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तिरुवनंतपुरम। भारत में कपनी सेक्रेटरी (सीएस) की संख्या 52000 को पार कर चुकी है और चार लाख छात्र कंपनी सेक्रेटरी बनने का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। ये आंकड़े यहां बुधवार को शुरू होने वाले कंपनी सचिवों की तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की पूर्व संध्या पर जारी किए गए। इस सम्मेलन में नए कॉरपोरेट भारत के लिए क्या दृष्टिकोण होना चाहिए, इस पर चर्चा की जाएगी।    इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरी ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) के अध्यक्ष श्याम अग्रवाल ने मीडिया को बताया कि इस आयोजन की थीम शेपिंग न्यू इंडिया 2022, थ्रो गुड गर्वनेस है। अग्रवाल ने कहा, संस्थान अच्छे कॉरपोरेट प्रशासन प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रहा है।   बैठक में कंपनी पेशेवरों की भूमिका प्रशासन पेशेवर के रूप में बताई जाएगी और वे हितधारकों के सशक्तिकरण के बदले में संचालित प्रशासन के लक्ष्य को हासिल करने में कैसे मदद कर सकते हैं। आईसीएसआई का मुख्यालय नई दिल्ली में है तथा इसके चार क्षेत्रीय परिषद चेन्नई, कोलकाता, मुंबई और नई दिल्ली में हैं, तथा 69 चैप्टर्स देश भर में फैले हुए हैं।   साभार-khaskhabar.com   

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पणजी। रॉयल एनफील्ड ने यहां अपने वार्षिक राइडर मेनिया में सैकड़ों मोटरसाइकिल प्रेमियों के सामने रविवार को इंटरसेप्टर जीटी 650 और कॉन्टिनेंटल जीटी 650 लॉन्च की।   दोनों मोटरसाइकिलों में बेहतर प्रदर्शन के लिए ऑइल कूलर के साथ 650 सीसी के  दो एयर कूल्ड इंजन दिए गए हैं। कथित तौर पर तेल से चलने वाले ये मोटर 7,100आरपीएम पर 47पीएस की शक्ति देंगे और 4,000 आरपीएम पर 52एनएम की शक्ति देंगे।   दोनों मोटरसाइकिलें सात नवंबर, 2017 को इटली के मिलान में लॉन्च की गई थीं।   नए इंटरसेप्टर में छह स्पीड गियरबॉक्स दिए गए हैं, जिसे खासतौर पर इस मोटरसाइकिल के लिए विकसित किया गया है।   गियरबॉक्स ‘स्लिप/अस्टिट’ क्लच द्वारा संवर्धित है, जो टै्रफिक में मोटरसाइकिल को आसानी से चलाने में मदद करता है और गियर कम करते समय व्हील-हॉप से भी बचाता है। यह सुविधा रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकल में पहली बार दी गई है।   मोटरसाइकिल में एबीएस सहित आगे और पीछे डिस्क ब्रेक दिए गए हैं। इसमें आगे और पीछे 18 इंच के पिरेली टायर हैं और दो शॉक अब्जॉर्बर मौजूद हैं।   जबकि कॉन्टिनेंटल जीटी 650 मौजूदा कॉन्टिनेंटल जीटी 535 की तरह ही दिखती है। जीटी 650 में वहीं हेडलैंप और ईंधन टैंक दिए गए हैं, जो जीटी 535 में हैं। गाड़ी के पिछले हिस्से में कुछ बदलाव किया गया है।    दो नई मोटरसाइकिलों के लॉन्च के बाद रॉयल एनफील्ड के सीईओ और एमडी सिद्धार्थ लाल ने कहा, ‘‘दोनों इंटरसेप्टर 650 और कॉन्टिनेंटल जीटी 650 मूल्य और रखरखाव के मामले में भारत में आसानी से उपलब्ध होंगे।’’   उन्होंने कहा कि दोंनों नई मोटरसाइकिलें मार्च या अप्रैल से शोरूम में उपलब्ध होंगी। मोटरसाइकिलों की कीमत बताए बिना लाल ने संकेत दिए कि ये तीन से 3.5 लाख रुपये के बीच उपलब्ध होंगी। साभार-khaskhabar.com     

