BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

नेरचौक। कुछ इस तरह का ही कहना है बीएमओ अविनाश का, जिन्होंने प्रधान हिमाचल लबाणा हितकारी सभा व अन्य पिछड़ा कल्याण बोर्ड सदस्य गोबिंद राम नायक को कहे हैं। वाक्या तब का है जब गोबिंद राम नायक ने बीएमओ को स्थानीय अस्पताल की हालत बताने और यहां डाॅक्टर न होने की शिकायत फोन पर की। उन्होंने अस्पताल के एम.ओ पर भी मनमानी के आरोप लगाए हैं। हुआ कुछ यूं कि बल्ह विधानसभा के एकमात्र नागरिक अस्पताल रत्ती में चिकित्सकों के उपलब्ध न होने से गरीब जनता को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। अस्पताल का दर्जा बढे करीब दो वर्ष हो गए हैं, मगर विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति होना तो दूर दिन के समय एक भी एमबीबीएस चिकित्सक उपलब्ध नहीें है।    अस्पताल की ओ.पी.डी आयुर्वेदिक स्टाफ के सहारे ही चलाने का प्रयत्न किया जा रहा है। बल्ह घाटी की दर्जनों पंचायतों के लोगों का स्वास्थ्य लाभ हेतू यहां आना जाना होता है। करीब 200 मरीजों की रोजाना ओपीडी होती है लेकिन चिकित्सक न होने की वजह से अब वो भी कम होती जा रही है। अस्पताल के इन्हीं हालातों के बारे में जब गोबिंद नायक ने बीएमओ अविनाश को फोन किया तो उन्होंने समस्या को सुनने की बजाए झुंझलाते हुए कहा कि कहां से लाऊ डाॅक्टर। एक काम करें, आप अस्पताल पर ताला लगा दें। इसपर गोबिंद नायक ने स्वास्थ्य मंत्री से गुहार लगाई है कि जो आदेश स्वास्थ्य मंत्री ने 17 जून को जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक में विशेषज्ञ चिकित्सकों के सप्ताह में 6 दिन रत्ती अस्पताल बैठने के जो निर्देश दिए थे, उनकी सरेआम अवहेलना की जा रही है। गैर-जिम्मेदाराना रवैये अपनाए चिकित्सकों पर उचित कार्रवाई की जाए तथा रत्ती अस्पताल में स्थाई बीएमओ सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जाए।   कितना झूट कितना सच, जानिए ....  नागरिक अस्पताल रत्ती में चिकित्सकों के 6 पद स्वीकृत हैं लेकिन अस्पताल में 3 ही चिकित्सक तैनात हैं। जिनमें से 2 रात्री सेवाए व कोर्ट ऐवीडेंस होने के चलते दिन में मरीज नहीं देख पाते। अस्पताल को कार्यकारी खंड चिकित्साधिकरी के माध्यम से ही चलाया जा रही है। 2 वर्ष बीत जाने के उपरांत भी स्थायी खंड चिकित्साधीकारी की तैनाती नहीं हो पाई है जबकि रत्ती स्वास्थ खंड जिला का सबसे बड़ा चिकित्सा खंड है। इनका कहना है कि ...   1. मैं स्वास्थ्यमंत्री के कार्यक्रम में हूं। अभी किसी प्रकार की कोई बात नहीं कर सकता। - डाॅ. अविनाश, कार्यकारी खंड चिकित्साधिकारी, रत्ती   2. कल सूचना मिलते ही चिकित्सकों को भेजा गया था। आज अस्पताल में चिकित्सक न होने की सूचना नहीं मिली है। - डाॅ. डी. एस धीमान, प्रधानाचार्य एवं डीन एलबीएस मैडिकल कॉलेज, नेरचौक   3. मामले के संबंध में सीएमओ मंडी से बात करके उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - प्रबोध सक्सेना, प्रिंसीपल सैकेटरी हैल्थ, प्रदेश सरकार   साभार-khaskhabar.com    

