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चंडीगढ़, 22 अप्रैल- कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन के कारण हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा) योजना के श्रमिकों को रोजगार देने के उद्देश्य से, राज्य सरकार ने मनरेगा मजदूरों को काम पर लगाने का निर्णय लिया है। चरखी दादरी और झज्जर जिलों को छोडकऱ, प्रदेश की 201 पंचायतों में लगभग 4771 मजदूरों ने काम शुरू कर दिया है। एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2020-21 के दौरान ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए मनरेगा स्कीम में व्यक्तिगत श्रेणी के तहत लगभग 40,000 कैटल शैड बनाने की मुहिम भी शुरू की जा चुकी है। इसके तहत लगभग 6,000 लाभार्थियों की पहचान की गई है। उन्होंने बताया कि इस दौरान सरपंच व मेट के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मजदूर कार्यस्थल पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, मुंह को मास्क या कपड़े से ढककर रखें और अपने हाथ साबुन से धोएं। इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि मौके पर तम्बाकू, बीड़ी या गुटखे का प्रयोग न हो। प्रवक्ता ने बताया कि मनरेगा स्कीम के तहत विभिन्न जिलों में नहरों की सफाई (गाद निकालना) के लिए लगभग 53 करोड़ रुपये के अनुमान तैयार किए गए हैं, जिन पर शीघ्र कार्य शुरू कर दिया जाएगा। साभार-khaskhabar.com

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चंडीगढ़ । पंजाब पुलिस लगातार लोगों को शिक्षित कर रही है कि वे झूठी खबरों से सतर्क रहें और अफवाह फ़ैलाने वालों के खिलाफ शिकायत करें | इस पर नकेल कसने के लिए उन्होंने अपने अभियान फेक दी खैर नहीं ’के जरिए लोगों तक पहुंचने के लिए मंगलवार को लोगों के साथ एक नया पंजाबी गीत साझा किया है। यह गीत लोगों को गलत सूचना साझा करने से बचने के साथ-साथ झूठी ख़बरों और अफवाहों के कारण होने वाले नुकसान के बारे में सचेत करता है। गीत को लोगों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है और पूरे दिन ट्विटर पर ट्रेंड कर रही है। इस गीत के माध्यम से, पुलिस जनता को एक संदेश भी दे रही है कि अफवाह फैलाने वालों को छह महीने से लेकर सात साल तक की सजा हो सकती है। गीत और संगीत पहले से ही लोगों के दिलों में अपनी जगह बना रहे हैं | अधिकारियों ने कहा कि पंजाब पुलिस अफवाह फैलाने वालों पर नकेल कस रही थी जो कोरोना महामारी के बारे में सनसनी और गलत सूचना फैलाकर लोगों में दहशत पैदा कर रहे थे। दूसरी ओर, आम लोग भी पुलिस के काम की सराहना कर रहे हैं और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर पुलिस का आभार वयक्त कर रहे हैं जो लोगों को सुरक्षित रखने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। पुलिस ने प्रसिद्ध पंजाबी गीतों और गायकों के ग्राफिक्स और पैरोडी भी साझा किए हैं ताकि वह लोगों को घर रहने के लिए प्रोत्साहित कर सके | यहां यह भी गौरतलब है कि पंजाब पुलिस अपनी सोशल मीडिया मुहिम के तहत 40 से अधिक लोगों को ढूंढकर गिरफ्तार कर चुकी है जो इंटरनेट पर झूठी ख़बरें और गलत अफवाहें फैला रहे थे | साभार-khaskhabar.com

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शिमला । मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यहां कहा कि कोरोना महामारी के मद्देनजर राज्य में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है और जरूरतमंद लोगों को जरूरत के अनुसार सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने कोविड-19 में लगे स्वास्थ्य कर्मचारियों को 50 लाख रुपए का बीमा कवर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कोविड-19 की लड़ाई में सीधे तौर पर जुटे अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी 50 लाख रुपए अनुग्रह राशि देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार प्रदेश के 8 लाख 68 हजार 915 चिन्हित किसानों के बैंक खातों में शीघ्र ही 2000 रुपये किसान सम्मान निधि योजना के तहत जमा करने का निर्णय लिया है, जिस पर 173 करोड़ रुपये से भी ज्यादा खर्च होंगे। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत अगले तीन महीनों के लिए हर महीने महिला खाताधारकों के खातों में अनुग्रह राशि के रूप में 500 रुपए जमा किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत अब तक 5,90,306 लाभार्थियों को 29.5 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्ज्वला योजना के सभी लाभार्थियों को प्रत्येक माह में तीन माह के लिए एक गैस सिलेंडर निःशुल्क दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 135840 प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना लाभार्थियों में से 130116 लाभार्थियों को योजना का लाभ देने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है जिनमें से 36557 लाभार्थियों की बुकिंग प्राप्त हुई है और 34654 रिफिल किए गए हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत श्रमिकों को राज्य सरकार ने मार्च और अप्रैल में 2000 रुपए श्रमिकों को कोविड-19 के कारण हो रहे नुकसान के लिए देना शुरू किया है। उन्होंने कहा कि अब तक 75601 श्रमिकों को लाभान्वित किया जा चुका है, जिस पर 15.12 करोड़ खर्च किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 569058 लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की है जिस पर 217.85 करोड़ खर्च किए गए हंै। जय राम ठाकुर ने कहा कि आवश्यक खाद्य आपूर्ति अधिनियम के तहत अप्रैल से जून 2020 तक लाभार्थियों को प्रति माह, प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम चावल और प्रति माह एक किलो दाल निःशुल्क दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा की दिहाड़ी को 01 अप्रैल 2020 से 20 रुपए प्रति दिन बढ़ाया गया है।   उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने महिला स्वयं सहायता समूहों की ऋण सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।   साभार-khaskhabar.com

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श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों ने बुधवार सुबह एनकाउंटर में चार आतंकवादियों को मार गिराया। सेना और पुलिस के सूत्रों ने बताया कि मंगलवार शाम को इनके मालहुरा जानपोरा गांव में छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद, एक संयुक्त अभियान चलाया गया। पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन अब समाप्त हो गया है। इससे पहले अप्रैल महीने में अब तक चार एनकाउंटर हो चुके। इनमें सुरक्षाबलों ने 13 आतंकवादियों को मार गिराया था। आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में मिले एक विशेष इनपुट के बाद शोपियां में पुलिस और सेना द्वारा मंगलवार रात एक कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (सीएएसओ) शुरू किया गया। आतंकियों ने खोजी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। दो आतंकी बुधवार तड़के मारे गए और बाद में अन्य दो को भी बलों ने मार गिराया। साभार-khaskhabar.com

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नोएडा। कोरोना से संक्रिमत मरीजो बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रसाशन की तरफ से 2 जगहों को सील कर दिया गया है,जिसके बाद नोएडा में हॉटस्पॉट की संख्या 30 हो गई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिन हॉटस्पॉट को सील किया गया है उनमें से एक 347 सेक्टर 15 ए को सील किया गया है और दूसरा एस ए एस फैब्रिकेशन एम-9 साइट 5 कसना इंडस्ट्रियल एरिया , ग्रेटर नोएडा को सील किया गया है। आपको बता दें आज ही नोएडा में कोरोना से संक्रमित मरीज के 3 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद यहां संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 95 तक पहुंच गया है वहीं कुल 61 संक्रमित मरीजो का इलाज चल रहा है। साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली़। केंद्रीय ग्रामीण विकास, पंचायती राज और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने शनिवार को राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों और अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात