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स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

चंडीगढ़ । हरियाणा सरकार ने कोरोना वायरस की महामारी के चलते संक्रमण की आशंकाओं के मद्देनजर प्रदेश की जेलों में कैदियों के दबाव को कम करने के लिए सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशानुसार निर्णय लिया है कि जो कैदी अथवा बंदी पहले से ही पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर हैं, उनकी चार सप्ताह की विशेष पैरोल बढ़ाई जाएगी। इसी तरह, जो कैदी एक पैरोल या एक फरलो शांतिपूर्वक व्यतीत करके समय पर जेल में हाजिर हो गए, उन्हें भी छ: सप्ताह की विशेष पैरोल दी जाएगी। जेल मंत्री रणजीत सिंह ने इस बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिन कैदियों की आयु 65 वर्ष से अधिक है और एक से अधिक केसों में संलिप्त नहीं हैं तथा जो अधिक मात्रा में मादक पदार्थ के केस या धारा 379 बी या पोस्को एक्ट या बलात्कार या एसिड अटैक जैसे मामले में सजायाफ्ता नहीं हैं, उन्हें भी अच्छे आचरण के आधार पर छ: सप्ताह की विशेष पैरोल दी जाएगी। गौरतलब है कि इसमें विदेशी कैदियों को शामिल नहीं किया गया है। रणजीत सिंह ने बताया कि ऐसे कैदी, जिनकी सजा सात वर्ष से अधिक नहीं है तथा कोई भी अन्य केस न्यायालय में लंबित नहीं है, कोई जुर्माना भी बकाया नहीं है, उन्हें भी जेल में अच्छे आचरण के आधार पर छ: से आठ सप्ताह तक की विशेष पैरोल दी जाएगी। साथ ही, उन कैदियों को भी विशेष पैरोल दी जाएगी जिनकी अधिकतम सजा सात वर्ष तक है तथा उन पर यदि कोई केस लंबित है जिसमें वह जमानत पर है और उसने पहले से कोई पैरोल शांतिपूर्वक व्यतीत कर ली है। उन्होंने बताया कि अधिक मात्रा में मादक पदार्थ या धारा 379 बी या पोक्सो एक्ट, बलात्कार और एसिड अटैक जैसे मामलों में सजायाफ्ता कैदी को यह लाभ नहीं मिलेगा। जेल मंत्री ने बताया कि जिन कैदियों के पैरोल या फरलो के मामले पहले से ही जिलाधीश या मंडलाधीश के पास लंबित हैं, उनके केसों का भी सहानुभूतिपूर्वक नरम रुख अख्तियार करते हुए शीघ्र निपटान किया जाएगा। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसे लंबित केसों में तीन से छ: दिन में आवश्यक रूप से निर्णय लिया जाए। उन्होंने बताया कि जो हवालाती बंदी अधिकतम सात वर्ष तक की सजा के अपराध में जेल में बंद हैं तथा उन पर कोई अन्य केस न्यायालय में लंबित नहीं है तथा उन हवालाती बन्दियों के विरुद्ध एक से अधिक केस भी लंबित हैं परन्तु उन मामलों में कुल मिलाकर अधिकतम 7 वर्ष से अधिक की सजा नहीं बनती तथा जिनका जेल में आचरण अच्छा है, उन्हें जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश या मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी द्वारा जमानत पर रिहा किया जाएगा या फिर 45 से 60 दिन तक की अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाएगा। जेल मंत्री रणजीत सिंह ने बताया कि जेल में अच्छे आचरण वाले कैदी बंदियों को उनकी योग्यता अनुसार पंजाब जेल मैनुअल में वर्णित प्रावधान के अनुसार दो महीने तक महानिदेशक, कारागार तथा एक महीने तक जेल अधीक्षक द्वारा विशेष माफी दी जाएगी। साथ ही, उन्होंने बताया कि यह माफी गंभीर अपराधों में सजायाफ्ता कैदी बंदियों को नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया की कोरोना जैसी महामारी के अंदेशे को देखते हुए विभाग द्वारा हरसम्भव कदम उठाए जा रहे हंै और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जेल में बंद कैदियों के स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखा जाए। उन्होंने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए कैदियों और बंदियों के लिए मानवीय आधार पर बड़े फैसले लिए गए हैं ताकि जेलों में कैदियों के दबाव को कम किया जा सके और एहतियातन किसी भी स्थिति में लॉ एंड ऑर्डर का पालन करते हुए अगर प्रशासन द्वारा गिरफ्तारियां की जाती हैं तो उनके लिए जेल में जगह सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा प्रदेश की सभी जेलों को पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं।  साभार-khaskhabar.com

