BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

मुंबई। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के 3 और मामले सामने आए हैं। 2 मामले पुणे से हैं और 1 बुलढाणा से सामने आने के बाद राज्य में कोरोना वायरस पॉजिटिव मामलों की संख्या बढ़कर 338 हो गई है। देश भर में कोरोना वायरस का कहर जारी है। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यहां पर कोरोना वायरस की चपेट में CISF के 5 जवान भी आ गए हैं। पांचों जवानों का टेस्ट पॉजिटिव आया है। बुधवार को सात लोगों की कोरोना से मौत हो गई। इसमें से 5 मौत मुंबई में ही हुई है।  साभार-khaskhabar.com  

Read More

चंडीगढ़। स्वर्ण मंदिर के पूर्व हजूरी रागी और पदमश्री निर्मल सिंह खालसा का गुरुवार सुबह पंजाब के अमतसर में एक अस्पताल में हदय गति रूकने से मृत्यु हो गई। उनका एक दिन पहले ही कोरोनावायरस परीक्षण पॉजिटिव निकला था। इसके साथ ही कोविड-19 के कारण पंजाब में मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई। 62 वर्षीय निर्मल सिंह हाल ही में यूके से लौटे थे और अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। सांस लेने में दिक्केत और चक्कर आने की शिकायत के बाद उन्हें 31 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 29 मार्च को श्री गुरु रामदास रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में उनका परीक्षण कियर गया इसके बाद उन्हें गुरु नानक अस्पताल में भेजा गया। स्थानीय पुलिस ने अमृतसर में इस घातक वायरस के प्रसार को रोकने के लिए निर्मल सिंह के आस-पास के घरों को सील कर दिया है। निर्मल सिंह पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित होने वाले स्वर्ण मंदिर के पहले हजूरी रागी थे। उन्हेंस 2009 में यह सम्माुन मिला था। अभी विदेश से लौटने के बाद उन्होंने दिल्ली और कुछ अन्य स्थानों पर बड़े धार्मिक आयोजन किए थे।  साभार-khaskhabar.com  

Read More

जयपुर। राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला करते हुए उद्योगों को बड़ी राहत दी है। अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि राज्य में अब आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन, दवा, फार्मास्यूटिकल, मेडिकल डिवाइसेज का उत्पादन करने वाली इकाइयों, इनका कच्चा माल तैयार करने वाले, खाद्य पदार्थों, दवा, फार्मास्यूटिकल, मेडिकल डिवाइसेज की पैकेजिंग सामग्री तैयार करने वाली इकाइयों के साथ ही उर्वरकों, कीटनाशकों व बीज आदि की पैकेजिंग सामग्री तैयार करने वाली इकाइयों को भी सषर्त उत्पादन की अनुमति दी जा सकेगी। उन्होंने बताया कि कोल व मिनरल उत्पादक इकाइयों आदि को भी आवष्यक पास, परमिट और अनुमति पत्र जारी किए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि मंगलवार को एमडी रीको आशुतोष पेडनेकर ने डॉक्टर्स के लिए पीपीई किट तैयार करने वाली सीतापुरा की इकाई बाजिया एक्सपोर्ट को सशर्त स्वीकृति जारी की है। एसीएस उद्योग डॉ. अग्रवाल ने बताया कि इससे पहले सोमवार को लॉक डाउन अवधि में औद्योगिक इकाइयों व संस्थानों के कार्मिकों और श्रमिकों को बिना कटौती के निर्धारित समय पर डिजीटल प्लेटफार्म पर सीधे खातों में ऑनलाईन या सीधे खातों में हस्तांतरण यानी डीबीटी के माध्यम से या एनईएफटी या आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान करने को कहा है। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग डॉ. अग्रवाल ने बताया कि उद्योग विभाग ने केन्द्र व राज्य सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार लॉक डाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं का विनिर्माण और आपूर्ति करने वाली औद्योगिक इकाइयों को अनुमति के संबंध में परिवर्द्धित आदेश व दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पूर्व आदेशों में पहले चरण में आटा, बेसन, दाल व तेल मिलों व कंटिन्यूअस नेचर की इकाइयों को अनुमति के निर्देश जारी किए गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुमति जारी करते समय विभाग द्वारा जारी निर्देशों और केन्द्र व राज्य सरकार की समय-समय पर जारी एडवाइजरी की भी सख्ती से पालना सुनिश्चित की जानी है। उन्होंने बताया कि दिषा-निर्देशों के अनुसार इकाइयों का संचालन न्यूनतम आवश्यक श्रमिकों से कराने, श्रमिकों का औद्योगिक परिसर या अनुमति प्राप्त परिसर में आवास सुविधा के साथ ही उनके इकाई व आवास परिसर में मेडिकेटेड सेनेटाइजर, साबुन, मास्क के साथ ही अन्य जरुरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने होंगे। इसके साथ ही आवासीय परिसर में उनके रहने, सोने व जीवन यापन के सभी इंतजाम करने होंगे। दोनों ही स्थानों पर सेनेटाइजेशन के साथ ही फ्यूमिगेशन की व्यवस्था करनी होगी। कार्य स्थल व आवास पर सोषियल डिस्टेंस व संपर्क रहित आदान-प्रदान की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही इकाई में किसी के भी वायरस संक्रमण, बुखार, खांसी, जुखाम अथवा अन्य संक्रमण की स्थिति में तत्काल प्रषासन को जानकारी देने के साथ ही चिकित्सकीय जांच करानी होगी। राज्य सरकार व जिला प्रषासन द्वारा जारी एडवायजरी की पालना सुनिष्चित करने को कहा गया है। उद्योग आयुक्त मुक्तानन्द अग्रवाल ने बताया कि जिले की रीको क्षेत्र की इकाइयों को रीको द्वारा व रीको क्षेत्र से बाहर की इकाइयों को महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्रों द्वारा आवष्यक पास, परमिट और अनुमति पत्र जारी किया जा सकेगा वहीं एक से अधिक जिलों की इकाइयों के लिए रीको क्षेत्र में एमडी रीको और रीको से बाहर के क्षेत्र की इकाइयों को कलक्टर के माध्यम से प्राप्त अभिषंषा पर अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग द्वारा अनुमति दी जाएगी। आयुक्त अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में अब तक राज्य स्तर पर 16 इकाइयों व जिला स्तर पर जिला उद्योग केन्द्रों व रीको कार्यालयोें में 371 इकाइयों ने में संपर्क किया है। कार्मिकों एवं श्रमिकोें में कार्य करने हेतु 155 उद्यमियों ने संपर्क किया है जिसमें अब तक 223 पास जारी की जा चुकी है।  साभार-khaskhabar.com