Read More

नई दिल्ली । आतंकी हमले की आशंका के चलते कड़ी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा शुरू हो गई। अमरनाथ पहुंचा भक्तों का पहला जत्था आज बाबा बर्फानी के दर्शन करेगा। बाबा के पट खुलते ही जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एन एन बोहरा पहले पूजा अर्चना करेंगे, उसके बाद बाकी भक्त दर्शन के लिए आगे आएंगे। यात्रा पर छाए आतंकी हमले के खतरे के बीच भक्तों का जत्था हाथों में तिरंगा लेकर बम-बम भोले के नारे लगाते हुए रवाना हो गए है। आपको बता दें कि अमरनाथ यात्रा के दौरान आतंकवादी हमला कर सकते है।  आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन पहले ही अमरनाथ यात्रियों पर हमले की धमकी दे चुका है। आतंकी हमले की आशंका के चलते यात्रियों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। जम्मू से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए 2280 अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था बुधवार को रवाना हुआ। जबकि पिछले साल पहले जत्थे में इनकी तादाद 1282 और 2015 में 1280 थी। पर्यटन राज्यमंत्री प्रिया सेठी और जम्मू-कश्मीर के उप मुख्यमंत्री डॉ निर्मल सिंह ने पहले काफिले को दक्षिण कश्मीर के हिमालय में स्थित भगवान शिव को समपर्ति गुफा की ओर सुबह लगभग साढ़े पांच बजे रवाना किया।  यहां भगवती नगर यात्री निवास से 72 वाहनों का काफिला जय भोलेनाथ और बम बम भोले के जयकारे के बीच रवाना हुआ। अधिकारियों ने बताया कि खुफिया चेतावनी मिलने के चलते सर्वोच्च स्तर के सुरक्षा बंदोबस्त किए गए। इनमें सैटेलाइट ट्रेकिंग प्रणाली, जैमर, बुलेटप्रूफ बंकर, श्वान दस्ते, सीसीटीवी कैमरे और त्वरित प्रतिक्रिया बलों के अतिरिक्त हजारों सुरक्षा कर्मी शामिल हैं जो घाटी में बढ़ी हिंसा और खतरे के मद्देनजर मार्ग में तैनात हैं। एक अधिकारी ने बताया कि पहले जत्थे के श्रद्धालुओं में 1811 पुरुष, 422 महिलाएं, 47 साधु हैं जिनकी सुरक्षा में केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल (सीआरपीएफ) के वाहन साथ चल रहे हैं। इनमें से 698 श्रद्धालु 25 वाहनों में सवार होकर बालटाल आधार शिविर की ओर रवाना हो गए जबकि जम्मू बेस कैंप से 1535 श्रद्धालु और 47 साधु 47 वाहनों में सवार होकर पहलगाम आधार शिविर की ओर रवाना हो गए। सिंह ने कहा कि यात्रा में कोई व्यवधान ना आए इसलिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वोच्च स्तर के सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सीआरपीएफ के विशेष महानिदेशक एसएन श्रीवास्तव ने कल कहा था कि वार्षिक यात्रा एक बड़ी चुनौती है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सरकार ने पुलिस, सेना, बीएसएफ और सीआरपीएफ के 35000 से 40000 जवानों को तैनात किया है। राज्य में सीआरपीएफ के वर्तमान बल के अतिरिक्त केंद्र ने राज्य सरकार को अर्द्धसैनिक बलों की लगभग 250 कंपनियां मुहैया करवाई हैं जिनमें 25,000 जवान हैं।  बीएसएफ ने यात्रा के मार्ग में करीब 2000 जवानों को तैनात किया है। सेना ने पांच बटालियन मुहैया करवाई हैं, इनके अलावा पुलिस की अतिरिक्त 54 कंपनियों को भी यहां लाया गया है। श्रीवास्तव ने कहा कि यात्रा को व्यवधान रहित रखने के लिए इस बार सर्वोच्च सुरक्षा इंतजाम किे कश्मीर क्षेत्र के पुलिस महानिदेशक मुनीर खान की ओर से सेना, सीआरपीएफ और राज्य के रेंज डीआईजी को भेजे गए पत्र में एसएसपी अनंतनाग को प्राप्त खुफिया जानकारी के बारे में बताया गया है जिसके मुताबिक आतंकियों को 100 से 150 श्रद्धालुओं तथा करीब 100 पुलिस अफसरों तथा अधिकारियों को खत्म करने का निर्देश दिया गया है। साभार-khaskhabar.com  

