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संतरा लगभग पूरी दुनिया में उपलब्ध है संतरे का रस शरीर को कई लाभ और शरीर के लिए हेल्दी होता है। मुलायम छिलके वाला, रेशेदार, रसीला और खट्टा-मीठा संतरा हर उम्र के लोगों के पसंदीदा फलों में एक है। सीमित मात्रा में संतरा खाना स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद है।  संतरे का जूस जब भी पीएं ताजा पीना चाहिए, इसका स्वाद बहुत ही टेस्टी होता है। आगे की स्लाइड्स पर जानिये संतरा खाने से और क्या-क्या लाभ हैं...विशेषज्ञों ने बताया कि संतरे में विटामिन सी, पोटैशियम और फोलिक एसिड होती है और यह खूबसूरती के लिए फायदेमंद है। मिरर की एक रिपोर्ट के अनुसार विटामिन सी कोलाजेन के साथ ही महा पौष्टिक लुटीन के उत्पादन के लिए अनिवार्य है। संतरे में विटामिन सी, पोटैशियम और फोलिक एसिड होती है और यह खूबसूरती के लिए फायदेमंद है। मिरर की एक रिपोर्ट के अनुसार विटामिन सी कोलाजेन के साथ ही महा पौष्टिक लुटीन के उत्पादन के लिए अनिवार्य है। खूबसूरत दिखने की चाह रखने वालों के लिए अच्छी खबर है। इसके लिए मोटी रकम खर्च करने की जरूरत नहीं है। नारंगी फल में कैरोटीन कोशिकाओं होती है जो त्वचा की रक्षा करती है, संतरे में एंटीऑक्सीडेंट होने की वजह से बढती उम्र को रोकने में मदद करती है। गुर्दे के रोगी के लिए संतरे का जूस बहुत फायदा करता है। इस जूस को आप हर दिन पीने की कोशिश करें। नारंगी फल दिल के लिए भी लाभकारी साबित होता है। इसमें पोटेशियम संतुलित है। संतरे से दिल की बीमारी को रोका जा सकता है। नियमित रूप से एक गिलास संतरे का जूस पीने से ही आपकी त्वचा से लेकर बाल और नाखूनों में निखार आने लगेगा और आप और भी ज्यादा खूबसूरत नजर आने लगेंगे। एक नए शोध में इसका दावा किया गया है। साभार-khaskhabar.com  

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बोस्टन। हफ्ते में दो बार योग और प्राणायाम करने से अवसाद के लक्षणों से उबरने में मदद मिलती है। इसका असर अवसाद की दवा लेने या नहीं लेने वाले पर समान रूप से होता है। शोधकर्ताओं के अनुसार अध्ययन से इस तथ्य को बल मिलता है कि अवसाद का दवाओं से इलाज का विकल्प योग हो सकता है। दवाओं से इलाज के साथ-साथ योग की पद्धतियां अपनाकर उपचार को और कारगर बनाया जा सकता है।    अमेरिका के बोस्टन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर क्रिस स्ट्रीटर ने कहा कि अवसाद के विकार को दूर करने में योग या प्राणायाम काफी मददगार होता है। जर्नल ऑफ ऑल्टरनेटिव एंड कॉप्लिमेंटरी मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन में आयंगर योग (योग का एक रूप) का इस्तेमाल किया गया, जिसमें आसन एवं श्वसन नियंत्रण में बारीकियों पर ध्यान दिया जाता है। अध्ययन में दो समूहों को शामिल किया गया। उनमें से एक समूह को हर हफ्ते 90 मिनट के योग की तीन कक्षाएं कराई गईं जबकि उन्होंने घर पर भी योग का अभ्यास किया। इसमें वे लोग थे जो दवा की बडी खुराक ले रहे थे। दूसरे समूह में दवा की छोटी खुराक लेने वाले लोग शामिल थे, जिन्हें हर हफ्ते 90 मिनट के योग की दो कक्षाएं दी गईं और उन्होंने घर पर भी योग का अभ्यास किया। बाद में दोनों समूहों में अवसाद के लक्षणों में महत्वपूर्ण कमी दर्ज की गई।   साभार-khaskhabar.com  