Read More

जयपुर। शताब्दियों से अमर शौर्य और अप्रतिम शक्ति के मूर्तिमान रूप में जिस भूभाग और अमर सांस्कृतिक चेतना का नाम लिया जाता है, वह है राजस्थान। इंग्लैण्ड के विख्यात कवि किप्लिंग का मानना था कि दुनिया में यदि कोई ऎसा स्थान है, जहां वीरों की हड्डियां मार्ग की धूल बनी है तो वह राजस्थान है। यह हमारे इतिहास की सच्चाई है। देश के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने की परम्परा आज भी राजस्थान में कायम है। 30 मार्च, 1949 को जोधपुर, जयपुर, जैसलमेर और बीकानेर रियासतों का विलय कराकर वृहत्तर राजस्थान संघ बनाया गया था। तब से आज तक यह दिन राजस्थान की स्थापना के रूप में राजस्थान दिवस के तौर पर मनाया जाता है। राजस्थान, भारत का न केवल सबसे विस्तृत भौगोलिक राज्य है बल्कि सबसे खूबसूरत राज्यों में से भी एक है। यहां की संस्कृति दुनिया भर में मशहूर है। राजस्थान की बहुआयामी संस्कृति के निर्माण में विभिन्न समुदायों और शासकों का गहरा योगदान रहा है। इसी विविधता के कारण राजस्थान का नाम आते ही हमारी आंखों के आगे बड़े-बड़े महल और किले, थार रेगिस्तान, ऊंट की सवारी, घूमर, कालबेलिया नृत्य और रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधान आने लगते हैं। वीर तो वीर, यहां की वीरांगनाएं भी अपनी माटी के लिए कुर्बानी देने में नहीं झिझकीं। इतिहास गवाह है कि यहां शौर्य और साहस ही नहीं बल्कि हमारी धरती के सपूतों ने हर क्षेत्र में कमाल दिखाकर देश-दुनिया में राजस्थान के नाम कोे चांद-तारों सा चमका दिया। राजस्थान की धरती पर रणबांकुरों ने जन्म लिया है। यहां वीरांगनाओं ने भी अपने त्याग और बलिदान से मातृभूमि को सींचा है। यहां धरती का वीर योद्वा कहे जाने वाले पृथ्वीराज चौहान ने जन्म लिया, जिन्होंने तराइन के प्रथम युद्व में मुहम्मद गौरी को पराजित किया। कहा जाता है कि गौरी ने 18 बार पृथ्वीराज पर आक्रमण किया था, जिसमें 17 बार उसे पराजय का सामना करना पडा था। जोधपुर के राजा जसवंत सिंह के 12 साल के पुत्र पृथ्वी ने तो हाथों से औरंगजेब के खूंखार भूखे जंगली शेर का जबड़ा फाड़ डाला था। राणा सांगा ने सौ से भी ज्यादा युद्व लडकर साहस का परिचय दिया था। पन्ना धाय के बलिदान के साथ बुलन्दा (पाली) के ठाकुर मोहकम सिंह की रानी बाघेली का बलिदान भी अमर है। जोधपुर के राजकुमार अजीत सिंह को औरंगजेब से बचाने के लिए वे उन्हें अपनी नवजात राजकुमारी की जगह छुपाकर लाई थीं। राजस्थान अपनी आन, बान, शान, शौर्य साहस, कुर्बानी, त्याग, बलिदान तथा वीरता के लिए सम्पूर्ण विश्व में ख्यात है। राजस्थान के लोग अपनी मेहनत के लिए जाने जाते हैं। भौगोलिक विषमताओं और प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद यहां के नागरिकों की दृढ इच्छा शक्ति और आपसी सहयोग से प्रदेश का चहुंमुखी विकास हो सका है। राजस्थान में गरीब लोगों की सामाजिक, आर्थिक स्थिति में सुधार, यहां के संसाधनों में वृद्वि के साथ राजनीति, व्यवसाय आदि सभी क्षेत्रों में विकास ही हमारी खुशहाली का प्रतीक है। राजस्थान इस वर्ष अपना 71वां स्थापना दिवस मना रहा है। कला-संस्कृति, पर्यटन, व्यापार, खेल और खेती सभी क्षेत्रों मे देश में सबसे आगे हैं राजस्थानी। राजस्थान देश का सबसे बडा राज्य है। राज्य का क्षेत्रफल 3.42 लाख किलोमीटर है। यह देश के कुल क्षेत्रफल का 10.41 प्रतिशत है। राजस्थान की जनसंख्या 6.86 करोड है और साक्षरता की दर 66.1 प्रतिशत है। राजस्थान रेतीला, बंजर, पर्वतीय और उपजाऊ कच्छारी मिटटी से मिलकर बना है। वर्तमान में राजस्थान में सात सम्भाग, 33 जिले, 295 पंचायत समितियां, 9 हजार 891 ग्राम