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चंडीगढ़ । पंजाब स्टेट कंटेनर एंड वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (कॉनवेयर) ने कोरोना महामारी को रोकने के लिए और स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में एक करोड़ रुपये की मदद दी है। इससे द्वारका दास अरोड़ा की अध्यक्षता में कॉनवेयर राज्य की पहली सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई बन गई है जिसने कोरोना महामारी के खिलाफ मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान दिया है | सहायता राशि देने के बाद द्वारका दास अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष में एक करोड़ रुपये देने का फैसला कॉनवेयर के सभी पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से लिया जिसमें मैनेजिंग डायरेक्टर नीलकंठ अव्हाड और अतिरिक्त मैनेजिंग डायरेक्टर यशनदीप सिंह समेत सभी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर शामिल हैं | सभी का मानना था कि कोरोना महामारी के खिलाफ भयंकर युद्ध में, कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को समर्थन देने के लिए कॉनवेयोर को कड़े कदम उठाने चाहिए। अरोड़ा ने यह भी कहा कि महामारी के खिलाफ लड़ने वाली राज्य सरकार के पास अभी भी वित्तीय संसाधनों की कमी है और हर पंजाबी को यह जंग जीतने के लिए राज्य सरकार का पूरा समर्थन करना चाहिए। यह भी उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अभी तक कोरोना महामारी से लड़ने के लिए पंजाब को आवश्यक धनराशि उपलब्ध नहीं कराई है | हालांकि मदद लेने के लिए पंजाब की तरफ से कई बार केंद्र को प्रस्ताव भेजा जा चुका है | अरोड़ा ने यह भी कहा कि पंजाब को अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी और सभी पंजाबी कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ हैं और सभी मिलकर यह लड़ाई जीतेंगे । उन्होंने कहा कि पंजाब पहला राज्य था जिसने पहले ही इस महामारी के प्रकोप का अनुमान लगाया था और समय पर कर्फ्यू जैसे कड़े कदम उठाए जिससे लाखों लोगों की जान बची है जिसके लिए सभी सरकारी विभाग बेहतरीन काम कर रहे हैं। अरोड़ा ने यह भी कहा कि कॉनवेयर को एक इकाई के तौर पर अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का एहसास है और संकट के समय में वह अपने संसाधनों के अनुसार समाज और सरकार की सेवा करती रहेगी । उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कुछ साहसिक निर्णय लिए हैं और उन्हें प्रभावी तरीके से लागू किया है । पंजाब सरकार राज्यों में पूर्ण लॉकडाउन लागू करने वाली अग्रणी सरकारों में से एक थी जिससे कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में मदद मिली । यहां यह बताना भी उल्लेखनीय है कि द्वारका दास अरोड़ा ने पिछले महीने ही चंडीगढ़ में कॉनवेयर के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला था।   साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना मोहम्मद साद ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर एफआईआर की एक प्रति की मांग की है और कहा है कि वह जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में धारा-144 लागू होने के बावजूद निजामुद्दीन मरकज में हजारों जमातियों को जुटाने समेत कई मामलों में मौलाना साद के खिलाफ मामला दर्ज किया है। साद व कई अन्य लोगों के खिलाफ पिछले महीने दक्षिण दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में एक धार्मिक सभा आयोजित करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। जांच से जुड़े क्राइम ब्रांच के सूत्र ने आईएएनएस को पुष्टि की कि साद ने पुलिस को पत्र लिखा है। सूत्र के मुताबिक, साद ने 16 अप्रैल को पुलिस को लिखे पत्र में कहा, "31 मार्च को मेरे खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर में मैं एक व दो अप्रैल को दो नोटिसों का जवाब देकर जांच में शामिल हुआ हूं।" सूत्र ने आगे कहा कि साद ने पुलिस को उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर की प्रति साझा करने को कहा है और साथ ही कहा है कि अगर एफआईआर में कोई नया खंड (सेक्शन) जोड़ा गया है तो उसे इसके बारे में सूचित करें। सूत्र के अनुसार, साद ने यह भी