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भोपाल। मध्य प्रदेश की सत्ता पर चौथी बार मुख्यमंत्री बने शिवराज सिंह चौहान ने आज विधानसभा में बहुमत हासिल कर लिया है। शिवराज सरकार को 104 के आंकड़े की आवश्यकता थी। लेकिन बीजेपी ने 112 विधायकों का समर्थन साबित किया। इससे पहले 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद अल्पमत में आने के कारण कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। विधानसभा में शिवराज सरकार को कुल 112 विधायकों का समर्थन हासिल हुआ।.इसमें भाजपा के 107 के अलावा बसपा-सपा और निर्दलीय विधायकों ने भी बीजेपी का समर्थन किया। आपको बताते जाए कि विधानसभा सत्र 24 मार्च से 27 मार्च तक चलेगा। सत्र के इस दौरान साल 2020-21 के लिए लेखानुदान भी प्रस्तुत भी किया जाएगा। मध्य प्रदेश में नई सरकार के अस्तित्व में आने के बाद आज से विधानसभा सत्र शुरू हुआ। विधानसभा के चार दिवसीय विशेष सत्र में सदन की कुल तीन बैठकें होंगी। आपको बताते जाए कि कमलनाथ सरकार के इस्तीफे के चार दिन बाद सोमवार शाम शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।इसी के साथ शिवराज प्रदेश के पहले नेता हैं, जो चौथी बार मुख्यमंत्री बने हैं। शिवराज के हाथों में सत्ता की कमान आते ही विधानसभा स्पीकर नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने आधी रात को ही स्पीकर पद से इस्तीफा दे दिया।विधानसभा उपाध्यक्ष को भेजे अपने इस्तीफे में उन्होंने नैतिकता को आधार बताया है।  साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। कोविड-19 पर लगाम लगाने के प्रयासों के तहत दिल्ली पुलिस ने एहतियातन शाहीन बाग धरना स्थल को खाली करा दिया है । पुलिस की करवाई का विरोध कर रहे कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। मंगलवार सुबह देश में नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध का केंद्र बना शाहीनबाग को खाली कराया दिया गया है। पुलिस ने यह करवाई धरने के 101वें दिन किया। धरना स्थल से पुलिस ने टेंट उखाड़ दिया है, और रोड आवाजाही के खाली करवा दिया है। हालांकि कुछ लोगो ने पुलिस की इस करवाई का विरोध किया, जिसकी वजह से दिल्ली पुलिस ने 5 लोगों को हिरासत में ले लिया है। बड़ी संख्या में पुलिस वहां मौजूद है। पुलिस के मुताबिक कोरोना के बढ़ते प्रभाव के कारण बार बार अपील का असर नही होने की वजह से कार्रवाई की जा रही है। जानकारी के मुताबिक शुरूआती तौर पर 10 से 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिन पर कानूनी कार्रवाई होगी। गौरतलब है कि कोरोना वायरस को रोकने के लिए दिल्ली और केंद्र सरकार ऐहतियातन हर कदम उठा रही है। दिल्ली में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। ऐसे में जो लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई के मूड में हैं। बता दें कि दिल्ली के शाहीन बाग में कई महीनों से नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन हो रहा था। कुछ प्रदर्शनकारी कोरोना के मद्देनजर दिल्ली में लगाए गए धारा 144 को भी मानने से इनकार कर रहे थे। ये लोग केंद्र सरकार के नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे थे , जिसको सरकार ने संसद के दोनों सदनों से पारित कराकर कानून बनाया था। इस कानून के तहत अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्मों के प्रवासियों के लिए नागरिकता के नियम को आसान बनाया गया है। इस बीच कोरोना महामारी पर काबू पाने के लिए सोमवार को शुरू हुये 'लॉकडाउन' का दिल्ली में कम असर देखते हुये सोमवार की रात आठ बजे धारा 144 लागू कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस को इस पर सख्ती से अमल लाने को कहा गया है।  साभार-khaskhabar.com

