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कहां से लाऊ डाॅक्टर, आप अस्पताल में ताला ही लगा दो ...

कहां से लाऊ डाॅक्टर, आप अस्पताल में ताला ही लगा दो ...नेरचौक। कुछ इस तरह का ही कहना है बीएमओ अविनाश का, जिन्होंने प्रधान हिमाचल लबाणा हितकारी सभा व अन्य पिछड़ा कल्याण बोर्ड सदस्य गोबिंद राम नायक को कहे हैं। वाक्या तब का है जब गोबिंद राम नायक ने बीएमओ को स्थानीय अस्पताल की हालत बताने और यहां डाॅक्टर न होने की शिकायत फोन पर की। उन्होंने अस्पताल के एम.ओ पर भी मनमानी के आरोप लगाए हैं। हुआ कुछ यूं कि बल्ह विधानसभा के एकमात्र नागरिक अस्पताल रत्ती में चिकित्सकों के उपलब्ध न होने से गरीब जनता को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। अस्पताल का दर्जा बढे करीब दो वर्ष हो गए हैं, मगर विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति होना तो दूर दिन के समय एक भी एमबीबीएस चिकित्सक उपलब्ध नहीें है। 

 

अस्पताल की ओ.पी.डी आयुर्वेदिक स्टाफ के सहारे ही चलाने का प्रयत्न किया जा रहा है। बल्ह घाटी की दर्जनों पंचायतों के लोगों का स्वास्थ्य लाभ हेतू यहां आना जाना होता है। करीब 200 मरीजों की रोजाना ओपीडी होती है लेकिन चिकित्सक न होने की वजह से अब वो भी कम होती जा रही है। अस्पताल के इन्हीं हालातों के बारे में जब गोबिंद नायक ने बीएमओ अविनाश को फोन किया तो उन्होंने समस्या को सुनने की बजाए झुंझलाते हुए कहा कि कहां से लाऊ डाॅक्टर। एक काम करें, आप अस्पताल पर ताला लगा दें। इसपर गोबिंद नायक ने स्वास्थ्य मंत्री से गुहार लगाई है कि जो आदेश स्वास्थ्य मंत्री ने 17 जून को जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक में विशेषज्ञ चिकित्सकों के सप्ताह में 6 दिन रत्ती अस्पताल बैठने के जो निर्देश दिए थे, उनकी सरेआम अवहेलना की जा रही है। गैर-जिम्मेदाराना रवैये अपनाए चिकित्सकों पर उचित कार्रवाई की जाए तथा रत्ती अस्पताल में स्थाई बीएमओ सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जाए।

 

कितना झूट कितना सच, जानिए .... 

नागरिक अस्पताल रत्ती में चिकित्सकों के 6 पद स्वीकृत हैं लेकिन अस्पताल में 3 ही चिकित्सक तैनात हैं। जिनमें से 2 रात्री सेवाए व कोर्ट ऐवीडेंस होने के चलते दिन में मरीज नहीं देख पाते। अस्पताल को कार्यकारी खंड चिकित्साधिकरी के माध्यम से ही चलाया जा रही है। 2 वर्ष बीत जाने के उपरांत भी स्थायी खंड चिकित्साधीकारी की तैनाती नहीं हो पाई है जबकि रत्ती स्वास्थ खंड जिला का सबसे बड़ा चिकित्सा खंड है। इनका कहना है कि ...

 

1. मैं स्वास्थ्यमंत्री के कार्यक्रम में हूं। अभी किसी प्रकार की कोई बात नहीं कर सकता।

- डाॅ. अविनाश, कार्यकारी खंड चिकित्साधिकारी, रत्ती

 

2. कल सूचना मिलते ही चिकित्सकों को भेजा गया था। आज अस्पताल में चिकित्सक न होने की सूचना नहीं मिली है।

- डाॅ. डी. एस धीमान, प्रधानाचार्य एवं डीन एलबीएस मैडिकल कॉलेज, नेरचौक

 

3. मामले के संबंध में सीएमओ मंडी से बात करके उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

- प्रबोध सक्सेना, प्रिंसीपल सैकेटरी हैल्थ, प्रदेश सरकार

 

साभार-khaskhabar.com

 

 

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