कहा कि वह जांच में सहयोग करने के लिए तैयार है। साद ने पत्र में लिखा है, "मैं यह दोहराता हूं कि मैं हमेशा आपके द्वारा की जा रही जांच में सहयोग करने को तैयार हूं।" दिल्ली पुलिस ने साद और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 269, 270, 271 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने बुधवार को साद के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के मामले में धारा 304 भी जोड़ी थी, जो कि हत्या के किसी भी मामले की दूसरी सबसे बड़ी धारा है। इसके बाद अब साद को जमानत मिलनी भी मुश्किल है। महामारी रोग अधिनियम के मानदंडों का घोर उल्लंघन करने के लिए दोषी ठहराए जाने के बाद साद का कहना है कि वह खुद से ही एकांतवास में है। जांच एजेंसियों के अनुसार, तबलीगी जमात का प्रमुख साद ऑडियो संदेशों के माध्यम से जमात से जुड़े लोगों के साथ लगातार संपर्क में है।  साभार-khaskhabar.com

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चंडीगढ़ । हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन अवधि के दूसरे चरण 3 मई, 2020 तक उद्यमियों या विभागीय स्तर पर निर्माण-संचालन व हस्तांतरण (बीओटी) आधार पर संचालित 15 टोल प्लाजा पर टोल वसूली या शुल्क न लेने के लोक निर्माण (भवन एवं सडक़ें) विभाग के प्रस्ताव को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। एक सरकारी प्रवक्ता ने यहां यह जानकारी देेेते हुए बताया कि हालांकि, इस दौरान सभी माल ढुलाई के वाहनों की आवाजाही की अनुमति रहेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में, राज्य के विभिन्न जिलों में लोक निर्माण (भवन और सडक़ें) विभाग द्वारा 15 वाणिज्यिक टोल प्लाजा चलाए जा रहे हैं। इनमें से, पांच बीओटी आधार पर, छ: उद्यमियों के माध्यम से तथा चार विभाग द्वारा अपने स्तर पर चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन चरण-। के दौरान भी इन सभी टोल प्लाजा पर 30 मार्च, 2020 से 14 अप्रैल, 2020 तक टोल टैक्स वसूली को अस्थायी तौर पर बंद करने की स्वीकृति दी गई थी। प्रवक्ता ने बताया कि जिन 15 टोल प्लाजा और सडक़ों पर टोल टैक्स वसूली को अस्थायी तौर पर आगे बंद किया गया है उनमें गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड़, गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड़ क्रेशर जोन, बल्लभगढ़-सोहना रोड, बीएस1 प्लाजा, बल्लभगढ़-सोहना रोड, बीएस2 प्लाजा और नूंह जिला में फिरोजपुर झिरका-बिवान रोड शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार, जिन टोल प्लाजा को रियायतकर्ताओं के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, उनमें टोल प्लाजा-18 राजस्थान सीमा के पास नारनौल-निजामपुर रोड, टोल प्लाजा-24 पंजाब बॉर्डर के पास कैथल-पटियाला रोड, टोल प्लाजा-25, पंजाब सीमा के पास तोकर गांव पिहोवा-पटियाला रोड, टोल प्लाजा-27 दिल्ली बॉर्डर के पास रोहतक-खरखौदा-रोड़, टोल प्लाजा-39 होडल-नुह-पटौदी-पटौदा रोड तथा पुन्हाना-जुरहेड़ा रोड़ पर टोल प्लाजा-42 राजस्थान सीमा तक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार, विभाग द्वारा अपने स्तर पर चलाए जा रहे टोल प्लाजा में पंजाब सीमा के पास टोल प्लाजा-23, कैथल-खनौरी मार्ग टोल प्लाजा-40, राय नाहरा बहादुरगढ़ रोड टोल प्लाजा-51, जटौली के बाद होडल-नूंह-पटौदी-पटौदा मार्ग पर टोल प्लाजा-52, पुन्हाना से लहानपुर श्री सिंगलहेड़ी, थेकरी, जमालगढ़, रानोता मानोता से नूंह जिले में राजस्थान सीमा तक डोंडल रोड शामिल हैं। साभार-khaskhabar.com  

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शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कोरोना महामारी के मद्देनजर प्रदेश के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान उन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल, 2020 तक किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि तब्लीगी जमात के सभी प्राथमिक और द्वितीयक संपर्कों की पहचान और परीक्षण किया जाना चाहिए और इस संबंध में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ठाकुर ने कहा कि सभी के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है और लोगों से कहा गया है कि इसकी