पंचायतें, 43 हजार 264 आबाद गांव, 184 शहरी निकाय और नगरीय क्षेत्र है। यहां विधान सभा के 200 और लोक सभा के 25 क्षेत्र हैं। राज्य की अर्थ व्यवस्था कृषि एवं उद्योगों पर आधारित है। कृषि और पशु पालन यहां के निवासियों के मुख्य रोजगार हैं। आजादी के बाद इस प्रदेश ने निश्चय ही प्रगति और विकास की ऊचाइयों को छुआ है। वर्षा की अनियमितता के कारण यह प्रदेश अनेकों बार सूखे और अकाल का शिकार हुआ, मगर प्रदेशवासियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी जीना सीखा और अपने बुलन्द हौसले को बनाये रखा। यह सही है कि हमने हर क्षेत्र में प्रगति हासिल की है। स्कूलों की संख्या बढी है। छात्रोंं का नामांकन भी बढा है। राशन सस्ता हुआ है। विदयुत के क्षेत्र में भी हम आगे बढे हैं। विदयुत क्षमता में भी बढोतरी हुई है। गांव-गांव और घर-घर बिजली की रोशनी से प्रज्ज्वलित हुए हैं। सडकों का जाल चहुंओर देखने को मिल रहा है। गांवों को मुख्य सडकों से जोडा गया है। पेयजल के क्षेत्र में अच्छी खासी प्रगति हुई है। गांव-गांव मेें पानी पहुंचाया गया है। लेकिन अभी हमें मेहनत से आगे बढना है। राजस्थान में विकास को निरन्तर गति देनी है। राजस्थान पुरातन कलात्मक और सांस्कृतिक परंपराओं का केंद्र हैं। इसके नाम का तात्पर्य है राजभूमि यानी सत्य, शौर्य और शूरवीरता की भूमि। सम्राट पृथ्वीराज चौहान, महाराणा प्रताप और महाराजा सूरजमल के अप्रतिम शौर्य की भूमि। राजस्थान में भक्ति के चिर-प्रतिमान मीरां, धन्ना, दादू और रामचरण रामस्नेही जैसे भक्त और साधक हुए हैं। भीनमाल में संस्कृत के शिखर महाकवि माघ हुए, वहीं हिंदी और राजस्थानी भाषा को शिखर तक ले जाने वाले अनेक विद्वानों ने इस धरा को धन्य किया है। राजस्थान ने भारतीय कला में अपना योगदान दिया है। यहाँ साहित्यिक परम्परा मौजूद है। चंदबरदाई का काव्य पृथ्वीराज रासो उल्लेखनीय है, जिसकी प्रारम्भिक हस्तलिपि 12वीं शताब्दी की है। मनोरंजन का लोकप्रिय माध्यम ख्याल है, जो एक नृत्य-नाटिका है और जिसके काव्य की विषय-वस्तु उत्सव, इतिहास या प्रणय प्रसंगों पर आधारित है। राजस्थान में प्राचीन दुर्लभ वस्तुएँ प्रचुर मात्रा में हैं, जिनमें बौद्ध शिलालेख, जैन मन्दिर, किले, शानदार रियासती महल ,मस्जिद व गुम्बद शामिल हैं। राजस्थान मेलों और उत्सवों की रंगीली धरती है। यहाँ की एक कहावत प्रसिद्ध हैं सात वार, नौ त्यौहार। यहाँ के मेले और पर्व राज्य की संस्कृति के परिचायक हैं। यहां लगने वाले पशु मेले व्यक्ति और पशुओं के बीच की आपसी निर्भरता को दिखाते हैं। राज्य के मेलों में पुष्कर का कार्तिक मेला, परबतसर और नागौर के तेजाजी का मेला और डिग्गी के कल्याणजी का मेले को गिना जाता हैं। यहाँ तीज का लोकपर्व सबसे महत्वपूर्ण है। श्रावण माह के इस पर्व के साथ त्यौहारों की श्रृंखला आरम्भ होती है, जो गणगौर तक निरन्तर चलती हैं। राजस्थान में मुश्किल से कोई महीना ऎसा जाता होगा, जिसमें धार्मिक उत्सव न हो। सबसे उल्लेखनीय व विशिष्ट उत्सव गणगौर है, जिसमें महादेव व पार्वती की मिट्टी की मूर्तियों की पूजा महिलाओं द्वारा की जाती है। गणगौर माता के विसर्जन की शोभायात्रा देखते ही बनती है। राजस्थान की यह सबसे बड़ी खासियत है कि यहां हिन्दू और मुसलमान, दोनों एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होते हैं। इन अवसरों पर उत्साह व उल्लास का बोलबाला रहता है। देश-विदेश से तीर्थयात्री पुष्कर में मुक्ति की खोज में आते हैं, वहीं अजमेर स्थित सूफी आध्यात्मवादी ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह दुनियाभर की पवित्रतम दरगाहों में से एक है। उर्स के अवसर