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हाजीपुर। लॉकडाउन के दौरान देश में आवश्यक सामग्रियों की कमी नहीं हो, इसके लिए पूर्व-मध्य रेलखंड में मालगाड़ियों तथा विशेष पार्सल ट्रेनों का परिचालन जारी है। इधर बाजार में मास्क, सैनिटाइजर, कीटनाशक की कमी को देखते हुए पूर्व-मध्य रेलवे के कर्मचारी इन सामग्रियों को खुद तैयार कर रहे हैं। पूर्व-मध्य रेल द्वारा रेलकर्मियों को मास्क, सैनिटाइजर सहित अन्य सुरक्षात्मक किट उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करते हुए 14 अप्रैल से अब तक 55,263 मास्क और 6,408 लीटर सैनिटाइजर तैयार किए जा चुके हैं। इसी क्रम में छिड़काव के लिए 8,463 लीटर कीटनाकशक भी बना लिए गए हैं। पूर्व-मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बुधवार को बताया कि अब तक धनबाद मंडल द्वारा 20,836, दानापुर मंडल द्वारा 4,295, समस्तीपुर मंडल द्वारा 3,754, सोनपुर मंडल द्वारा 1,4436, पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर मंडल द्वारा 8,520 तथा मुख्यालय द्वारा 3422 मास्क तैयार किए गए हैं। इसी तरह कुल 6408 लीटर सैनिटाइजर भी तैयार किए गए हैं। धनबाद मंडल में अब तक 5,660 लीटर, दानापुर मंडल में 2,20 लीटर, समस्तीपुर मंडल में 92 लीटर, सोनपुर मंडल में 21 लीटर, पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर मंडल में 3,35 लीटर तथा मुख्यालय द्वारा 80 लीटर सेनिटाइजर तैयार किए जा चुके हैं। इसी क्रम में दानापुर मंडल द्वारा 8000 तथा पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल द्वारा छिड़काव के लिए 463 लीटर कीटनाकशक भी तैयार किए गए हैं।  साभार-khaskhabar.com

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चंडीगढ़ । रविवार को पटियाला में हुई नृशंस घटना के बाद पंजाब पुलिस को सोशल मीडिया पर भारी समर्थन मिल रहा है । लोग पुलिस के धैर्य और संयम की भी तारीफ़ कर रहे हैं जो घटना के वक्त पुलिस ने परिस्थिति को संभालने के लिए दिखाया । आम लोगों के साथ-साथ राजनेता और मंत्री भी कह रहे हैं 'पंजाब पुलिस साडा मान' । पूर्व सूचना एंव प्रसारण मंत्री मनीष तिवाड़ी ने लोगों की तरफ से पंजाब पुलिस का धन्यवाद करते हुए कहा है कि ये जवान बिना थके दिन रात लोगों का सहयोग कर रहे हैं ताकि लॉकडाउन के वक्त किसी को कोई मुश्किल का सामना न करना पड़े | वहीँ पंजाब के शिक्षा मंत्री विजय इन्दर सिंगला ने भी 'कोरोना महामारी के समय दिन रात लोगों का साथ देने के लिए पुलिस की हौंसला अफ़ज़ाई की | आम लोगों ने भी खुलकर पुलिस का समर्थन किया और वट्सऐप पर पुलिस के हक़ में अपने स्टेटस तब्दील किए | वहीँ पंजाब पुलिस ने भी इंटरनेट पर उमड़े लोगों के प्यार के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि वे 'शुभ कर्मन ते कबहूँ न टरों' के अपने फलसफ़े के तहत लोगों का सहयोग और सेवा करते रहेंगे | गौरतलब है कि पिछले करीब 25 दिन से कर्फ्यू के दौरान पंजाब पुलिस ने लोगों की मदद की है और सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात भी जान मानस तक पहुंचाई है | आज मिले समर्थन से पुलिस की छवि और बेहतर हुई है |  साभार-khaskhabar.com

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शिमला ।मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हाॅट स्पाॅट क्षेत्रों में कफ्र्यू में कोई ढील नहीं दी जाएगी और आवश्यक वस्तुओं को होम डिलीवरी प्रणाली के तहत उपलब्ध करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आज यहां खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण और दूर दराज क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने नागरिक आपूर्ति निगम के डिपो में ‘बफर स्टाक’ सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जमाखोरी और मुनाफाखोरी करने वालों पर नजर रखें, और उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने बागवानी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक गांव में या संभव हो तो डोर-टू-डोर किसानों को कीटनाशक व अन्य पौध सुरक्षा सामग्री उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने मधुमक्खी बक्सों की समयबद्ध आपूर्ति और बागवानों को एंटी हेल नेट सुनिश्चित करवाने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि हाॅट स्पाॅट घोषित हुए क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबन्ध लगाया जाएगा तथा हाॅट स्पाॅट के सभी सार्वजनिक स्थानों को सेनेटाईज किया जाएगा।  साभार-khaskhabar.com