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लखनऊ। कोरोनावायरस से निपटने के लिए सरकार कई कड़े कदम उठा रही है। इस बीच कई तरह की अफवाहों का फायदा उठाकर जमाखोरी करने वाले लोगों से भी सख्ती से निपटने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी ने बताया कि प्रदेश में राशन, फल और सब्जी की कोई कमी नहीं है। इसलिए बंद की अफवाह फैलाने वालों और जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। शहर में मंडी बंद होने की अफवाह के कारण लोग दो दिनों से अतिरिक्त सामान एकत्रित करने में जुटे हैं। ऐसे में दुकानदारों ने भी इसका फायदा उठाना शुरू कर दिया है। रकाबगंज, मशकगंज, आलमबाग क्षेत्रों में सब्जी विक्रेताओं ने मनमाने ढंग से उगाही शुरू कर दी है। ऐसे दुकानदारों ने अफवाहों का लाभ उठाते हुए सामान को दोगुने दाम पर बेचना शुरू कर दिया है। इस तरह की अफवाहों के कारण शहर के बाजारों में जमकर भीड़ उमड़ी। पाण्डेयगंज, फतेहगंज, सिटी स्टेशन पर लोग दाल, चावल, आटा एकत्र करते नजर आए। हालांकि मंडी सचिव संजय सिंह ने लोगों को अफवाहों से बचने की अपील की है। उन्होंने गैर जरूरी खानपान का समान खरीदने को मना किया है। उन्होंने कहा कि मंडी में माल पर्याप्त है और यहां किसी प्रकार की कोई बंद नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार के पास पर्याप्त मात्रा में दवाएं और खाद्यान मौजूद हैं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा, किसी भी चीज की किल्लत बाजार में नहीं होगी। सभी को सब सामान मिलेगा, इसलिए दुकानों पर लाइन कतई न लगाएं। अनावश्यक बाजार न जाएं। जमाखोरी बिल्कुल न करें।      साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। कोरोनावायरस के कारण बंद हुए स्कूल और शैक्षणिक कार्यक्रमों की भरपाई अब ई-क्लासरूम के जरिए की जाएगी। केंद्र सरकार जल्द ही छात्रों के लिए एक ई-क्लासरूम स्थापित करने जा रही है। खास बात यह कि इस ई-क्लासरूम को छात्रों के पाठ्यक्रम और स्कूली शिक्षा के आधार पर तैयार किया जा रहा है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, स्कूल बंद होने के बाद भी हमारे छात्र अपने स्कूली पाठ्यक्रम से जुड़े रहें, इसके लिए हम ई-क्लासरूम स्थापित करने जा रहे हैं। यह विशेष ई-क्लासरूम स्वयंप्रभा डीटीएच चैनल पर सभी छात्रों के लिए उपलब्ध होगा। डीटीएच पर उपलब्ध ई-क्लासरूम के सभी तथ्य हमारे छात्रों के मौजूदा पाठ्यक्रम पर आधारित हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डीटीएच पर उपलब्ध कराए जाने वाले ई-क्लासरूम स्वयंप्रभा डीटीएच चैनल पर प्रतिदिन 4 घंटे के लिए उपलब्ध होगा। यह विशेष ई-क्लासरूम अलग-अलग राज्यों के छात्रों के अनुरूप वहां पढ़ाए जा रहे मौजूदा पाठ्यक्रम पर आधारित हो सकते हैं। निशंक ने देशभर के छात्रों के लिए संदेश जारी करते हुए कहा, कोरोना वायरस संक्रमण के कारण आप सभी छात्र स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में मेरा आग्रह है कि इस चैनल के माध्यम से जुडक़र अपनी पढ़ाई से जुड़े रहें। मंत्री निशंक ने देशभर के छात्रों से कोरोना वायरस को लेकर सतर्कता बरतने की भी अपील की है। निशंक ने छात्रों से आह्वान किया है कि वे अपने अभिभावकों और आस-पास के लोगों को भी इस बीमारी के प्रति जागरूक बनाए और उन्हें कोरोना वायरस से बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दें। निशांत ने कहा, मेरा आप सभी से निवेदन है कि ऐसे मौके पर जागरूकता बरतें। अपने स्वास्थ्य की रक्षा करें और स्वास्थ्य मंत्रालय से मिल रहे परामर्श का पालन करें। उन्होंने कहा, छात्रों की