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राधाकुंड में पूजे गये संत-महंत और गुरूजन  गोवर्धन- कस्बा राधाकुंड में गुरू पूर्णिमा महोत्सव विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के बीच मनाया गया। इस अवसर पर जगह-जगह आश्रमों में संत-महंतों व गुरूजनों की पूजा की गई। गुरूजन के न होने पर उनकी तस्वीर को माल्यार्पण कर शिष्यों ने पूजा की। राधाकुंड की करीब पांच सौ साल पुरानी रघुनाथ दास गद्दी पर पंरपरानुसार महंत अनंत दास महाराज के चित्रपट की पूजा की गई। इसी गद्दी के महंत प्रतिनिधि बाबा केशव दास की चरण वंदना कर पूजा की गई। दूसरी ओर राधाकुंड बराकुली राधारमण मंदिर में प्रेमानंद जी महाराज का दूर दूर से आये शिष्यों ने व्यास रामदास के निर्देशन में पूजन किया। राधा विनोद मंदिर में प्राण कृष्ण दास महाराज का पूजन किया। राधाश्याम सुंदर मंदिर के बाबा सनातन दास का पूजन किया। इसके अलावा राधा गोविंद देव मंदिर, बांकेबिहारी मंदिर, राधा बल्लभ मंदिर आदि मंदिर व आश्रमों पूजा अर्चना किया। 

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मथुरा(रहीस कुरैशी/हेमंत शर्मा): गोकुल बैराज स्थित गिट्टी से भरा डम्फर पलटने से बच्ची और महिला सहित दो की मौत कई घायल. तत्काल मुआवजे की मांग को लेकर गुस्साये लोगों ने रोड किया जाम. जिला प्रसाशन के उच्च अधिकारी मौके पर.  

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मथुरा: आज सावन का पहला सोमवार है कान्हा की नगरी मथुरा शिवमयी हो गयी है वृन्दावन स्थित इस प्राचीन शिव मन्दिर की बहुत मान्यता है। कहा जाता है कि जब शंकर जी की इच्छा भगवान की रासलीला देखने की हुए तो वे गोपी का रूप धारण कर वृन्दावन आये यह शिव मन्दिर कृष्ण कालीन बताया जाता है ऐसे ही समय-समय पर भगवान शंकर ने विभिन्न रूप धारण कर अपने प्रिय आराध्य की लीलाओं का दिग्दर्शन किया। श्री कृष्ण की लीला स्थली मथुरा मे आज सावन के सोमवार पर धूम मची हुई है. ब्रज मे होली, सावन,और जन्मासटमी बड़े ही भक्तिमय वातावरण मे मनाया जाती है इसी क्रम मे आज मथुरा के शिव मंदिरों मे आज सावन के सोमवार को भक्तों का सेलाब देखने को मिला सभी शिव मन्दिरों मे भक्तो की अपार श्रधा और भीड़ देखी गयी लोग भगवान शिव और पार्वती को बेल पत्र और दूध से स्नान करा रहे थे पुराणिक मान्यता है की भगवान शिव सावन  के इन चार सोमवार को स्वयं मथुरा आये थे और यहाँ के वासियों ने उन्हें दूध से स्नान कर बेल पत्र चढाए। भगवान शिव ने समस्त प्रथ्वी वासियों को ये वरदान दिया था की सावन के सोमवार मे जो भी व्यक्ति उनकी पूजा अर्चना करेगा उसे मुह माँगा वरदान भगवान शिव देंगे सावन मे सुहागनों द्वारा भगवान शिव की पूजा करने से सुहाग सलामत रहता है कुवारी कन्याओ के पूजा करने से अच्छा और मनचाहा वर मिलता है और किसके अतिरिक्त जो भी सच्चे मान से भगवान शिव की आराधना कर्ता है उसके यश ,व्यापार मे उन्नति होती है और घर मे सुख शांति बनी रहती है   