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न्यूयॉर्क। तेल की कीमतों में शुक्रवार को एक बार फिर तेजी दर्ज की गई। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, तेल की कीमतें इस सप्ताह में दो वर्षों के उच्च स्तर से गिर गई थी।   हालांकि, डॉलर में कमजोरी की वजह से शुक्रवार को तेल की कीमतों में मजबूती रही।    न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर तेल 1.31 डॉलर की मजबूती के साथ 56.55 डॉलर प्रति बैरल रहा, जबकि लंदन आईसीई फ्यूचर्स एक्सचेंज पर ब्रेंट क्रूड 1.36 डॉलर की बढ़त के साथ 62.72 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। साभार-khaskhabar.com       

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मुंबई। देश के शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में शुक्रवार को तेजी का रुख है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.27 बजे 346.46 अंकों की मजबूती के साथ 33,453.28 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 112.35 अंकों की बढ़त के साथ 10,327.10 पर कारोबार करते देखे गए।   बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 281.65 अंकों की मजबूती के साथ 33,388.47 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 109.8 अंकों की बढ़त के साथ 10,324.55 पर खुला।     साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। खाद्य पदार्थों की कीमतें बढऩे से थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित देश की महंगाई दर अक्टूबर में बढक़र 3.59 फीसदी रही है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, संशोधित आधार वर्ष 2011-12 के आधार पर अक्टूबर में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) 3.59 फीसदी रहा, जो सितंबर में 2.60 फीसदी था।    इन आंकड़ों पर भारतीय कॉरपोरेट जगत ने कहा कि मुद्रास्फीति में तेजी की उम्मीद पहले से ही थी, जिसका प्रमुख कारण मांग में तेजी और कच्चे तेल समेत अन्य वस्तुओं की कीमतों में हुई वैश्विक वृद्धि है। साथ ही यह कहा कि नीति निर्माताओं को चुनौतियों का सामना करने के लिए सुधारात्मक उपाय करने चाहिए।    विभिन्न खंडों के आधार पर प्राथमिक वस्तुओं की अक्टूबर में महंगाई दर 0.15 फीसदी बढक़र 3.33 फीसदी रही, जिसका डब्ल्यूपीआई में 22.62 फीसदी भार है।    खाद्य पदार्थों की कीमतें साल-दर-साल आधार पर अक्टूबर में 4.30 फीसदी हो गईं, जो सितंबर के दौरान 2.04 फीसदी थीं। प्याज के थोक मूल्य सूचकांक में 127.04 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि आलू की कीमतें 44.29 फीसदी घटीं।    अक्टूबर में कुल मिलाकर सब्जियों की कीमतों में 36.61 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि एक साल पहले इसी महीने में इसमें 11.84 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।    आंकड़ों के मुताबिक, गेहूं की कीमत साल-दर-साल आधार पर अक्टूबर में 1.99 फीसदी कम रही, जबकि दालों की कीमतों में 31.05 फीसदी की कमी आई।    प्रोटीन आधारित खाद्य पदार्थों जैसे अंडा, मांस और मछली में समीक्षाधीन माह में 5.76 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।    समीक्षाधीन माह में ईंधन और बिजली की कीमतों में 10.52 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।   एसोचैम के महासचिव डी. एस. रावत ने कहा, ‘‘नीति निर्माताओं को उद्योग द्वारा पेश की जा रही चुनौतियों पर सुधारात्मक कार्रवाई करनी चाहिए, जिसमें बढ़ती ब्याज दरें, दोहरे बैलेंस शीट, सीमित निवेश क्षमता और अन्य चुनौतियां शामिल हैं।’’   उन्होंने यह भी कहा कि डब्ल्यूपीआई के आंकड़ों में तेजी से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ेगा, जिससे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना घट जाएगी, क्योंकि आरबीआई ने पहले ही भविष्य में महंगाई को लेकर चिंता जताई है।    फिक्की के अध्यक्ष पंकज पटेल ने कहा, ‘‘अक्टूबर में थोक और खुदरा दोनों कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। सब्जियों के साथ खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेज वृद्धि रही। हालांकि यह प्रतिकूल मौसम की वजह से हैं। आनेवाले महीनों में स्थितियां सुधरेंगी।’’   उन्होंने आगे कहा, ‘‘फिक्की यह दोहराना चाहता है कि वर्तमान परिदृश्य में केंद्रीय बैंक द्वारा मुद्रास्फीति का लक्ष्य निर्धारित करना सही नहीं होगा। विनिर्माण क्षेत्र वापस पटरी पर लौटता दिख रहा है और यह महत्वपूर्ण है कि इसे सभी नीतिगत स्तर से समर्थन दिया जाए। ब्याज की उच्च दरें उद्योग के लिए अभी भी चुनौती बनी हुई हैं।’’   साभार-khaskhabar.com     