स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए हमने सीबीएसई और एनआईओएस को 31 मार्च, 2020 तक परीक्षा और परीक्षाओं का मूल्यांकन स्थगित करने का निर्देश दिया है। मेरी सभी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क और जागरूक रहें। उन्होंने कहा, सभी छात्रों से स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी स्वास्थ्य दिशा निर्देशों का पालन करने का अनुरोध करता हूं। हम सब मिलकर कोरोना वायरस से लड़ सकतें हैं। खुद सुरक्षित रहें और दूसरों को सुरक्षित रखें। जैसा कि हम सभी को विदित हैं कि कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले पूरे विश्व में लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसी स्थिति में मानव संसाधन विकास मंत्रालय विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूर्णत: प्रतिबद्ध है।  साभार-khaskhabar.com    

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जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में कोरोना वायरस से लोगों की जीवन रक्षा के लिए कुछ आवश्यक सेवाओं से संबंधित विभागों को छोड़़कर प्रदेश के अन्य सभी सरकारी एवं अर्द्ध सरकारी विभागों, स्वायत्तशासी संस्थाओं, राजकीय निगमों एवं मंडलों में 31 मार्च तक शट डाउन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश में सभी स्कूलों एवं कॉलेजों के विद्यार्थियों की समस्त परीक्षाओं को आगामी आदेश तक स्थगित करने के भी निर्देश दिए हैं। गहलोत गुरूवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में कोरोना वायरस से संक्रमण की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस महामारी से बचाव के लिए इटली से सबक लेते हुए सभी माकूल इंतजाम तत्परता के साथ सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इस वायरस के फैलाव के लिए अगले दो सप्ताह विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, ऐसे में इस बीमारी से जीतने के लिए हर व्यक्ति को जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभानी होगी। बैठक में तय किया गया कि सामान्यतः सभी राजकीय विभागों, निगमों एवं मण्डलों के कार्यालयों में अत्यावश्यक कार्य होने पर ही आगन्तुक आएं। आवश्यक सेवाओं से जुडे़ इन विभागों में नहीं होगा शट डाउन: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, आयुर्वेद, ऊर्जा, सभी विद्युत निगम, जलदाय, स्वायत्त शासन, नगरीय निकाय, गृह एवं पुलिस, कारागार, गृह रक्षा एवं एफएसएल, वित्त, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, आपदा प्रबंधन एवं सहायता, पंचायतीराज, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, कार्मिक (आवश्यक शाखाएं), परिवहन मय रोडवेज एवं अन्य शहरी बस निगम, जयपुर मेट्रो, सामान्य प्रशासन, स्टेट मोटर गैराज, विधि तथा सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग में शट डाउन नहीं होगा। शेष विभागों में 50 प्रतिशत कार्मिक कार्यालय में उपस्थिति देंगे तथा 50 प्रतिशत घर से कार्य (वर्क फ्राॅम होम) करेंगे। कार्मिक घर से आॅनलाइन कार्य भी कर सकेंगे। अवकाश नहीं, मुख्यालय भी नहीं छोड़ सकेंगे कार्मिक: सरकार ने स्पष्ट किया है कि शट डाउन का मतलब अवकाश नहीं है। कार्मिकों को आवश्यकता होने पर कार्यालय में उपस्थित होना होगा। केवल चिकित्सा कारणों एवं पारिवारिक आवश्यक परिस्थितियों को छोड़कर किसी प्रकार के अवकाश एवं मुख्यालय छोड़ने की अनुमति इस अवधि के दौरान नहीं होगी। सचिवालय में उप सचिव एवं संयुक्त सचिव स्तर तथा इससे उच्च स्तर के अधिकारियों पर, विभागाध्यक्षों के कार्यालयों में उप निदेशक/अधिशासी अभियंता स्तर एवं इससे उच्च स्तर के अधिकारियों पर शट डाउन लागू नहीं होगा। जिला स्तर पर जिला कलेक्टर कार्यालय एवं जिला स्तरीय अधिकारियों पर भी यह लागू नहीं होगा। जिला स्तरीय अधिकारी अपने कार्यालय में रोटेशन के आधार पर न्यूनतम