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मथुरा । गोवर्धन के राजकीय मेला अब पूरे शबाव में पर है मेले के अन्तिम चरण में श्रद्धालुओं का रैला उमड़ पड़ा हैं। भीड़ को देख प्रशासन के हाथपैर भी फूलें नजर आये जिलाधिकारी अरविन्द एम बंगारी व नवनियक्त एसएसपी स्वयं खड़े होकर मेले की व्यवस्थाओं को संभालने में जुटें हुए हैं। वहीं आगरा मंडल के आई अशोक मथु जैन भी गोवर्धन पहुंच गये। उन्होंने भी मेले के अन्तिम चरण में डेरा जमा लिया हैं।  गोवर्धन में लगनें वाली परिक्रमा को लगाने के लिए देश के विभिन्न प्रान्तों से लाखों श्रद्धालु गोवर्धन परिक्रमा को आ रहे हैं। जहाॅ टेªनें ठूस ठूस कर सवारी भर कर आ रही है विभिन्न शहरों व प्रांतों से आने वाली बसों में भी श्रद्धालु आस्था के साथ अपनी जान जोेखिम में डालकर महिला व पुरूष व बच्चें बसों की छत्ता पर बैठकर यात्रा कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा गोवर्धन मेले के लिए लगाई गये रोडवेज बसें भी सवारियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए कम पड़ गई। रोडवेज विभाग बसों की संख्या और बढ़ने में असमर्थ साबित हुआ। मजबूरन श्रद्धालुओं को बसों की छत्ता पर बेठकर यात्रा करनी पड़ रही हैं। वहीं मेले में अनेकों अव्यवस्थाओं के बाद भी श्रद्धालुओं की श्रद्धा कम नही हो रही हैं। कुछ युवा उत्साही श्रद्धालु तो मथुरा से पैदल ही गोवर्धन पहुंच रहें हैं। भीड़ के दवाव के चलते बसें निर्धारित स्थान तक नहीं पहंच पा रही है। जिसकेी वजह से आधे रास्ते में बसों से उतर कर श्रद्धालु गोवर्धन परिक्रमा के लिए पहुंच रहें हैं। मेले में आये लाखों तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए जहाॅ प्रशासन ने तमाम इन्तजाम किये है वहीं समाज सेवी संस्था व धर्मपरायण जनता ने जगह जगह प्रशासन से अनुमति लेने के बाद प्याऊ व भंडारे लगाये गये हैं। जहाॅ से श्रद्धालुओं को निःशुल्क पानी पिलाया जा रहा है तो भडारों से निःशुल्क भोजन भी विरण किया जा रहा है कुछ सेवाभावी संस्थानों ने निःशुल्क जूता घर भी बनाकर सेंवा करने का भीड़ उठा लिया है तो कुछ धनलोभी दुकानदारों ने असथाई स्टेंण्ड बनाकर तीर्थ यात्रियों से मनमाफिक धनवसूली की जा रही है। प्रशासन इनकी अवैध उगाही को रोकने में असफल साबित हो रहा हैं। वहीं टाउन एरिया द्वारा सफाई कर्मियों की पर्याप्त मात्रा मे सफाई कर्मी लगाये गये है लेकिन उसके बाद भी पूरे परिक्रमा मार्ग व गोवर्धन में चारों ओर गन्दगी नजर आ रही हैं। शनिवार मुड़ियों सन्तों ने अपने सिरों को मुड़वाकर अपने गुरू को श्रद्धासुमन अर्पित कर भजन कीर्तन करते हुए गोवर्धन की परिक्रमा लगाई गई। उक्त सन्तों के पीछें लाखों की संख्या में श्रद्धालुओ द्वारा परिक्रमा लगाई जा रही थी। पूरा परिक्रमा मार्ग मानव श्रृखलां में तब्दील हो चुका हैं। परिक्रमा की कड़ी टूटने का नाम ही नहीं ले रही हैं। जनपद के जिलाधिकारी अरविन्द मलप्पा वंगारी एसएसपी नितिन तिवारी अपने अधिनस्थ अधिकारियों के साथ मेले में कैम्प किये हुए हैं और पैदल ही पूरे परिक्रमा मार्ग में घूम घूम कर सुरक्षा व्यवस्थाओं पर नजर जमाये हुए हैं। इनके सहयोग के लिए आज आगरा के आईजी अशोक मथु जैन भी पहुंच गये वह भी कल तक मैले में ही कैम्प कर सुरक्षा व्यवस्थाओं पर नजर रखेगे तथा दोनों आईजी एवं एसएसपी ने गिर्राज दानघाटी के दर्शन कर पूर्जा अर्चना की। 