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गुवाहाटी। रोजमर्रा के इस्तेमाल की कई वस्तुओं की वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में दरें घटाने के बाद परिषद आगे भी राजस्व में उछाल आने पर दरों में कटौती कर सकती है। असम के वित्तमंत्री हिमांता बिश्व सरमा ने मंगलवार को यह बात कही।    सरमा जीएसटी परिषद के सदस्य हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगले साल जनवरी के अंत में होनेवाली बैठक में हस्तशिल्प, हथकरघा और रियल एस्टेट को नई कर व्यवस्था में लाने को लेकर दरों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।    उन्होंने यह बात एफएमसीजी कंपनी इमामी के यहां से 25 किलोमीटर दूर स्थित संयंत्र के उद्घाटन के मौके से इतर कही।    उन्होंने कहा, ‘‘दरों में कटौती एक सतत प्रक्रिया है, लेकिन यह राजस्व में उछाल के आधार पर तय की जानी चाहिए। जैसे ही करों में बढ़ोतरी हो जाएगी, वैसे ही दरों में कटौती की राह खुल जाएगी। ऐसा नहीं है कि 28 फीसदी के कर से सभी चीजें बाहर निकल जाएंगी, क्योंकि उसमें कई लक्जरी चीजें भी शामिल हैं, जिससे सरकार को राजस्व मिलता है। लेकिन छंटाई अभी भी संभव है।’’   उन्होंने पेंट्स और सीमेंट का उदाहरण देते हुए कहा कि इन्हें कर की ऊंची दरों में रखा गया है, हालांकि ये आम इस्तेमाल की वस्तुएं हैं, लेकिन इससे सरकार को राजस्व मिलता है।   उन्होंने कहा, ‘‘सीमेंट के लिए कर की दर में अगर 10 फीसदी की कटौती की जाती है, तो सरकार को 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होगा। तो प्रश्न यह है कि क्या सरकार ऐसे जोखिम लेने को तैयार है या नहीं।’’ साभार-khaskhabar.com       

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चेन्नई। भारतीय जीवन बीमा निगम उद्योग ने अक्टूबर में अच्छी वृद्धि दर्ज की है और कुल 13874.34 करोड़ रुपये के प्रीमियम बेचे हैं। बीमा नियामक ने सोमवार को यह जानकारी दी। भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) के मुताबिक भारतीय जीवन बीमा उद्योग ने साल 2016 के अक्टूबर में कुल 11107.04 करोड़ रुपये के प्रीमियम की बिक्री की थी।   आईआरडीएआई ने कहा कि अक्टूबर तक उद्योग ने कुल 1,05,939.70 करोड़ रुपये के नए प्रीमियम बेचे हैं, जो पिछले साल की समान अवधि में 87,343.19 करोड़ रुपये थी। उद्योग की सबसे बड़ी कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) समेत ज्यादातर निजी जीवन बीमा कंपनियों ने अक्टूबर में पिछले साल के इसी माह की तुलना में प्रीमियम में वृद्धि दर्ज की है।    जीवन बीमा की संख्या के हिसाब से अक्टूबर तक एलआईसी ने 14,33,711 पॉलिसियां बेची और 77,977.72 करोड़ रुपये के नए प्रीमियम हासिल किए, जबकि पिछले साल के अक्टूबर में एलआईसी ने 12,56,423 पॉलिसियां बेची थी और 62,735.01 करोड़ के प्रीमियम हासिल किए थे।    वहीं, दूसरी तरफ सभी 23 निजी कंपनियों ने मिलकर कुल 4,63,145 पॉलिसियां बेची और कुल 27,961.98 करोड़ रुपये की कमाई की। जबकि साल 2016 के अक्टूबर में निजी कंपनियों ने कुल 4,26,676 पॉलिसियां बेची थी और कुल 24,608.18 करोड़ रुपये के प्रीमियम हासिल किए थे। साभार-khaskhabar.com       