Read More

रुपनगर । भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों और किसानों के लिए वीरवार का दिन खुशी लेकर आया। पिछले कई दिनों से मानसून के इंतजार में किसान आसमान की ओर टकटकी लगाकर देख रहे थे, लेकिन आज सुबह हुई मानसून की पहली बरसात ने उनका इंतजार खत्म कर दिया है। सुबह से काले घने बादलों के साथ हुई तेज बारिश के बाद जहां मौसम सुहावना बन गया, वहीं दूसरी ओर किसानों के चेहरे भी खिल उठे। किसानों की माने तो वह मक्की की फसल की बिजाई कर चुके थे और जिसके लिए बारिश का पानी बहुत जरुरी था। अगर दो चार दिन तक और बारिश ना पड़ती तो उनको मक्की की वजह फिर से करनी पड़ सकती थी। वहीं दूसरी ओर धान लगाने वाले किसान भी काफी खुश दिखाई दे रहे थे, क्योंकि ट्यूबवैल से दान के लिए प्राप्त पानी पूरा नहीं हो पा रहा था और डीजल और बिजली के खर्चे ज्यादा होने से उनकी आय पर भी फर्क पड़ रहा था, लेकिन अब बारिश होने से उनको पर्याप्त पानी मिल गया है और धान की बिजाई भी किसानों ने पूर्ण रुप से शुरू कर दी है। साभार-khaskhabar.com  

Read More

मुंबई । एक तरफ जहां भारतीय रेलवे अपनी शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेन को प्रीमियम कैटिगरी में रखता है। वहीं, शहर के बिजनसमैन को इसने तगड़ा झटका दिया है। अहमदाबाद से मुंबई सेंट्रल के लिए चली ट्रेन में बुधवार को चूहे का खाया खाना परोसा गया। यात्रा कर रहे एबी मेहता (परिवर्तित नाम) ने बताया, यह बेहद चौंकाने वाला अनुभव था, वह भी ऐसी ट्रेन में जिसे भारतीय रेलवे की प्रतिष्ठित ट्रेनों में गिना जाता हो। पहले यात्री को सूप और ब्रेड स्टिक दी गई, जिसे चूहों ने कुतर रखा था।  बाद में जब डिनर का नंबर आया, तब भी चूहे का खाया खाना नसीब हुआ। मेहता ने ट्रेन में शिकायत भी की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। वेस्टर्न रेलवेज के पीआरओ ने बताया, हम पहले पैंट्री कार को शो कॉज नोटिस जारी करेंगे, अगर कॉन्ट्रैक्टर दोषी पाया गया तो भारी जुर्माना लगाया जाएगा। एक अधिकारी ने बताया, हम उसे अचानक नहीं निकाल सकते, क्योंकि हमें डेली सर्विस के बारे में भी सोचना होगा। तुरंत किसी कॉन्ट्रैक्टर को अपॉइंट करना भी एक बड़ी चुनौती है, जिसमें महीनों तक लग सकते हैं।  वह बताते हैं, अभी तो यह काम जोनल रेलवेज के जिम्मे है, कुछ वक्त के बाद यह आईआरसीटीसी के हिस्से में चला जाएगा। हालांकि, यह कोई नया नहीं है। पहले भी इस तरह के चौंकाने वाले मामले सामने आते रहे है। रेलव के मुताबिक सालभर में करीब 2000 अलग-अलग तरह के केस सामने आए है। इन केसों के चलते ठेकेदारों से 1.8 करोड़ का जुर्माना वसूला जा चुका है।  ठेकेदार का ट्रैक रिकॉर्ड पहले से खराब डीआरयूसीसी मेंबर मयूर ने बताया, रेलवे को ऐसे ठेकेदार पर भारी जुर्माना लगाकर उसे ब्लैकलिस्ट करना चाहिए। सूत्रों ने बताया कि संबंधित ठेकेदार का ट्रैक रिकॉर्ड पहले से खराब है व उस पर पहले भी इस तरह के केसों के चलते जुर्माना वसूला जा चुका है। कैटरिंग के जिम्मेदार लोगों तक पहुंचाई जाती है शिकायतें सेंट्रलाइज्ड कैटरिंग सर्विस मॉनिटरिंग सेल पैसेंजर्स/ग्राहकों से मिली शिकायतों पर टोल फ्री नंबर 1800-111- 321 से संज्ञान लेती है। बाद में ये शिकायतें कैटरिंग के जिम्मेदार लोगों तक पहुंचती हैं।   साभार-khaskhabar.com  