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गुलाब सिर्फ खूबसूरती के लिए ही नहीं, बल्कि आपकी सेहत केलिए भी फायेदमंद है। इसके सही इस्तेमाल के लिए गुलाब को कई प्रक्रियाओं से गुजार कर आप तक पहुंचाना आसान काम नहीं। इस गुलाब के जल से आप अपना सौंदर्य कैसे निखार सकती हैं, इसी संबंध में यहां दिए जा रहे हैं।  गुलाबजल अपने विशेष गुणों और खुशबू के कारण ये काफी लोकप्रिय है। वैसे अब तक लोग इसके आंखों और त्वचा के फायदों से ही अवगत थे, लेकिन इसके अनगिनत गुणों के चलते ये बालों के लिए भी कारगर साबित हुआ है। गुलाबजल को गुलाब के फूल की पंखुडियों से बनाया जाता है। इन पंखुडियों को पानी में तब तक उबाला जाता है जब तक पंखुडियां अपनी रंगत ना छोड दें। इसका सिर्फ जल ही नहीं बनता है बल्कि इसका तेल भी मार्केट में मौजूद है।  2 चम्मच उडद की दाल को गुलाबजल में रात भर के लिए भिगो दें। सुबह उसे पीसकर पेस्ट बना लें। इसे गर्दन पर लगाएं। 10 मिनट बाद ठंडे पानी से साफ कर लें। यह गर्दन की ठीक से सफाई कर देता है। कुछ कारगर उपाय जानकर दंग रह जाएंगे आप...आंखों को डार्क सर्कल्स से बचाने के लिए खीरे को कद्दूकस करके उसका रस निकाल लें। अब इस रव में गुलाबजल की दो-चार बूंदें मिलाकर फ्रिज में रख दें और रात को सोने से पहले उसे आंखों की पलकों के ऊपर रखें। इससे डार्क सर्कल्स तो दूर हो ही जाते हैं और आपकी थकी हुई आंखों को भी बेहद आराम मिलता है। रात को सोने से पहले कच्चे दूध में गुलाबजल की कुछ बूदें मिलाकर कॉटन से चेहरे, गर्दन और हाथों की त्वचा को अच्छी तरह साफ करें। इससे त्वचा पर जमी दिन भर की धूल-मिट्टी हट जाएगी और त्वचा सुंदर दिखेगी। इसके नियमित इस्तेमाल से आपकी त्वचा के दाग-धब्बे भी दूर जाते हैं। गुलाबजल आपकी त्वचा को झुर्रियों से भी बचाता है। इसलिए आप जब भी कोई फेस पैक लगाएं, उसमें गुलाबजल की कुछ बूंदें जरूर मिलाएं। इसके साथ ही गुलाबजल शुष्क त्वचा को कोमल बनाने में भी मदद करता है। गुलाबजल आपकी त्वचा के पीएच बैलेंस को बनाए रखता है और इसके इस्तेमाल से पुरानी कोशिकाओं की मरम्मत और नई कोशिकाओं के निमार्ण में मदद मिलती है। साभार-khaskhabar.com      

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टमाटर हर सब्जी को स्वादिष्ट और जायकेदार बनाता है और ये तरह से खाया जाता है। इसे ज्यादातर मिक्स करके या फिर सलाद के साथ खाया जाता है। टमाटर का सूप, जूस और चटनी भी बनाकर खाया जाता है।  टमाटर में विटामिन सी, पोटैशियम, लाइकोपीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। टमाटर में कोलेस्ट्रॉल को कम करने की क्षमता होती है। टमाटर खाकर वजन को आसानी से कम किया जा सकता है। टमाटर की खूबी है कि गर्म करके के बाद भी इसके विटामिन समाप्त नहीं होते हैं। तो आइये जानते है टमाटर के गुणों के बारे में...अध्ययन एफेक्टिव डिसऑर्डर नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।टमाटर में एंटीआक्सीडेंट रसायन काफी होता है जो कुछ बीमारियों से बचाने में मददगार होता है।  नए अध्ययन में इसके एक अन्य गुण का पता चला है कि यह अवसाद से दूर रखने में सहायक है। टमाटर के नियमित सेवन से अन्य बीमारी जैसे आंखों व पुरानी कब्ज, डायबिटीज रोगों में लाभकारी है। टमाटर के गूदे में कच्चा दूध व नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरे पर चमक आती है। अनुसंधानकर्ताओं ने इसके लिए 70 अथवा उससे अधिक उम्र के करीब 1000 पुरूष और महिलाओं के भोजन की आदत और उनके मानसिक स्वास्थ्य का विश्लेषण किया। डेली मेल के अनुसार उन्होंने पाया कि जो लोग एक हफ्ते में दो से छह बार टमाटर खाते हैं उन्हें उन लोगों की तुलना में अवसाद से पीडित होने का खतरा 46 प्रतिशत कम होता है जो हफ्ते में केवल एक बार टमाटर खाते हैं अथवा नहीं खाते। साभार-khaskhabar.com  

