देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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नई दिल्ली । आतंकी हमले की आशंका के चलते कड़ी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा शुरू हो गई। अमरनाथ पहुंचा भक्तों का पहला जत्था आज बाबा बर्फानी के दर्शन करेगा। बाबा के पट खुलते ही जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एन एन बोहरा पहले पूजा अर्चना करेंगे, उसके बाद बाकी भक्त दर्शन के लिए आगे आएंगे। यात्रा पर छाए आतंकी हमले के खतरे के बीच भक्तों का जत्था हाथों में तिरंगा लेकर बम-बम भोले के नारे लगाते हुए रवाना हो गए है। आपको बता दें कि अमरनाथ यात्रा के दौरान आतंकवादी हमला कर सकते है।
आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन पहले ही अमरनाथ यात्रियों पर हमले की धमकी दे चुका है। आतंकी हमले की आशंका के चलते यात्रियों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। जम्मू से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए 2280 अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था बुधवार को रवाना हुआ। जबकि पिछले साल पहले जत्थे में इनकी तादाद 1282 और 2015 में 1280 थी। पर्यटन राज्यमंत्री प्रिया सेठी और जम्मू-कश्मीर के उप मुख्यमंत्री डॉ निर्मल सिंह ने पहले काफिले को दक्षिण कश्मीर के हिमालय में स्थित भगवान शिव को समपर्ति गुफा की ओर सुबह लगभग साढ़े पांच बजे रवाना किया।
यहां भगवती नगर यात्री निवास से 72 वाहनों का काफिला जय भोलेनाथ और बम बम भोले के जयकारे के बीच रवाना हुआ। अधिकारियों ने बताया कि खुफिया चेतावनी मिलने के चलते सर्वोच्च स्तर के सुरक्षा बंदोबस्त किए गए। इनमें सैटेलाइट ट्रेकिंग प्रणाली, जैमर, बुलेटप्रूफ बंकर, श्वान दस्ते, सीसीटीवी कैमरे और त्वरित प्रतिक्रिया बलों के अतिरिक्त हजारों सुरक्षा कर्मी शामिल हैं जो घाटी में बढ़ी हिंसा और खतरे के मद्देनजर मार्ग में तैनात हैं। एक अधिकारी ने बताया कि पहले जत्थे के श्रद्धालुओं में 1811 पुरुष, 422 महिलाएं, 47 साधु हैं जिनकी सुरक्षा में केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल (सीआरपीएफ) के वाहन साथ चल रहे हैं। इनमें से 698 श्रद्धालु 25 वाहनों में सवार होकर बालटाल आधार शिविर की ओर रवाना हो गए जबकि जम्मू बेस कैंप से 1535 श्रद्धालु और 47 साधु 47 वाहनों में सवार होकर पहलगाम आधार शिविर की ओर रवाना हो गए। सिंह ने कहा कि यात्रा में कोई व्यवधान ना आए इसलिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वोच्च स्तर के सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सीआरपीएफ के विशेष महानिदेशक एसएन श्रीवास्तव ने कल कहा था कि वार्षिक यात्रा एक बड़ी चुनौती है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सरकार ने पुलिस, सेना, बीएसएफ और सीआरपीएफ के 35000 से 40000 जवानों को तैनात किया है। राज्य में सीआरपीएफ के वर्तमान बल के अतिरिक्त केंद्र ने राज्य सरकार को अर्द्धसैनिक बलों की लगभग 250 कंपनियां मुहैया करवाई हैं जिनमें 25,000 जवान हैं।
बीएसएफ ने यात्रा के मार्ग में करीब 2000 जवानों को तैनात किया है। सेना ने पांच बटालियन मुहैया करवाई हैं, इनके अलावा पुलिस की अतिरिक्त 54 कंपनियों को भी यहां लाया गया है। श्रीवास्तव ने कहा कि यात्रा को व्यवधान रहित रखने के लिए इस बार सर्वोच्च सुरक्षा इंतजाम किे कश्मीर क्षेत्र के पुलिस महानिदेशक मुनीर खान की ओर से सेना, सीआरपीएफ और राज्य के रेंज डीआईजी को भेजे गए पत्र में एसएसपी अनंतनाग को प्राप्त खुफिया जानकारी के बारे में बताया गया है जिसके मुताबिक आतंकियों को 100 से 150 श्रद्धालुओं तथा करीब 100 पुलिस अफसरों तथा अधिकारियों को खत्म करने का निर्देश दिया गया है।
साभार-khaskhabar.com













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