पर लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से दरगाह पर जियारत करने यहां आते हैं। इसी कारण राजस्थान को फेस्टिवल टूरिज्म का प्रमुख केंद्र कहना अतिश्योक्ति नहीं है। पुष्कर मेला तो देश के सबसे बड़े आकर्षणों में से एक है। हर साल लाखों श्रद्धालु पुष्कर आकर पवित्र सरोवर में डुबकी लगाते हैं। स्वदेशी हो या विदेशी, राजस्थानी संस्कृति हर किसी का मन चुटकियों में मोह लेती है। आखिर किसका मन नहीं करेगा, मनमोहक कालबेलिया नृत्य देखने का। सभ्यता और सुंदरता को एक साथ जोड़ने में राजस्थानी पोशाक के आगे कुछ नहीं टिकता। महिलाओं के लिए पारंपरिक राजस्थानी कपड़े शालीन, सभ्य, सुंदर और आरामदायक होते हैं, वहीं पुरुषों के सिर पर बंधेज की पगड़ी अनूठी होती है। राजस्थान के वर्तमान परिदृश्य में सनातन संस्कृति की रक्षा का प्रयास हम सबकी जिम्मेदारी है। हर हाथ को काम मिले। हर मानव अपनी अस्मिता और आत्मसम्मान से जिए। हर स्त्री का सम्मान हो। जब ऎसा वातावरण सृजित होगा, तभी सच्चे मायने मे राजस्थान दिवस होगा। इस बार हमें नये संकल्पों के साथ आगे बढना है। प्रदेश में विकास के सपनों को साकार करना है। देश हित के लिए एक जुट रहना है। राजस्थान हमारे देश का अद्भुत प्रदेश है। यहां के लोगों ने भारतीय संस्कृति को संजो रखा है। यहां के शहर, कस्बे और गांव अलग-अलग विशेषताओं वाले हैं। राजस्थानी लोक गीत आत्मा को छू लेते हैं। समूचा राजस्थान भारतीय संस्कृति का प्रतीक प्रतीत होता है। क्षेत्रीय आधार पर आपसी विषमता को दूर करने में यहां के मारवाडी लोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है। मारवाडियों को अपनी जडों को सिंचित करने के लिए आगे आना चाहिए। क्षेत्र के विकास में योगदान देना चाहिए। प्रवासी राजस्थानियों का आर्थिक व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त करने में महत्वपूर्ण योगदान रहता है। राजस्थान जैसे पर्वतीय, मरूस्थलीय और मैदानी क्षेत्र के बहु विविधता वाले राज्य की परिश्रमशीलता, साम्थर्यता, सौन्दर्यता, नैतिकता, त्याग और शक्ति के कारण राजस्थान दुनिया का केन्द्र बिन्दु रहा है। राजस्थान दिवस मनाने का तात्पर्य केवल यहीं तक सीमित नहीं है कि हम पुरातन इतिहास का ही बखान करें बल्कि वर्तमान हालातों पर नजर बनाए रखकर राजस्थान को बचाए रखने में अपनी भूमिका का निर्वहन करें। अभी हाल के दिनों में प्रदेश ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए जो एक जुटता, धैर्य और आपसी सद्भाव का जो जज्बा दिखाया, वह बेहद ही सराहनीय और प्रंशसनीय है। प्रदेशवासियों ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए मिल-जुल कर प्रयास कर राज्य को निरोग राजस्थान बनाने में बेहतर पहल की है। मैं प्रदेशवासियों की एकता के आगे नतमस्तक हॅूं। समूची दुनिया जब कोरोना जैसी भीषण बीमारियों से जूझ रही है तो ऎसे में हमारा कर्तव्य और दायित्व अधिक बढ़ जाता है कि हम इस अव्यवस्था को सुधारने की भरपूर कोशिश करें। राजस्थान की भूमि भी इस महाव्याधि से अछूती नहीं है। हमारे यहां भी कुछ लोग कोरोना से पीडित हैं। हमें व्यापक कार्य से इस महारोग को परास्त करना है। जनजागृति फैलानी है और आपसी समझ बढ़ानी है। राजस्थान प्रदेशवासियाें ने कोरोना संकट में एक जुटता दिखाकर मिशाल पेश की है। लोगों की मदद करने के हमारे आव्हान के बाद एक दिन में मुख्यमंत्री सहायता कोष में 21 करोड रूपये की राशि जनसमुदाय द्वारा आना, बेहद ही प्रशंसनीय है। इस तरह की एकता और सहयोग की भावना निश्चित रूप से हम सभी को मजबूत कर रही है और कोरोना को हराने में हम सभी सफल होंगे।    साभार-khaskhabar.com