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चंडीगढ़ । हरियाणा में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में सामान्य मरीजों को चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाने के दृष्टिगत मोबाइल क्लीनिक की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए, हरियाणा रोडवेज की बसों को उपयोग में लाया जाएगा। यह जानकारी यहां मुख्य सचिव मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोड़ा की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड-19 के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों के साथ हुई संकट समन्वय समिति की बैठक में दी गई। मुख्य सचिव ने नोडल अधिकारियों से चिकित्सा तैयारियों संबंधी बिंदुवार चर्चा की। स्वास्थ्य सेवा में लगे स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीपीई किट की गुणवत्ता सुनिश्ति करने के लिए कंपनियों द्वारा तैयार की गई पीपीई किटों का सिटरा द्वारा सर्टिफिकेशन प्राप्त किया जाए। इसके अलावा, वेंटिलेटर बनाने वाली कंपनियों और इसके पुर्जे बनानी वाली कंपनियों को भी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि मोबाइल ओपीडी की सुविधा भी बढ़ाई जाए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रबी खरीद सीजन के मद्देनजर मंडियों में भीड़ इक_ा न हो, इसके लिए पूरी कार्यक्रम सूची तैयार की जाए और खरीद के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे स्वयं खरीद केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लें। उन्होंने निर्देश दिए कि फसल कटाई के लिए कंबाइन, हार्वेस्टर के निर्बाध आवागमन को सुनिश्चित किया जाए और जारी हिदायतों के अनुसार इन कंबाइन, हार्वेस्टर और ड्राइवरों को सैनेटाइज किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि खरीद को ध्यान में रखते हुए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम भी बनाए जाएं। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसल खरीद को लेकर किसानों व श्रमिकों के आवागमन में किसी प्रकार की कोई समस्या न आए, इसके लिए नाकों पर डयूटी दे रहे पुलिसकर्मियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए जाएं। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने जिलों में उद्योगपतियों, व्यापारियों से बातचीत कर एक कार्ययोजना तैयार की जाए कि यदि वे सभी अपने कारखानों या फैक्ट्रीयों में श्रमिकों के रहने व खाने-पीने का प्रबंध करते हैं तो वे सभी अपना व्यापार शुरू कर सकते हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर भविष्य के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और रोजमर्रा की वस्तुओं को लोगों के घर द्वार पर पहुंचाने पर बल दिया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कहा कि इस संकट की घड़ी में मानव संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए रणनीति के तहत मानव संसाधनों का उपयोग किया जाए। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि मंडियों व खरीद केन्द्रों पर भीड़ एकत्रित न हो, इसे रोकने के लिए विभाग द्वारा एक तंत्र बनाया गया है, जिसके तहत किस दिन, कितने किसानों को खरीद केन्द्रों पर बुलाया जाएगा, उसका मैसेज किसानों को मोबाइल पर भेज दिया जाएगा। इसके अलावा, किसानों और खरीद केन्द्रों की पूरी सूची पांचयतों को भी भेज दी जाएगी, इससे पंचायतों और प्रत्येक गाँव के किसानों को यह पता होगा कि उन्हें किस दिन और किस खरीद केंद्र पर जाना है। उन्होंने बताया कि खरीद केन्द्रों के एंट्री और एग्ज़िट पॉइंट पर कड़ी नजऱ रखी जाएगी। किसानों को ऑनलाइन ई-गेट पास और यूनिक आईडी जारी होने पर ही मंडी में प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक खरीद केंदों के अनुसार आढ़तियों और किसानों की पूरी मैपिंग की गई है। उन्होंने बताया कि मार्केटिंग बोर्ड के कर्मचारियों, आढ़तियों, खरीद एजेंसियों, श्रमिकों और किसानों के लिए दिशा-निर्देशों की एक पुस्तिका तैयार की जा रही है, जिससे सबको यह पता होगा कि कोरोना से बचाव के लिए क्या करना है और क्या नहीं। उन्होंने बताया कि चूंकि प्रदेश में खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है, इसलिए सभी केंद्रों पर खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद नहीं रह सकेंगे, इसलिए खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए अन्य विभागों के कर्मचारियों को खरीद केंद्रों पर प्रतिनियुक्त किया जाएगा। इसके लिए ऐसे सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंडियों व खरीद केंद्रों पर मास्क, सैनेटाइजर और थर्मल स्कैनर की व्यवस्था की गई है।    साभार-khaskhabar.com