अवहेलना को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोग घर पर बने मास्क भी पहन सकते हैं। उन्होंने गैर सरकारी संगठनों से राज्य के लोगों को घर-घर मास्क उपलब्ध करवाने के लिए आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर थूकना भी अपराध बना दिया गया है और सरकार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वस्तुओं और सब्जियों को ले जाने वाले ट्रकों और अन्य निजी गाड़ियों की आवाजाही पर पाबंदी नहीं लगाई जाए, जिनमें दो चालक और एक परिचालक शामिल हों। उन्होंने अधिकारियों को जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर लगातार नजर रखने और दोषी दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सीएम जयराम ठाकुर ने अधिकारियों से कहा कि किसानों को अपनी फसल काटने की अनुमति दी जानी चाहिए और उन्हें खेतों में काम करते समय सामाजिक दूरी अपनाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उनकी उपज की खरीद के लिए भी उचित कदम उठाए जाएं, ताकि कफ्र्यू के कारण उन्हें असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि किसानों और बागवानों की सुविधा के लिए कृषि संबंधी सामग्री बेचने वाली दुकानों को खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतर जिला और जिला के भीतर सरकार की अनुमति के अलावा वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा। कोरोना वायरस के हाॅटस्पाॅट्स को सील किया जाएगा और इन क्षेत्रों में कफ्र्यू में कोई ढील नहीं दी जाएगी। मुख्य सचिव अनिल खाची ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरडी ने पुलिस अधीक्षकों को मिथ्या समाचारों का प्रभावी ढंग से सामना करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को तथ्यात्मक स्थिति के बारे में जागरूक किया जा सके।  साभार-khaskhabar.com

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चण्डीगढ । हरियाणा सरकार ने निर्णय लिया है कि कोविड-19 महामारी को राज्य से समाप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रदेश के हर घर में जाकर प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग करेगी और यदि किसी व्यक्ति में कोविड-19 के लक्षण पाए जाते हैं तो उसका सैंपल लेकर टेस्ट करवाया जाएगा ताकि राज्य से कोविड-19 को पूरी तरह से खत्म किया जा सके। यह जानकारी यहां हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अनिल विज ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, गृह तथा शहरी स्थानीय निकाय विभागों की समीक्षा बैठक के उपरांत पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने कहा कि आज राज्य में कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए ये चारों विभाग अग्रिम पंक्ति के विभाग हैं और लॉकडाउन-1 के दौरान इन विभागों के अधिकारियों व कर्मियों ने बेहतरीन कार्य किया है और हम लॉकडाउन-1 में काफी हद तक सफल रहें हैं। उन्होंने कहा कि आज वर्तमान में हरियाणा में कुल एक्टिव मरीज 149 हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने कहा कि कोविड-19 मरीज के संबंध में भारत सरकार द्वारा समय-समय पर एडवाइजरी जारी की जा रही हैं और इन एडवाइजरी को हरियाणा में भी लागू किया जा रहा है। इसी कड़ी में कन्टेनमेंट जोन और बफर जोन बनाए गए हैं जिसके तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में कन्टेनमेंट जोन व बफर जोन की परिभाषाएं अलग-अलग हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में जिन इलाकों को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है उन इलाकों को पूरी तरह से सील कर दिया गया हैं और इन इलाकों में आवश्यक वस्तुओं को मुहैया करवाने के लिए निर्देश दिए गए हैं ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हों। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कन्टेनमेंट जोन में प्रतिदिन सैनेटाईजेशन की जाए और पूरे राज्य में दूसरे चरण के तहत सैनीटाईजेशन किया जाएगा। श्री विज ने कहा कि राज्य के बैंक परिसरों, सब्जी मंडियों, बाजार, किरयाना दुकानों, कैमिस्ट की दुकानों के साथ-साथ राशन डिपोधारकों को कहा गया है कि वे अपने इन प्रतिष्ठानों में सोशल डिस्टेनसिंग को बनाए रखें, यदि कोई प्रतिष्ठान सोशल डिस्टेनिंसग को बनाए रखने में विफल होता है तो उसे प्रतिष्ठान खोलने/काम करने की मंजूरी नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इंडियन मैडीकल एसोसिएशन (आईएमए) को पत्र लिखा गया है कि कोविड-19 महामारी की स्थितियों को देखते हुए वे निजी डाक्टरों को उनके प्राईवेट क्लिनिक खुलवाने के लिए कहें ताकि आम जनता का अन्य बीमारियों व समस्याओं का इलाज सुनिश्चित हो सकें। इसी प्रकार, उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को सेवानिवृत डाक्टरों को एक साल के लिए अनुबंध पर रखने के लिए कहा गया है ताकि कोविड-19 महामारी से भली प्रकार से निपटा जा सकें। उन्होंने बताया कि अभी तक 197 डाक्टरों ने अपनी डयूटी ज्वाईंन कर ली है और वेटिंग लिस्ट के 58 डाक्टरों को ज्वाईनिंग लैटर देने का फैसला किया हैं। श्री विज ने बताया कि हरियाणा में कोविड-19 के लिए अलग से 9 विशेष कोविड अस्पतालों को स्थापित किया गया है जिनमें आईसीयू, वैंटीलेटर व अन्य उपकरणों सहित बेहतरीन डाक्टरों की टीमों को तैनात किया गया हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 मरीज को केवल कोविड अस्पताल में ही रखा जाएगा और उन्हें दूसरे सामान्य अस्पताल में नहीं रखा जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि हरियाणा में 411 मोबाईल डिस्पैंसरियों को भी शुरू किया जा चुका है जो लोगों की अन्य बीमारियों का इलाज करने में सहयोग करेगी। एक सवाल के जवाब में अनिल विज ने कहा कि लॉकडाउन को सख्ती से लागू करवाया जाएगा और उल्लंघना करने वालों के विरूद्ध आवश्यक कानूनों के तहत कार्यवाही भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लॉकडाउन को सख्ती से क्रियान्वित करें तथा कन्टेनमेंट जोन पर विशेष निगरानी रखी जाए। इसी प्रकार, एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि हरियाणा देशभर में पहला राज्य है जहां पर एैपीडैमिक एक्ट को लागू किया गया है, इसलिए पंचकूला के सैक्टर-15 की कोविड-19 संक्रमित महिला के मामले में निजी डाक्टर की लापरवाही व सिविल सर्जन को जानकारी न देने के मामले में उक्त निजी डाक्टर के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दे दिए गए हैं, क्योंकि उक्त निजी डाक्टर की यह डयूटी बनती थी, कि वह इस कोविड-19 मरीज की जानकारी संबंधित अधिकारियों व प्रशासन को दें।    साभार-khaskhabar.com

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हाजीपुर। लॉकडाउन के दौरान देश में आवश्यक सामग्रियों की कमी नहीं हो, इसके लिए पूर्व-मध्य रेलखंड में मालगाड़ियों तथा विशेष पार्सल ट्रेनों का परिचालन जारी है। इधर बाजार में मास्क, सैनिटाइजर, कीटनाशक की कमी को देखते हुए पूर्व-मध्य रेलवे के कर्मचारी इन सामग्रियों को खुद तैयार कर रहे हैं। पूर्व-मध्य रेल द्वारा रेलकर्मियों को मास्क, सैनिटाइजर सहित अन्य सुरक्षात्मक किट उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करते हुए 14 अप्रैल से अब तक 55,263 मास्क और 6,408 लीटर सैनिटाइजर तैयार किए जा चुके हैं। इसी क्रम में छिड़काव के लिए 8,463 लीटर कीटनाकशक भी बना लिए गए हैं। पूर्व-मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बुधवार को बताया कि अब तक धनबाद मंडल द्वारा 20,836, दानापुर मंडल द्वारा 4,295, समस्तीपुर मंडल द्वारा 3,754, सोनपुर मंडल द्वारा 1,4436, पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर मंडल द्वारा 8,520 तथा मुख्यालय द्वारा 3422 मास्क तैयार किए गए हैं। इसी तरह कुल 6408 लीटर सैनिटाइजर भी तैयार किए गए हैं। धनबाद मंडल में अब तक 5,660 लीटर, दानापुर मंडल में 2,20 लीटर, समस्तीपुर मंडल में 92 लीटर, सोनपुर मंडल में 21 लीटर, पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर मंडल में 3,35 लीटर तथा मुख्यालय द्वारा 80 लीटर सेनिटाइजर तैयार किए जा चुके हैं। इसी क्रम में दानापुर मंडल द्वारा 8000 तथा पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल द्वारा छिड़काव के लिए 463 लीटर कीटनाकशक भी तैयार किए गए हैं।  साभार-khaskhabar.com