Read More

धर्मशाला। विधानसभा अध्यक्ष, विपिन सिंह परमार ने कहा कि सरकार, बाहरी राज्यों फंसे प्रदेश के लोगों के प्रति संवेदशील है और मुश्किल की घड़ी में उनके साथ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने लोगों से अपील की है कि जो लोग जहां हैं वहीं बने रहें, जिससे कोरोना वायरस की चेन को तोड़ा जा सके। उन्होंने लोगों से संयम रखने और लोगों से घरों में ही बने रहने की भी अपील की। अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश अनाज, खाद्यनों, फल-सब्जी, गैस और दवाई इत्यादि की कोई कमी नहीं है और प्रदेश के सभी लोगों को दैनिक उपयोग की सभी वस्तुएं मिलती रहें, इसके लिए सरकार ने पुख्ता इंतजाम किये हैं। उन्होंने कहा गरीब दिहाड़ीदारों तथा प्रवासी मजदूरों को भी राशन इत्यादि उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये गये हैं। परमार ने शनिवार को भवारना में 50 जरूरत मंद परिवारों को राशन के वैग, मास्क और सेनिटाईजर वितरित किये। उन्होंने कहा पूरे देश में लॉक डाउन, हम सभी सुरक्षा के लिए है और सभी को लॉक डाउन तथा कर्फ्यू के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों की अनुपालना करनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश के लोगों से आहवान किया कि अपनी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें, ताकि इस संक्रमण को हराया जा सके। उन्होंने लोगों से अफवाहों से दूर रहने का आहवान किया। इस अवसर पर भवारना पंचायत के उपप्रधान तनु भारती, अंकुर कटोच उपस्थित रहे।    साभार-khaskhabar.com

