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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना वायरस को लेकर आज ट्वीट करते हुए लिखा है कि यह कभी नहीं भूलना- सावधान रहो, मगर घबराओ नहीं। प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा है कि न केवल घर पर रहना जरूरी है, बल्कि उस शहर और कस्बे में भी रहना जहां आप हैं। अनावश्यक यात्राएं आपकी या दूसरों की सहायता नहीं करेगी। इस समय में हमारी ओर से हर छोटे प्रयास का एक बड़ा प्रभाव होगा। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने काेरोना वायरस को लेकर फैल रहे खौफ से नहीं डरने की बात कही है। जनता कर्फ्यू से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि वे कोरोना वायरस को लेकर सही सूचनाएं ही शेयर करें और गलत तरीके से खौफ एकदम नहीं फैलाएं। मोदी ने एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए कहा कि लोग कोरोना वायरस पर सही सूचना साझा करें और गलत पैनिक फैलाने से बचें। पीएम ने कहा कि लोगों को सही सूचना देने के लिए भारत सरकार ने एक व्हाट्सएप नंबर जारी कर दिया है। इस नंबर के जरिए लोग सही और भारत सरकार द्वारा प्रमाणित जानकारी हासिल कर सकेंगे।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि घातक कोरोनावायरस के प्रकोप का संचार भारत में अभी स्थानीय (लोकल) स्तर पर नहीं हुआ है। कोरोनावायरस के लोकल ट्रांसमिशन से उनका अभिप्राय कम्युनिटी ट्रांसमिशन है। उन्होंने कहा कि देश में कोरोनावायरस के लोकल ट्रांसमीशन की अब तक कोई रिपोर्ट नहीं आई है। उन्होंने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी।  

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नई दिल्ली। दुनियाभर में फिलहाल कोरोनावायरस ने तबाही मचाई हुई है। इसके कारण हजारों लोगों की जान जा चुकी है। इससे बचने के लिए तमाम कोशिशें की जा रही हैं। भारत भी इस पर काबू पाने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। कोरोनावायरस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को रात 8 से 8.30 बजे तक संबोधित किया। LIVE UPDATE - पूरा विश्व इस समय संकट के गंभीर दौर से गुजर रहा है। आम तौर पर जब कोई प्राकृतिक संकट आता है तो वो कुछ देश या राज्यों तक सीमित रहता है। लेकिन इस संकट ने पूरी मानव जाति को संकट में डाल दिया है: पीएम मोदी - इन दो महीनों में भारत के 130 करोड़ नागरिकों ने कोरोना वैश्विक महामारी का डटकर मुकाबला किया है, आवश्यक सावधानियां बरती हैं। लेकिन, बीते कुछ दिनों से ऐसा भी लग रहा है जैसे हम संकट से बचे हुए हैं, सब कुछ ठीक है: पीएम मोदी - वैश्विक महामारी कोरोना से निश्चिंत हो जाने की ये सोच सही नहीं है। इसलिए, प्रत्येक भारतवासी का सजग रहना, सतर्क रहना बहुत आवश्यक है: पीएम मोदी - आपसे मैंने जब भी, जो भी मांगा है। मुझे कभी देशवासियों ने निराश नहीं किया है। मैं 130 करोड़ देशवासियों से आपसे, कुछ मांगने आया हूं। मुझे आपके आने वाले कुछ सप्ताह चाहिए, आपका आने वाला कुछ समय चाहिए: पीएम मोदी - दुनिया के जिन देशों में कोरोना वायरस का प्रभाव ज्यादा देखा जा रहा है, वहां शुरुआती कुछ दिनों के बाद अचानक बीमारी का जैसे विस्फोट हुआ है। इन देशों में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है: पीएम मोदी - आज हमें ये संकल्प लेना होगा कि हम स्वयं संक्रमित होने से बचेंगे और दूसरों को भी संक्रमित होने से बचाएंगे। इस तरह की वैश्विक महामारी में एक ही मंत्र काम करता है- “हम स्वस्थ तो जग स्वस्थ”: पीएम मोदी - आज 130 करोड़ देशवासियों को अपना संकल्प और दृढ़ करना होगा कि हम इस वैश्विक महामारी को रोकने के लिए एक नागरिक के नाते, अपने कर्तव्य का पालन करेंगे। केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के दिशा निर्देशों का पालन करेंगे: पीएम मोदी - मेरा सभी देशवासियों से ये आग्रह है कि आने वाले कुछ सप्ताह तक जब बहुत जरूरी हो तभी अपने घर से बाहर निकलें। जितना संभव हो सके, आप अपना काम, चाहे बिजनेस से जुड़ा हो, ऑफिस से जुड़ा हो, अपने घर से ही करें: पीएम मोदी - मैं आज प्रत्येक देशवासी से एक और समर्थन मांग रहा हूं। ये है जनता-कर्फ्यू। जनता कर्फ्यू यानि जनता के लिए जनता द्वारा खुद पर लगाया गया कर्फ्यू: पीएम मोदी - इस रविवार, यानि 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक सभी देशवासियों को जनता-कर्फ्यू का पालन करना है: पीएम मोदी - कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई के लिए भारत कितना तैयार है, ये देखने और परखने का भी समय है। पिछले 2 महीनों से लाखों लोग अस्पतालों, एयरपोर्ट, शहरी की गलियों में दिन-रात काम में जुटे हुए हैं: पीएम मोदी - चाहे डॉक्टर, नर्स, सफाई कर्मचारी, एयरलाइंस कर्मचारी, सरकारी कर्मचारी, रेलवे-बस कर्मचारी, होम डिलीवरी करने वाले लोग, ये अपनी परवाह न करते हुए दूसरों की सेवा में लगे हुए हैं: पीएम मोदी - मैं चाहता हूं कि 22 मार्च रविवार के दिन हम ऐसे सभी लोगों को धन्यवाद अर्पित करें। रविवार को ठीक 5 बजे हम अपने घर के दरवाजे पर खड़े होकर, बाल्कनी में, खिड़कियों के सामने खड़े होकर 5 मिनट तक ऐसे लोगों का आभार व्यक्त करें: पीएम मोदी - पूरे देश के स्थानीय प्रशासन से भी मेरा आग्रह है कि 22 मार्च को 5 बजे सायरन की आवाज से इसकी सूचना लोगों तक पहुंचाएं। 'सेवा परमो धर्म' के हमारे संस्कारों को मानने वाले ऐसे देशवासियों के लिए हमें पूरी श्रद्धा के साथ अपने भाव व्यक्त करने होंगे: पीएम मोदी - संकट के इस समय में आपको ये भी ध्यान रखना है कि हमारी आवश्यक सेवाओं पर, हमारे अस्पतालों पर दबाव भी निरंतर बढ़ रहा है। इसलिए मेरा आपसे आग्रह ये भी है कि रूटीन चेक-अप के लिए अस्पताल जाने से जितना बच सकते हैं उतना बचें: पीएम मोदी - कोरोना महामारी से उत्पन्न हो रही आर्थिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, वित्त मंत्री के नेतृत्व में सरकार ने एक COVID-19-Economic Response Task Force के गठन का फैसला लिया है: पीएम मोदी - संकट के इस समय में मेरा देश के व्यापारी जगत, उच्च आय वर्ग से भी आग्रह है कि अगर संभव है तो आप जिन-जिन लोगों से सेवाएं लेते हैं, उनके आर्थिक हितों का ध्यान रखें: पीएम मोदी - मैं देशवासियों को आश्वस्त करता हूं कि देश में दूध, खाने-पीने का सामान, दवाइयां, जीवन के लिए ज़रूरी ऐसी आवश्यक चीज़ों की कमी ना हो इसके लिए तमाम कदम उठाए जा रहे हैं। ये सप्लाई कभी रोकी नहीं जाएगी। देशवासी जरूरी सामान संग्रह करने की होड़ न लगाएं: पीएम मोदी - हो सकता है आने वाले दिनों में ये लोग दफ्तर न आ पाएं, आपके घर न आ पाएं। ऐसे में उनका वेतन न काटे, पूरी मानवीयता और संवेदनशीलता के साथ फैसला लें। हमेशा याद रखिएगा कि उन्हें भी अपना परिवार चलाना है, परिवार को बीमारी से बचाना है: पीएम मोदी  साभार-khaskhabar.com    