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मुंबई। देश के शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में शुक्रवार को गिरावट का रुख है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.25 बजे 48.40 अंकों की गिरावट के साथ 33,202.53 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 18.25 अंकों की कमजोरी के साथ 10,290.70 पर कारोबार करते देखे गए।   बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 15.18 अंकों की कमजोरी के साथ 33,235.75पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 4.6 अंकों की कमजोरी के साथ 10,304.35 पर खुला।   साभार-khaskhabar.com   

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अलवर। राजस्थान के अलवर जिले में डाबर ने मंगलवार को तीन सरकारी स्कूलों में आधारभूत ढांचे में सुधार के साथ अपनी सामुदायिक विकास पहल की औपचारिक शुरुआत की घोषणा की। डाबर ने इस साल की शुरुआत में सरकारी माध्यमिक स्कूल गुगदुड, सरकारी प्राथमिक स्कूल हल्दीना उमरई और राजकीय आदर्श उच्च मद्यामिल विद्यालय बागध राजपूत स्कूलों को गोद लेकर अलवर में अपने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) की शुरुआत की थी।    यह विकास कार्य डाबर की सीएसआर शाखा जीवंति वेलफेयर व चैरिटेबल ट्रस्ट और एक स्वतंत्र विकास एजेंसी युवा अनस्टॉपेबल द्वारा किया गया। डाबर इंडिया के सीएसआर प्रमुख ए.सुधाकर ने कहा, हम मानते हैं कि शिक्षा एक बेहतर जीवन और समाज के समग्र विकास को सुनिश्चित करने की कुंजी है। डाबर ने नामांकन स्तर में सुधार और ग्रामीण और अर्ध-शहरी विद्यालयों में स्कूल छोडऩे की दर को कम करने, स्कूलों में बुनियादी ढांचे में सुधार लाने और ग्रामीण भारत के बच्चों के लिए सीखने के अनुभव में सुधार लाने की जिम्मेदारी ली है।    यह सुधार इस बड़ी पहल का हिस्सा है। सुधाकर ने कहा, शिक्षा-संबंधित परियोजनाओं को कवर करने के लिए हमने राजस्थान में सामुदायिक विकास पहल का दायरा बढ़ा दिया है। अलवर के इन तीन स्कूलों में विकास कार्य पूरा होने के साथ, अब हम क्षेत्र के पांच नए स्कूलों में इस कार्य को विस्तारित करेंगे। सुधाकर ने कहा, क्षेत्र के एक विस्तृत सर्वेक्षण के बाद, अलवर में इन तीन स्कूलों को हमारे सीएसआर एक्टिविटी का लाभ देने के लिए चुना गया था।    स्कूल प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों के साथ विचार विमर्श के बाद, हमने इस स्कूल में कई विकास गतिविधियां आरंभ की, जिसमें कक्षाओं में सुधार, स्कूल में मौजूदा टॉयलेट ब्लॉक की मरम्मत और नवीनीकरण, पीने के पानी और डिशवाशिंग के लिए नई सुविधाएं तैयार करना शामिल हैं।   साभार-khaskhabar.com   