Read More

चंडीगढ़ । हरियाणा के लिए बड़ी खुशी की बात है कि कोरोना वायरस से संक्रमित 20 मरीजों में से 6 लोग अब पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं, जिसमें 5 व्यक्ति गुरुग्राम जिले के और एक व्यक्ति फरीदाबाद जिले का है। इसके साथ ही राहत की बात यह है कि प्रदेश में अभी तक कोरोना के कारण किसी व्यक्ति की जान नहीं गई है। यह जानकारी यहां हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित स्वास्थ्य विभाग राज्य के सभी जिला स्तर के अधिकारियों व मैडिकल कालेजों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान दी गई। बैठक में हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भी उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि गुरुग्राम जिले में जो 10 पॉजिटिव केस थे, उनमें से अब पांच का सैंपल नेगेटिव आ गया है, अर्थात पांच का इलाज हो गया है और वे अब संक्रमित नहीं रहे। जिले में जो सबसे पहला पॉजिटिव केस था, उसका टेस्ट भी अब नेगेटिव आ गया है। इसी प्रकार, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फरीदाबाद में 3 पॉजिटिव केस थे, जिसमें से आज 1 का टेस्ट नेगेटिव आ गया है, इसका मतलब है कि अब फरीदाबाद में कुल 2 संक्रमित मरीज ही रह गए हैं। मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के काम में लगे स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों विशेष तौर पर गुरुग्राम और फरीदाबाद जिला प्रशासन के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की और कोरोना से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए पूर्ण रूप से समर्पित ‘कोविड-19’ अस्पताल बनाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जिला स्तर के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिला में विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम बनाकर तैयार रखें ताकि जरूरत पडऩे पर कोरोना की महामारी व स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों बारे आपस में विचार-विमर्श कर सही निर्णय लिया जा सके। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कोई ऐसी ‘मोबाइल-एप’बनाएं जिससे ‘होम क्वारंटाइन’ किए गए लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और उनके लिए निर्धारित किए गए स्थान से दूर जाते ही सरकार को पता चल सके ताकि इस एप के माध्यम से राज्य सरकार को उसकी सूचना मिल जाएगी तथा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गृह मंत्री अनिल विज ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि ‘होम क्वारंटाइन’ किए गए लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए तथा संबंधित थाना का एसएचओ नियमित तौर पर उनकी चैकिंग करें, अगर कोई नियमों का उल्लंघन करता पाया जाए तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।    साभार-khaskhabar.com

Read More

नई दिल्ली। हजारों प्रवासी मजदूर अपने मूल राज्यों के लिए सैकड़ों किमी पैदल चलने के लिए मजबूर हो गए, जिसपर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कथित रूप से 21 दिन की राष्ट्रव्यापी घोषणा करने से पहले कोई उचित तैयारी नहीं करने का आरोप लगाया। सिब्बल ने ट्वीट किया, "मोदीजी क्यों? जनता कर्फ्यू के लिए, चार दिन पहले नोटिस और 21 दिन के लॉकडाउन के लिए सिर्फ चार घंटे का नोटिस। लॉकडाउन से पहले कोई तैयारी नहीं। प्रवासी बिना भोजन, अपने घर पहुंचने के लिए 200 किमी तक पैदल चल रहे हैं। राजमार्गों पर फंसे लाखों लोग अस्पष्ट और अक्षम हैं।" पिछले तीन दिनों से, हजारों मजदूर अपने पैतृक गाँवों और कस्बों तक पहुँचने के लिए बसों में सवार होने की उम्मीद में दिल्ली-उत्तर प्रदेश की सीमा का चक्कर लगा रहे हैं। रविवार को, भारत में कुल कोरोनावायरस मरीज 979 तक बढ़ गए, जिसमें 25 की मौत हुईं।  साभार-khaskhabar.com

Read More

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से टेलीफोन पर वार्ता कर कोरोना संकट से निपटने के लिए केन्द्र से सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने प्रधानमंत्री को इस महामारी से बचाव तथा प्रदेशवासियों की जीवन की रक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने उन्हें अवगत कराया कि राज्य सरकार इस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए मिशन मोड पर काम कर रही है। इस काम में सभी जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरूओं, सामाजिक संस्थाओं, चिकित्सक समुदाय सहित तमाम वर्गाें का सहयोग लिया जा रहा है। लॉकडाउन की सख्ती से पालना के साथ-साथ जरूरतमंदों की आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा के लिए राज्य सरकार ने 2 हजार करोड़ रूपये का आर्थिक पैकेज घोषित किया है। हमने संकल्प लिया है कि प्रदेश में एक भी व्यक्ति लॉकडाउन की वजह से भूखा नहीं सोए। गहलोत ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि संकट की इस घड़ी में केन्द्र खुले मन से राज्य सरकार को सहयोग प्रदान करे। प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री के आग्रह पर उन्हें विश्वास दिलाया कि केन्द्र सरकार इस महामारी से लड़ने के लिए राज्य सरकार को पूरा सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने केन्द्र से सहयोग को लेकर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने शाह को राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया और आवश्यक सहयोग की अपेक्षा की।  साभार-khaskhabar.com