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नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस संक्रमित मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा है कि 22 मार्च से एक सप्ताह के लिए किसी भी अंतरराष्ट्रीय विमान को भारत में उतरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही सभी राज्य सरकारों से कहा गया है कि वे 65 साल से अधिक उम्र के लोगों को घरों में ही रहने के लिए उचित दिशा-निर्देश जारी करें। सरकार का यह कदम तब सामने आया है जब देश में गुरुवार शाम पांच बजे तक कोविड-19 संक्रमण के 173 मामले सामने आ चुके थे। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा यह जानकारी दी गई है। इस घातक वायरस के कारण देश में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक और पंजाब में एक-एक व्यक्ति की मौत कोरोना संक्रमण के कारण हुई है। बयान में कहा गया है कि सरकारें जन प्रतिनिधि, सरकारी कर्मचारी और चिकित्सा पेशेवरों को छोडक़र बाकी सभी 65 साल से ऊपर की आयु वाले नागरिकों (चिकित्सा सहायता छोडक़र) को घरों में ही रहने की सलाह जारी करें। सरकार ने यह भी कहा है कि 10 साल से कम उम्र के बच्चों को भी घरों में ही रहने की सलाह दी जानी चाहिए। बयान में कहा गया है कि रेलवे और नागरिक उड्डयन विभाग छात्रों, रोगियों और दिव्यांगों लोगों के अलावा अन्य रियायती यात्राओं को निलंबित कर दें। सरकार ने कहा है कि सभी राज्यों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे आपातकालीन और जरूरी सेवाओं के अलावा सभी निजी क्षेत्र के लोगों को घर से काम करने का नियम लागू करें। सरकार ने यह भी कहा कि केन्द्र सरकार के सभी समूह बी और समूह सी के कर्मचारियों से बारी-बारी से सप्ताहों (अल्टरनेट वीक) पर कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है और सभी कर्मचारियों के लिए अलग-अलग समय का सुझाव दिया गया है।  साभार-khaskhabar.com    

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नई दिल्ली। निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्याकांड के चारों दोषियों को तिहाड़ जेल में शुक्रवार सुबह ठीक 5.30 बजे फांसी दे दी गई। इसके साथ ही तिहाड़ में पहली बार एक साथ चार लोगों को फांसी दी गई है। इन चारों दोषियों को दुष्कर्म के एक मामले में फांसी की सजा दी गई। निर्भया के दोषियों को अदालत द्वारा दिए गए मृत्युदंड के फैसले को क्रियान्वित करने का काम पवन जल्लाद ने किया। पवन का परिवार कई पीढ़ियों से जल्लाद का काम करता आ रहा है। पवन के पर-दादा लक्ष्मण, दादा कालू जल्लाद और पिता मम्मू जल्लाद भी फांसी की सजा को क्रियान्वित करने का काम किया करते थे। पवन ने चार दोषियों को एक साथ फांसी पर लटकाकर आजाद भारत में तिहाड़ जेल में हुई फांसियों को लेकर अपना नाम इतिहास में दर्ज करा लिया है। यहां एक ही अपराध के लिए चार दोषियों को एक साथ फांसी देने का यह रिकॉर्ड अब पवन के नाम है। वहीं, डीजी जेल दोषियों की फांसी से पहले 24 घंटे तक जागते रहे और जेल के भीतर ही मौजूद रहे। जेल नंबर तीन के सुपरिटेंडेंट सुनील, एडिशनल आईजी (जेल) राजकुमार शर्मा और जेल के लीगल ऑफिसर पूरी रात जागते रहे। दूसरी ओर फांसी के बाद पवन जल्लाद को कड़ी सुरक्षा के बीच तिहाड़ जेल से मेरठ के लिए रवाना कर दिया गया है। हालांकि, भारत में यह पहली बार नहीं है, जब चार दोषियों को एक साथ फांसी की सजा दी गई हो। इससे पहले भी देश में चार लोगों को पुणे की यरवदा जेल में एक साथ फांसी दी जा चुकी है। 27 नवंबर 1983 को जोशी अभयंकर मामले में दस लोगों का कत्ल करने वाले चार लोगों को एक साथ फांसी दी गई थी। गौरतलब है कि जनवरी 1976 और मार्च 1977 के बीच पुणे में राजेंद्र जक्कल, दिलीप सुतार, शांताराम कान्होजी जगताप और मुनव्वर हारुन शाह ने जोशी-अभयंकर केस में दस लोगों की हत्याएं की थीं। ये सभी हत्यारे अभिनव कला महाविद्यालय, तिलक रोड में व्यावसायिक कला के छात्र थे, और सभी को 27 नवंबर 1983 को उनके आपराधिक कृत्य के लिए एक साथ यरवदा जेल में फांसी दी गई थी।  साभार-khaskhabar.com    