कर्मियों की उपस्थिति तय करेंगे, जो 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी। स्पा, क्लब, बार बंद रहेंगे, निजी फैक्ट्रियों में वर्क फ्रॉम होम हो: गहलोत ने निर्देश दिए कि आगामी आदेश तक प्रदेश में स्पा, क्लब, बार आदि को बंद कर दिया जाए। उन्होंने श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी निजी फैक्ट्रियों को कार्यस्थल पर स्वच्छता एवं कोरोना से बचाव के आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने के लिए पाबंद करें। साथ ही उन्हें यह भी एडवाइजरी जारी की जाए कि फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा तथा सवैतनिक अवकाश दिया जाए। मनरेगा श्रमिकों को कार्यस्थल पर नहीं बुलाएं, मानदेय का भुगतान होगा: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि मनरेगा श्रमिकों को 31 मार्च तक कार्यस्थल पर आने से रोक दिया जाए। इस अवधि में उनके द्वारा रोजगार मांगने पर नियमानुसार मानदेय का भुगतान किया जाएगा। होम आइसोलेशन की पालना नहीं करने वालों पर करें कार्रवाई: मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि इस बीमारी से बचाव का सर्वोत्तम उपाय है कि लोग घर पर ही रहें। जिन व्यक्तियों में इस बीमारी के लक्षण पाए गए हैं, अगर वे होम आइसोलेशन के निर्देशों की पालना नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 में कार्रवाई की जाए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य रोहित कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में 1100 लोगों को होम आइसोलेशन में रखा गया है, जिनमें से 265 जयपुर में हैं। खाटू श्यामजी मंदिर ट्रस्ट की पहल सराहनीय, अन्य ट्रस्ट भी आगे आएं: मुख्यमंत्री ने लोगों का जीवन बचाने के लिए खाटू श्यामजी मंदिर ट्रस्ट द्वारा मंदिर में फिलहाल दर्शनार्थियों का प्रवेश निषेध किए जाने की पहल का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अन्य मंदिर प्रबंध समितियां, ट्रस्ट एवं धर्मगुरू भी ऐसे निर्णय लेकर इस महामारी को रोकने में अपनी भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि आमजन के जीवन की रक्षा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। मंदिरों में नियमित पूजा-पाठ जारी रखा जा सकता है, लेकिन दर्शनार्थियों की आवक पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के मुम्बा देवी, सिद्धि विनायक, शिरड़ी साईं बाबा मंदिर, उज्जैन के महाकाल मंदिर सहित अन्य कई धार्मिक स्थलों पर ट्रस्टों ने स्वयं आगे आकर दर्शनार्थियों के लिए रोक लगाई है। प्रदेश में भी सभी धार्मिक स्थलों पर भी ऐसी पहल हो। धारा 144 की प्रभावी पालना सुनिश्चित हो: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सरकार ने भीड़ एकत्रित होने से रोकने के लिए धारा 144 लागू की है। जनहित में इसकी प्रभावी पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि वे सरकार द्वारा जारी निर्देशों की पूरी तरह पालना करें ताकि उनका जीवन सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए उठाए जा रहे कदमों की देशभर में सराहना की जा रही है। आमजन भी एक जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करेगा तो हम इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना कर सकेंगे। गहलोत ने कहा कि सभी मेडिकल कॉलेजों सहित जहां भी सम्भव हो, इस बीमारी की जांच के लिए लैब विकसित किए जाने के प्रयास करें ताकि अधिक से अधिक लोगों को समय पर जांच की सुविधा मिल सके। बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री भंवरसिंह भाटी, शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया, शासन सचिव शिक्षा मंजू राजपाल, शासन सचिव उच्च शिक्षा शुचि शर्मा, शासन सचिव श्रम नीरज के पवन, आयुक्त सूचना एवं जनसम्पर्क महेन्द्र सोनी, राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार, एसमएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भण्डारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  साभार-khaskhabar.com    