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चंडीगढ़ । रविवार को पटियाला में हुई नृशंस घटना के बाद पंजाब पुलिस को सोशल मीडिया पर भारी समर्थन मिल रहा है । लोग पुलिस के धैर्य और संयम की भी तारीफ़ कर रहे हैं जो घटना के वक्त पुलिस ने परिस्थिति को संभालने के लिए दिखाया । आम लोगों के साथ-साथ राजनेता और मंत्री भी कह रहे हैं 'पंजाब पुलिस साडा मान' । पूर्व सूचना एंव प्रसारण मंत्री मनीष तिवाड़ी ने लोगों की तरफ से पंजाब पुलिस का धन्यवाद करते हुए कहा है कि ये जवान बिना थके दिन रात लोगों का सहयोग कर रहे हैं ताकि लॉकडाउन के वक्त किसी को कोई मुश्किल का सामना न करना पड़े | वहीँ पंजाब के शिक्षा मंत्री विजय इन्दर सिंगला ने भी 'कोरोना महामारी के समय दिन रात लोगों का साथ देने के लिए पुलिस की हौंसला अफ़ज़ाई की | आम लोगों ने भी खुलकर पुलिस का समर्थन किया और वट्सऐप पर पुलिस के हक़ में अपने स्टेटस तब्दील किए | वहीँ पंजाब पुलिस ने भी इंटरनेट पर उमड़े लोगों के प्यार के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि वे 'शुभ कर्मन ते कबहूँ न टरों' के अपने फलसफ़े के तहत लोगों का सहयोग और सेवा करते रहेंगे | गौरतलब है कि पिछले करीब 25 दिन से कर्फ्यू के दौरान पंजाब पुलिस ने लोगों की मदद की है और सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात भी जान मानस तक पहुंचाई है | आज मिले समर्थन से पुलिस की छवि और बेहतर हुई है |  साभार-khaskhabar.com

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शिमला ।मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हाॅट स्पाॅट क्षेत्रों में कफ्र्यू में कोई ढील नहीं दी जाएगी और आवश्यक वस्तुओं को होम डिलीवरी प्रणाली के तहत उपलब्ध करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आज यहां खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण और दूर दराज क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने नागरिक आपूर्ति निगम के डिपो में ‘बफर स्टाक’ सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जमाखोरी और मुनाफाखोरी करने वालों पर नजर रखें, और उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने बागवानी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक गांव में या संभव हो तो डोर-टू-डोर किसानों को कीटनाशक व अन्य पौध सुरक्षा सामग्री उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने मधुमक्खी बक्सों की समयबद्ध आपूर्ति और बागवानों को एंटी हेल नेट सुनिश्चित करवाने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि हाॅट स्पाॅट घोषित हुए क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबन्ध लगाया जाएगा तथा हाॅट स्पाॅट के सभी सार्वजनिक स्थानों को सेनेटाईज किया जाएगा।  साभार-khaskhabar.com

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चंडीगढ़ । हरियाणा में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में सामान्य मरीजों को चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाने के दृष्टिगत मोबाइल क्लीनिक की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए, हरियाणा रोडवेज की बसों को उपयोग में लाया जाएगा। यह जानकारी यहां मुख्य सचिव मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोड़ा की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड-19 के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों के साथ हुई संकट समन्वय समिति की बैठक में दी गई। मुख्य सचिव ने नोडल अधिकारियों से चिकित्सा तैयारियों संबंधी बिंदुवार चर्चा की। स्वास्थ्य सेवा में लगे स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीपीई किट की गुणवत्ता सुनिश्ति करने के लिए कंपनियों द्वारा तैयार की गई पीपीई किटों का सिटरा द्वारा सर्टिफिकेशन प्राप्त किया जाए। इसके अलावा, वेंटिलेटर बनाने वाली कंपनियों और इसके पुर्जे बनानी वाली कंपनियों को भी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि मोबाइल ओपीडी की सुविधा भी बढ़ाई जाए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रबी खरीद सीजन के मद्देनजर मंडियों में भीड़ इक_ा न हो, इसके लिए पूरी कार्यक्रम सूची तैयार की जाए और खरीद के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे स्वयं खरीद केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लें। उन्होंने निर्देश दिए कि फसल कटाई के लिए कंबाइन, हार्वेस्टर के निर्बाध आवागमन को सुनिश्चित किया जाए और जारी हिदायतों के अनुसार इन कंबाइन, हार्वेस्टर और ड्राइवरों को सैनेटाइज किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि खरीद को ध्यान में रखते हुए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम भी बनाए जाएं। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसल खरीद को लेकर किसानों व श्रमिकों के आवागमन में किसी प्रकार की कोई समस्या न आए, इसके लिए नाकों पर डयूटी दे रहे पुलिसकर्मियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए जाएं। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने जिलों में उद्योगपतियों, व्यापारियों से बातचीत कर एक कार्ययोजना तैयार की जाए कि यदि वे सभी अपने कारखानों या फैक्ट्रीयों में श्रमिकों के रहने व खाने-पीने का प्रबंध करते हैं तो वे सभी अपना व्यापार शुरू कर सकते हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर भविष्य के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और रोजमर्रा की वस्तुओं को लोगों के घर द्वार पर पहुंचाने पर बल दिया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कहा कि इस संकट की घड़ी में मानव संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए रणनीति के तहत मानव संसाधनों का उपयोग किया जाए। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि मंडियों व खरीद केन्द्रों पर भीड़ एकत्रित न हो, इसे रोकने के लिए विभाग द्वारा एक तंत्र बनाया गया है, जिसके तहत किस दिन, कितने किसानों को खरीद केन्द्रों पर बुलाया जाएगा, उसका मैसेज किसानों को मोबाइल पर भेज दिया जाएगा। इसके अलावा, किसानों और खरीद केन्द्रों की पूरी सूची पांचयतों को भी भेज दी जाएगी, इससे पंचायतों और प्रत्येक गाँव के किसानों को यह पता होगा कि उन्हें किस दिन और किस खरीद केंद्र पर जाना है। उन्होंने बताया कि खरीद केन्द्रों के एंट्री और एग्ज़िट पॉइंट पर कड़ी नजऱ रखी जाएगी। किसानों को ऑनलाइन ई-गेट पास और यूनिक आईडी जारी होने पर ही मंडी में प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक खरीद केंदों के अनुसार आढ़तियों और किसानों की पूरी मैपिंग की गई है। उन्होंने बताया कि मार्केटिंग बोर्ड के कर्मचारियों, आढ़तियों, खरीद एजेंसियों, श्रमिकों और किसानों के लिए दिशा-निर्देशों की एक पुस्तिका तैयार की जा रही है, जिससे सबको यह पता होगा कि कोरोना से बचाव के लिए क्या करना है और क्या नहीं। उन्होंने बताया कि चूंकि प्रदेश में खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है, इसलिए सभी केंद्रों पर खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद नहीं रह सकेंगे, इसलिए खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए अन्य विभागों के कर्मचारियों को खरीद केंद्रों पर प्रतिनियुक्त किया जाएगा। इसके लिए ऐसे सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंडियों व खरीद केंद्रों पर मास्क, सैनेटाइजर और थर्मल स्कैनर की व्यवस्था की गई है।    साभार-khaskhabar.com

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चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने राज्य में 1 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला किया है। पंजाब में कोरोना के अब तक कुल 130 मामले सामने आए हैं। इनमें से 4 जहां पूरी तरह ठीक हो चुके हैं, वहीं अब तक 10 लोगों की संक्रमण से मौत हो चुकी है। पंजाब में कर्फ्यू या लॉकडाउन की अवधि 1 मई तक बढ़ा दी गई है। ऐसे में लोगों को कोरोना से बचने के लिए घरों में ही रहना होगा। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंत्रिमंडल की बैठक में सर्वसम्मित से यह निर्णय लिया है। इसका सख्ती से पालन कराने के निर्देश भी जारी कर दिए है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लॉकडाउन अभी जारी रहेगा, क्योंकि अगर इसे खोल दिया गया तो संक्रमण ज्यादा फैलेगा और इससे संकट बढ़ सकता है। लेकिन प्रदेश में कर्फ्यू लगने से एक अच्छी बात भी हुई है। प्रदेश में नशा तस्करी की चेन टूट गई। इससे हम खुश हैं और इस दिशा में आगे काम किया जाएगा। इसके लिए एक टास्क फोर्स लगा दी गई है, जो रणनीति बना रही है।      साभार-khaskhabar.com