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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस और शाहीन बाग की महिला प्रदर्शनकारियों के बीच मंगलवार को एक बार फिर वार्ता हुई। पुलिस अधिकारियों ने यहां नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ धरना दे रही महिलाओं से मुख्य सडक़ मार्ग को खाली करने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी महिलाओं ने पुलिस की अपील को दरकिनार करते हुए प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है। इसके फलस्वरूप पुलिस और प्रदर्शनकारी महिलाओं के बीच वार्ता एक बार फिर विफल हो गई। इससे पहले भी कई मर्तबा दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शाहीन बाग की मुख्य सडक़ पर बैठी महिला प्रदर्शनकारियों से बात करने आ चुके हैं। मंगलवार को पुलिस और प्रदर्शनकारी महिलाओं के बीच वार्ता के लिए एक निष्पक्ष स्थान का चुनाव किया गया था। शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन से करीब 100 मीटर दूर स्थित चौराहे पर पुलिस और महिला प्रदर्शनकारियों के बीच यह बातचीत हुई। यहां पुलिस की ओर से स्थानीय एसएचओ और एसीपी जगदीश यादव मौजूद थे। वहीं प्रदर्शनकारियों की ओर से करीब 20 महिलाएं इस वार्ता में शामिल हुईं। महिलाओं से बातचीत के दौरान एसीपी जगदीश यादव ने कहा आप पिछले कई महीनों से यहां प्रदर्शन कर रही हैं, इस दौरान हमने आपको पूरी सुरक्षा मुहैया कराई है। हमारा आपसे निवेदन है कि आप मुख्य सडक़ मार्ग खाली करके किसी और स्थान को अपने प्रदर्शन के लिए चुनें। पुलिस के आग्रह का सभी प्रदर्शनकारी महिलाओं ने एक स्वर में विरोध किया। इसके बाद एसीपी यादव ने महिलाओं से कहा कि आप सडक़ का दूसरा हिस्सा वाहनों की आवाजाही के लिए खाली कर दें। दरअसल, पुलिस चाहती है कि शाहीन बाग की जिस सडक़ पर नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ यह धरना दिया जा रहा है, उस सडक़ का सामने वाला हिस्सा वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाए। लेकिन प्रदर्शनकारी महिलाओं ने इससे भी इनकार कर दिया। पुलिस के साथ बातचीत के लिए आई फातिमा ने कहा, सडक़ का दूसरा हिस्सा खोलने पर हमारी सुरक्षा को खतरा है, इसलिए हम इसके लिए हामी नहीं भर सकते। इसके बाद पुलिसकर्मी चर्चा को आगे बढ़ाते इससे पहले ही बातचीत के लिए आई तमाम महिलाएं नारेबाजी करती हुई वापस धरना स्थल पर चली गईं। बता दें कि अगले सप्ताह इस मामले को लेकर अदालत में सुनवाई होनी है। इस सुनवाई से पहले पुलिस शांतिपूर्ण वार्ता के जरिए इस मसले का हल खोजने की कोशिश कर रही है। वापस धरना स्थल पर लौटने के बाद इन महिलाओं ने प्रदर्शन पर बैठी बाकी महिलाओं को बताया कि पुलिस सडक़ का दूसरा हिस्सा यातायात के लिए खाली करवाना चाहती है। तब धरना दे रही सभी महिलाओं ने एक स्वर में इससे इंकार कर दिया। धरना दे रही अधिकांश महिलाओं का कहना है कि सरकार पहले नागरिकता संशोधन कानून को वापस ले, उसके बाद ही यह धरना समाप्त किया जाएगा।