Read More

चण्डीगढ़ । हरियाणा के बिजली तथा जेल मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि कोरोना के चलते एक महीने तक विभाग के सभी कैश काउंटर बंद कर दिए गए हैं और एक महीने तक बिजली के बिल पर कोई सरचार्ज नहीं लगेगा। इसके अलावा, डिजिटल माध्यम से भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को बिजली बिल पर 2 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाएगी। उन्होंने कोरोना महामारी के चलते अपने कोष से मुख्यमंत्री कोरोना राहत कोष में 5 लाख रुपये की राशि देने के साथ ही, जब तक यह महामारी रहती है तब तक हर महीने अपना वेतन देने की घोषणा की है। रणजीत सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बिजली विभाग एक बड़ा विभाग है और सीधे तौर पर लोगों से जुड़ा हुआ है। इसलिए कोरोना महामारी के चलते विभाग के सभी कर्मचारियों को मास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। बिजली मंत्री ने बताया कि विभाग के कर्मचारी सभी जगह बड़ी ही मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी दे रहे हैं और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रदेश में कहीं भी ब्रेकडाउन में हो। विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर तरह से लोगों के लिए उपलब्ध रहें और मेरे दोनों फोन भी जनसाधारण के लिए 24 घंटे खुले हैं। प्रदेश में जहां कहीं भी ब्रेकडाउन होता है तो उसके लिए लोग सीधे मुझे भी फोन कर सकते हैं। रणजीत सिंह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार प्रदेश की जेलों में बंद लगभग 5000 कैदियों व बंदियों को पैरोल का लाभ दिया जाएगा और उनमें से ज्यादातर लोग आज अपने घरों को चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि हालांकि अब तक प्रदेश की जेलों में एक भी संदिग्ध मामला सामने नहीं आया है लेकिन फिर भी इस बात की एहतियात बरती जा रही है कि की जेलों में ज्यादा भीड़ ना हो। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन और डीजीपी जेल के.साल्वराज की कमेटी ने मिलकर निर्णय लिया है, जिसके तहत कैदियों व बंदियों को 8 सप्ताह तक की पैरोल दी जा रही है। उन्होंने बताया कि जो बंदी या कैदी पहली बार पैरोल पर गए और समय पर लौट कर आ गए, उनकी पैरोल को और बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा, जो कैदी या बंदी पैरोल पर जाना चाहता है उसे पैरोल दी जा रही है और जो जमानत पर जाना चाहता है, उसे जमानत दी जा रही है। उन्होंने बताया कि बलात्कार या एसिड अटैक जैसे मामलों में बंद कट्टर अपराधियों को किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।  साभार-khaskhabar.com

Read More

बेंगलुरू। कर्नाटक में कोरोनावायरस से तीसरी मौत हो गई है और सात नए मामले सामने आए हैं, जिससे यहां कुल मामलो की संख्या बढ़कर 62 हो गई है। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा, अभी तक कोविड-19 संक्रमण के कुल 62 मामले सामने आए हैं, जिसमें से तीन की मौत हो गई है। तुमकुरू जिले के 60 वर्षीय व्यक्ति की कोरोनावायरस से मौत हो गई, जिससे राज्य में इस बीमारी से मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हा गई है। वहीं राज्य के दक्षिण कन्नड में एक 10 माह का बच्चा भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया, जिसका कोरोना प्रभावित देशों में यात्रा को कोई इतिहास नहीं था। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्राथमिक जांच के अनुसार, बच्चे को उसके परिवार वाले अपने साथ केरल ले गए। विस्तृत जांच जारी है और बच्चे के संपर्क वाले छह लोगों को होम क्वारंटाइन में रखा गया है।  साभार-khaskhabar.com  