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चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने राज्य में 1 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला किया है। पंजाब में कोरोना के अब तक कुल 130 मामले सामने आए हैं। इनमें से 4 जहां पूरी तरह ठीक हो चुके हैं, वहीं अब तक 10 लोगों की संक्रमण से मौत हो चुकी है। पंजाब में कर्फ्यू या लॉकडाउन की अवधि 1 मई तक बढ़ा दी गई है। ऐसे में लोगों को कोरोना से बचने के लिए घरों में ही रहना होगा। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंत्रिमंडल की बैठक में सर्वसम्मित से यह निर्णय लिया है। इसका सख्ती से पालन कराने के निर्देश भी जारी कर दिए है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लॉकडाउन अभी जारी रहेगा, क्योंकि अगर इसे खोल दिया गया तो संक्रमण ज्यादा फैलेगा और इससे संकट बढ़ सकता है। लेकिन प्रदेश में कर्फ्यू लगने से एक अच्छी बात भी हुई है। प्रदेश में नशा तस्करी की चेन टूट गई। इससे हम खुश हैं और इस दिशा में आगे काम किया जाएगा। इसके लिए एक टास्क फोर्स लगा दी गई है, जो रणनीति बना रही है।      साभार-khaskhabar.com

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शिमला । प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान ने बताया कि प्रदेश में 127 लोगों के सैंपल लिए गए, जिसमें से 87 सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है तथा शेष 40 सैंपलों की रिपोर्ट आना बाकि है। उन्होंने कहा कि शिमला के आईजीएमसी में दाखिल जिला सोलन से संबंधित तीन कोविड-19 पाॅजिटिव लोगों के दोबारा सैंपल लिए गए, जिनमें से एक व्यक्ति की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है तथा दो लोगों की रिपोर्ट आना अभी बाकि है।   उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोविड-19 के लिए कुल 900 लोगों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 832 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है। प्रदेश में 28 लोग कोविड-19 पाॅजिटिव पाए गए है, जिनमें से 2 लोग नेगेटिव पाए जाने के बाद घर भेज दिए गए है, 4 लोग प्रदेश से बाहर उपचाराधीन है एवं एक व्यक्ति का देहांत हो चुका है जबकि 21 व्यक्ति प्रदेश में उपचाराधीन है।   उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 5200 व्यक्तियों को कोरोना वायरस के लिए निगरानी में रखा गया है, जिनमें से 2785 लोगों ने 28 दिनों की निगरानी अवधि पूरी कर ली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक्टिव केस फाइडिंग अभियान के तहत प्रदेश में अब तक लगभग 65 लाख लोगों की स्वास्थ्य जानकारी घर-घर जा कर एकत्र की जा चुकी है।      साभार-khaskhabar.com

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शिमला।मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कोरोना वायरस के दृष्टिगत आज शिमला से प्रदेश के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक की। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान चिकित्सा जांच के लिए स्वेच्छा से सामने न आने वाले दिल्ली की निजामुद्दीन तबलीगी जमात के व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हाल ही में दिल्ली में निजामुद्दीन तबलीगी जमात के धार्मिक समागम में शामिल होने वाले व्यक्तियों का पता लगाने के लिए सक्रिय अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बद्दी तथा नालागढ़ क्षेत्रों के सात कोरोना वायरस पाॅजिटिव व्यक्तियों के नजदीकी लोगों को चिन्हित किया जाए तथा वायरस को फैलने से रोकने के लिए उन्हें क्वारटीन में रखा जाए। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए अपने क्षेत्रों में ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित करने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यात्रा का ब्यौरा छुपाने वाले व्यक्तियों तथा उन्हें आश्रय देने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। जय राम ठाकुर ने पुलिस अधीक्षकों को चिकित्सा दलों को उचित पुलिस सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए, ताकि वे अपना दायित्व प्रभावी रूप से तथा बिना किसी डर के निभा सके। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में आरंभ एक्टिव केस फाईंडिंग अभियान के तहत अपना पूर्ण सहयोग दें। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता गांव में घर-घर जाकर कोविड-19 के लक्षणों से संबंधित जानकारी संकलित कर रहे हैं।   मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस अभियान के तहत गत दो दिनों में 13.5 लाख व्यक्तियों की स्वास्थ्य जानकारी प्राप्त की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से पीड़ित व्यक्तियों को अब हिमकेयर तथा आयुष्मान भारत योजना के तहत चिकित्सा प्रदान की जाएगी।   मुख्यमंत्री ने लोगों की सुविधा के लिए खुले बाजारों में आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नागरिक आपूर्ति निगम के डिपो में बफर स्टाॅक सुनिश्चित करवाने के प्रयास भी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जमाखोरी और मुनाफाखोरी को रोकने तथा दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने पर बल दिया जाना चाहिए।    साभार-khaskhabar.com

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चण्डीगढ । हरियाणा राज्य के किसानों को आश्वस्त करते हुए कि उनकी उपज का एक-एक दाना राज्य सरकार द्वारा खरीदा जाएगा, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सरसों की 15 अप्रैल और गेहूं की 20 अप्रैल से होने वाली खरीद के लिए मंडियों और खरीद केंद्रों की संख्या में वृद्धि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गेहूं की खरीद के लिए मंडियों और खरीद केंद्र की संख्या 477 से बढ़ाकर 2000 की गई है और सरसों के 67 खरीद केन्द्र से बढ़ाकर 140 खरीद केन्द्र किए गए हैं ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हों। मनोहर लाल ने यहां एक डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यह घोषणाएं कीं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कल केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को आहवान किए जाने के बाद, उन्होंने स्वयं और हरियाणा के राज्यपाल, उप-मुख्यमंत्री, सभी कैबिनेट मंत्रियों और राज्य मंत्री, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने भी कोरोना वायरस के प्रकोप को फेलने से रोकने के लिए और अर्थव्यवस्था में अपेक्षित मंदी के मद्देनजर वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतू अपने ऐच्छिक कोटे से समेकित निधि (कोनसोलीडेट फंड) में 51 करोड़ रुपये का योगदान करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर एहतियात के तौर पर चरणबद्ध तरीके से किसानों की उपज खरीदने की योजना तैयार की गई है। उन्होंने राज्य सरकार के इस फैसले का तहे दिल से समर्थन करने वाले आढ़तियों का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को भी पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि उन किसानों को प्रोत्साहन दिया जाए जो देरी से अपनी उपज को मंडियों में लेकर आएंगें। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरी उम्मीद है कि केंद्र सरकार जल्द ही इस पर अनुकूल निर्णय लेगी’’। मुख्यमंत्री ने ‘‘मेरी फसल मेरा ब्योरा योजना’’ का उल्लेख करते हुए कहा कि हालांकि राज्य सरकार ने प्रदेश में किसान की फसल का पंजीकरण पूरा कर लिया है, लेकिन कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को उन किसानों के लिए पंजीकरण को फिर से खोलने का निर्देश दिया गया है, जो किसी भी कारण से पहले अपना पंजीकरण नहीं करवा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे किसान 19 अप्रैल, 2020 तक पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों को उनकी उपज की खरीद के 24 घंटों के भीतर उनके बैंक खातों में भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार सरसों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदेगी और किसानों द्वारा मंडियों में सरसों की फसल की खरीद पर कोई सीमा नहीं होगी। मनोहर लाल ने राज्य के किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी के खिलाफ लडऩे के लिए स्थापित कोरोना रिलीफ फंड में अपना योगदान दें। उन्होंने किसान संगठनों और किसान संघों का भी धन्यवाद किया जो इस संकट की घडी में आगे आ रहे हैं और किसानों से फंड में उदारता से योगदान देने का आग्रह कर रहे हैं। राज्य और देश की खाद्यान्न की आवश्यकता को पूरा करने में किसानों के योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने आग्रह किया कि वे मंडियों में अपनी उपज लेते समय सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) बनाए रखें और मास्क का उपयोग करें ताकि कोरोना वायरस से स्वयं को प्रभावित होने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि मंडियों और खरीद केंद्रों में मास्क उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि कोविड-19 के प्रकोप को फैलने से रोका जा सकें। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत तीन महीने का राशन पहले ही डिपो में पहुंचा दिया गया है और सभी गुलाबी, पीला और खाकी कार्ड धारकों को दोगुना राशन निशुल्क दिया जाएगा। इस राशन में चीनी और सरसों का तेल भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, राज्य सरकार ने फैसला किया है कि अब से, गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) कार्ड धारक भी बाजार दरों की तुलना में कम दरों पर डिपो से राशन प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस समय जब सरकार और पूरा समाज कोविड-19 का मुकाबला कर रहा है, यह लोगों की जिम्मेदारी है कि वे स्वेच्छा से आगे आएं और समाज के गरीब तबके के लोगों की मदद करें। उन्होंने राहत उपायों में जिला प्रशासन की सहायता के लिए गांवों और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक गरीब की देखभाल कर रही है और पिछले सात दिनों में 55 लाख खाद्य पैकेट और 3.50 लाख राशन पैकेट वितरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किए गए आह्वान पर, समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने अब तक कोरोना रिलीफ फंड में लगभग 49 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के 150 कर्मचारियों ने मार्च, 2020 का अपना 100 प्रतिशत वेतन का योगदान दिया है, वहीं 1.82 लाख कर्मचारियों ने एक प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक का योगदान दिया है। एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल कटाई को लेकर हरियाणा में टैऊक्टर व कंबाईन हारवेस्टर इत्यादि मशीनरी की आवाजाही में दिक्कत नहीं होगी बल्कि इस मशीनरी के साथ आने वाले लोगों के आवश्यक टेस्ट करवाते हुए तथा सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और पंजाब से कुछ कंबाईन हारवेस्टर मशीनें हरियाणा में आ चुकी है और इसके अलावा, हरियाणा में 4500 कंबाईन हारवेस्टर मशीनें हैं। उन्होंने बताया कि ऐसी सभी मशीनों व वाहनों की वर्कशाप और एजेंसी को खुले रहने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि फसल कटाई में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि राज्य में फसल कटाई व उठान के लिए मनरेगा के श्रमिकों को उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके अलावा, राज्य के 200 विभिन्न राहत शिविरों में रह रहे 15000 से अधिक मजदूरों ने भी खेतों में काम करने की इच्छा जताई है। डिजीटल लाइव प्रैस कान्फ्रेंस के दौरान एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा के विधायकों का इस माह का वेतन कोरोना रिलिफ फंड में जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल के लॉकडाउन के संबंध में केन्द्र सरकार जैसा निर्णय लेगी, उसी अनुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी। कर्मचारियों के वेतन में से स्वेच्छिक रूप से योगदान देने के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि अभी तक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने इस वेबपोर्टल पर सबसे अधिक योगदान दिया है जो अब तक प्राप्त राशि का 50 प्रतिशत से भी अधिक है। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि सरकारी कर्मचारियों द्वारा वेबपोर्ट पर पंजीकृत किए गए प्रदर्शन के अनुसार लगभग 70 करोड रूपए की राशि आने की संभावना है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने 50 से 60 लाख मीट्रिक टन अनाज रखने की सुविधा तैयार की है। इसके अलावा, विभिन्न स्थानों पर भी शेड सुविधा तैयार की गई है जहां पर दो से तीन महीनें के लिए अनाज को रखा जा सकता हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि गुरूग्राम की मंडियों में सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर गुरूग्राम के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिए गए हैं कि वे मंडियों में जाकर इस सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने में लोगों को समझाएं ताकि कोविड-19 के प्रकोप को फेलने से रोका जा सकें।    साभार-khaskhabar.com

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गांधीनगर। गुजरात में बुधवार सुबह चार और कोरोनोवायरस पॉजिटिव मामले सामने आए। वहीं स्वास्थ्य अधिकारियों ने जानकारी दी कि दो और मौतों के साथ राज्य में कुल मौत का आंकड़ा बढ़कर 16 हो गया है। जामनगर के जीजी अस्पताल में भर्ती एक 14 महीने के बच्चे ने खतरनाक वायरस के चलते दम तोड़ दिया। सूरत के एक पुरुष (65) की भी मंगलवार शाम को कोरोनावायरस से मौत हो गई। मरीज हाइपरटेंशन से पीड़ित था। गुजरात के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव जयंती रवि ने कहा, "स्वास्थ्य अधिकारियों ने शिशु को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन शिशु के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था और आखिरकार वह इस वायरस से जिंदगी की जंग हार गया। इसके अलावा सुबह चार और मामले पॉजिटिव पाए गए। भावनगर के 2 पुरुषों (38) और (43) को सर टी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक और पॉजिटिव मामला सूरत में दर्ज हुआ है। इस 70 वर्षीय महिला को मेटास अस्पताल में भर्ती किया गया है। वड़ोदरा के एक 22 वर्षीय युवक को गोटरी में गुजरात मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सोसाइटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भर्ती किए गए चारों लोग स्थानीय स्तर पर संक्रमित हुए हैं।" रवि ने कहा, "पिछले 24 घंटों में परीक्षण के लिए 932 नमूने लिए गए, जिसमें से 14 पॉजिटिव और 687 नेगेटिव पाए गए। वहीं 231 की रिपोर्ट आने का इंतजार है। बुधवार शाम तक इनमें से अधिकांश के नतीजे आने की उम्मीद है।" अधिकतम नमूने भावनगर (45), अहमदाबाद (40), सूरत (27), राजकोट और गांधीनगर (24 प्रत्येक) में एकत्र किए गए थे। बुधवार के मामलों के साथ, गुजरात में अब कुल 179 पॉजिटिव मामले हैं जिनमें 16 मौतें भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा मामले अहमदाबाद में 83 हैं, इसके बाद सूरत (23), भावनगर (16), गांधीनगर और वड़ोदरा (प्रत्येक में 13), राजकोट (11), पाटन (5), पोरबंदर (3), कच्छ मेहसाणा और गिर-सोमनाथ में दो-दो और पंचमहल, छोटा उदेपुर, जामनगर, मोरबी, आनंद और सबरखा में एक-एक मामले हैं। उन्होंने आगे कहा, "कुल पॉजिटिव मामलों में से, 136 रोगियों की हालत स्थिर बताई गई है। वहीं 25 को छुट्टी दे दी गई है और 2 की स्थिति गंभीर है, वे वेंटिलेटर पर हैं।" उन्होंने आगे कहा, "कुल पॉजिटिव मामलों में से 33 ने अंतर्राष्ट्रीय यात्रा की थी, वहीं 32 ने अंतरराज्यीय यात्रा की थी। बाकी 114 लोग स्थानीय स्तर पर संक्रमित हुए हैं। हमने अब तक कुल 3,972 परीक्षण किए हैं, जिसमें से 3,562 नेगेटिव और 179 पॉजिटिव आए हैं। 231 के परिणाम लंबित हैं।"  साभार-khaskhabar.com  