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भारतीय नौसेना की सभी योग्य शाखाओं में कार्यरत सभी महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन की अनुमति दी और केंद्र सरकार को तीन महीने के भीतर आदेश का पालन करने का निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि शारीरिक स्थितियों या अन्य परिस्थिति का हवाला देते हुए कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश शिक्षा के अलावा एटीसी और लॉजिस्टिक्स में भी स्थायी कमीशन के लिए पात्र महिला अधिकारियों को सक्षम करेगा। अदालत ने कहा कि पुरुष अधिकारियों के समान दक्षता के साथ ही महिलाएं भी नौसेना के जहाज का नियंत्रण कर सकती हैं, इसलिए कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। शीर्ष न्यायालय ने माना कि नौसेना के भीतर रूढि़वाद का एकमात्र जवाब कार्य और समर्पण का प्रदर्शन है। दिल्ली हाईकोर्ट के निर्णय को बरकरार रखते हुए सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि नौसेना में महिला अधिकारियों के साथ अन्याय नहीं किया जा सकता।    साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सभी भाजपा सांसदों से सप्ताहांत (वीकेंड) में अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा करने और कोरोनावायरस के बारे में लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए कहा। इसके अलावा उन्होंने लोगों को बीमारी से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी दी। संसद परिसर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की संसदीय दल की बैठक के दौरान अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों और अन्य स्थानों पर तैनात डॉक्टर, मीडिया और कर्मचारी अपनी भूमिका उत्कृष्ट तरीके से निभा सकते हैं तो यह काम सांसदों को भी करना होगा। मोदी ने यह भी संदेश दिया कि लोगों को इस बीमारी से घबराना नहीं चाहिए और कोरोनावायरस महामारी से बचने के लिए एहतियाती कदम उठाना चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने प्रधानमंत्री के हवाले से कहा, प्रधानमंत्री ने सांसदों से आग्रह किया है कि वे शनिवार और रविवार को छोटे समूहों में अपने निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा करें और लोगों को कोरोनावायरस बीमारी के बारे में जागरूक करें। उन्होंने सांसदों को उन उपायों के बारे में लोगों को जागरूक करने की सलाह दी है जो उन्हें कोरोनावायरस संक्रमण से बचाने में मदद करेंगे। प्रधानमंत्री ने सांसदों को इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस और जनसभाएं करने का सुझाव भी दिया और लोगों को घातक बीमारी से निपटने के लिए उठाए जा रहे सरकारी कदमों के बारे में जानकारी दी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) द्वारा कोरोना को महामारी घोषित किए जाने के बाद सरकार ने 15 अप्रैल तक सभी वीजा को निलंबित करने का फैसला लिया है। वायरस को रोकने के लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाए जा रहे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता राजीव प्रताप रूडी ने बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने के संदर्भ में किए गए कार्यों को सामने लाने से डाक्टरों, नर्सो, नगरपालिका कर्मियों, हवाई अड्डा कर्मियों, सीआईएसएफ एवं अग्रिम मोर्चे पर जुटे लोगों का मनोबल बढ़़ता है। रूडी के अनुसार, मोदी ने कहा कि ऐसे में हमें कोविड-19 से मुकाबला करने के विभिन्न आयामों को रेखांकित करने वाले विभिन्न लोगों का भी अभिनंदन करना चाहिए। रूडी ने कहा कि बैठक में प्रधानमंत्री ने पार्टी सांसदों से कहा कि शनिवार एवं रविवार को जब वे अपने क्षेत्र में जाएं तो कोरोना वायरस के बारे में जागरूकता फैलाने का काम करें। उन्होंने प्रधानमंत्री के हवाले से बताया कि मीडिया ने काफी सकारात्मक रूप से इस अभियान को आगे बढ़ाने का काम किया है।    साभार-khaskhabar.com  

