जी के साथ-साथ इसके रस का 10-15 मिली तक हर रोज सुबह-शाम सेवन करना चाहिए। जिससे हृदय के कार्य-भार का बोझ न बढे।ज्वर जब शरीर का तापक्रम सामान्य तापक्रम से अधिक हो जाता है तो उसे ज्वर कहते है। ज्वर होने पर रोगी को 15-20 मिली लौकी के रस में थोडी-सी मिश्री मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है।दस्ते होने पर लौकी के रायते का सेवन करें। इसके लिए लौकी को कद्दूकस करके थोडा पानी डालकर उबाल लें। दही को अच्छी तरह मथकर उसमें उबली हुई लौकी को निचोडकर मिला दें।    साभार-khaskhabar.com       

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नयति मेडिसिटी ने मनाया विश्व हेपेटाइटिस दिवस मथुरा 28 जुलाई। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर क्षेत्रीय नागरिकों को हेपेटाइटिस के प्रति जागरूक करने के लिए अस्पताल परिसर में में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें 90 से अधिक लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर आए हुए लोगों में 72 की निशुल्क हेपेटाइटिस बी तथा सी की जांच भी की गई। 19 लोग हेपेटाइटिस बी अथवा सी से से ग्रस्त पाए गए। इस अवसर पर नयति मेडिसिटी के गैस्ट्रोएंटोलॉजिस्ट डॉ. कपिल शर्मा ने कहा कि विश्व मे 35 करोड़ से अधिक लोग हेपेटाइटिस बी अथवा सी से पीड़ित हैं। हर वर्ष लगभग 13 लाख लोग इस बीमारी की वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं। इस बीमारी का कोई लक्षण नहीं होता, केवल जांच कराने से ही इस बीमारी के बारे में जाना जा सकता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक रहते हुए अपनी हेपेटाइटिस की जांच अवश्य करा लेनी चाहिए, जिससे समय रहते बचाव किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि कोई पीलिया, बुखार, लगातार थकावट या खुजली से पीड़ित है या किसी के परिवार में किसी अन्य सदस्य को हेपेटाइटिस बी अथवा सी की शिकायत है तो उसे तुरन्त अपनी जांच भी कर लेनी चाहिए। कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. एच एल वर्मा, अंशू मदान, डॉ. कपिल शर्मा तथा डॉ. नवीन अग्निहोत्री ने दीपक जलाकर की। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ. सागर टुटेजा, विवेक दवे, नवनीत सिंह, हेमराज सिंह, सारिका चतुर्वेदी, पारखी अग्रवाल आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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We all know the basics of good oral care: brush in the morning and evening, floss each day and visit the dentist twice per year. But there are smaller, incremental steps we can take to guarantee good health, including the food we eat each day. Here are some fruits for healthy teeth.   Strawberries They contain malic acid, which helps remove surface stains on teeth. Take a strawberry, mash it up, add some baking soda and apply it to your teeth. Gently brush off after five minutes for clean and bright teeth.Oranges This may come as a surprise to you, but citrus fruits like oranges help keep your gums healthy by strengthening blood vessels and connective tissue, including the connective tissue that holds your teeth in your jaw. It's the vitamin C in citrus that is so powerful. Vitamin C also helps reduce inflammation, which may prevent or slow the progression of gingivitis, so make oranges, grapefruits, and other citrus regular features in your fruit bowl.Apples Renowned for keeping the doctor away, apples offer a myriad of benefits, especially if eaten fresh and crisp. They help clean plaque near the gum line while massaging the gums.Bananas The high fibre content of bananas helps remove other foods that may be stuck to the teeth. The white component inside the skin and on the outside of the fruit is known for good teeth whitening properties. Kiwi Kiwis have the highest concentration of vitamin C, but citrus fruits also boast good numbers. These fruits also do double duty because of their astringency, which may help to reverse discoloration caused by commonly consumed beverages like coffee and wine.     साभार-khaskhabar.com       

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औषधीय गुणों से भरपूर लहसुन सिर्फ खाने में स्वाद ही नहीं बढाता बल्कि आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है और वैसे भी भारतीय रसोईघर में लहसुन से मिल जायेगा इसमें विटामिन, प्रोटीन, खनिज, लवण और फॉस्फोरस, आयरन व विटामिन ए, बी व सी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। तो आज लहसुन के कुछ स्वास्थ्य संबंधी गुणों के बारें में जानते हैं.अगर आप अपने बढते मोटापे से परेशान है तो अपनाएं ये लहसुन की दो कलियां को अच्छे से भून लें और फिर उसमें जीरा सैंधा नमक मिलाकर चूर्ण बना लें। इसको आप रोजाना खाली पेट गर्म पानी से लें। कुछ ही दिनों में मोटापा कम हो जाएगा।लहसुन बैक्टिरीअल और वायरल संक्रमण को रोकने में बहुत कारगार साबित होता है। यह फंगस, यीस्ट और कीडा से इन्फेक्शन को रोकने में मदद करता है।लहसुन का तेल तैयार करने के लिए लहसुन की 3 कलियों को कूटकर आधा कप ऑलिव ऑयल तेल में मिलाकर धीमी आंच पर 2 मिनट के लिए पकाएं। छालनकर 2 हफ्तों तक फ्रिज में रखें इस्तेमाल में लानेसे पहले हल्का-सा गर्म कर लें।एजोइन यौगिक रक्त का थक्का बनाने में मदद करता है। जिनको हृदय संबंधी बीमारी होती हैं और रक्त का थक्का बनने में देर होता है उनके लिए यह बहुत मददगार है।       साभार-khaskhabar.com   

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नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

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स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

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राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

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