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जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि राजस्व में भारी गिरावट की वजह से राज्यों की वित्तीय स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। वित्तीय स्थिति को देखते हुए राजस्थान सरकार को राज्य कर्मियों के मार्च माह के वेतन को आंशिक रूप से स्थगित करने का मुश्किल फैसला लेना पड़ा। ऐसे में राज्यों की आर्थिक स्थिति समझते हुए केन्द्र सरकार की ओर से अत्यावश्यक कदम उठाने चाहिए। गहलोत ने पत्र में लिखा है कि देश के सभी राज्यों को 1 लाख करोड़ का अनुदान शामिल करते हुए आर्थिक पैकेज की घोषणा शीघ्र की जानी चाहिए। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने हाल ही में वेज एण्ड मीन्स एडवान्स में 30 प्रतिशत की सीमा बढ़ाई है लेकिन विशेष संकटकाल को देखते हुए राज्य सरकारों को ब्याज मुक्त वेज एण्ड मीन्स एडवान्स की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए ताकि वे कोविड-19 महामारी से ज्यादा प्रभावी तरीके से निपट सकें। मुख्यमंत्री ने 27 मार्च को प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में दिये गए सुझावों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यों को केन्द्र से अपेक्षा है कि भारतीय रिजर्व बैंक एवं केन्द्र के अधीन अन्य वित्तीय संस्थानों के समस्त ऋण जो आगामी समय में देय हैं, उनके भुगतान का पुनर्निधारण करते हुए ब्याज मुक्त आधार पर कम से कम 3 माह का मोरेटोरियम उपलब्ध कराए। साथ ही भारत सरकार के स्तर पर ऋण लेकर राज्यों के विकास के लिए उपलब्ध करवाया जाए। गहलोत ने पत्र में लिखा कि कनाडा जैसे कई देशों में वेज सब्सिडी उपलब्ध कराई है। उसी तर्ज पर भारत सरकार द्वारा यहां भी गैर संगठित क्षेत्र के श्रमिकों को आजीविका के नुकसान को देखते हुए उन्हें वेज सब्सिडी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने भारत सरकार द्वारा घोषित गरीब कल्याण योजना एवं आर्थिक पैकेज का स्वागत करते हुए जनहित में इसकी शीघ्र क्रियान्विती सुनिश्चित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कोविड-19 वायरस के प्रसार की सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए केन्द्र से परीक्षण सुविधा में तेजी से वृद्धि करने और डॉक्टरों तथा चिकित्सा कर्मचारियों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों एवं टेस्टिंग किट का युद्ध स्तर पर आयात कर कोरोना संक्रमित रोगियांे की संख्या के आधार पर इसका वितरण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा वंेटिलेटर का उचित प्रमाणिकरण कर उसका मूल्य निर्धारण किया जाए ताकि बाजार में आए कम लागत वाले प्रभावी वंेटिलेटर्स की खरीद में आसानी हो। गहलोत ने पत्र में लिखा कि केन्द्र सरकार को आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही के लिए स्पष्ट एवं पारदर्शी अंतर्राज्यीय आपूर्ति श्रंृखला प्रोटोकोल लागू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में दूसरे राज्यों से आए मजदूर फंसे हुए हैं। इसके अलावा ठेले एवं रेहड़ी चलाने वाले, पंजीकृत निर्माण श्रमिक और कारखानों में काम करने वाले श्रमिक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे में नहीं आते हैं। ऐसे में उन्हेें भी एनएफएसए लाभार्थियों के समान अनाज उपलब्ध करवाने की व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने मनरेगा के तहत पंजीकृत और सक्रिय मजदूरों को 21 दिन के अग्रिम वेतन भुगतान पर विचार करने का भी आग्रह किया और सुझाव दिया कि अग्रिम भुगतान को मनरेगा साइट पर काम शुरू होने के बाद मजदूरों द्वारा किये जाने वाले काम से समयोजित किया जा सकता है। गहलोत ने राज्य सरकारों को भरोसे में लेकर संघवाद के मूल्यों को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने कोविड-19 महामारी से समन्वित एवं ऊर्जावान तरीके से निपटने के लिए संघवाद की भावना की आवश्यकता पर जोर दिया।  साभार-khaskhabar.com

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जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोविड-19 का संक्रमण रोकने के लिए राज्य सरकार हर संभव कदम उठा रही है। प्रदेश में अभी तक 11 हजार 136 कोविड-19 के टेस्ट किये गये हैं। जो केरल के बाद किसी दूसरे राज्य द्वारा किये गये सर्वाधिक टेस्ट हैं। गहलोत शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित समीक्षा बैठक में कोरोना को लेकर वर्तमान स्थिति एवं लॉकडाउन के हालात के बारे में जानकारी ले रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में कोरोना टेस्ट भारत सरकार की संस्था इण्डियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) द्वारा राज्यों को दी गई गाइड लाइन के तहत किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेपिड टेस्ट किट के लिए आईसीएमआर ने जिन कम्पनियों को अधिकृत किया है राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा उनसे संपर्क किया जा रहा है। रेपिड टेस्ट किट उपलब्ध होने के बाद प्रदेश में और अधिक संख्या में टेस्ट किये जा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सही समय पर सही फैसले लिए हैं। पूरे देश में राजस्थान सरकार के इन कदमों की सराहना की जा रही है। कोविड-19 का कम्यूनिटी ट्रंासमिशन रोकने के लिए राज्य सरकार की ओर से किए गए उपायों की सराहना केन्द्र सरकार ने भी की है। उन्होंने इलेक्ट्रोनिक मीडिया, अखबार, सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से अपील की है कि सही जानकारियां आमजन तक पहुंचाएं, ताकि आमजन में भ्रम की स्थिति पैदा नहीं हो। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार ने समय रहते जो फैसले लिए हैं उन्हें सकारात्मक रूप से आमजन तक पहुंचाया जाए। गहलोत ने होम क्वारंटाइन में रखे गये लोगों से अपील की कि वे क्वारंटाइन के दौरान गाइड लाइन का पालन करें और घर से बाहर नहीं जाएं ताकि दूसरे लोगों में इस वायरस के फैलने का खतरा नहीं हो। उन्होंने कहा कि जो लोग इसका पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के इस प्रकोप के दौरान सामान्य एवं गंभीर बीमारियों वाले मरीजों को भी राज्य में सभी स्तरों के अस्पतालों में उचित इलाज मिले इस बात का पूरा ध्यान रखा जाये। हमें यह ध्यान रखना होगा कि दूसरी बीमारियों वाले मरीज परेशान नहीं हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान राशन की दुकानें खुली रहें और गेहूं की पर्याप्त आपूर्ति हो इस बात का पूरा ध्यान रखा जाये। उन्होंने कहा कि जो गरीब एवं जरूरतमंद राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कवर नहीं हो रहे हैं, उन तक राशन पहुंचाया जाए ताकि उन्हें भूखा नहीं रहना पडे़। गहलोत ने कहा कि दवाइयां, किराना, दूध जैसी आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुली रहे साथ ही मसाले, साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट, कीटनाशक, सरफेस क्लीनर, चार्जर, बैटरी जैसी आवश्यक वस्तुएं भी लॉकडाउन के दौरान उपलब्ध रहें यह सुनिश्चित किया जाए। बैठक में मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने बताया कि केन्द्र सरकार ने डिस्ट्रीक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) में जमा राशि का 30 प्रतिशत हिस्सा कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए उपयोग करने की अनुमति दे दी है। इस पर राजस्थान सरकार ने भी इस संबंध में आदेश जारी कर दिये हैं। जिन जिलों में यह राशि उपलब्ध है, अब वहां इसका व्यय किया जा सकेगा। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं की सूची के संबंध में केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन के तहत कई अन्य वस्तुओं एवं गतिविधियों को इसमें शामिल करते हुए राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चैन से जुड़ी ई-कॉमर्स कम्पनियों, होम डिलीवरी कम्पनियों, मैन्यूफैक्चरिंग इकाइयों, गोदाम एवं वेयर हाउस आदि को अनुमति दी गई है। इसके अलावा आयुर्वेदिक, यूनानी एवं होम्योपैथिक दवाओं की आपूर्ति, अस्पताल, क्लिीनिक भी इसमें शामिल हैं। कृषि उपकरणों, फर्टिलाइजर, खाद-बीज की दुकानों, कृषि उपकरणों में काम आने वाले पार्टस आदि की सप्लाई चैन भी लॉकडाउन में बाधित नहीं रहेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य रोहित कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में अभी तक कोरोना वायरस के कम्यूनिटी ट्रांसमिशन को रोकने में कामयाबी मिली है।  साभार-khaskhabar.com

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जयपुर । राजस्थान में तब्लीगी जमात के कारण कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 154 तक जा पहुंचा है। राजधानी जयपुर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 48 पहुंच गई है, जबकि भीलवड़ा में 26, टोंक में 16, जोधपुर में 10, झुंझुनू में 9 कोरोना पॉजिटिव है। जबकि दो इटली से और 18 कोरोना पॉजिटिव आर्मी कैंप से मिले है। वहीं चूरू में 8, अजमेर में 5, डूंगरपुर में 3, बीकानेर में 2, अलवर में 2 कोरोना पॉजिटिव मिले है।      साभार-khaskhabar.com

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