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कलौंजी भी आयुर्वेदिक औषधि है, जो हमारे शरीर को कई तरह के रोगों से बचाती है और शरीर के अतिरिक्त वजन को घटाने में मदद करती है। इसे ब्लड प्रेशर भी कम हुआ। सबसे बडी बात यह है कि इसका कोई साइड-इफेक्ट नहीं होता है। इसे महत्वपूर्ण चिकित्सक हर्ब माना जाता है। तो आइये जानते हैं काली रंग की दिखने वाली कलौंजी खाने से होने वाले फायदे के बारे में...जिन लोगों की त्वचा पर सफेद धाग हो गये हों तो उन्हें रोजाना सुबह उठकर नहार मुंह चुटकी भर कलौंजी खानी चाहिए। दागों पर कुछ ही समय में कालापन आता जाएगा।कलौंजी में मौजूद एंटी आक्सीडेंट कैंसर जैसी घातक बीमारी से व्यक्ति को बचाव करती है।  सर्दी-जुकाम की परेशानी है तो इसके बीजों को गरम कीजिए और मलमल के कपडे में बांधिए फिर इसे सूघते रहिये, दो दिन में ही जुकाम की शिकायत खत्म हो जायेगी।   साभार-khaskhabar.com     

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खीरा हेल्थ के लिए काफी लाभकारी माना जाता है। ये सेहत के साथ-साथ सौंदर्य में बहुत फायदेमंद होता है। कम फेट व कैलोरी से भरपूर खीरे का सेवन आपको कई रोगो से बचाने में सहायता करता है। खीरे को आप कई तरह से खा सकते हैं, जैसे सलाद, जूस, सैंडवीच, या यूं ही नमक छिडक कर भी खा सकते हैं। खीरे के स्वास्थ्यवद्र्धक और सौन्दर्यवद्र्धक गुण दोनों अनगिनत होते हैं जैसे...आयुर्वेद के मुताबिक पेट में गर्मी होने के वजह से मुंह से बदबू निकलता है, खीरा पेट को शीतलता प्रदान करने में मदद करता है।अगर मुंह से बदबू आती है तो आप कुछ देर के लिए मुंह में खीरे के टुकडा रख लें क्योंकि यह जीवाणुओं को मारकर धीरे-धीरे बदबू निकलना कम कर देता है।  साभार-khaskhabar.com           

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गुलाब जल त्वचा के लिए हर तरह से उपयोगी माना गया है, इसकी सुंगध से हर किसी का मन प्रफुल्लित हो उठता है। इसमें पाए जानें वाले औषधिय गुणों के कारण आज के समय में इसका उपयोग सौदंर्य प्रसाधान में बहुतायात किया जाता है। लेकिन क्या ये जरूरी है कि बाजार में मिलने वाला गुलाबजल आपकी त्वचा के लिए सही ही उतरे, क्योंकि आज के समय में उपयोग की जानें वाली हर वस्तुओं में मिलावट देखने को मिलती है। चाहे फल या सब्जियां हो या फिर कोई भी प्रकार के महंगे प्रॉडक्ट सभी में मिलावट देखी जा सकती है। भले ही बाजार में मिलने वाला गुलाब जल महंगा होने के साथ कितनी ही अच्छी ब्रांड वाला क्यों न हो, उसमें कुछ न कुछ मिलावट जरुर की गई होती है। अच्छा होगा कि आप अपने घर पर खुद ही गुलाब की पंखुडियों से गुलाब जल तैयार कर लें। यहां पर एक आसान सा तरीका है जिसकी सहायता से आप गुलाब जल तैयार कर सकती हैं। आइये जानते हैं वह तरीका-बनाने की विधि — अच्छा होगा कि आप ताजी गुलाब की उन पंखुडियों का प्रयोग करें, जिन पर कीटनाशकों या रसायनों का छिड़काव न किया गया हो। अपने घर पर ही गुलाब उगाएं और उसका प्रयोग करें। — सूरज उगने के दो या तीन घंटे के बाद ही गुलाब तोड़ लें। — गुलाब की केवल पंखुडियों का प्रयोग करें न कि उसके तने और पत्तियों का। — गुलाब को धोएं जिससे कीड़े और धूल साफ हो जाए और फिर उसे फिल्टर किये हुए पानी में डालें। — पंखुडियों को पूरी तरह से पानी में डुबो दें और पानी को ढंक कर हल्की आंच पर चढ़ा दें। अब पानी को भाप बन कर उठने दें और धीरे—धीरे उसे वैसे ही छोड़ दें। — आप देखेंगी कि पंखुडियों का रंग उतर चुका है और पानी का रंग पंखुडियों का रंग ले चुका है। पंखुडियां पानी में तैरना शुरु हो जाएंगी। — बचा हुआ पानी छान लें और उसे एक शीशी में डाल कर फ्रिज में रख दें।   साभार-khaskhabar.com     