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न्यूयॉर्क। कोरोनावायरस (कोविड-19) से निपटने के लिए ईजाद किए गए टीके का पहला परीक्षण अपेक्षित समय से पहले शुरू कर दिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह जानकारी दी। उन्होंने सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि यह इतिहास में सबसे तेजी से विकसित कर लॉन्च किया गया टीका है। वैक्सीन विकसित करने वाली निजी कंपनी मॉडर्ना ने कहा कि परीक्षण के पहले चरण में पहले वॉलंटियर का टीकाकरण किया गया है। परीक्षण में 45 वॉलंटियर हिस्सा ले रहे हैं। एमआरएनए-1273 पुकारे जाने वाले टीके के साइड इफेक्ट को जांचने के लिए और टीके के प्रभाव को जानने के लिए इसे दो और चरणों के परीक्षणों से गुजरना पड़ेगा और इस प्रक्रिया में कम से कम एक साल लग सकता है। मॉडर्ना ने कहा कि वह पहले से ही टीके के दूसरे चरण के परीक्षण की तैयारी कर रही है, जो कुछ महीनों में शुरू हो सकता है। ट्रंप ने कहा कि बीमारी के इलाज के लिए दवाएं विकसित करने के प्रयास भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। कोरोनोवायरस बीमारी से निपटने के लिए प्रशासन के प्रमुख वैज्ञानिक एंथनी फौसी ने कहा कि उन्हें लगा था कि परीक्षण के लिए टीके के तैयार होने से पहले तीन महीने लग जाएंगे लेकिन यह 65 दिनों में तैयार हो गया। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि यह रिकॉर्ड है। फौसी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज के निदेशक हैं, जो टीका विकसित करने में मॉडर्ना के साथ सहयोग कर रहा है।      साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। कोराेना वायरस देश के 15 राज्यों में फैल गया है। कोरोना वायरस से तीसरी मौत हो गई है। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के कस्तूरबा हॉस्टिपल में मंगलवार को 64 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई है। इससे पहले कर्नाटक और दिल्ली में एक-एक बुजुर्ग की मौत हो चुकी है। भारत में अब तक कुल 137 लोग कोरोना वायरस से पीड़ित हैं। LIVE UPDATES :- - अभिनेता से राजनेता बने कमल हासन ने मंगलवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे एक समुदाय के सदस्यों से अपने विरोध प्रदर्शन को रोकने और देश में कोरोनावायरस के प्रकोप से खुद को बचाने की अपील की। यहां जारी एक बयान में कमल हासन ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि उनका स्वास्थ्य उनके अधिकारों जितना ही महत्वपूर्ण है। - इटली के मिलान से 15 मार्च को निकाले गए दो भारतीय युवा कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए हैं। महामारी के लक्षण दिखने के बाद सोमवार को दोनों को पश्चिमी दिल्ली के छावला स्थित आईटीबीपी शिविर से सफदरजंग अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। सरकारी सूत्रों ने कहा कि छात्र उस समूह का हिस्सा थे, जिसमें इटली के मिलान से 218 नागरिकों को निकाला गया था। एक अधिकारी ने कहा कि दोनों युवाओं में सोमवार को बीमारी के लक्षण दिखने लगे, जिसके बाद उन्हें तुरंत सफदरजंग अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। इटली से निकाले गए 218 लोगों में भारतीय 211 छात्र हैं, जबकि सात अन्य देशों के हैं। उन्हें आईटीबीपी सेंटर में एकांतवास में रखा गया है। यहां उन्हें अगले 14 दिन तक कड़ी निगरानी में रखा जाएगा। - महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कैबिनेट की बैठक ली। उन्होंने कहा कि हमने बस-ट्रेन बंद करने का फैसला नहीं लिया है। सरकार