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मुंबई। चीनी मोबाइल निर्माता ट्रांसन होल्डिंग्स के ब्रांड आईटेल ने सोमवार को घरेलू ऑपरेटिंग सिस्टम इंडस ओएस के साथ साझेदारी की घोषणा की है।    इस भागीदारी के द्वारा आईटेल मोबाइल भारतीय स्मार्टफोन बाजार में सॉफ्टवेयर में विविधता ला रहा है, जिसके बारे में माना जाता है कि यह भविष्य की सफलता की कुंजी है।    आईटेल मोबाइल इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुधीर कुमार ने एक बयान में कहा, ‘‘इंडस ओएस के साथ साझेदारी इस दिशा में हमारा एक और कदम है। वर्तमान में यह 12 अलग-अलग क्षेत्रीय भाषाओं का समर्थन करने वाला इकलौता स्मार्टफोन प्लेटफार्म है, जिसे भारतीय यूजर्स की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिजायन किया गया है।’’   इस भागीदारी से आईटेल के कई नए स्मार्टफोन्स में इंडस एप बाजार देखने को मिलेगा।    इंडस ओएस के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश देशमुख ने कहा, ‘‘हम व्यापक यूजर्स के पास इंडस अनुभव पहुंचाने में जुटे हैं और इस भागीदारी से हमें साल 2020 तक 10 करोड़ यूजर आधार के लक्ष्य तक पहुंचने में मदद मिलेगी।’’ साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। रिलायंस निप्पॉन एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर सोमवार को सूचीबद्ध किया जाएगा।    उद्योग सूत्रों के मुताबिक, एनएसई पर सूचीबद्ध करने के समारोह में रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी, रिलायंस कैपिटल के कार्यकारी निदेशक अनमोल अंबानी, रिलायंस निप्पॉन लाइफ एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संदीप सिक्का, निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस के उपाध्यक्ष ताकेशी फुरुइची और भारत में जापान के राजदूत केंजी हिरामात्सु शामिल होंगे।    रिलायंस निप्पॉन का आईपीओ 25 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक खुला था और इसकी प्राइस बैंड 247-252 रुपये रखा गया था। यह आईपीओ 81.54 गुणा ओवरसब्सक्राइव हुआ।    रिलायंस कैपिटल और जापान की निप्पॉन लाइफ ने आईपीओ के जरिए क्रमश: 283 करोड़ रुपये और 642 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की। कंपनी का लक्ष्य आईपीओ के जरिए करीब 1,542.24 करोड़ रुपये जुटाने का है।    रिलायंस निप्पॉन एएमसी के पास अगस्त के अंत तक 3.84 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति का प्रबंधन था, जिसमें म्यूचुअल फंड (2.3 लाख करोड़ रुपये), प्रबंधित खाते (1.53 लाख करोड़ रुपये) और विदेश स्थित निधियां व परामर्श अधिदेश (2,223 करोड़ रुपये) हैं।      साभार-khaskhabar.com     

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मुंबई। देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को तेजी दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 112.34 अंकों की तेजी के साथ 33,685.56 पर और निफ्टी 28.70 अंकों की तेजी के साथ 10,452.50 पर बंद हुआ।    बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 94.12 अंकों की तेजी के साथ 33,667.34 पर खुला और 112.34 अंकों या 0.33 फीसदी की तेजी के साथ 33,685.56 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 33,733.71 के ऊपरी और 33,531.94 के निचले स्तर को छुआ।    बीएसई के मिडकैप सूचकांक में गिरावट और स्मॉलकैप सूचकांक में तेजी रही। बीएसई का मिडकैप सूचकांक 12.24 अंकों की गिरावट के साथ 16,713.1 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 87.16 अंकों की तेजी के साथ 17,856.03 पर बंद हुआ।   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 37.75 अंकों की तेजी के साथ 10,461.55 पर खुला और 28.70 अंकों या 0.28 फीसदी की तेजी के साथ 10,452.50 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 10,461.70 के ऊपरी और 10,403.60 के निचले स्तर को छुआ।    बीएसई के 19 में से 9 सेक्टरों में तेजी रही। पूंजीगत वस्तुएं (1.09 फीसदी), औद्योगिक (1.01 फीसदी), बैंकिंग (1.00 फीसदी), वित्त (0.72 फीसदी) और रियल्टी (0.37 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।   बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में- उपभोक्ता सेवाएं (0.59 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.56 फीसदी), दूरसंचार (0.48 फीसदी), बिजली (0.35 फीसदी) और ऊर्जा (0.15 फीसदी) प्रमुख रहे।    साभार-khaskhabar.com       

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