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अनन्नास पाचक तत्वों से भरपूर, शरीर को शीघ्र ही ताजगी देने वाला, हृदय व मस्तिष्क को शक्ति देने वाला कृमि नाशक, स्फूर्ति दाई फल है। ये वर्ण में निखार लाता है। गर्मी में इसके उपयोग से ताजगी व ठंडक मिलती है। आयुर्वेद के ग्रंथों में इसके गुणों की व्यापाक रूप से चर्चा की गई है और इसके सेवन को अत्यधिक फायदेमंद और बलदायक बताया गया है। अनन्नास के पौधों में जनवरी-फरवरी में फल लगना आरम्भ होता है। इसे नवम्बर तक मार्केट में फलों की दुकानों पर सजे देखा जा सकता है। अनन्नास बतौर फल खने के अलावा रस, शर्बत, मुरब्बा के रूप में भी सेवन किया जाता है। यदि पेट में अजीर्ण हो तो पके अनन्नास के छोटे-छोटे टुकडे करके सेंधा नमक और कालीमिर्च का चूर्ण लगाकर खाने से लाभ मिलता है। इस प्रकार अनन्नास ग्रहण करने से पेट के कृमि हफ्ते भर में निकल जाते हैं। जिन बच्चों को पेट में अक्सर कृमि हो जाते हैं, उन्हें उक्त प्रकार से अनन्नास अवश्य दें।अस्थमा के रोगियों को सुबह-दोपहर खाली पेट अनन्नास का रस लेने से फायदा होता है।अनियमित माहवारी हो, तो इसके रस का नियमित सेवन करने से माहवारी सामान्य हो जाती है।शोधों के मुताबिक दिन में 3 बार अनन्नास खाने से बढती उम्र के साथ कम होती आंखों की रोशनी का खतरा कम हो जाता है।   साभार-khaskhabar.com             

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  नयति है सबके लिए, वाजिब दामों पर विश्वस्तरीय उपचार देना ही हमारा उद्देश्य नीरा राडिया मथुरा। नयति मेडिसिटी में 83 वर्षीय मात्र 40 किलो वजन की बृद्ध महिला की टूटी रीढ़ की हड्डी का बिना चीरे के माध्यम से अत्यंत नयी तकनीक काइफोप्लास्टी बैलून विधि के द्वारा सफल ऑपरेशन किया गया। ज्ञात हो कि नयति के डॉक्टरों द्वारा रीढ़ की हड्डी के इस ऑपरेशन के दूसरे ही दिन बृद्धा को बैठा भी दिया गया। मथुरा की ही रहने वालीं 83 वर्षीय हेमकान्ति चलते समय फिसलकर गिर गयीं थीं। उसके बाद उनसे खड़ा नहीं हुआ गया और वे चलने में असमर्थ थीं। परिवार के लोगों को पता चलने के बाद उनको पास के ही अस्पताल में ले जाया गया। जहाँ उनके अत्यन्त कमजोर शरीर तथा अवस्था को देखते हुए डॉक्टरों ने इलाज करने से मना कर दिया, जिसके बाद परिवारीजन उनको नयति मेडिसिटी लेकर आये। जहां वे नयति मेडिसिटी के हड्डी रोग विभाग में  विभागाध्यक्ष डॉ. यूके साधू, सीनियर कंसल्टेंट डॉ. विवेक फँसवाल, डॉ. जीतेन्द्र गुप्ता तथा उनकी टीम से मिले जहां उनका सीटी स्कैन एवं एमआरआई कराई गई तो पता चला कि उनकी रीढ़ की दो हड्डी टूटकर पिचक गयी हैं। उनकी उम्र तथा अत्यन्त कमजोर शरीर को देखते हुए डॉक्टरों ने उनकी रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन अत्यंत नयी तकनीक बैलून काइफोप्लास्टी विधि से करने का फैसला किया। इस ऑपरेशन में ना ही कोई टांका लगता है और ना हीं खून का रिसाब होता है।ऑपरेशन के अगले ही दिन वे बैठने लगीं थीं, अब वे बिल्कुल स्वस्थ हैं और जल्द ही पहले की तरह अपनी दिनचर्या प्रारम्भ कर सकती हैं। इस अवसर पर नयति मेडिसिटी की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि हमारे यहाँ के बेहतरीन डॉक्टरों की टीम द्वारा ब्रजवासियों तक जिस प्रकार विश्वस्तरीय इलाज पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है उससे मुझे अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। मुझे खुशी है कि जो सपना आंखों में संजोये हम ब्रजवासियों की सेवा करने आये थे वो सपना सच होता दिखाई दे रहा है। 