Read More

मुंबई । सीबीआई की विशेष अदालत ने मंगलवार को बाइकुला जेल अधिकारियों को बंदी इंद्राणी मुखर्जी को बुधवार को अदालत के सामने पेश करने का आदेश दिया। अदालत ने यह आदेश इंद्राणी के वकील के जेल में हमले की शिकायत पर दिया है। वकील गुंजन मंगला ने कहा, हमने विशेष न्यायाधीश जे.सी. जगदाले के समक्ष 24 जून को जेल में हुए दंगे में इंद्राणी के शरीर व सिर पर चोटों का हवाला देते हुए एक आवेदन किया है। इसी घटना से जुड़े क्रम में, मुंबई के एनजीओ जय हो फाउंडेशन ने मंगलवार को बांबे उच्च न्यायालय में एक विशेष एजेंसी या केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जेल में हुई हिंसा के जांच का आदेश देने की अपील की। अपने आवेदन में इंद्राणी ने यह भी दावा किया है कि उन्हें जेल में यौन उत्पीडऩ की धमकी दी गई और यह बताया है कि शनिवार को जेल में हुई हिंसा के दौरान उन्हें कैसे चोटें आईं। हिंसा में एक महिला कैदी की मौत हो गई। मंगला ने अपने आवेदन में कहा है कि इंद्राणी का कुछ दिमाग संबंधी बीमारियों का इलाज चल रहा था। साथ ही वह जानना चाहती हैं कि यदि इंद्राणी को जेल में कुछ होता है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। जेल हिंसा में जेल की वार्डन मंजुला शेट्टी (40) शिकार हुई हैं। मंजुला को अपने संबंधी की 1996 में हत्या के मामले में 14 साल की सजा दी गई थी, जिसकी सजा के कुछ महीने बाकी थे।  उसने जेल के भंडार से शुक्रवार को कुछ राशन गायब होने की शिकायत की थी। पुलिस द्वारा रिकार्ड किए गए गवाहों के बयान के मुताबिक, उसे कथित तौर पर महिला जेलर द्वारा बुलाया गया था और निर्दयता से पीटा गया। शेट्टी को पास के सर जे.जे. अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। साभार-khaskhabar.com  

Read More

कोटा । लगातार हो रही गर्मी और उमस से लोगों के हो रहे बुरे हाल से अब कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। ऐसे में इन्द्र देव ने कुछ हद तक शहरवासियों की पुकार सुन भी ली है। आज शहर के कई इलाकों में तेज हवा के साथ जोरदार बारिश हुई। बारिश के गिरने के बाद कई जगहों पर पानी भर गया जिससे लोगो को निकलने में काफी परेशानी हुई। शहर में करीब 30 मिनट तक इन्द्र देव मेहरबान रहे। संभावना ये जताई जा रही है की आज की बारिश कहीं न कहीं हाडौती में मानसून आने की आहट है। वहीं आज ही इस बारिश से किसानों के चेहरे की उम्मीद जागी है।  साभार-khaskhabar.com  