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प्राचीन आयुर्वेद में छिपे एलोवेरा के अनोखे प्रयोग जो आपको बनाएंगे कई बीमारियों से मुक्त और स्वस्थ। एलोवीरा का पौधा कांटेदार होता है। जिसके किनारे पतले होते हैं। एलोवीरा से निकलने वाला गूदा ही असल औषधी होती है। एलोवेरा में मिनरल्स, एंजाइम, विटामिन्स, पॉलिसैचेराइड्स और फैटी एसिड्स जैसे लगभग 200 तत्व पाए जाते हैं, जिनका प्रयोग बहुत सारे रोगों में घरेलू इलाज के तौर पर किया जाता है। साधारण सा दिखने वाला एलोवीरा पौधा आपको कितना फायदा पहुंचा सकता है ये तो आपने सोचा भी नहीं होगा। एलोवीरा हमारी त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद है यह तो सभी जानते हैं। लेकिन ये अस्थमा, गैसी की समस्या, पथरी, सासों की परेशानी, खांसी की समस्या जैसी कई बीमारियों में बहुत ही फायदेमंद होता है। एलोवेरा की पत्तियों में पाए जाने वाले जैल में 99 प्रतिशत पानी होता है। जिसका इस्तेमाल लगभग 5000 साल में दवाओं के रूप में इसका उपयोग किया जा रहा है। एलोवेरा में विटामिन ए, सी, ई, फॉलिक एसिड, कोलीन, बी1, बी2, बी3 और बी6 पाया जाता है।  एलोवेरा इसमें पर्याप्त मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट्स होते हैं। डेली आप ऐलोवेरा जूस पीने से त्वचा साफ और एक्ने रहित होती है। एलोवेरा को मास्क की तरह से भी चेहरे पर लगा सकती हैं। एलोवेरा मोटापा कम करने मदद करता है। 10 ग्राम एलोवेरा के रस में मेथी के ताजे पत्तो को पीसकर उसे मिलाकर प्रतिदिन सेवन करें ।         साभार-khaskhabar.com  

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आडू, सतालू और अंग्रेजी में ‘पीच’ के नाम से जानना जाता है। कुछ वैज्ञानिकों का मत है कि यह ईरान में उत्पन्न हुआ। यह पर्णपाती वृक्ष है। भारतवर्ष के पर्वतीय तथा उपार्वतीय भागों में इसकी अच्छी खेती होती है। आडू का जैम, जेली और चटनी बनती है। यह मुलायम छिलके वाला हल्का मीठा आडू ऑरेंज कलर का फल है। इसमें विटामिन, एंजाइम, और उच्च स्तर का फाइबर हमारे शरीर के लिए बहुत लाभकारी है। आडू में विटामिन की खूब होता है। जो की एंटी-ऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। यह हमारे इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करता है। वजन घटाने में मददगार-:यह देखने में तो बडा और ठोस होता है। लेकिन इससे बहुत ही कम कैलोरी मिलती है। एक बडे साइज के आडू से आपको सिर्फ 68 कैलोरी ही मिलता है। इसलिये अगर आप इसे नाशते में लेते हैं तो यह आपको पेट को भरा हुआ रख्ेगा जिससे आप लंच से पहले आप अनहेल्दी चीजें खाने से भी बच जायेंगे। पेट के लिए रोगियों के लिए आडू बहुत फायदेमंद साबित होता है। इसमें पाएं जाने वाले कैल्शियम, फास्फोरस हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ ही दांतों को भी मजबूत बनाता है। पीच में फाइबर भरपूर होता है। जो आपके पेट और लीवर से टॉक्सिन को हटाने में मदद करता है।साभार-khaskhabar.com    