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मथुरा । शासन से मथुरा के एसएसपी पद पर हुए स्थानान्तरण नितिन तिवारी शनिवार मथुरा आये और उन्होंने अपना पदभार ग्रहण कर सीधे गोवर्धन मेले में पहुंचे और उन्होंने वहाॅ जिलाधिकारी से मुलाकात कर मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मौके पर ही दिशा निर्देश देते हुए मेले की व्यवस्थाओं में जुट गये। ज्ञात रहें नितिन तिवारी इससे पूर्व में मथुरा के कप्तान रह चुके हैं। इस लिए वह मथुरा की भोगोंिलग स्थिति से भलीभांति परिचित हैं।

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मथुरा । मुडिय़ा पूर्णिमा पर्व पर गिरिराज परिक्रमा करने गोवर्धन आए श्रद्धालुओं की संख्या लाखों मेें पहुंच गई है। गिरिराज तलहटी स्थित परिक्रमा मार्ग को यमुना मिशन के अथक प्रयासों द्वारा ठीक किया गया है। लाखों श्रद्धालु इस मार्ग से अपने ईष्ट, अराध्य भगवान श्रीकृष्ण की परिक्रमा कर अपने आपको धन्य समझ रहे हैं और यमुना मिशन एवं उनके सहयोगियों को बधाई भी दे रहे हैं।  लगभग पांच हजार वर्ष पूर्व गिरिराज तलहटी की परिक्रमा चैतन्य महाप्रभु द्वारा लगाई गई थी। इसका अस्तित्व खतरे में पड़़ चुका था। यमुना मिशन के अथक प्रयासों से इस मार्ग को सुगम एवं सुंदर बनाकर श्रद्धालुओं के लिए परिक्रमा की उचित व्यवस्था की गई। मुडिय़ा पूर्णिमा पर्व पर लाखों श्रद्धालु इस मार्ग से परिक्रमा कर रहे हैं।  गुरू पूर्णिमा पर्व के अवसर पर यमुना मिशन के संस्थापक प्रदीप बंसल एवं उनकी टीम गोवर्धन तलहटी परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालुओं की अगवानी करती नजर आ रही है। श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो इसके लिए यमुना मिशन टीम पूरे परिक्रमा मार्ग का बारीकी से निरीक्षण प्रतिदिन कर रही है। जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए प्याऊ की व्यवस्था भी मिशन द्वारा की गई है।  इस अवसर पर यमुना मिशन के संस्थापक प्रदीप बंसल, संयोजक पं. अनिल शर्मा, श्रीमती गीता शर्मा, हरीश शर्मा, मुकेश ठाकुर, शिवा शर्मा, देवेश चौधरी, मोनू पंडित राजीव शर्मा, हरीमोहन, गोविन्द ठाकुर, विकास पाण्डेय, सतीश ठाकुर, सचिन गोला, मानपाल, राजू, भीम आदि उपस्थित थे।  

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मथुरा: गिरिराज धाम गोवर्धन में आज गौडीय-सम्प्रदाय के अनुयायियों द्वारा गोवर्धन पर्वत की प्रसिद्ध मुडिया परिक्रमा दी जा रही है इस विशेष परिक्रमा में सिर्फ मुडिया संत ही शामिल होते है और एक शोभायात्रा के रूप में नाचते-गाते सात कोस की परिक्रमा करते है. गुरु-पूर्णिमा के दिन इस परिक्रमा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. भक्ति की मस्ती में नाचते-गाते और झूमते ये भक्तगण गौडीय-सम्प्रदाय के अनुयायी है और आज ये गोवर्धन पर्वत की विशेष मुडिया परिक्रमा देने के लिए गिरिर्राज धाम गोवर्धन आये हैं. गौरतलब है कि आज से लगभग 500 साल पहले मनमाध्व गौडीय-सम्प्रदाय के आचार्य श्रीपाद सनातन गोस्वामी जब चैतन्य महाप्रभु के आदेश पर ब्रजभूमि पधारे तो यहाँ वृन्दावन के बाद गोवर्धन ही उनका भजन-स्थली बना सनातन गोस्वामी अपने बालों का मुंडन कर भजन-साधना में लीन रहते थे.  इसीलिए सभी उन्हें मुडिया बाबा के नाम से जानते थे. गोवर्धन-पर्वत की परिक्रमा करना उनके नित्यकर्म में शामिल था इसीलिए जब उन्होंने गुर-पूर्णिमा के दिन अपना शरीर छोडा तो गुरु की आज्ञा अनुसार उनके अनुयायियों ने अपने बालों का मुंडन कर इसी दिन शोभायत्रा निकाल गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा दी थी.  तब से लेकर आज तक यही परंपरा चली आ रही है.  मुडिया संतो द्वारा गुरु-पूर्णिमा के दिन दी जाने वाली इस विशेष परिक्रमा को ही मुडिया-परिक्रमा कहते है. मुडिया परिक्रमा शुरू करने से पहले गोवर्धन पर्वत की पूजा कर दुग्धाभिषेक किया जाता है और उसके बाद शोभायात्रा में सभी मुडिया संत ढोल-मझीरों की थाप पर झूमते हुए चलते है. गोवर्धन में सात दिन के मुडिया मेले का यह मुख्य-पर्व होता है.   