Read More

नई दिल्ली । इंटरनेट की दुनिया में तबाही मचाने वाले कंप्यूटर वायरस ‘पीटरैप’ रैनसमवेयर एक बार फिर लौट आया है। इस वायरस ने दुनियाभर के कई देशों को निशाना बनाया है। इसमें भारत भी शामिल है। आपको बता दें कि मंगलवार को यूके, रूस, फ्रांन, स्पेन में इसने कंज्यूमर, शिपिंग, एविएशन, ऑइल ऐंड गैस कंपनियों को अपनी चपेट में ले लिया है। खबरों के अनुसार यूक्रेन की सहायक भारतीय कंपनियों पर असर पडा है। पीटरैप को पीटा नाम के पुराने रैनसमवेयर का एडवांस वर्जन माना जा रहा है। करीब एक महीने पहले इसने 20 शीर्ष कंपनियों की कम्प्यूटर स्क्रीन्स लॉक कर दी थीं, जिन्हें अनलॉक करने के एवज में 300 डॉलर की मांग रखी थी। बीते दिन मंगलवार को रैनसमवेयर ने मॉन्डेल्ज, मर्क और मेर्स जैसों को खास तौर पर निशाना बनाया था। ऐंटीवायरस सॉफ्टवेयर्स सप्लाई करने वाली कंपनी ऐवीरा ने भी इसकी पुष्टि की है। यूक्रेन पर रैनसमवेयर का काफी असर पडा है। खबरों के अनुसार यहां बड़े पैमाने पर सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों के कम्प्यूटरों में खराबी का मामला सामने आ रहा है। यह भी पता चला है कि कई पेट्रोल स्टेशनों को अपना काम रोकना पड़ा है। यूक्रेन के अधिकारियों ने देश के पॉवर ग्रिड और साथ ही बैंकों एवं सरकारी दफ्तरों के कंप्यूटरों में गंभीर घुसपैठ की पुष्टि की है।  साभार-khaskhabar.com  

Read More

लखनऊ। यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार के कार्यकाल के 100 दिन पूरे हो गए। कल योगी आदित्नाथ ने अपनी सरकार के 100 दिन का रिपोर्ट कार्ड पेश किया था। इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धिया भी गिनाई। वहीं आज बुधवार को योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में उनकी सरकार के 100 दिनों के कार्यकाल में एक भी दंगा नहीं हुआ। उन्होंने पिछले दिनों हुई सहारनपुर हिंसा के लिए राजनीतिक साजिश को जिम्मेदार ठहराया। मुख्यमंत्री ने बुधवार को एक न्यूज चैनल को दिए साक्षात्कार में सहारनपुर में प्रशासनिक स्तर पर चूक की बात भी कही और इसके लिए जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को जिम्मेदार ठहराया।   जेवर की घटना पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों पर नजर है। दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा। योगी आदित्यनाथ ने कहा, अपराध की घटनाओं पर हमारी सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है। हमारी सरकार निर्दोष लोगों को छेड़ेगी नहीं और जो दोषियों को छोड़ेगी नहीं। प्रदेश में अवैध बूचडख़ाने पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं। टीम भावना के तहत पूरे प्रदेश में काम शुरू हुआ है और जनता सरकार के कार्यक्रमों का समर्थन भी कर रही है। योगी आदित्यनाथ ने कहा, प्रदेश में हमारी सरकार बनने के बाद 24 घंटे के भीतर अवैध बूचडख़ानों और एंटी रोमियो स्कवायड पर काम शुरू हो गया था। अवैध बूचडख़ानों पर जो हाईकोर्ट का फैसला आएगा, उसके अनुसार ही आगे की कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने कहा, जब हमने प्रदेश की सत्ता संभाली, यहां कानून का राज नहीं था। हमारे सत्ता में आने के बाद अवैध खनन और वन कटाई पर रोक लगी। साभार-khaskhabar.com    