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पपीता एक फल है। इसके कच्चे और पके फल दोनों ही उपयोग में आते है। पपीता एक ऐसा फल है जो पूरे साल आसानी से मिल जाता है। भारत के ज्यादातर घरों में पपीते का पौधा लगा होता है। पपीता जितना स्वादिष्ट होता है, यह उतना ही हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी भी है। पपीते के बीज के भी ढेर सारे उपयोग है। पपीता त्वचा और बालों के लिए भी अच्छा होता है। पपीते का उपयोग सलाद के रूप में भी किया जाता है।पपीते में एंटीऑक्सिडेंट्स न्सूट्रीएंट्स होते हैं, जैसेविटामिन सी, कैरोटीन्स और फ्लेवोनॉइड होता है। यह डायबिटीज की वजह से होने वाली हार्टकी बीमारियों से बचाता है। साथ ही यह एलर्जी, गंभीर डायरिया, अपच, बुखार और खेल के दौरान होने वाली इंजरीज का भी इलाज करता है। साथ ही यह त्वचा के लिए भी काफी लाभकारी फल है। इसके खाने या चेहरे पर लगाने से चेहरे की रंगत निखरती है। कच्चे पपीता का सेवन रोज करने से पाचन शक्ति में वृद्धि होती है पका पपीता पाचन शक्ति को बढता है। भूख को बढाता है। मोटोपे को कंट्रोल करता है।पपीता पेट के लिए वरदान माना जाता है। इसमें पेप्सिन नामक तत्व पाया जाता है, जो भोजन को पचाने में मदद करता है। यह कई बीमारियों से दूर रखता है। गंभीर डायरिया, अपच, बुखार और खेल के दौरान होने वाली इंजरीज का भी इलाज करता है। साथ ही यह त्वचा के लिए भी काफी लाभकारी फल है। इसके खाने या चेहरे पर लगाने से चेहरे की रंगत निखरती है। साभार-khaskhabar.com             

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केला- पूजा-पाठ से लेकर ब्यूटी प्रॉडक्टस तक में केले का इस्तेमाल किया जाता है। इसके भी एक नहीं, अनेक फायदे हैं। खाना खाने के बाद केला खाने से भोजन आसानी से पच जाता है। कॉन्स्टिपेशन के मरीजों के लिए भी यह अच्छा रहता है। रोज सुबह एक केला और एक गिलास दूध पीने से वजन कंट्रोल में रहता है और बार-बार भूख भी नहीं लगती।केला खाने से हाई ब्लड प्रेशर और यूरिन की समस्या को दूर करने में मदद मिलती है कच्चे केले को दूध में मिलाकर लगाने से त्वचा निखर जाती है और चेहरे पर भी चमक आ जाती है। गर्भावस्था में महिलाओं के लिए केला बहुत अच्छा होता है क्योंकि यह विटामिन से भरपूर होता है। केले को मैश करके बालों में लगाने से बाल नर्म, मुलायम और चमकदार हो जाते हैं। केला बच्चों के लिए बहुत अच्छा होता है क्योंकि यह अपने आप में ही पूर्ण आहार होता है।केला में पोटैशियम भरपूर पाया जाता है जोकि रक्त-संचार ठीक रखता है जिससे ब्लडे-प्रेशर ठीक रहता है।   वजन बढाने के लिए केला खास असरकारक होता है इसलिए केला, शहद और चुटकीभर इलायची पाउडर मिलाकर प्रतिदिन सुबह केला-शेक पियें या केला खाकर दूध पियें। साभार-khaskhabar.com           

