मथुरा। विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाडे के अन्तर्गत मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय कक्ष में आयोजित धर्म सम्मेलन में चिकित्सकों एवं धर्म गुरूओं ने जनसंख्या वृद्धि रोकने की जिम्मेदारी निभाने और प्लान बनाने का आव्हान किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सज्जन कुमार ने कहा कि 11 से 24 जुलाई तक आयोजित जनसंख्या स्थिरता पखवाडे के अन्तर्गत राजकीय इण्टर कॉलेज से जिला अस्पताल तक एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। आज धर्म गुरू सम्मेलन का आयोजन किया गया और 21 जुलाई को जिला महिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर मेले एवं नसबन्दी शिविरों का आयोजन किया जा रहा है जिनमें लक्ष्य दम्पति निशुल्क आपरेशन एवं अन्य सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस पखवाडे का मुख्य उद्देश्य जनसंख्या स्थिरता के सम्बन्ध में ‘‘नई लहर नया विश्वास, सम्पूर्ण जिम्मेदारी से परिवार विकास‘‘ थीम के साथ जागरूकता बढाना है। उन्होंने बेटा-बेटी का अन्तर त्याग एक या दो बच्चे का लक्ष्य रखने, पहले एवं दूसरे बच्चे के बीच न्यूनतम पांच वर्ष का अन्तर रखने जिसके लिए सुविधानुसार ऑरलपिल्स, कण्डोम, कापर-टी, बच्चों के लक्ष्य पूरा होने पर नसबन्दी जैसी सुविधायें अपनाने की अपील की। नोडल अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. दिलीप कुमार, डा. राजेन्द्र सिंह एवं डीपीएम ने भी मृत्यु दर रोकने किन्तु जन्म दर पर रोक न लगने के कारण जनसंख्या वृद्धि से सभी विकास योजनायें प्रभावित होने की बात कहते हुए सभी से आबादी स्थिरता में सहयोग की अपील की। धर्म गुरू कृष्णकान्त गोस्वामी, हाजी इमाम सैय्यद चमन अली, डा. मेघश्याम गौतम, डा. पी.के. गुप्ता, पीएसआई अनुपम पाण्डेय व अक्षय प्रताप सिंह, डा. बृजेश खन्ना, डा. अनुज यादव, मौ. आरिफ डीपीएम एवं पारूल शर्मा डीसीपीएम, एनजीओ श्रीराम संस्था के उत्तम चैधरी ने भी अपने विचार व्यक्त किये। बौद्ध भिक्षु सत्यप्रिय सहित धम्भशील सहित अन्य चिकित्सकगण एवं प्रेस प्रतिनिधि आदि इस अवसर पर उपस्थित रहे।
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