Read More

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान अपने विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं। आजम खान एक बार फिर से अपने विवादित बयान के कारण सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार आजम खान ने भारतीय सेना पर विवादित बयान दिया है। आजम खान ने भारतीय सेना पर रेप के आरोप लगाए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आजम खान का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में आजम खान यह कहते हुए नजर आ रहे कि दहशतगर्द फौज के प्राइवेट पार्ट्स काटकर साथ ले गए। उन्हें हाथ से शिकायत नहीं थी। सिर से नहीं थी। पैर से नहीं थी। जिस्म के जिस हिस्से से उन्हें शिकायत थी, वे उसे काटकर ले गए। इतना बडा संदेश है। साथ ही उन्होनें कहा कि इस पर पूरे भारत को शर्मिंदा होना चाहिए और सोचना चाहिए कि हम दुनिया को क्या मुंह दिखाएंगे।  पार्टी ने झाडा आजम खान के बयान से पल्ला: समाजवादी पार्टी ने अपने नेता के बयान से पल्ला झाड लिया है। सपा के दीपक मिश्रा ने कहा कि ऐसे नाजुक मौके पर यह बयान सही नहीं है, इसलिए वह इस बयान की निंदा करते हैं। जीवीएल नरसिम्हा ने कहा कि आजम अलगावादियों और आतंकवादियों के लिए बोल रहे हैं। नरसिम्हा के मुताबिक, समाजवादी पार्टी खुद अपने नेताओं को इस तरह के बयान देने के लिए उकसा रही है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा का कहना है कि ऐसा बयान देने वाले राजनेताओं का बहिष्कार करने की बात कही है। विवादित बयानों से पहले भी रहे विवादों में: यह पहला मौका नहीं है जब सपा नेता आजम खान ने इस तरह का कोई विवादित बयान दिया हो। इससे पहले भी आजम खान विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में रह चुके हैं। ज्ञातव्य है कि बुलंदशहर गैंगरेप पर की आजम खान ने टिप्पणी की थी। आजम खान ने घटना पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया था। हांलांकि आजम ने बाद में बिना शर्त माफी मांग ली थी। साभार-khaskhabar.com    

Read More

श्रीनगर। आतंकी खतरे के बीच जम्मू बेसकैंप से अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था रवाना हो चुका है। ज्ञातव्य है कि कश्मीर में सालाना होने वाली अमरनाथ यात्रा कल गुरुवार से शुरू हो रही है। वहीं अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था जम्मू कश्मीर के उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह के नेतृत्व में कडी सुरक्षा के बीच रवाना हुआ। ज्ञातव्य है कि 40 दिन लंबी अमरनाथ तीर्थयात्रा जम्मू से होगी शुरू होगी। जम्मू से गुफा तक का रास्ता 200 किलोमीटर की दूरी पर है। इस यात्रा के लिए 2.30 लाख यात्रियों ने पंजीकरण कराया है। रिपोर्ट के अनुसार इस बार अमरनाथ यात्रा आतंकियों के निशाने पर है। पहलगाम और बालटाल के मार्ग में आंतकी हमले की संभावना है। वहीं प्रशासन अमरनाथ यात्रियों के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर रही है। प्रशासन ने सैटेलाइट ट्रैकिंग सिस्टम शामिल करने के साथ ही सुरक्षा पैमाने को उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है।    आतंकी हमले का खतरा: खुफिया इनपुट के अनुसार अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले की आशंका है। आतंकी हमले की आशंका को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक मुनीर खान ने सेना, सीआरपीएफ और राज्य के कई डीआईजी को पत्र लिखा है। पत्र में पुलिस महानिरीक्षक ने लिखा है कि एसएसपी अनंतनाग से मिले खुफिया इनपुट के मुताबिक आतंकवादियों को 100 से 150 श्रद्धालुओं और करीब 100 पुलिस अधिकारियों की हत्या करने को कहा गया है। साथ ही उनका कहना है कि इस स्तर पर किसी आतंकवादी संगठन द्वारा हमले की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता है। हांलांकि इस खुफिया इनपुट को ह्यूमन इंटेलिजेंस के तौर पर देखा गया है और इसकी पुष्टि की जरूरत बताई है। लेकिन उन्होनें आतंकी हमले की आशंका से इंकार नहीं किया है। उन्होंने कहा है कि यात्रा दस्ते पर हमला गोलीबारी के रूप में हो सकता है, जिससे देश में सांप्रदायिक तनाव फैल सकता है। पुलिस महानिरीक्षक के खत की कॉपी सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस, सेना, बीएसएफ और सीआरपीएफ को मिलाकर यहां 35,000 से 40,000 सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।  साभार-khaskhabar.com  