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औरंगाबाद। निर्भया गैंगरेप केस में फांसी की सजा पाए दोषी अक्षय ठाकुर की पत्नी पुनीता ने अब अपने पति को फांसी से बचाने के लिए कानूनी चाल चली है। पुनीता ने एक फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दी है। पुनीता ने अपनी अर्जी में कहा है कि वह अक्षय की विधवा बनकर नहीं रहना चाहती है। अक्षय की पत्नी ने एक परिवार न्यायालय में तलाक की अर्जी देते हुए बताया कि वह अक्षय की विधवा बनकर नहीं रहना चाहती है। अक्षय की पत्नी ने औरंगाबाद परिवार न्यायालय के जज रामलाल शर्मा की कोर्ट में दाखिल अपनी अर्जी में बताया कि उसके पति को रेप के मामले में दोषी ठहराया गया है और उसे फांसी दी जानी है, हालांकि वह निर्दोष हैं। ऐसे में वह उसकी विधवा बनकर नहीं रहना चाहती है।  साभार-khaskhabar.com  

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चंडीगढ़। हरियाणा के गुरुग्राम में एक 29 वर्षीय महिला कोरोनोवायरस पॉजिटिव पाई गई है। एक शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि महिला ने मलेशिया और इंडोनेशिया की यात्रा की थी और फिलहाल उनकी हालत स्थिर है। महिला गुरुग्राम स्थित एक सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी में काम करती है। राज्य के स्वास्थ्य महानिदेशक सूरजभान कंबोज ने मीडिया को बताया, यह हरियाणा में कोरोनावायरस का पहला पॉजिटिव मामला है। उन्होंने कहा कि महिला को गुरुग्राम के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर है। पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में महिला के नमूने भेजे गए थे, जहां से महिला के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इससे पहले महिला घर में ही एकांतवास में थी और उसमें संक्रमण से जुड़े लक्षण 12 मार्च को देखे गए थे। इससे पहले उसे सिविल अस्पताल में आइसोलेशन (एकांतवास) वार्ड में रखा गया था, जहां से उसे फोर्टिस हेल्थ केयर अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। सरकार ने कहा कि महिला के कार्यालय को कीटाणुरहित कर दिया गया है और अन्य संपर्कों को प्रोटोकॉल के अनुसार निगरानी में रखा गया है। हरियाणा में एहतियात के तौर पर कुल 3,120 लोगों को निगरानी में रखा गया है। सरकार ने कहा कि 38 लोगों को भर्ती कराया गया है, जिनमें से 31 को छुट्टी दे दी गई, लेकिन वे अभी भी घर में निगरानी में हैं। अभी तक प्रदेश से कुल 70 नमूने भेजे गए हैं, जिनमें से 61 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।      साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। विश्व के कई देशों के साथ ही भारत में कोरोनावायरस से बचाव को लेकर विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। मास्क के उपयोग को वायरस के संक्रमण से बचने के सबसे कारगर तरीकों में एक बताया गया है। इसलिए फिलहाल मास्क की भारी मांग भी है। बढ़ती मांग को देखते हुए दिल्ली के मुस्तफाबाद के अधिकतर घरों में मास्क बनाए जा रहे हैं। हाल के दिनों में भारत के अलावा पूरी दुनिया के लोगों में कोरोना वायरस का डर बना हुआ है। सरकार व स्थानीय प्रशासन लोगों को भीड़-भाड़ वाले स्थानों से बचने की सलाह दे रहा है। लोग इस दौरान मास्क का उपयोग भी करने लगे हैं, जिससे इसकी मांग काफी बढ़ गई है। यही वजह है कि कई बाजारों में तो मास्क मिल भी नहीं रहा है। देश के कई स्थानों से मास्क को कई गुणा कीमतों में बेचने की खबरें भी आ रही हैं। इस बीच राष्ट्रीय राजधानी के मुस्तफाबाद और खजूरी इलाके के काफी घरों में मास्क बनाने का काम जोरों पर चल रहा है। इस क्षेत्र में किसी के यहां एक मशीन से काम हो रहा है तो कोई कारीगर रखकर बड़े पैमाने पर मास्क