की। इस मौके पर तोमर ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कोरोनावायरस के प्रकोप को लेकर मनरेगा, पीएम-आवास, ग्राम सड़क योजना व ग्रामीण आजीविका मिशन समेत विभिन्न योजनाओं के तहत होने वाले कार्यों के दौरान एहतियात बरतने की अपील की। केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि कोरोनावायरस के प्रकोप के चलते स्थिति चुनौतीपूर्ण बन गई है, लेकिन इसका उपयोग अवसर के तौर पर करते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचों के निर्माण में किया जाना चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार पैदा हो। उन्होंने राज्यों से कहा कि सरकारी ई-मार्केट (जीईएम) पोर्टल पर अधिकतम संख्या में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को डाला जाना चाहिए और स्वयं सहायता समूह के उद्यमों का विस्तार कर उन्हें मजबूत बनाया जाना चाहिए। तोमर ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन 48 लाख आवास इकाइयों को प्राथमिकता के तौर पर पूरा करने पर जोर दिया, जिनके निर्माण के लिए लाभार्थियों को तीसरी और चैथी किस्त दी जा चुकी है। उन्होंने राज्यों से पीएमजीएसवाई के तहत, स्वीकृत सड़क परियोजनाओं की निविदाएं तत्काल जारी करने के साथ स्वीकृत सड़क परियोजनाओं को शुरू करने का अनुरोध किया। तोमर ने कहा कि मंत्रालय ने पीएमएवाई (जी), पीएमजीडीवाई, एनआरएलएम और मनरेगा के तहत काम करते समय सभी सुरक्षा सावधानियों के पालन के लिए राज्यों व संघ शासित प्रदेशों को पहले ही परामर्श जारी कर दिया है। कंद्रीय मंत्री ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए सभी कार्यस्थलों पर हरसंभव आवश्यक सावधानी बरती जाना चाहिए। उन्होंने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों को आश्वासन दिया कि उन्हें पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों ने केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि मंत्री के सुझावों से पूरी तरह सहमति व्यक्त की। बिहार, कर्नाटक, हरियाणा और ओडिशा ने विशेष रूप से, केंद्र सरकार को मनरेगा के तहत लंबित वेतन और सामग्री की बकाया सम्पूर्ण राशि जारी करने के लिए धन्यवाद दिया। बिहार, उत्तर प्रदेश और हरियाणा ने पीएमएवाई (जी) के तहत अतिरिक्त लक्ष्य तय करने का अनुरोध किया। ओडिशा ने डीएवाई-एनआरएलएम के तहत व्यापक पैमाने पर कृषि और गैर-कृषि उद्यमों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। साभार-khaskhabar.com

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शिमला। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न हुई स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस की जांच के सेंपल की जांच को बढ़ाया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि तब्लीगी जमात से जुड़े और उनके संपर्क में आए सभी लोगों की जांच जल्दी पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जल्द ही रेपिड टेस्ट किट्स उपलब्ध करवाई जाएंगी टेस्ट की गति बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सभी अंतर्राज्यीय सीमाओं पर जांच केंद्र स्थापित किए जाएंगे और रेपिड नैदानिक किट्स के माध्यम से परमिट के साथ प्रदेश में आने वाले सभी लोगों की जांच की जाएगी। इन जांच केंद्रों के निकट लगभग 15-20 बिस्तरों वाले अस्थाई क्वारन्टाईन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति कोविड-19 पाॅजिटिव पाये जाएंगे, उन्हें इन क्वारन्टाईन केंद्रों में भेजा जाएगा और उन्हें प्रदेश के भीतर यात्रा नहीं करने दी जाएगी। ऐसे लोगों को कोरोना वायरस के आरटी-पीसीआर टेस्ट के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि चिन्हित हाॅटस्पाॅट क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही पर बारीकी से नजर रखी जाएगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पंचायती राज संस्थानों के प्रतिनिधियों से उनके क्षेत्र में बाहरी राज्यों से आने वाले सभी व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखने की जिम्मेवारी सौंपी है। उन्होंने कहा कि जो भी पंचायत प्रधान बाहर से आने