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अदरक का भारतीय मसालों में खूब प्रयोग किया जाता है। यही नहीं अदरक मॉनसून सीजन में बीमारियों से भी बचती है। अदरक में कैल्शियल, आयरन, कॉपर, मैग्नीशियम जिंक आदि मिनरल भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं। तो आइए जानते हैं अदरक के लाभकारी गुणों के बारे में...ठंड के सीजन में होने वाली बीमारियों से जैसे नाक से पानी बहना, सिरदर्द और सर्दी को तुरंत दूर कर देती है। एक कप अदरक, शहद और तुलसी के पत्तो वाली याय बनाकर पीने से जुखाम में राहत मिलती है। अदरक के 10 से 20 मिलीलीटर रस में गुड मिलाकर सुबह-सुबह पी लें। इससे सभी प्रकार की सूजन जल्दी ही कम हो जाती है। त्वचा में चमक लाये- चेहरे पर अदरक का पेस्ट लगाकर कुछ देर छोड दें। फिर पानी से धो लें कुछ ही दिनों में चेहरा चमकने लगेगा। अदरक में कैल्शियल, आयरन, कॉपर, मैग्नीशियम जिंक आदि मिनरल भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं। अगर जोडो के दर्द से परेशान है तो सूखी अदरक के पाउडर का सेवन करने से जोडो में पैदा होने वाली सूजन और दर्द से छुटकारा मिलता है। अगर अदरक नियमित रूप से सेवन हो तो पाचन संबंधी समस्याएं जैैसे- गैस, बदहजमी, अपच दूर हो जाती है।     साभार-khaskhabar.com  

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अखरोट के लाभकारी गुण समाएं होते हैं। जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद हैं और इसमें कई अंदरूनी रोगों से लडने व उनसे बचाव करने की क्षमता होती है। थोडा महंगा है पर कारगर इलाज है अखरोट। अखरोट में ओमोग3 फैटी एसिड्स होते हैं अन्य ड्राईफूट्स की तरह अखरोट के भी लाभ हैं लेकिन ये खास तौर पर याद्दश्त बढाने और कार्डियोवैस्कुलर यानी हृदय संबंधी बीमारियों से बचाने में भी मदद है। अगर आपकी सफेद पड चुकी है तो त्वचा को कली कर सकता है। इसे डेली खाने में शामिल करें। बढते वजन को घटाने में बेहद मददगार है। जो लडकियां या लडके अपना वेट लॉस करना चाहते हैं उनके लिए अखरोट का सेवन करना चाहिए। अखरोट में मेलाटोनिन पाया जाता है जो नींद के लिए प्रेरित करता है। जिन लोगों को रात के समय ठीक से नींद न आती हो। उन्हें अच्छी नींद लाने में सहायक है। अखरोट में वसा रहता है लेकिन वह हैल्दी फैट होता है जो फाइबर और प्रोटीन का बेहतर स्त्रोत है। अखरोट के फल के बाहृा कठोर आवरण को तोडकर अंदर की गिरी को 10-20 ग्राम की मात्रा में गाय के गुनगुने दूध से नियमित सेवन करने रसायनगुणों से युक्त अर्थात शारीरिक क्षय को रोकने वाला प्रभाव देता है।     साभार-khaskhabar.com  