बनवा रहा है। मुस्तफाबाद में कोरोना वायरस से बचाव के लिए सस्ते दामों में मिलने वाले मास्क बनाए जा रहे हैं, जिसे आम लोग कम कीमत पर खरीद सकते हैं। मुस्तफाबाद के रहने वाले सलीम ने आईएएनएस को बताया, हमारी फैक्ट्री में मास्क की कटिंग होती है। हमारे यहां सर्जन मास्क की कटिंग होती है और उसके बाद हम उसे उत्तरप्रदेश भेज देते हैं, जहां उसे बनाया जाता है। हमारे यहां जो मास्क बनाया जा रहा है, वह सारा माल दुबई जाएगा। करीब पांच करोड़ का ऑर्डर है, जिसे हम दुबई भेजेंगे। उन्होंने कहा कि इसकी कीमत दुबई में 14 रुपए होगी। हम दिल्ली हिंसा पीडि़तों से अपील कर रहे हैं कि अगर रोजगार चाहिए तो हमें बताएं। हम मशीन देंगे, जिससे कि वे मास्क बना सकें। मुस्तफाबाद निवासी शहनवाज ने बताया, हमारे यहां बनने वाले एक मास्क की कीमत बाजार में 50 रुपए होगी, जो कि अन्य मास्क से सस्ता होगा। हम मास्क का कपड़ा लेकर आते हैं और अपनी फैक्ट्री में कटिंग, सिलाई भी कराते हैं। उन्होंने बताया, मैंने मास्क बनाने का काम स्वाइन फ्लू के वक्त शुरू किया था और अब जब बाजारों में जरूरत है तो शुरू किया है। बड़ी बात यह है कि इन इलाकों से रोजाना लाखों मास्क बाजारों में जा रहे हैं, जिसके बाद भी दिल्ली में दुकानों पर मास्क नहीं मिल पा रहे हैं। अगर मास्क मिलते भी हैं तो इनका दाम काफी होता है। ओप्पो, शाओमी और अलीबाबा ने बांटे मास्क      साभार-khaskhabar.com  

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जयपुर। मध्यप्रदेश के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद कमलनाथ सरकार अल्पमत में आती नजर आ रही है। वहीं मध्यप्रदेश के कांग्रेस विधायक आज जयपुर एयरपोर्ट पहुंच गए हैं। उनकाे लेने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पहुंचे हैं। इंडिगो चार्टर विमान से ये 95 विधायक जयपुर आए हैं। इन विधायकों को बसों में बैठाकर जयपुर दिल्ली रोड स्थित ब्यूना विस्टा रिसोर्ट में ले जाएंगे। वहां पर कांग्रेस विधायकों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। वहीं दो-तीन और होटलों में ठहरने की व्यवस्था की गई है। आपको बताते जाए कि इस रिसोर्ट में महाराष्ट्र के कांग्रेस विधायकों को भी ठहराया गया था। ज्योतिरादित्य सिंधिया पर मुख्यमंत्री अशोेक गहलोत हवाई अड्‌डे पर पहुंचने पर कहा कि ऐसे मौकापरस्तों को बहुत पहले ही पार्टी छोड़ देनी चाहिए थी। कांग्रेस पार्टी ने 18 साल तक उनको बहुत कुछ दिया। मौका आने पर मौकापरस्ती दिखाई है। लोग उन्हें अच्छे से सीख देंगे।   मिली जानकारी के अनुसार, जयपुर में दिल्ली रोड स्थित ब्यूना विस्टा रिसोर्ट में मध्यप्रदेश के कांग्रेस विधायकों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। 42 कमरों को बुक कर दिया गया है। इस रिसोर्ट में 52 कमरे हैं। लेकिन एक कार्यक्रम के बाद बाकी के 10 कमरे भी कांग्रेस विधायकों को दे दिए जाएंगे।  साभार-khaskhabar.com

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चेन्नई। पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी ने मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी से महिलाओं को मंत्रिमंडल में शामिल करने का आग्रह किया। बेदी ने एक ट्वीट में कहा कि महिला दिवस समारोह में प्रख्यात स्थानीय वक्ताओं ने महिलाओं के लिए अधिक करने की मांग की। मैं पुडुचेरी के माननीय मुख्यमंत्री से आग्रह करती हूं कि वे इसकी शुरुआत अपने मंत्रिमंडल में महिलाओं को नियुक्त करके करें। उन्होंने कहा कि उनके मंत्रिमंडल में कोई महिला नहीं है, जबकि यहां (उनकी पार्टी में) से महिला विधायक चुनी गई हैं। बेदी ने कहा कि परोपकार की शुरुआत अपने घर से होती है।    साभार-khaskhabar.com