वाले लोगों की सूचना छुपाएगा, प्रदेश सरकार उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री ने लोगों की सुविधा के लिए नागरिक आपूर्ति निगम के डिपुओं और खुले बाजार में आवश्यक सामग्री की पर्याप्त आपूर्ति करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कफ्र्यू में छूट के दौरान लोगों में आवश्यक सामाजिक दूरी सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि कोरोना वायरस संक्रमण को रोका जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तुओं और अन्य सामग्री के परिवहन में लगे ट्रकों और उनके चालकों व परिचालकों को प्रदेश की सीमाओं पर सेनेटाईज किया जाए। जय राम ठाकुर ने कहा कि सरकार प्रदेश के बाहर फंसे हिमाचलियों के प्रति चिंतित है और लगातार उनके संपर्क में है। संबंधित प्रदेश सरकारों से उनकी उचित देखभाल का आग्रह किया है। उन्होंने ऐसे लोगों से आग्रह किया है कि वे जहां है, वहीं बने रहें और प्रदेश सरकार स्थिति सामान्य होते ही उनकी वापसी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने अधिकारियों से किसानों और खरीददारों के मध्य समन्वय स्थापित करने को कहा, ताकि किसानों को उनके उत्पादों का सही मूल्य प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि बागवानों के उत्पादों के लिए उचित परिवहन की सुविधा बनाई जाए।   साभार-khaskhabar.com

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चंडीगढ़ । पंजाब स्टेट कंटेनर एंड वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (कॉनवेयर) ने कोरोना महामारी को रोकने के लिए और स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में एक करोड़ रुपये की मदद दी है। इससे द्वारका दास अरोड़ा की अध्यक्षता में कॉनवेयर राज्य की पहली सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई बन गई है जिसने कोरोना महामारी के खिलाफ मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान दिया है | सहायता राशि देने के बाद द्वारका दास अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष में एक करोड़ रुपये देने का फैसला कॉनवेयर के सभी पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से लिया जिसमें मैनेजिंग डायरेक्टर नीलकंठ अव्हाड और अतिरिक्त मैनेजिंग डायरेक्टर यशनदीप सिंह समेत सभी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर शामिल हैं | सभी का मानना था कि कोरोना महामारी के खिलाफ भयंकर युद्ध में, कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को समर्थन देने के लिए कॉनवेयोर को कड़े कदम उठाने चाहिए। अरोड़ा ने यह भी कहा कि महामारी के खिलाफ लड़ने वाली राज्य सरकार के पास अभी भी वित्तीय संसाधनों की कमी है और हर पंजाबी को यह जंग जीतने के लिए राज्य सरकार का पूरा समर्थन करना चाहिए। यह भी उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अभी तक कोरोना महामारी से लड़ने के लिए पंजाब को आवश्यक धनराशि उपलब्ध नहीं कराई है | हालांकि मदद लेने के लिए पंजाब की तरफ से कई बार केंद्र को प्रस्ताव भेजा जा चुका है | अरोड़ा ने यह भी कहा कि पंजाब को अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी और सभी पंजाबी कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ हैं और सभी मिलकर यह लड़ाई जीतेंगे । उन्होंने कहा कि पंजाब पहला राज्य था जिसने पहले ही इस महामारी के प्रकोप का अनुमान लगाया था और समय पर कर्फ्यू जैसे कड़े कदम उठाए जिससे लाखों लोगों की जान बची है जिसके लिए सभी सरकारी विभाग बेहतरीन काम कर रहे हैं। अरोड़ा ने यह भी कहा कि कॉनवेयर को एक इकाई के तौर पर अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का एहसास है और संकट के समय में वह अपने संसाधनों के अनुसार समाज और सरकार की सेवा करती रहेगी । उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कुछ साहसिक निर्णय लिए हैं और उन्हें प्रभावी तरीके से लागू किया है । पंजाब सरकार राज्यों में पूर्ण लॉकडाउन लागू करने वाली अग्रणी सरकारों में से एक थी जिससे कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में मदद मिली । यहां यह बताना भी उल्लेखनीय है कि द्वारका दास अरोड़ा ने पिछले महीने ही चंडीगढ़ में कॉनवेयर के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला था।   साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना मोहम्मद साद ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर एफआईआर की एक प्रति की मांग की है और कहा है कि वह जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में धारा-144 लागू होने के बावजूद निजामुद्दीन मरकज में हजारों जमातियों को जुटाने समेत कई मामलों में मौलाना साद के खिलाफ मामला दर्ज किया है। साद व कई अन्य लोगों के खिलाफ पिछले महीने दक्षिण दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में एक धार्मिक सभा आयोजित करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। जांच से जुड़े क्राइम ब्रांच के सूत्र ने आईएएनएस को पुष्टि की कि साद ने पुलिस को पत्र लिखा है। सूत्र के मुताबिक, साद ने 16 अप्रैल को पुलिस को लिखे पत्र में कहा, "31 मार्च को मेरे खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर में मैं एक व दो अप्रैल को दो नोटिसों का जवाब देकर जांच में शामिल हुआ हूं।" सूत्र ने आगे कहा कि साद ने पुलिस को उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर की प्रति साझा करने को कहा है और साथ ही कहा है कि अगर एफआईआर में कोई नया खंड (सेक्शन) जोड़ा गया है तो उसे इसके बारे में सूचित करें। सूत्र के अनुसार, साद ने यह भी कहा कि वह जांच में सहयोग करने के लिए तैयार है। साद ने पत्र में लिखा है, "मैं यह दोहराता हूं कि मैं हमेशा आपके द्वारा की जा रही जांच में सहयोग करने को तैयार हूं।" दिल्ली पुलिस ने साद और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 269, 270, 271 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने बुधवार को साद के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के मामले में धारा 304 भी जोड़ी थी, जो कि हत्या के किसी भी मामले की दूसरी सबसे बड़ी धारा है। इसके बाद अब साद को जमानत मिलनी भी मुश्किल है। महामारी रोग अधिनियम के मानदंडों का घोर उल्लंघन करने के लिए दोषी ठहराए जाने के बाद साद का कहना है कि वह खुद से ही एकांतवास में है। जांच एजेंसियों के अनुसार, तबलीगी जमात का प्रमुख साद ऑडियो संदेशों के माध्यम से जमात से जुड़े लोगों के साथ लगातार संपर्क में है।  साभार-khaskhabar.com

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चंडीगढ़ । हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन अवधि के दूसरे चरण 3 मई, 2020 तक उद्यमियों या विभागीय स्तर पर निर्माण-संचालन व हस्तांतरण (बीओटी) आधार पर संचालित 15 टोल प्लाजा पर टोल वसूली या शुल्क न लेने के लोक निर्माण (भवन एवं सडक़ें) विभाग के प्रस्ताव को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। एक सरकारी प्रवक्ता ने यहां यह जानकारी देेेते हुए बताया कि हालांकि, इस दौरान सभी माल ढुलाई के वाहनों की आवाजाही की अनुमति रहेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में, राज्य के विभिन्न जिलों में लोक निर्माण (भवन और सडक़ें) विभाग द्वारा 15 वाणिज्यिक टोल प्लाजा चलाए जा रहे हैं। इनमें से, पांच बीओटी आधार पर, छ: उद्यमियों के माध्यम से तथा चार विभाग द्वारा अपने स्तर पर चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन चरण-। के दौरान भी इन सभी टोल प्लाजा पर 30 मार्च, 2020 से 14 अप्रैल, 2020 तक टोल टैक्स वसूली को अस्थायी तौर पर बंद करने की स्वीकृति दी गई थी। प्रवक्ता ने बताया कि जिन 15 टोल प्लाजा और सडक़ों पर टोल टैक्स वसूली को अस्थायी तौर पर आगे बंद किया गया है उनमें गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड़, गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड़ क्रेशर जोन, बल्लभगढ़-सोहना रोड, बीएस1 प्लाजा, बल्लभगढ़-सोहना रोड, बीएस2 प्लाजा और नूंह जिला में फिरोजपुर झिरका-बिवान रोड शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार, जिन टोल प्लाजा को रियायतकर्ताओं के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, उनमें