की लोगों से अपील है कि वे अनावश्यक रूप से यात्रा न करें। हमने किसी भी सरकारी ऑफिस में एक सप्ताह की छुट्टी नहीं दी है। उल्लेखनीय है कि देश में महाराष्ट्र कोरोनावायरस से सर्वाधिक प्रभावित है। - ईरान में 250 से ज्यादा भारतीयों के कोरोनावायरस से संक्रमित होने का पता चला है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इससे पहले सोमवार को स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्रालय ने बताया था कि ईरान में कुल 14,991 लोग नोवल कोरोनावायरस से संक्रमित हुए हैं, जबकि 853 लोगों की मौत हो गई है। - उज्जैन के महाकाल मंदिर में श्रद्घालुओं के भस्मारती में शामिल होने और गर्भगृह में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। वहीं दतिया जिले के रतनगढ़ के माता मंदिर में श्रद्घालुओं के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उज्जैन की श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति ने निर्णय लिया है कि आगामी आदेश तक गर्भगृह और महाकाल भगवान की प्रतिदिन सुबह तड़के होने वाली भस्म आरती में श्रद्घालुओं का प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। - मुंबई की लाइफलाइन लोकल ट्रेन सेवाओं को कुछ दिनों के लिए रोके जाने का महत्वपूर्ण फैसला महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे लेंगे। स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सरकार दृढ़ है कि कोरोना वायरस को 'दूसरे चरण से तीसरे चरण में' किसी भी कीमत पर फैलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस फैसले में उपनगरीय ट्रेनों के अलावा मुंबई मेट्रो रेल, मोनोरेल और परिवहन के अन्य सार्वजनिक साधन शामिल हो सकते हैं, जो देश की वाणिज्यिक राजधानी को करीब ठप्प करने की क्षमता रखते हैं। - कोरानावायरस से यात्रियों को बचाने के लिए रेलवे ने भी कमर कस ली है। यात्रियों को इस संक्रमण की आशंका के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर 139 और 182 पर इसकी जानकारी देने पर तत्काल मदद मिलेगी। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज सिंह ने कहा, हेल्पलाइन नंबर 139 और 182 पर फोन करने पर नजदीकी अस्पताल से संपर्क करके तुरंत सुविधा मुहैया कराई जाएगी। -कोरोना वायरस को लेकर संसद सत्र बंद करने पर भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने कहा है कि हम सभी अपने काम को जारी रखे हुए हैं, लेकिन बड़ी संख्या में लोग यहां (संसद में) इकट्ठा होते हैं। मुझे लगता है कि यह इस पर विचार करने लायक है मामला। - लद्दाख के 6, जम्मू-कश्मीर 3, पंजाब 1, दिल्ली 7, राजस्थान 4, कनार्टक 10, केरल 25, तमिलनाडु 1, आंध्र प्रदेश 1, तेलंगाना 3, महाराष्ट्र 39, ओडिशा 1, उत्तराखंड कोरोना का 1, उत्तर प्रदेश 15, हरियाणा 14 केस सामने आए है। इसमें से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 लोग सही होकर घर जा चुके हैं। - भारत में इस वक्त कोरोना का सबसे बड़ा चैलेंज महाराष्ट्र में बताया जा रहा है। मुंबई, नवी मुंबई और यवतमाल में कोरोना वायरस के 5 नए मामले सामने आने के साथ ही महाराष्ट्र में कोरोना के पॉजिटिव केस 39 तक पहुंच गए हैं। मुंबई पुलिस धारा 144 लागू कर चुकी है, जबकि ग्रुप टूर पर रोक लगाई। पुणे में अब तक सबसे ज्यादा 16 मामले सामने आए हैं।      साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी.चिदंबरम ने रविवार को देश में राज्य सरकारों व केंद्र के बीच समन्वय के अंतर को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने केंद्र सरकार से देश में कोरोना वायरस बीमारी को नियंत्रित करने के लिए और कदम उठाने का आग्रह किया। अपने कांग्रेस के साथियों शशि थरूर और राहुल गांधी के विपरीत चिदंबरम ने देश में घातक वायरस को नियंत्रित करने के सरकार के अब तक प्रयासों की सराहना की। चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा, कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई अब तक अच्छी रही है, लेकिन हम अधिक कर सकते है? कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामले एक हफ्ते में 31 से बढक़र 84 हो गए हैं। कुछ राज्य सरकारों ने आंशिक लॉकडाउन की घोषणा की है। यह केंद्र सरकार के लिए और उपायों पर विचार करने का समय है। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, आईसीएमआर की चेतावनी पर ध्यान देने का समय है। अगर हमारे पास वायरस के प्रसार को रोकने के लिए स्टेज 3 में 30 दिन कार्रवाई का समय है तो हमें तेजी से दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढऩा चाहिए। इससे पहले शुक्रवार को थरूर ने देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर सरकार की निंदा की। राहुल गांधी ने भी गुरुवार को देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर सरकार पर हमला किया। उन्होंने ट्वीट किया, कोरोना वायरस एक बड़ी समस्या है। समस्या को नजरअंदाज करना समाधान नहीं है।  साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई। शिवसेना ने बुधवार को आश्वस्त किया है कि महाराष्ट्र के सत्ता समीकरण अनूठे हैं और मध्य प्रदेश का वायरस महाराष्ट्र को परेशान नहीं करेगा। मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार पर आए संकट का जिक्र करते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इसी तरह के ऑपरेशन को 100 दिनों पूर्व महाराष्ट्र में विफल कर दिया गया था। राउत ने कहा, उस समय महा विकास अघाड़ी ने एक बाईपास ऑपरेशन किया था और महाराष्ट्र को बचा लिया था। आज भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। राउत का यह बयान तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की दो सदस्यीय 80 घंटे की सरकार के बारे में है। कुछ दिनों बाद यह सरकार गिर गई थी, क्योंकि भाजपा सदन में बहुमत साबित करने को लेकर सुनिश्चित नहीं थी। उसके बाद पिछले साल 28 नवंबर को शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-कांग्रेस की एमवीए गठबंधन सरकार बनी थी और शिवसेना के उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। राकांपा के प्रवक्ता और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि एमवीए दलबदल में रुचि नहीं रखता, क्योंकि महाराष्ट्र विधानसभा में गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या है। लेकिन उन्होंने चेतावनी के रूप में कहा कि अक्टूबर 2019 के चुनाव से पहले शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस को छोडक़र कई विधायक भाजपा में चले गए थे, लेकिन वे अब अपनी-अपनी पार्टियों में घरवापसी के इच्छुक हैं। कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष और राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात ने मंगलवार शाम कहा था कि राज्य में एमवीए सरकार स्थिर है और गठबंधन के सभी तीन सहयोगी भाजपा की किसी भी कोशिश को विफल कर देंगे। फिलहाल एमवीए के पास 288 सदस्यीय विधानसभा में 170 सदस्यों का समर्थन हासिल है, जबकि भाजपा के पास 105 सदस्य हैं और बाकी 13 सदस्य अन्य दलों के हैं।  साभार-khaskhabar.com

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