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हम नए जमाने की औरतें, हमारी लाइफ आसान नहीं होती है। कभी काम की टेंशन, तो कभी अलग-अलग कामों की उलझ, गर्मी और धूप का सामना। जाहिर है ऐसे में आपकी त्वचा बेजान हो जाना। लेकिन मन हर वक्त एक सवाल उठा है कि आखिर ग्लैमर जगत की इन अभिनेत्रियों की तेज धूप में रहती है बाहर शूटिंग भी करती हैं लेकिन फिर भी इनकी स्किन इतनी ग्लो करती है। आप परेशान न हो हम आपके लिए लाये हैं घरेलू टिप्स से आप पाएं चमकदार त्वचा...सेब के पतले-पतले स्लाइस पूरे चेहरे पर रखें। 15 मिनट के लिए छोड दें। ये स्किन से अतिरिक्त ऑयल खींच लेते हैं और रोमछिद्रों को बंद करने में मदद करते हैं। चार बडे चम्मच दूध, 1 छोटा चम्मच शहद और 1/2 नींबू का रस अच्छी तरह मिलाएं। रूई से चेहरे पर लगाएं। सूखने पर धो लें। आपका चेहरा खिल जाएगा।मलाई वाले कच्चे नारियल की मलाई चेहरे पर लगाएं। त्वचा में निखार आ जाएगा। आधी कटोरी मसूर दाल रात भर पानी में भिगोएं। सुबह पीस कर चेहरे और गर्दन पर लगाएं। सूखने पर ठंडे पानी से धो लें। इस पेस्ट को 2 दिन तक फ्रिज में रख सकती हैं।     साभार-khaskhabar.com       

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वायरल बुखार कब होता है जब शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए खान-पान का उचित ध्यान रखना चाहिए। अगर सेहतमंद और प्रोटीन युक्त खाना खाया जाए तो शरीर में रोग-प्रतिरोधक क्षमता खुद निर्मित हो जाती है। सादा, ताजा खाना ही खाएं क्योंकि हैवी फूड आसानी से पच नहीं सकते हैं। वायरल में कई लोग खाना-पीना छोड देते हैं लेकिन खाना छोडने से बीमारी और बढ सकती है इसलिए जहां तक संभव हो वायरल में खूब खाना खाएं और डिहाइडे:शन से बचने के लिए खूब पानी पिएं। वायरल में गाजर खाएं, इसमें केरोटीन पाया जाता है जिससे रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढती है और कीटाणुओं से लडने में मदद मिलती है। अधिक मात्रा में केले और सेब का सेवन करें। इन दोनों ही में अधिक मात्रा में पोटेशियम पाई जाती है जो ऐसा इलेक्ट्रोलाइट है दस्त समाप्त होती है।मौसमी संतरा व नीबूं खाएं जिसमें विटामिन-सी और वीटा कैरोटींस होता है जिससे रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढती है वायरल फीवर होने पर ड्राई फूड खूब खाना चाहिए। ड्राई फूड में जिंक भरपूर मात्रा में पाया जाता है।     साभार-khaskhabar.com   

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गर्मियों में पुदीना किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं होता है। स्वाद, सेहत और सौंन्दर्य का ऐसा संगम बहुत ही कम पौधों में देखने को मिलता है। पुदीना एक आयुर्वेदक औषधि भी है। पुदीना हरे रंग का एक छोटा सा पौधा होता है, जिसमें विटामिन ए, सी, मिनरल्स, कैल्शियम, आयरन, मैग्रीनिशयम, कॉपर और पौटेशियम पाया जाता है इसलिए यह हमारी सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। अगर आपके चेहरे पर पिंपल है तो पुदीने की कुछ पत्तियों को लेकर पेस्ट बना लें। फिर उसमें 2-3 बूंदे नींबू का रस मिलाकर इसे चेहरे पर कुछ देर के लिए लगाएं। साफ पानी से चेहरा धो लें। कुछ ही दिनों में पिंपल से राहत मिल जाएगी। पुदीने की कुछ पत्तियों को पानी में पीसकर सोने से पहले रोज रात में लगाएं। झाइयों से मुक्ति मिलेगी। मक्खन में कुछ मात्रा पिसी हल्दी मिलाकर पैरों में लगाएं, इससे पैरों के दाग-धब्बे दूर होते हैं। कच्ची गाजर, टमाटर खाएं। इनमें मौजूद विटामिनों से स्किन में निखार आता है।पुदीने की चाय या पुदीने का अर्क यकृत के लिए अच्छा होता है और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में बहुत ही उपयोगी है। हाई बीपी से रोगी को पुदीने का सेवन करना चाहिए। जब कि लो बीपी के पीडित की पुदीने की चटनी का सेवन करना चाहिए।हिचकी में पुदीने के रस को पीने से फायदा मिलता है। अगर आपकी हिचकी बंद न हो तो पुदीने के पत्ते में नींबू का रस मिलाकर लें। साथ ही पुदीने के पत्तों पर शक्कर डालकर चबाएं हिचकी में लाभ होगा।साभार-khaskhabar.com             