टोल प्लाजा-18 राजस्थान सीमा के पास नारनौल-निजामपुर रोड, टोल प्लाजा-24 पंजाब बॉर्डर के पास कैथल-पटियाला रोड, टोल प्लाजा-25, पंजाब सीमा के पास तोकर गांव पिहोवा-पटियाला रोड, टोल प्लाजा-27 दिल्ली बॉर्डर के पास रोहतक-खरखौदा-रोड़, टोल प्लाजा-39 होडल-नुह-पटौदी-पटौदा रोड तथा पुन्हाना-जुरहेड़ा रोड़ पर टोल प्लाजा-42 राजस्थान सीमा तक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार, विभाग द्वारा अपने स्तर पर चलाए जा रहे टोल प्लाजा में पंजाब सीमा के पास टोल प्लाजा-23, कैथल-खनौरी मार्ग टोल प्लाजा-40, राय नाहरा बहादुरगढ़ रोड टोल प्लाजा-51, जटौली के बाद होडल-नूंह-पटौदी-पटौदा मार्ग पर टोल प्लाजा-52, पुन्हाना से लहानपुर श्री सिंगलहेड़ी, थेकरी, जमालगढ़, रानोता मानोता से नूंह जिले में राजस्थान सीमा तक डोंडल रोड शामिल हैं। साभार-khaskhabar.com  

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शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कोरोना महामारी के मद्देनजर प्रदेश के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान उन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल, 2020 तक किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि तब्लीगी जमात के सभी प्राथमिक और द्वितीयक संपर्कों की पहचान और परीक्षण किया जाना चाहिए और इस संबंध में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ठाकुर ने कहा कि सभी के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है और लोगों से कहा गया है कि इसकी अवहेलना को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोग घर पर बने मास्क भी पहन सकते हैं। उन्होंने गैर सरकारी संगठनों से राज्य के लोगों को घर-घर मास्क उपलब्ध करवाने के लिए आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर थूकना भी अपराध बना दिया गया है और सरकार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वस्तुओं और सब्जियों को ले जाने वाले ट्रकों और अन्य निजी गाड़ियों की आवाजाही पर पाबंदी नहीं लगाई जाए, जिनमें दो चालक और एक परिचालक शामिल हों। उन्होंने अधिकारियों को जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर लगातार नजर रखने और दोषी दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सीएम जयराम ठाकुर ने अधिकारियों से कहा कि किसानों को अपनी फसल काटने की अनुमति दी जानी चाहिए और उन्हें खेतों में काम करते समय सामाजिक दूरी अपनाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उनकी उपज की खरीद के लिए भी उचित कदम उठाए जाएं, ताकि कफ्र्यू के कारण उन्हें असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि किसानों और बागवानों की सुविधा के लिए कृषि संबंधी सामग्री बेचने वाली दुकानों को खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतर जिला और जिला के भीतर सरकार की अनुमति के अलावा वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा। कोरोना वायरस के हाॅटस्पाॅट्स को सील किया जाएगा और इन क्षेत्रों में कफ्र्यू में कोई ढील नहीं दी जाएगी। मुख्य सचिव अनिल खाची ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरडी ने पुलिस अधीक्षकों को मिथ्या समाचारों का प्रभावी ढंग से सामना करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को तथ्यात्मक स्थिति के बारे में जागरूक किया जा सके।  साभार-khaskhabar.com

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चण्डीगढ । हरियाणा सरकार ने निर्णय लिया है कि कोविड-19 महामारी को राज्य से समाप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रदेश के हर घर में जाकर प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग करेगी और यदि किसी व्यक्ति में कोविड-19 के लक्षण पाए जाते हैं तो उसका सैंपल लेकर टेस्ट करवाया जाएगा ताकि राज्य से कोविड-19 को पूरी तरह से खत्म किया जा सके। यह जानकारी यहां हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अनिल विज ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, गृह तथा शहरी स्थानीय निकाय विभागों की