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केसर का प्रयोग बिरयानी, खीर, मिठाई और केसर का दूध सौंदर्य उत्पादों में फ्लेवर डालने के लिए किया जाता है। यह आमतौर पर स्वास्थ्य के पूरक पदार्थाे में हाजमें को दरूस्त करने के लिए किया जाता है। केसर का सेवन करने से महिलाओं को मासिक धर्मका समस्याओं से मुक्ति मिलती है। केसर एक सुगंध देने वाला पौधा है। पतली बाली सरीखा केसर 15-25 सेंटीमीटर ऊंचा होता है। पत्तियां संकरी, लंबी और नालीदार होती हैं। इनके बीच से पुष्पदंड निकलता है, जिस पर पुष्प होते हैं। बच्चों को सर्दी, जुकाम, बुखार होने पर केसर की एक पंखुडी पानी में घोंटकर इसका लेप छाती, पीठ और गले पर लगाने से आराम होता है। चंदन को केसर के साथ घिसकर इसका लेप माथे पर लगाने से सिर, आंख और मस्तिष्क को शीतलता, शांति और ऊर्जा मिलती है। इससे नाक से रक्त का गिरना बंद हो जाता है और सिर दर्द जल्द दूर होता है। इसका उपयोग मक्खन आदि खाद्य पदार्थों में रंग एवं स्वाद लाने के लिए किया जाता है। चिकित्सा में यह उष्णवीर्य, उत्तेजक, पाचक, वात-कफ नाशक मानी गयी है। इस कारण इसका उपयोग कई तकलीफों में किया जाता है। आयुर्वेदिक नुस्खें, खाद्य व्यंजनों, देव पूजा आदि में तो केसर का उपयोग सालों से होता आ रहा है। बच्चे को सर्दी हो तो केसर की 1-2 पंखुड़ी 2-4 बूंद दूध के साथ अच्छी तरह घोंटें ताकि केसर दूध में घुल जाए। इसे एक चम्मच दूध में मिलाकर बच्चे को सुबह-शाम पिलाएं। इससे उसे काफी लाभ होगा। माथे, नाक, छाती व पीठ पर लगाने के लिए केसर, जायफल व लौंग का लेप पानी में बनाएं और रात को सोते समय इसका लेप करें। केसर दूध पौरुष व कांतिवर्धक होता है। जाड़े में गर्म व गर्मी में ठंडे दूध के साथ केसर के उपयोग की सलाह दी जाती है। चोट लगने पर या त्वचा के झुलस जाने पर केसर का लेप लगाने से आराम मिलता है। पेट से जुड़ी अनेक परेशानियां, जैसे अपच, दर्द, वायु विकार आदि में केसर काफी उपयोगी साबित होती है। संतान गोरी चाहिए ।यह उत्तेजक, वाजीकारक, यौनशक्ति वर्धक, त्रिदोष नाशक, वातशूल शमन करने वाली है। इतना ही नहीं, यह मासिक धर्म ठीक करने वाली, त्वचा को निखारने वाली, रक्तशोधक, प्रदर और निम्न रक्तचाप को ठीक करने वाली भी है। कफ का नाश करने, मन को प्रसन्न रखने, मस्तिष्क को बल देने वाली, हृदय और रक्त के लिए हितकारी भी है। इसका उपयोग आयरुवेद और यूनानी नुस्खों में भी किया जाता है। महिलाओं के मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द को दूर करने के लिए 2-2 रत्ती केसर दूध में घोलकर दिन में तीन बार देना फायदेमंद होता है।  साभार-khaskhabar.com  

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भारतीय पकवानों, मिठाइयों और खीर व सेंवई इत्यादि में किया जाता है। चिरौंजी किसी औषधि से कम नहीं है जो सेहत व सौंदर्य के लिए भी लाभकारी होती है। छोटे चिरौंजी में प्रोटीन की मात्रा होती है इसके अलावा इसमें विटामिन सी और बी खूब मात्रा में होता है। चिरौंजी को चारोली के नाम से भी जाना जाता है। चिरौंजी सेहत व सौंदय दोनों के लिहाज से बहुत फायदेमंद है। कील-मुंहसों से राहत- चिरौंजी को दूध और संतरे के छिलको मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें और इस पेस्ट को चेहरे पर लेप लगाएं। जब लेप सूख जाए तब चेहरे को धो लें। कुछ ही दिनों में चेहरे पर फर्क पाएं। सर्दी-खांसी में चिरौंजी का काढा बनाकर सुबह-शाम पीने से काफी फायदा होता है। चिरौंजी दो प्रकार की वस्तुओं को कहते हैं एक तो जो मंदिर में प्रसाद के रूप में चढाई जाती है वह है चिरौंजी दाना और दूसरी है वह मिलती है। अगर आपको शारीरिक कमजोरी होतो उसके लिए चिरौंजी का सेवन करना चाहिए। यह शारीरिक वीकनेस को दूर करने के साथ ही क्षमता का विकास भी करता है। चिरौंजी को पीस कर पेस्ट बना लें। चेहरे पर लगा कर 10 मिनट बाद धो लें। इससे रंग निखरता है और स्किन की रौनक बढ जाती है।  साभार-khaskhabar.com  