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आलू सबसे ज्यादा लोकप्रिय और सबसे ज्यादा प्रयोग की जाने वाली सब्जी है। आलू की खासियत है कि वो हर सब्जी के साथ अपना मेल-जोल बना ही लेता है। हालांकि आलू को इस गलतफहमी की वजह कि इससे मोटापा बढता है। लोग इस खाने से कतराते हैं। लेकिन आलू के जबरदस्त लाभ के बारें में जानकर आप इसे रोजाना ज्यादा से ज्यादा खाने में शामिल करने लगेंगे।आलू में कई औषधीय और सौंदर्य से जुडे गुण भी हैं। आलू पौष्टिक तत्वों से भरा होता है। आलू में सबसे ज्यादा मात्रा में स्टॉर्च पाया जाता है। आलू में पोटेशियम, सोडा, आयरन, कैल्शियम, विटामिन ए, सी और डी पर्याप्त मात्रा में होता है।आलू के गोलाकर टुकडे आंखों पर रखें व 10 मिनट बाद चेहरे को गुनगुने पानी से धो दें। यह प्रक्रिया आंखों की झुर्रियां हटाने में सहायक है।आल उबालने के बाद बचे पानी में एक आलू मसलकर बाल धोने से चमकीले, मुलायम और जडों से मजबूत होंगे। सिर में खाज, सफेद होने व गंजापन तत्काल रूक जाता है।1 चम्मच आल का रस और 2 चम्मच उसमें नींबू का रस, मुल्तानी मिट्टी में मिलाकर पतला घोल तैयार करें। फिर इससे चेहरे पर लगाएं व सूखने पर चेहरा सादे पानी से धो लें। यह पैक सभी प्रकार के दाग-धब्बों को हटाकर चेहरे को निखार प्रदान करने में अति उत्तम है। साभार-khaskhabar.com     

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कई लोग अखरोट को ब्रेन फूड कहते हैं उनका मानना है कि इसको खाने से उनके दिमाग को एनर्जी मिलती है और यादाशत तुरूस्त होती है। इसलिए अखरोट का सेवन लाभकारी होता है। अखरोट के लाभकारी गुण समाएं होते हैं। जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद हैं और इसमें कई अंदरूनी रोगों से लडने व उनसे बचाव करने की क्षमता होती है। थोडा महंगा है पर कारगर इलाज है अखरोट।अखरोट के फल के बाहृा कठोर आवरण को तोडकर अंदर की गिरी को 10-20 ग्राम की मात्रा में गाय के गुनगुने दूध से नियमित सेवन करने रसायनगुणों से युक्त अर्थात शारीरिक क्षय को रोकने वाला प्रभाव देता है।अखरोट में ओमोग3 फैटी एसिड्स होते हैं अन्य ड्राईफूट्स की तरह अखरोट के भी लाभ हैं लेकिन ये खास तौर पर याद्दश्त बढाने और कार्डियोवैस्कुलर यानी हृदय संबंधी बीमारियों से बचाने में भी मदद है।बढते वजन को घटाने में बेहद मददगार है। जो लडकियां या लडके अपना वेट लॉस करना चाहते हैं उनके लिए अखरोट का सेवन करना चाहिए।अखरोट में मेलाटोनिन पाया जाता है जो नींद के लिए प्रेरित करता है। जिन लोगों को रात के समय ठीक से नींद न आती हो। उन्हें अच्छी नींद लाने में सहायक है।      साभार-khaskhabar.com     

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