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लखनऊ। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश के सभी जिलों को लॉकडाउन करने का फैसला किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुधवार से तीन दिन तक यूपी के सभी जिलों को लॉकडाउन किया जाएगा। अभी तक 17 जिलों में ही लॉकडाउन था, जो कि 25 मार्च तक जारी रहने वाला था। अब इसे बढ़ाकर 27 मार्च तक कर दिया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि घबराहट पैदा करने की आवश्यकता नहीं है। कृपया मास्क के अनावश्यक उपयोग से बचें, हर किसी को मास्क की आवश्यकता नहीं है। अनावश्यक मास्क का उपयोग करके, हम तनाव बढ़ा रहे हैं, कल कोरोना वायरस के रोगियों के लिए कुछ एंटी-मलेरिया दवाओं को निर्धारित किया गया था, लेकिन मुझे पता चला है कि अचानक यह दवा बाजार से गायब है। चेतावनी देते हुए सीएम ने कहा कि किसी भी प्रकार की जमाखोरी या ब्लैकमार्केटिंग को स्वीकार नहीं किया जाएगा। फार्मा उद्योग को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि उद्योग-कारखाने के मालिकों को अपने वेतन मजदूरों के प्रति सहानुभूतिपूर्व दिखाना चाहिए और उनके वेतन में कटौती नहीं की जानी चाहिए।  साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार वापस लाने में केंद्रीय मंत्री और पार्टी नेता नरेंद्र सिंह तोमर की बड़ी और निर्णायक भूमिका रही है। मिशन कमल को गुपचुप तरीके से चलाने और ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा खेमे में लाने की व्यूह रचना में तोमर बड़े रणनीतिकार बनकर उभरे हैं। ये तब है कि जब नरेंद्र सिंह तोमर और ज्योतिरादित्य दोनों की राजनीति ही ग्वालियर संभाग में परस्पर विरोध के आधार पर ही चलती है। चंबल और ग्वालियर संभाग में ज्योतिरदित्य सिंधिया के नेतृत्व में कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में भाजपा का सुपड़ा साफ कर दिया था और वर्चस्व की लड़ाई अपने नाम कर ली थी। दोनों ही नेताओं में राजनीतिक अदावत पुरानी रही है। बावजूद इसके शीर्ष नेतृत्व के कहने पर मिशन कमल को सफल बनाने के लिए नरेंद्र सिंह तोमर ने ज्योतिरदित्य से गुपचुप दिल्ली में कई दौर की बातचीत की। कमलनाथ सरकार को अंकगणित की लड़ाई में मात देने की रणनीति में नरेंद्र तोमर की बड़ी भूमिका रही। यहां तक कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को आश्वस्त करने और विश्वास दिलाने की भी जिम्मेदारी नरेंद्र सिंह तोमर ने बखूबी निभाई। नरेंद्र सिंह तोमर ही ज्योतिरादित्य सिंधिया और पार्टी हाईकमान के बीच संपर्क सूत्र बन कर उभरे। दोनों ही नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत हुई। इस बातचीत का गवाह बना दिल्ली का हरियाणा भवन, जहां दोनों नेताओं ने गुपचुप मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, नरेंद्र सिंह तोमर ही भाजपा आलाकमान तक ज्योतिरादित्य का संदेश पहुचाते रहे। कई दौर की बातचीत में तोमर ने ही ज्योतिरादित्य को आश्वस्त कराया कि भाजपा में उनकी राजनीति सुखद रहेगी। यहां तक कि कांग्रेस के बागी विधायकों से बातचीत और उनके बेंगलुरू प्रवास व्यवस्था की देखरेख भी इन्हीं के कंधों पर थी। लिहाजा जब कांग्रेस के सभी बागी विधायक दिल्ली भाजपा में शामिल होने पहुंचे, तो नरेंद्र सिंह तोमर ने न केवल विधायको की अगुवानी की, बल्कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से इनका परिचय भी कराया। ऐसे में अगर भाजपा आलकमान मध्यप्रदेश के संदर्भ में नरेंद्र सिंह तोमर को कोई बड़ी भूमिका दे दे, तो आश्चर्य नही होना चाहिए। तोमर गृह मंत्री के विश्वासपात्र रहे हैं और फिलहाल मध्यप्रदेश में उनके नाम पर कोई ज्यादा विरोध भी नहीं है।  साभार-khaskhabar.com