Read More

नई दिल्ली । राष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्ष ने भी कमर कस ली है। राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार अपना पर्चा दाखिल करने से पहले एक प्रेस कांफ्रेस को संबोधित करने वाली हैं। गौरतलब है कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए मीरा कुमार कल बुधवार को अपना पर्चा दाखिल करेंगी। इससे पहले मीरा कुमार आज एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करेंगी। यह प्रेस कांफ्रेंस आज दोपहर कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में होगी। ज्ञातव्य है कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 28 जून है। मीरा कुमार की सांसदों और विधायकों से अपील : इससे पहले मीरा कुमार ने रविवार को सांसदों और विधायकों से भावुक अपील की। मीरा कुमार ने सांसदों और विधायकों से अपील करते हुए कहा कि वे राष्ट्रपति चुनाव में अपनी अंतरात्मा की आवाज सुन कर वोट डालें। साथ ही, उन्होंने कहा कि संकीर्ण राजनीतिक हितों के लिए राष्ट्रपति के पद का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। सोशल नेटवर्किंग साइट पर एक्टिव हुईं मीरा कुमार : विपक्ष की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मीरा कुमार सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर आ गईं। मीरा कुमार ने ट्विटर पर दो ट्वीट किए और शाम तक उनके फालोवर की संख्या करीब एक हजार हो गई। मीरा कुमार ने ट्वीट किया कि ईद मुबारक, सभी की खुशी, शांति और समृद्धि की कामना। मीरा ने दूसरे ट्वीट में लोगों से अपील की है कि वे राष्ट्रपति चुनाव पर जानकारी के लिए उनके फेसबुक अकाउंट को फॉलो करें। साभार-khaskhabar.com