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शिमला । प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान ने बताया कि प्रदेश में 127 लोगों के सैंपल लिए गए, जिसमें से 87 सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है तथा शेष 40 सैंपलों की रिपोर्ट आना बाकि है। उन्होंने कहा कि शिमला के आईजीएमसी में दाखिल जिला सोलन से संबंधित तीन कोविड-19 पाॅजिटिव लोगों के दोबारा सैंपल लिए गए, जिनमें से एक व्यक्ति की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है तथा दो लोगों की रिपोर्ट आना अभी बाकि है।   उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोविड-19 के लिए कुल 900 लोगों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 832 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है। प्रदेश में 28 लोग कोविड-19 पाॅजिटिव पाए गए है, जिनमें से 2 लोग नेगेटिव पाए जाने के बाद घर भेज दिए गए है, 4 लोग प्रदेश से बाहर उपचाराधीन है एवं एक व्यक्ति का देहांत हो चुका है जबकि 21 व्यक्ति प्रदेश में उपचाराधीन है।   उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 5200 व्यक्तियों को कोरोना वायरस के लिए निगरानी में रखा गया है, जिनमें से 2785 लोगों ने 28 दिनों की निगरानी अवधि पूरी कर ली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक्टिव केस फाइडिंग अभियान के तहत प्रदेश में अब तक लगभग 65 लाख लोगों की स्वास्थ्य जानकारी घर-घर जा कर एकत्र की जा चुकी है।      साभार-khaskhabar.com

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शिमला।मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कोरोना वायरस के दृष्टिगत आज शिमला से प्रदेश के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक की। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान चिकित्सा जांच के लिए स्वेच्छा से सामने न आने वाले दिल्ली की निजामुद्दीन तबलीगी जमात के व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हाल ही में दिल्ली में निजामुद्दीन तबलीगी जमात के धार्मिक समागम में शामिल होने वाले व्यक्तियों का पता लगाने के लिए सक्रिय अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बद्दी तथा नालागढ़ क्षेत्रों के सात कोरोना वायरस पाॅजिटिव व्यक्तियों के नजदीकी लोगों को चिन्हित किया जाए तथा वायरस को फैलने से रोकने के लिए उन्हें क्वारटीन में रखा जाए। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए अपने क्षेत्रों में ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित करने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यात्रा का ब्यौरा छुपाने वाले व्यक्तियों तथा उन्हें आश्रय देने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। जय राम ठाकुर ने पुलिस अधीक्षकों को चिकित्सा दलों को उचित पुलिस सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए, ताकि वे अपना दायित्व प्रभावी रूप से तथा बिना किसी डर के निभा सके। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में आरंभ एक्टिव केस फाईंडिंग अभियान के तहत अपना पूर्ण सहयोग दें। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता गांव में घर-घर जाकर कोविड-19 के लक्षणों से संबंधित जानकारी संकलित कर रहे हैं।   मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस अभियान के तहत गत दो दिनों में 13.5 लाख व्यक्तियों की स्वास्थ्य जानकारी प्राप्त की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से पीड़ित व्यक्तियों को अब हिमकेयर तथा आयुष्मान भारत योजना के तहत चिकित्सा प्रदान की जाएगी।   मुख्यमंत्री ने लोगों की सुविधा के लिए खुले बाजारों में आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नागरिक आपूर्ति निगम के डिपो में बफर स्टाॅक सुनिश्चित करवाने के प्रयास भी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जमाखोरी और मुनाफाखोरी को रोकने तथा दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने पर बल दिया जाना चाहिए।    साभार-khaskhabar.com

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