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मथुरा : विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले के लिए योगी सरकार द्वारा 2 दिन के लिए चलाई गई हेलीकॉप्टर यात्रा का जायजा लेने आज कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी वृंदावन आई. जहां उन्होंने वृंदावन से हेलीकॉप्टर में बैठकर गोवर्धन की 21 किलोमीटर की परिक्रमा की.  इस  मुड़िया पूणिमा मेले में लाखों की तादात में श्रद्धालु गोवर्धन की परिक्रमा देने के लिए और गोवर्धन महाराज के दर्शन कर पूर्ण लाभ कमाते हैं श्रद्धालुओं को परेशानी ना हो जिसके कारण शासन-प्रशासन लगभग 1 महीने से तैयारियां करना शुरू कर देता है इसी को लेकर योगी सरकार ने श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना ना करना पड़े इसलिए 2 दिन के लिए पवन हंस हेलीकॉप्टर का शुभारंभ किया।   

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गोवर्धन। गोवर्धन का मुड़िया पूर्णिमा मेला धीरे.धीरे अब कुंभ का रूप ले चुका है। यह उत्तर भारत के प्रमुख मेलों में से एक है। प्रत्येक वर्ष मुड़िया पूर्णिमा और चैदस की रात गिर्राज परिक्रमा लगाने वाले श्रद्धालु भक्तों के लिये खास रहता है चैदस की रात में श्रद्धालु भक्तों को जनसेलाव गिरिराज प्रभु की सप्तकोसिय परिक्रमा के लिये उमडता है। जनसेलाव का प्रशासन आॅकलन भी नही कर पाता। यही कारण हैं कि हर बार प्रशासन की व्यवस्थाएं नाकाफी साबित होती है। लिहाजा सुरक्षा की द्रष्टि से गुरूपूर्णिमा मेला में आने वाले करोडों श्रद्धालु भक्तों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शासन स्तर से माॅनिटिरिंग होती है। श्रद्धालु भक्तों की भीड़ को देखते हुए शुक्रवार को पुलिस एडीजी ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा पुलिस अधीक्षक मथुरा को चैकन्ना रहने के आदेश दिये। कहा जाता है कि जब कृष्ण चैतन्य महाप्रभुजी का ब्रज में आगमन हुआ था। तभी से ब्रजधाम के सात्विक स्वरूप का प्राकटय हुआ उस समय दिल्ली में मुगल शासन था। उसी समय ब्रजधाम में भक्ति का स्वर्णयुग प्रारंभ हुआ। कृष्ण चैतन्य महाप्रभुजी के प्रमुख शिष्य श्री चैतन्य गौडीय संप्रदाय के आचार्य श्रीपाद सनातन गोस्वामी महाराज इस स्वर्ण युग के नायक थे। सनातन गोस्वामी जी महाराज का अविर्भाव सन् 1488 में पश्चिम बंगाल के भारद्धाज गोत्रीय यजुर्वेणीय कर्णाट विप्र परिवार में हुआ था। वह पश्चिम बंगाल में मुगल बादशाह हुसैन शाह के प्रधानमंत्री थे। राजकीय ठाटबाट से रहने पर भी मन तृप्त नही हुआ। चैतन्य महाप्रभु का दर्शन कर संसार में वैराग्य हो गया।  गौस्वामी प्रभु पादजी की भजन कुटी आज भी गोवर्धन चकलेश्वर महादेव के  सम्मुख विराजमान हैं। वृद्धावस्था में गौस्वामी पाद् गिर्राज महाराज एवं मानसीगंगा की परिक्रमा देने में अस्मर्थ होने पर स्वयं लीला निधान श्री कृष्ण ने अपने ही स्वरूप श्री गिर्राज को श्रीपाद गौस्वामी जी के लिये गिर्राज शिला भेंट की और कहा कि आप इस शिला की सात परिक्रमा कर लिया करों। श्री कृष्ण द्वारा श्री सनातन पाद गौस्वामी को भेंट की गई शिला में स्वयं लीला निधान श्री कृष्ण के चरण चिन्ह अंकित थे। यह शिला आज भी बृन्दावन के दामोदर मंदिर में विराजमान है।  सन् 1557 में दीर्घ 42 साल तक अंखड़ बृजवास एंव साहित्य गिर्राज गोवर्धन की अपार सेवा कर गुरू पूर्णिमा के दिन सनातन गोस्वामी निकुंज लीला में प्रवेश कर गए। सिर मुड़ाते रहने के कारण बृज में आप मुड़िया बाबा के नाम से प्रसिद्ध थे। शौकाकुल बृजवासी मुड़िया बाबा के दर्शन के लिए आए।  बताते हैं कि माल्याभूषित कर उनके भक्त व बृजवासी तथा शिष्यों ने ंसिर मुड़ाकर श्रीपाद गौस्वामी के पार्थिव शरीर को अपने कंधों पर धारण कर  मानसी गंगा की परिक्रमा लगाई। तव से लेकर आज तक गौडीय सम्प्रदाय के भक्त बृन्द व बृजबासी अपने गुरू श्रीपाद गौस्वामी की याद में इस परम्परा का निर्वाह करते चले आ रहे है। सिर मुडवाने के कारण इस गुरूपूर्णिमा पर्व को मुडियापूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। प्रति वर्ष इस तिथि को मुड़िया संकीर्तन शोभा यात्रा के साथ राधाश्याम सुन्दर मन्दिर में श्री माधव गौडे़श्वर सम्ंप्रदाय के विभिन्न अनुष्ठान होते हैं। इस पावन पर्व पर  बृजवासी ही नही वरन भारत वर्ष के कोने.कोने से तो श्रद्धालु आते ही हैं अपितु  विदेशी भक्त भी गुरूपूजा करने के लिये सात समुद्र पार कर श्रीधाम गोवर्धन में आकर गुरूपूजा करते है।  और श्रीकृष्ण की भक्ती में लीन हो भक्ति रस का पान करते है। मुड़िया शोभायात्रा इसी परंपरा का एक हिस्सा है। मुड़िया मेले को 460 वर्ष वीं बार मानाया जा रहा है।  