Read More

झांसी । ईद -उल -फितर पर्व के मौके पर सोमवार की सुबह महानगर में विभिन्न मस्जिदों में अलग-अलग समय पर नमाज अता की गई। सबसे पहले पुरानी मस्जिद पर सुबह आठ बजे नमाज अता कराई गई। इसी प्रकार नौ बजे तक सभी जगह ईद की नमाज सम्पन्न हुई। ईदगाह पर हजारों लोगों ने विश्व में अमन और शांति के लिए सजदा किया। यहां पर विश्व में खुशहाली के लिए हजारों हाथ एक साथ ईबादत को उठे।  शहर स्थिति ईदगाह पर सुबह ईद की नमाज प्रारंभ हुई। यहां, शहर इमाम ने लोगों नमाज अदा कराई। उन्होंने इस मौके पर कहा कि ईद अल्ला की फजल है। बंदे अल्ला से दुआ करते हैं कि हम धरती पर जितना अधिक से अधिक हो सके नेक काम करें। इस नेक कार्य को दुआ में अल्ला कबूल करें। इसके बाद सभी ने देश और दुनिया में खुशहाली और अमन के लिए खुदा से मिन्नत की। जिससे यह मुल्क प्रेम भाई चारा और सद्भाव के साथ प्रगति के मार्ग पर अग्रसर हो। शहर काजी ने इस मौके पर कहा कि हमारे लिए आज खुशी का दिन है खुदा की तरफ से इनाम का दिन है। अल्ला हमे मखबुरियत फरमाये। उन्होंने कहा कि हमारा मुल्क एक नियामत है यहां की शांति प्रेम और भाईचारे को अल्ला ताला पूरी दुनिया में फैलाये यही हम दुआ करते हैं। ईद की दी गई मुबारकबाद ईदगाह पर नमाज के उपरांत एक दूसरे से गले मिल कर ईद की मुबारकबाद दी गई। नमाज जैसे ही समाप्त हुई हजारों की तादात में मौजूद मुस्लिम भाई एक दूसरे से गले मिलते मुबारकबाद देते दिखाई दिये। उनके चेहरे पर खुशी और उल्लास दिखाई पड़ रहा था। इस उमस भरी गर्मी में भी पर्व की उमंग उन्हें तरोताजा किये हुए थी। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मुस्लिम समाज के वरिष्ठ लोगों से गले मिलते हुए मुबरकबाद दी। नमाज के बाद शहर इमाम, शहर काजी व मानिंद लोगों ने डीएम खर्ण सिंह चौहान, एसएसपी जेके शुक्ला, नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया, एसडीएम आदि को भी मुबारकबाद दिया।  राजनैतिक दलों के राजनेताओं ने दी ईद बधाई ईद की नमाज के वक्त समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी व कांग्रेस के नेताओं ने मुस्लिम भाइयों को ईद की मुबारकबाद दी। इस मौके पर समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सांसद डा. चंद्रपाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष छत्रपाल सिंह यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष सुदेश पटेल, विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन के पति आरपी निरंजन, पूर्व एमएलसी श्यमसुंदर सिंह यादव आदि मौजूद रहे। बसपा की तरफ से बुंदेलखंड प्रभारी लालाराम अहिरवार, सीताराम कुशवाहा, जिलाध्यक्ष जयपाल, पूर्व विधायक कैलाश साहू, व्रिजेंद्र कुशवाहा, बृजेंद्र व्यास (डमडम महाराज), संजय बाजपेई, कय्यूब अंसारी, उपाध्यक्ष शमीम खान आदि उपस्थित रहे। कांग्रेस से नाबेद खान दिखाई दिये।  दिल खोल कर मजलूमों को बांटी ईदी ईदगाह पर नमाज के वक्त मुस्लिम भाइयों ने मजलूमों को दिल खोलकर ईदी बांटी। सडक़ किनारे बैठे सैकड़ों गरीबों जिसकी जो हैसियत रही सभी दान किया। किया। कोई अनाज तो कोई रूपये देता गया। बहुत से लोगों ने गरीबों को अपने बच्चों के हाथों ईदी दिलवाई है। ईदी भाटने के संबंध में उनका कहना है कि अल्ला का फरमान है कि मुसलमा को चाहिये कि अपने हिस्से में से एक हिस्सा उन लोगों को दे जो गरीब हैं। जिससे उनकी भी ईद खुशियों से भर जाए। भाई चारा और प्रेम ही ईद का सबसे बड़ा संदेश है।  बच्चों में रहा उत्साह मेले में की खरीददारी ईद के इस पावन पर्व की प्रात: बेला में ईदगाह पर बालक बलिकाओं का भी उत्साह देखते बन रहा था। वह अपने अब्बू जान के साथ अंगुली पकड़े जहां मिठाई, खिलौने, गुब्बारे आदि की सजी दुकान देखते बाल हठ कर बैठते कि हमे सामान चाहिये। उनके पिता बाल हठ के आगे झुक जाते और उनकी बात माननी पड़ती। वहीं, बच्चों ने भी मेले का जमकर लुफ्त उठाया।  साभार-khaskhabar.com

Read More

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More