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तेहरान। ईरान में कोरोनावायरस के मामलों में अब कुछ कमी आने के संकेत दिखने लगे हैं। ईरान मध्यपूर्व के उन देशों में शामिल है, जो इस महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। हालांकि वायरस से संक्रमित कुल मामलों की संख्या अब भी 20610 है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि कोरोनवायरस से मरने वालों की संख्या बढक़र 1556 हो गई, वहीं ठीक हुए लोगों की संख्या बढक़र 7635 हो गई है। यहां की राज्य टीवी ने स्वास्थ्य मंत्री अलिर्जा राईसी के हवाले से बताया है कि लगभग सभी प्रांतों में कोरोना प्रकोप में कमी आई है, जिसमें तेहरान और मजंदरन भी शामिल हैं। ईरान के इन दोनों शहरों में कोरोना ने सबसे ज्यादा कहर बरपाया था। वहीं तुर्की के स्वास्थ्य मंत्री फहार्टिन कोका ने ट्वीट कर कहा कि पिछले 24 घंटों में 2953 संदिग्ध मामलों के लिए परीक्षण किए गए और उनमें से 277 परीक्षण पॉजिटिव निकले। हमारे यहां रोगियों की संख्या 947 तक पहुंच गई है। आज हमने अपने 12 बुजुर्ग मरीजों को खो दिया। हमने अब तक कुल 21 जीवन खो दिए हैं। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के स्वास्थ्य और रोकथाम मंत्रालय ने कोविड-19 से पहले दो मौतों की घोषणा की, जिसमें एक यूरोप से 78 वर्षीय अरब नागरिक और दूसरा 58 वर्षीय एशियाई नागरिक था। यूएई ने कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए खाड़ी सहयोग परिषद के नागरिकों के प्रवेश को अस्थायी रूप से निलंबित करने का भी फैसला किया।    साभार-khaskhabar.com

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आने वाले दिनों में लोगों को और अधिक जनता कफ्र्यू के लिए तैयार रहने को कहा है। गोरखपुर से रविवार को जारी बयान में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए सामाजिक दूरी ही एकमात्र तरीका है। उन्होंने लोगों से सामूहिक रूप से महामारी के खिलाफ लडऩे का आग्रह करते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 27 लोग कोविड-19 से संक्रमित पाए गए, जिनमें से 11 पूरी तरह से ठीक हो गए हैं। उन्होंने वायरस के प्रसार को रोकने में शामिल सभी लोगों के प्रयासों की सराहना की। योगी ने आम आदमी को इस व्यापक अभ्यास का हिस्सा बनने के लिए कहा है। उन्होंने आगे आश्वासन दिया कि संसाधन पर्याप्त हैं और लोगों को जल्दबाजी में खरीद और जमाखोरी का सहारा लेने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यापारियों को अधिक मूल्यों पर सामान बेचकर स्थिति का फायदा नहीं उठाने को लेकर भी चेताया है। इस बीच, आज नोएडा में जनता कफ्र्यू के दिन आस-पास के इलाकों में सिर्फ सन्नाटा पसरा हुआ है, यही नही सेक्टर 62 में सभी दुकानें बंद पड़ी हुई है, सिर्फ एक दो केमिस्ट की दुकान खुली नजर आई। साथ ही स्थानीय प्रशासन भी सडक़ों पर गश्त लगा रहा है। अगर कोई व्यक्ति सडक़ों पर दिख भी रहा है, उससे पुलिस घर जाने का आग्रह करती नजर आई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर सुबह सात बजे से देशभर में जनता कफ्र्यू लगा हुआ है, जिसके कारण लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। प्रधानमंत्री की अपील पर देश की जनता ने खुद को अपने घरों में बंद कर रखा है।      साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी की अपील पर पूरे देश में आज सुबह 7 बजे से लेकर रात 9 बजे तक जनता कर्फ्यू (Janta Curfew) रहेगा। वहीं रविवार को शाम 5 बजे पीएम मोदी ने सभी देशवासियों से स्वास्थ्यकर्मियों की हौसला अफजाई करने की अपील की है।  

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नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली और आस-पास के इलाकों में रविवार को जनता कर्फ्यू के अवसर पर सडक़ों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। कोरोनावायरस के कहर से बचने के उपायों के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर सुबह सात बजे से देशभर में जनता कर्फ्यू लगा हुआ है, जिसके कारण लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। जरूरी सेवाएं हालांकि बहाल हैं। यह जनता कफ्र्यू इसलिए