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गोवर्धन। इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लेमिटेड मथुरा रिफाइनरी द्वारा कार्पोरेट सामाजिक दायित्व निर्वहन की प्रकिया के तहत मुड़िया पूर्णिमा महोत्सव पर गोवर्धन परिक्रमा मार्ग में शुक्रवार प्राथमिक चिकित्सा शिविर का उदघाटन गोवर्धन क्षेत्र के विधायक कारिंदा सिंह एवं मथुरा रिफाइनरी के जनरल मैनेजर राजीव कालका ;मानव संसाधन द्ध द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।  अवसर पर गोवर्धन क्षेत्र के गणमान्य नागरिको के साथ साथ मथुरा रिफाइनरी के अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह शिविर 06 जुलाई से 10 जुलाई तक ;5दिनद्ध चलेगा। जिसमें सभी तरह के प्रथिमिक उपचार की सुबिधा रिफाइनरी के मेडिकल टीम के द्वारा की जा रही है। इस अवसर पर डॉ0 राजीवए कालका एडॉ0 डी0 चक्रवती एपी0 के0 सहाय ए ए0 के0 गोयल ए आर0 के0 पाठक ए राजेश शर्मा आदि उपस्थित थे।  

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सूर्य के तेवर भी बादल की घटाओं में हुए समायोजित      गोवर्धन। गुरू श्ष्यि की अनूठी परम्परा गुरूपूर्णिमा मेला में बृजधरा पर आस्था की सुनामी लाने में न केवल श्रद्धालु भक्तों के कदम वढ रहे है बल्कि मेघराज इंद्र की मेघमालाऐं गिरिराज भक्तों पर महरवान हो रही है। मेला में आने वाले श्रद्धालु भक्तों की सुबिद्या के लिये स्वयं मेघमाला आसमान में बादल के रूप में छाई हुई है सूर्य के तेवर भी बादल की घटाओं में समायोजित हो गये है। इतना ही नही बल्कि समय समय पर पानी की हल्की 2 फुआरें भी आसमान से बरस रही है। जिसके चलते गिरिराज धाम के गुरूपूर्णिमा मेला क्षेत्र में भक्ति रस बरसने लगा है। चहुॅ ओर गिरिराज प्रभु के उद्घोष सुनाई दे रहे है। आस मान से बरषती पानी की फुआर न बृजधरा का सिंचित कर रही बल्कि श्रद्धालु भक्तों को भी मौसम का अहसास करा रही है। आस्था के सागर गिरिराज धाम मेें करोडों की संख्या में श्रद्धालु भक्त गिरिराज प्रभु की सप्तकोशिय परिक्रमा करने के लिये पहुॅच रहे है। गिरिराज धाम का गुरूपूर्णिमा मेला 4 जुलाई से प्रारंभ होकर 9 जुलाई तक चलेगा। जिस मेला में देश बिदेश से गिरिराज परिक्रमा करने के लिये मेला में आने वाले श्रद्धालु भक्तों की संख्या का आंकलन अन्य वर्षाे की अपेक्षा 10 प्रतिशत अधिक बताया जा रहा है।  