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पपीता एक फल है। इसके कच्चे और पके फल दोनों ही उपयोग में आते है। कच्चे पपीता का सेवन रोज करने से पाचन शक्ति में वृद्धि होती है पका पपीता पाचन शक्ति को बढता है। भूख को बढाता है। मोटापे को कंट्रोल करता है। पपीते में एंटीऑक्सिडेंट्स न्सूट्रीएंट्स होते हैं, जैसेविटामिन सी, कैरोटीन्स और फ्लेवोनॉइड होता है। यह डायबिटीज की वजह से होने वाली हार्टकी बीमारियों से बचाता है। पपीता आंखों के लिए भी हितकारी होता है इसमें विटामिन ए प्रचुर मात्रा में होता है जिससे रातोंधी नमक रोग नहीं होता साथ ही साथ आंखों की रोशनी भी बढती है। पपीता पेट के लिए वरदान माना जाता है। इसमें पेप्सिन नामक तत्व पाया जाता है, जो भोजन को पचाने में मदद करता है। यह कई बीमारियों से दूर रखता है। गंभीर डायरिया, अपच, बुखार और खेल के दौरान होने वाली इंजरीज का भी इलाज करता है। साथ ही यह त्वचा के लिए भी काफी लाभकारी फल है। इसके खाने या चेहरे पर लगाने से चेहरे की रंगत निखरती है। पपीता दातों के लिए बहुत लाभकारी होता है। अगर दातों में से खून आता है ता पपीता उसमें भी फायदेमंद है।       साभार-khaskhabar.com  

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फलों में आम को राज कहा जाता है। लेकिन वहीं स्वाद में खट्टा-मीठा अंगूर से भी कई बीमारियों को दूर किया जा सकता है। अंगूर को न तो छिलका उतारने का झंझट और न ही बीज का निकालने का। अंगूर एक बलवर्धक एवं सौन्दर्यवर्धक फल है। अंगूर फलों में सर्वोत्तम माना जाता है। यह निर्बल-सबल, स्वस्थ-अस्वस्थ आदि सभी के लिए समान उपयोगी होता है। पका हुआ अंगूर तासरी में ठंडा, मीठा और दस्तावर होता है। आप अगर एनीमिया की शिकार है तो अंगूर से बढकर और कोई दवा नहीं है। इसलिए अंगूर खाना शुरू कर दें और एनीमिया से निजात पाएं। अंगूर की सीमित मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट, मैगनीशियम, सोडियम फाइबर विटामिन ए, सी, ई और के, कैल्शियम, कॉपर, जिंक और आयरन भी मिलता है। शरीर के किसी भी भाग से रक्तस्त्राव होने पर अंगूर के एक ग्लास जूस में दो चम्मच शहद घोलकर पिलाने पर रक्त की कमी पूरी हो जाती है। अंगूर में एंटी कैंसर की विशेषता पाई जाती है जिससे कैंसर को इीक रकने में मदद मिलती है। हार्ट-अटैक से बचने के लिए काले अंगूर का रस एस्प्रिन की गोली के समान है। पोटेशियम की कमी से दांत हिलने लगते हैं और बाल बहुत टूटते हैं, त्वचा ढीली व निस्तेज हो जाती है, जोडों में दर्द व शरीर में जगडन होने लगती है। इन सभी रोगों को अंगूर दूर रखता है।  साभार-khaskhabar.com  

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नारद संवाद

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