है कि इसे जनता के लिए जनता द्वारा खुद पर लगाया गया कर्फ्यू है जिसमें लोगों ने प्रधानमंत्री की अपील पर खुद को अपने घरों में बंद कर रखा है। प्रधानमंत्री ने बीते गुरुवार को देशवासियों को संबोधित करते हुए रविवार को सात बजे से लेकर रात नौ बजे तक जनता कफ्र्यू लगाने की अपील की थी। हालांकि इस जनता कर्फ्यू के दौरान दिल्ली-एनसीआर में दूध, दवाई जैसी जरूरी वस्तुओं की दुकानें जगह-जगह खुली हुई हैं, लेकिन सडक़ों के किनारे पटरियों पर सब्जी की दुकानें कहीं नहीं सजी हैं। जनता कर्फ्यू के दौरान दिल्ली मेट्रो, रेलसेवा समेत सभी सार्वजनिक परिवहन सेवा बंद है, लेकिन चिकित्सा सेवा, अग्निशमन सेवा समेत अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध हैं। प्रधानमंत्री के आह्वान पर लागू जनता कर्फ्यू की तैयारी लोगों ने एक दिन पहले से ही कर ली थी। एक दिन पहले, शनिवार को भी सडक़ों पर वाहनों की तादाद बहुत कम थी और सब्जियों, दूध, दवाई जैसी आवश्यक वस्तुओं को छोड़ अन्य वस्तुओं की ज्यादातर दुकानें बंद थीं। एनसीआर सडक़ों पर जहां देर रात तक लोगों की आवाजाही आमतौर पर बनी रहती हैं वहां शनिवार की रात से ही सन्नाटा पसरा हुआ है। नोएडा में पटरियों पर सब्जी बेचने वाली बुचनी शनिवार को अपने ग्राहकों से कह रही थी कि वे कम से कम दो दिनों की सब्जी खरीद लें क्योंकि अगले दो दिनों तक वह सब्जी नहीं बेचेंगी। चीन से पैदा हुआ कोरोनावायरस (कोविड-19) दुनियाभर में कहर बरपा रहा है और भारत में भी लगातार इसके मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, लिहाजा एहतियात के तौर पर लोगों को सामाजिक संपर्क से दूरी बनाने की सलाह दी जा रही है। दरअसल, कोरोनावायरस का संक्रमण इससे संक्रमित लोगों के सम्पर्क में आने से होता है इसलिए लोगों को अनावश्यक कार्यों से घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी जा रही है। भारत में कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 300 से ज्यादा हो चुकी हैं और अब तक इस वायरस ने देश में चार लोगों की जान ले ली है।      साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस ने पैर पसारना तेज कर दिया है। देश में मरने वालों की संख्या 5 हो गई है। कोरोना वायरस से पीडितों की संख्या 242 तक जा पहुंची है। इनमें 20 को इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। इस तरह 180 एक्टिव केस है जिन्हें इलाज के लिए आसोलेशन वार्ड में रखा गया है। UPDATES :- - शनिवार (21 मार्च) को रात 12 बजे से रविवार (22 मार्च) रात 10 बजे तक कोई भी नई पैसेंजर ट्रेन नहीं चलेगी। हालांकि जो ट्रेन पहले से चल रही होगी उन पर कोई रोक नहीं होगी। वे गंतव्य स्थल तक जाएंगी। रेलवे ने शुक्रवार को इस संबंध में नोटिस जारी किया। पीएम मोदी द्वारा रविवार सुबह 7 से रात 9 बजे तक घोषित किए गए जनता कफ्र्यू के तहत यह फैसला लिया गया है। - केरल में आज कोरोनावायरस से संक्रमण के 17 नए मामले सामने आए। इनमें 5 ब्रिटिश नागरिक शामिल हैं। मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने बताया कि संक्रमितों की संख्या 40 हो गई है। इनमें 7 विदेशी भी पॉजिटिव हैं। - कोरोनावायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए दिल्ली सरकार ने दिल्ली के सभी बाजारों को शनिवार से तीन दिनों तक के लिए बंद रखने का फैसला किया है। इस दौरान हालांकि दवा की दुकानें खुली रहेंगी। कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए यह ऐहतियाती कदम उठाया गया है। इसी के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का ऐलान किया था। - लखनऊ प्रशासन ने राज्य की राजधानी में कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए शुक्रवार को सभी कैफे, बार, हेयर सैलून और ब्यूटी पार्लर बंद करने की घोषणा कर दी। जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक प्रकाश ने इन्हें तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि ये आदेश 31 मार्च तक प्रभावी रहेगा। इस आदेश के साथ ही सरकारी कार्यालयों, बैंक और निजी प्रतिष्ठानों को छोड़कर लखनऊ लगभग पूरा बंद हो गया है। हालांकि, सरकार ने अब तक घर से काम करने के आदेश नहीं दिए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "वित्तवर्ष समाप्ति पर है, ऐसे में काम लगभग दोगुना हो जाता है। हम कर्मचारियों को ऑफिस न आने के लिए नहीं कह सकते, क्योंकि सभी लोग कम्प्यूटर से जुड़े नहीं हैं।" - केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में शुक्रवार को कोरोनावायरस संक्रमण के दो और जांचें पॉजिटिव पाई गईं। इस तरह से केंद्र शासित प्रदेश में नोवेल कोरोनावायरस के मरीजों की संख्या 10 हो गई है। गौरतलब है कि इन दोनों मरीजों का कोई विदेश यात्रा का रिकॉर्ड नहीं है। लद्दाख में 10 संक्रमित रोगियों में से एक सेना का जवान है। जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या चार है। इसमें एक घाटी से है और तीन जम्मू क्षेत्र से हैं। यहां आज व बीते रोज बांग्लादेश से पहुंचे 90 से ज्यादा छात्रों को श्रीनगर सिटी में विभिन्न अस्थायी सुविधाओं में आइसोलेशन में रखा गया है। - दिल्ली मेट्रो रविवार को 'जनता कर्फ्यू' के दिन बंद रहेगी। कोरोना वायरस के चलते 'जनता कर्फ्यू' को देखते हुए दिल्ली में 22 मार्च को मेट्रो बंद रहेगी। DMRC इन इस बात का ऐलान किया है। -UK और अन्य देशों से भारत आने पर लगाई गई रोक पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब। -कोरोना वायरस को लेकर दिल्ली सरकार बड़ा निर्णय लिया है कि दिल्ली के सारे शॉपिंग मॉल बंद किए जाएंगे। जरूरी समान की दुकानें खुली रहेंगी। -महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज महाराष्ट्र के चार शहरों काे लॉक डाउन करने का निर्णय किया है। मुंबई, पुणे, पिंपरी चिंचवड और नागपुर को 31 मार्च तक सभी सेवाएं बदं करने का निर्णय किया गया है। अब तक महाराष्ट्र में 52 मरीज पाए गए हैं। इस दौरान जरूरी सेवाओं को बंद से दूर रखा गया है। -अंतर्राष्ट्रीय और भारतीय कंपनियों समेत 18 कंपनियों को देश में कोरोना वायरस परीक्षण करने के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से टेस्ट लाइसेंस मिल गया है। -राजस्थान में कोरोना वायरस से संक्रमित आज पहली मौत हो गई है। संक्रमित व्यक्ति इटली का रहने वाला था जिसे सवाई मानसिंह अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था। हालांकि कुछ दिन पहले उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आ गई थी। - ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट किया है कि कोरोना से जंग और संक्रमण से बचने के लिए प्रधानमंत्री जी के आव्हान का मैं समर्थन करता हूं।साथ ही मध्य प्रदेश और देश के सभी नागरिकों से निवेदन करता हूं कि 22 मार्च को @narendramodi द्वारा सुझाए गए "जनता कर्फ्यू" में सहभागिता कर इस संक्रमण के विरुद्ध देश की जंग में अपना योगदान दें। -कोरोना के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश में तिरुपति मंदिर में आज से श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया है। आज से श्रद्धालु बाला जी के दर्शन नहीं कर पाएंगे। मंदिर को बंद का आदेश दोपहर 12 बजे से लागू हो जाएगा और साथ ही सिनेमा हॉल भी बंद कर दिए गए हैं। - उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में इंदिरा गांधी वन अनुसंधान केंद्र ( FRI Dehradun) को लॉकडाउन करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने के आदेश दे दिए गए हैं। अब न ही संस्थान से कोई बाहर आएगा और न ही अंदर जाएगा। इसी संस्थान से 62 आईएफएस अधिकारी स्पेन और फ़िनलैंड की यात्रा कर लौटे थे। अभी तक 3 अधिकारियों के सैम्पल पॉजिटिव पाए गए हैं। कुछ की रिपोर्ट अभी और आना बाकी है।