श्रद्धालु भक्तों की सुरक्षा के लिये प्रशासन ने किये है पुख्ता इंतजाम मेला में आने वाले श्रद्धालु भक्तों की सुबिद्या के लिये जिला प्रशासन द्वारा व्यापक इंतजामात किये गये है। संपूर्ण परिक्रमा मार्ग में सुरक्षा की द्रष्टि से सी सी टी वी केमरा तथा दानघाटीए मुकुट मुखारबिंद मंदिर परिसर के बाहर ड्रौन केमरा अपराधियों पर नजर बनाये हुए है। चेतक मोबाईल के अलावा कोवरा पुलिस भी परिक्रमा मार्ग में कौम्विंग कर रही है। खुफिया पुलिस भी मेला में सक्रिय है जिससे की कोई अपराधी अपराधिक बारदात को अंजाम न दे सके। परिक्रमा मार्ग में जगह जगह स्वास्थ शिविर एवं 10 मोटर साईकिल एम्वूलेंश मेला क्षेत्र में भ्रमण कर रही है। इसके अलावा भी दो एम्वूलेंश आॅक्सीजन जरूरी मेडीसन से लैस सामुदायकि स्वास्थ केन्द्र गोवर्धन में रिर्जव रखी गई है।   

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मथुरा। चम्पा अग्रवाल इण्टर काॅलेजए मथुरा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वाधान में पौधारोपण कर एवं पर्यावरण जागरुकता के संकल्प के साथ श्वन महोत्सव सप्ताहश् का समापन हो गया। शुक्रवार दिवस पर सिंडीकेट बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक डीके अग्रवाल ने विद्यालय प्रांगण में पौधारोपण किया और छात्र एवं स्वयंसेवकों से श्वृक्ष है तो जीवन हैश् पर अमल करने का आहवान किया। इस अवसर पर वन विभाग की ओर से काॅलेज को 25 पौधे उपलब्ध कराये गये। मुख्य अतिथि ने छात्रोंए एनएसएस स्वयंसेवकों एवं शिक्षकों को वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलायी। कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि वन महोत्सव सप्ताह के दौरान एनएसएस स्वयंसेवकों ने काॅलेज प्रांगण में हुए वृक्षारोपण में बढ़.चढ़कर उत्साह पूर्वक भाग लिया और नारे लेखन प्रतियोगिता नारे लिखे। इस अवसर पर प्रधानाचार्य अतुल कुमार जैन ने अपने प्रारम्भिक संबोधन में मानव जीवन में वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डाला तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण के लिए स्वयंसेवकों को प्रेरित किया। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता बीरेन्द्र सिंहए कृष्ण मुरारीए रामवीर सिंहए नूतन कुमारए राजेन्द्र सिंहए मनोहर सिंहए प्रेम सरोज मौर्यए अनिल छौंकरए ष्याम बाबू अग्रवालए पवन कुमारए धर्मवीर सिंहए मनोज गौतमए अनिल कुमारए अरुण बंसल सहायक विष्णु दत्त शर्मा उपस्थित रहे।

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नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

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पुरानी कहावत और नया भारत

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