Read More

चंडीगढ़ । पंजाब को कोरोना जैसी महामारी से बचाने के लिए पुलिस और प्रशासन बेहद मुस्तैदी से अपना रोल निभा रहे हैं । इस मोर्चे पर अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता जो दफ्तर के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी सक्रीय हैं । गुप्ता ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर वीडियो की एक श्रृंखला साझा की है, जिस में वह लोगों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की अपील रहे हैं । वहीँ मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी पंजाब पुलिस द्वारा उठाएं गए प्रभावी कदमों की सराहना की है। ड्यूटी कर रहे जवानों को सुरक्षित और स्वस्थ भोजन पैकेट प्रदान करने के लिए उन्होंने 3 करोड़ रुपये राशि मंजूर की है। पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता ने लोगों को इस खाली समय में अपनी रचनात्मकता पर काम करने और कोरोना वायरस पर जागरुकता फैलाने के लिए नए विचार साझा करने का सुझाव दिया है। "मैं सोशल मीडिया पर सभी से, विशेषकर युवाओं को आमंत्रित करूंगा कि वे कर्फ्यू के इस समय का उपयोग अपनी रचनात्मकता को बढ़ाने और कोरोना वायरस के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए करें। हम सभी को इस खतरनाक बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।" गुप्ता ने एक वीडियो में जो कहा, वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। गुप्ता ने कहा कि ''पंजाब पुलिस के जवान सड़कों पर चौकस रहते हुए उल्लेखनीय काम कर रहे हैं, और मैं आप सभी से अपील करता हूं कि कर्फ्यू को आसान बनाने के लिए प्रशासन के साथ सहयोग करें। पंजाब पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने और आपदा के समय में जनता के साथ भरोसे को सशक्त बनाने के लिए यह पहल शुरू की है। तरक़्क़ीपसंद लोगों ने कहा कि आने वाले दिनों में लोग घर में ही रहे, इसके लिए एक अभियान शुरू किया जा सकता है। "यह लॉक डाउन आपको और आपके परिवार को सुरक्षित रखने के लिए है और पुलिस, लोगों की मदद व सेवा करने में कोई कसर नहीं रखेगी," उन्होंने दोहराया कि लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों का पालन करना चाहिए और आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता बनाते हुए सैनिटाइज़र का उपयोग भी करना चाहिए। एक और वीडियो सोशल मीडिया पर इन दिनों वायरल हो रहा है, जो पंजाब पुलिस की मानवता और सहायक रवैया दर्शाती है। पुलिसकर्मी एक बुजुर्ग सब्जी विक्रेता की मदद करते हुए और आवश्यक वस्तुओं को अनुशासित तरीके से खरीदने में लोगों की सहायता करते हैं।  साभार-khaskhabar.com

Read More

शिमला । प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य आरडी धीमान ने प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में 912 लोगों को निगरानी में रखा गया है। 16 लोगों की जांच के लिए सैंपल लिए गए हैं, जिनमें से पांच की रिपोर्ट नेगेटिव आई है और 11 की रिपोर्ट आनी बाकी है। उन्होंने बताया कि आईसीएमआर, भारत सरकार द्वारा एडवाईजरी जारी कर बताया गया है कि हाईड्रोक्सी क्लोरोक्वीन उन लोगों के बचाव में उपयोगी सिद्ध हो सकती है, जो कोविड-19 पाॅजिटिव लोगों के निकट संपर्क में आए हैं एवं अभी तक उनमें कोविड-19 बीमारी के कोई लक्षण नहीं है तथा ऐसे स्वास्थ्य सेवा प्रदाता जो कि कोविड-19 पाॅजिटिव या संदिग्ध कोविड-19 लोगों के निकट संपर्क में आए हैं। उन्होंने बताया कि इस दवाई के दुष्परिणाम भी हो सकते हैं, इसलिए इसे डाॅक्टर के परामर्श के अनुसार ही लें और आम लोग इस गलतफहमी से न लें कि इसको लेने से पूर्ण रूप से कोविड-19 से बचाव किया जा सकता है। आरडी धीमान ने बताया कि पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के उपयोग के लिए जरूरी सामान जैसे कि मास्क, ग्लबज, दवाई, सेनिटाईजर आदि भी प्रदेश स्तर पर खरीदकर जिलों को भेजे जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि सरकार द्वारा जारी कफ्र्यू के तहत आदेशों का पूरी निष्ठा से पालन करें और अनावश्यक कारणों से घर से बाहर न निकलें। आदेशों की अवहेलना करने पर जिला प्रशासन को सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। ऐसे लोग जो दूसरे देशों से आए हैं, उनसे व उनके परिवार से अतिरिक्त मुख्य सचिव ने आग्रह किया कि वे अपनी सूचना 104 हेल्पलाईन नंबर व जिला प्रशासन को अवश्य दें। ऐसी जानकारी छुपाने के लिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि आज प्रदेश के सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों एवं आयुष प्रैक्टिशनर को भी पुनः एडवाईजरी जारी की गई है कि वह कोविड-19 से प्रभावित किसी भी व्यक्ति की सूचना जिला सर्विलेंस अधिकारी या मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अवश्य दें। वह अपनी संस्था के सभी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को उचित सुरक्षा उपकरण प्रदान करें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में हिमकेयर के कार्ड भी लोकमित्र केंद्र के माध्यम से बनाए जा रहे हैं। इन्हें बनाने की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित की गई थी, परंतु कोविड-19 की परिस्थिति को देखते हुए लोगों की सुविधा के लिए इसे 15 मई, 2020 तक बढ़ाया गया है।  साभार-khaskhabar.com

Read More

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More