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। कोरोनावायरस ने पूरी दुनिया को हिला रखा है। इसके चक्कर में अधिकतर देशों में कफ्र्यू जैसी स्थिति हो गई है। लोग हैरान-परेशान हैं। सरकारें इस पर काबू पाने के लिए काफी जतन कर रही हैं। भारत में मोदी सरकार ने भी कोरोना को हराने के लिए कमर कसी हुई है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात देशवासियों को संबोधित कर इस बीमारी के प्रति जागरूक करते हुए सहयोग करने की अपील की। आज पीएम ने एक और कदम उठाते हुए इस गंभीर विषय पर मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इस दौरान कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के उपायों पर चर्चा हुई। इसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के साथ स्वास्थ्य मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पंजाब के कैप्टन अमरिंदर सिंह, महाराष्ट्र के उद्धव ठाकरे, ओडिशा के नवीन पटनायक, आंध्रप्रदेश के वाईएस जगन मोहन रेड्डी, अरुणाचल प्रदेश के पेमा खांडू, असम के सर्बानंद सोनोवाल, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री या प्रतिनिधियों ने शिरकत की।  साभार-khaskhabar.com  

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बीजिंग। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेद्रोस अधानोम गेब्रेसुस ने कोविड-19 प्रतिनिधिमंडल की ब्रीफिंग में 19 मार्च को कहा कि चीन में पहली बार कोई नया घरेलू पुष्ट मामला सामने नहीं आया है, जो एक उल्लेखनीय सफलता है। टेद्रोस ने कहा कि वर्तमान में विश्व के 70 प्रतिशत से अधिक देशों व क्षेत्रों ने कोविड-19 के मुकाबले के लिए राष्ट्रीय आपात परियोजना बनाई है। 89 प्रतिशत देशों व क्षेत्रों को प्रयोगशाला में वायरस की जांच करने की क्षमता होती है। साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 68 देशों व क्षेत्रों को व्यक्तिगत रक्षात्मक उपकरण दिए और 120 देशों व क्षेत्रों को 15 लाख डायग्नोस्टिक किट भेजे। उनके अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कुछ चीनी आपूर्तिकर्ताओं के साथ समझौते किए हैं। वे विश्व स्वास्थ्य संगठन को संबंधित सामान का निर्यात कर सकेंगे। टेद्रोस ने विश्व के विभिन्न देशों से अच्छी तरह से तैयारी करने की अपील की, चाहे कोविड-19 आया है या नहीं। गौरतलब है कि चीनी राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के अनुसार चीन के 31 प्रांतों (स्वायत्त प्रदेशों व केंद्र शासिक शहरों) और शिनच्यांग उत्पादन व निर्माण कोर में निरंतर दो दिन तक कोविड-19 का कोई नया घरेलू पुष्ट मामला नहीं आया है।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कोरोना वायरस से रोजगार और उत्पादन और कृषि पर पड़े प्रभाव के लिए सराकर से एक विशेष राहत पैकेज की मांग की है। साेनिया गांधी ने कहा है कि कोरोना महामारी देश भर के लिए संकटों और चिंता का कारण बन रही है, जिससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हो रही है। यहीं नहीं इस महामारी से सभी व्यवसायों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम व्यवसायों की स्थिति तनाव में हैं और यह समय उनके लिए असाधारण उपायों का है। उन्होंने कहा है कि सरकार द्वारा इनके लिए एक राहत पैकेज की घोषणा की जानी चाहिए, जिसमें कर विच्छेद, ब्याज अधीनता और देनदारियों का ह्रास हो। उन्होंने कहा कि वेतनभोगी वर्ग के लिए, सरकार और आरबीआई को ईएमआई के स्थगित करने पर विचार करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि अभी पूरे विश्व सहित भारत देश भी कोराेना का प्रकोप झेल रहा है। भारत में अभी तक 324 मामले कोरोना पॉजिटिव के सामने आए हैं। वहीं कई राज्यों में शट डाउन किया गया है, जिसका असर व्यापार, बाजार और कृषि उत्पादों पर भी देखने को मिल रहा है।  साभार-khaskhabar.com  

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