समीक्षा बैठक के उपरांत पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने कहा कि आज राज्य में कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए ये चारों विभाग अग्रिम पंक्ति के विभाग हैं और लॉकडाउन-1 के दौरान इन विभागों के अधिकारियों व कर्मियों ने बेहतरीन कार्य किया है और हम लॉकडाउन-1 में काफी हद तक सफल रहें हैं। उन्होंने कहा कि आज वर्तमान में हरियाणा में कुल एक्टिव मरीज 149 हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने कहा कि कोविड-19 मरीज के संबंध में भारत सरकार द्वारा समय-समय पर एडवाइजरी जारी की जा रही हैं और इन एडवाइजरी को हरियाणा में भी लागू किया जा रहा है। इसी कड़ी में कन्टेनमेंट जोन और बफर जोन बनाए गए हैं जिसके तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में कन्टेनमेंट जोन व बफर जोन की परिभाषाएं अलग-अलग हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में जिन इलाकों को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है उन इलाकों को पूरी तरह से सील कर दिया गया हैं और इन इलाकों में आवश्यक वस्तुओं को मुहैया करवाने के लिए निर्देश दिए गए हैं ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हों। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कन्टेनमेंट जोन में प्रतिदिन सैनेटाईजेशन की जाए और पूरे राज्य में दूसरे चरण के तहत सैनीटाईजेशन किया जाएगा। श्री विज ने कहा कि राज्य के बैंक परिसरों, सब्जी मंडियों, बाजार, किरयाना दुकानों, कैमिस्ट की दुकानों के साथ-साथ राशन डिपोधारकों को कहा गया है कि वे अपने इन प्रतिष्ठानों में सोशल डिस्टेनसिंग को बनाए रखें, यदि कोई प्रतिष्ठान सोशल डिस्टेनिंसग को बनाए रखने में विफल होता है तो उसे प्रतिष्ठान खोलने/काम करने की मंजूरी नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इंडियन मैडीकल एसोसिएशन (आईएमए) को पत्र लिखा गया है कि कोविड-19 महामारी की स्थितियों को देखते हुए वे निजी डाक्टरों को उनके प्राईवेट क्लिनिक खुलवाने के लिए कहें ताकि आम जनता का अन्य बीमारियों व समस्याओं का इलाज सुनिश्चित हो सकें। इसी प्रकार, उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को सेवानिवृत डाक्टरों को एक साल के लिए अनुबंध पर रखने के लिए कहा गया है ताकि कोविड-19 महामारी से भली प्रकार से निपटा जा सकें। उन्होंने बताया कि अभी तक 197 डाक्टरों ने अपनी डयूटी ज्वाईंन कर ली है और वेटिंग लिस्ट के 58 डाक्टरों को ज्वाईनिंग लैटर देने का फैसला किया हैं। श्री विज ने बताया कि हरियाणा में कोविड-19 के लिए अलग से 9 विशेष कोविड अस्पतालों को स्थापित किया गया है जिनमें आईसीयू, वैंटीलेटर व अन्य उपकरणों सहित बेहतरीन डाक्टरों की टीमों को तैनात किया गया हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 मरीज को केवल कोविड अस्पताल में ही रखा जाएगा और उन्हें दूसरे सामान्य अस्पताल में नहीं रखा जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि हरियाणा में 411 मोबाईल डिस्पैंसरियों को भी शुरू किया जा चुका है जो लोगों की अन्य बीमारियों का इलाज करने में सहयोग करेगी। एक सवाल के जवाब में अनिल विज ने कहा कि लॉकडाउन को सख्ती से लागू करवाया जाएगा और उल्लंघना करने वालों के विरूद्ध आवश्यक कानूनों के तहत कार्यवाही भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लॉकडाउन को सख्ती से क्रियान्वित करें तथा कन्टेनमेंट जोन पर विशेष निगरानी रखी जाए। इसी प्रकार, एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि हरियाणा देशभर में पहला राज्य है जहां पर एैपीडैमिक एक्ट को लागू किया गया है, इसलिए पंचकूला के सैक्टर-15 की कोविड-19 संक्रमित महिला के मामले में निजी डाक्टर की लापरवाही व सिविल सर्जन को जानकारी न देने के मामले में उक्त निजी डाक्टर के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दे दिए गए हैं, क्योंकि उक्त निजी डाक्टर की यह डयूटी बनती थी, कि वह इस कोविड-19 मरीज की जानकारी संबंधित अधिकारियों व प्रशासन को दें।    साभार-khaskhabar.com

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