BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

मिलावटी नहीं अब घर में बनाए शुद्ध गुलाब जल

मिलावटी नहीं अब घर में बनाए शुद्ध गुलाब जलगुलाब जल त्वचा के लिए हर तरह से उपयोगी माना गया है, इसकी सुंगध से हर किसी का मन प्रफुल्लित हो उठता है। इसमें पाए जानें वाले औषधिय गुणों के कारण आज के समय में इसका उपयोग सौदंर्य प्रसाधान में बहुतायात किया जाता है। लेकिन क्या ये जरूरी है कि बाजार में मिलने वाला गुलाबजल आपकी त्वचा के लिए सही ही उतरे, क्योंकि आज के समय में उपयोग की जानें वाली हर वस्तुओं में मिलावट देखने को मिलती है। चाहे फल या सब्जियां हो या फिर कोई भी प्रकार के महंगे प्रॉडक्ट सभी में मिलावट देखी जा सकती है। भले ही बाजार में मिलने वाला गुलाब जल महंगा होने के साथ कितनी ही अच्छी ब्रांड वाला क्यों न हो, उसमें कुछ न कुछ मिलावट जरुर की गई होती है। अच्छा होगा कि आप अपने घर पर खुद ही गुलाब की पंखुडियों से गुलाब जल तैयार कर लें। यहां पर एक आसान सा तरीका है जिसकी सहायता से आप गुलाब जल तैयार कर सकती हैं। आइये जानते हैं वह तरीका-बनाने की विधि

— अच्छा होगा कि आप ताजी गुलाब की उन पंखुडियों का प्रयोग करें, जिन पर कीटनाशकों या रसायनों का छिड़काव न किया गया हो। अपने घर पर ही गुलाब उगाएं और उसका प्रयोग करें।

— सूरज उगने के दो या तीन घंटे के बाद ही गुलाब तोड़ लें।

— गुलाब की केवल पंखुडियों का प्रयोग करें न कि उसके तने और पत्तियों का।

— गुलाब को धोएं जिससे कीड़े और धूल साफ हो जाए और फिर उसे फिल्टर किये हुए पानी में डालें।

— पंखुडियों को पूरी तरह से पानी में डुबो दें और पानी को ढंक कर हल्की आंच पर चढ़ा दें।

अब पानी को भाप बन कर उठने दें और धीरे—धीरे उसे वैसे ही छोड़ दें।

— आप देखेंगी कि पंखुडियों का रंग उतर चुका है और पानी का रंग पंखुडियों का रंग ले चुका है। पंखुडियां पानी में तैरना शुरु हो जाएंगी।

— बचा हुआ पानी छान लें और उसे एक शीशी में डाल कर फ्रिज में रख दें।

 

साभार-khaskhabar.com 

 

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More