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भोपाल। मध्य प्रदेश के युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस छोड़ने के बाद सिंधिया समर्थक विधायकों के समर्थन से बीजेपी फिर प्रदेश की सत्ता पर कब्जा करने की तैयारी करती नजर आ रही है। वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दावा जता दिया है कि चिंता की बात नहीं है, हमारे पास बहुमत है और उन्होंने कहा कि विधायकों को कैद किया गया है। कमलनाथ ने कहा कि इसमें चिंता की बात नहीं है, हम बहुमत साबित करेंगे। हमारी सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी।”इससे पहले, मध्यप्रदेश कांग्रेस की मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा विधायक दलों की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि निर्दलीयों समेत सभी कांग्रेस के विधायक मौजूद थे। हमारे पास नंबर है और हम एक साथ लड़ेंगे। आपको बताते जाए कि भारतीय जनता पार्टी कमलनाथ सरकार का तख्ता पलट करने की फिराक में काफी पहले से ही कर रही थी लेकिन भाजपा अब कांग्रेस को तोड़ने में कामयाब हो गई। आपको बताते जाए कि मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार पर गहराए संकट के बीच कांग्रेस विधायकों की मुख्यमंत्री आवास पर मंगलवार शाम बैठक हुई, इसमें कांग्रेस के सिर्फ 88 विधायक ही पहुंचे, जबकि 26 विधायक गैरहाजिर रहे, जिसमें 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस के चार और विधायक बैठक से गैर हाजिर रहे हैं। आपको बताते जाए कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक में कुल 92 विधायक पहुंचे, जिनमें 4 निर्दलीय थे। मध्यप्रदेश में कांग्रेस के कुल 114 विधायक थे, जिनमें से 22 ने खुले तौर पर अपने इस्तीफे दे दिए हैं, जबकि अब चार और विधायक बैठक से नदारद रहे हैं। एक तरफ कमलनाथ ने बहुमत का दावा जताया है । वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि कांग्रेस की सरकार को कोई खतरा नहीं है।    साभार-khaskhabar.com

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लखनऊ। कमलनाथ सरकार पर छाए संकट के बादल के बीच मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने बुधवार को कहा है कि वे स्थिति पर बराबर नजर रखे हुए हैं और राजभवन पहुंचने के बाद ही कोई फैसला करेंगे। लालजी टंडन होली मनाने लखनऊ आए हुए हैं। इस दौरान उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि वे मध्य प्रदेश में जारी घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं। इन हालात में उन्हें जो फैसला करना होगा वे राजभवन पहुंचकर करेंगे। टंडन ने कहा, अभी मैं यहां दर्शक हूं, जब तक कि मैं वहां जाता नहीं हूं। जो पत्र आए हैं, लोगों ने शिकायतें की होंगी तो वे सारी चीजें देखने के बाद ही कोई टिप्पणी कर सकता हूं। अभी मैं होली में सब से मिलने घर पर बैठा हूं। क्या वे मध्य प्रदेश में मौजूदा राजनीतिक सूरतेहाल के मद्देनजर सत्तारूढ़ कांग्रेस तथा दावा करने वाली अन्य पार्टी को बहुमत साबित करने के लिए आमंत्रित करेंगे? टंडन ने कहा कि अभी वे इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद 22 अन्य पार्टी विधायकों ने भी त्यागपत्र दे दिया है। इससे प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल छा गए हैं।    साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने आईएसआईएस के दो संदिग्ध लोगों महिला पुरुष को गिरफ्तारी में लिया है। दिल्ली पुलिस की और से डीसीपी प्रमोद सिंह कुशवाह ने बताया कि ओखला के जामिया नगर से एक कपल को दबोचा गया है। इनका नाम जहानजेब सामी और हिना बशीर बेग है। दोनों के कुछ लिंक आईएसआईएस के खुरासान मॉड्यूल से बताए जा रहे हैं। कपल सीएए के खिलाफ प्रदर्शनों को भी भड़काने का काम कर रहा था। पुलिस ने दोनों के पास से संवेदनशील सामग्री बरामद की है। दिल्ली पुलिस की ओर से आए बयान के अनुसार दोनों संदिग्ध राजधानी में आत्मघाती हमला करने की फिराक में थे।  साभार-khaskhabar.com  

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