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औरंगाबाद (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के जालना और औरंगाबाद के बीच चलने वाली एक मालगाड़ी ने रेलवे ट्रेक पर सो रहे प्रवासी मजदूरों को कुचल दिया। जिसमे 15 की मौत हो गयी है कोरोनावायरस संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के बीच यह प्रवासी श्रमिक अपने मूल स्थान पर वापस लौटने का प्रयत्न कर रहे थे। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की पुष्टि कर कहा, "दक्षिण मध्य रेलवे के नांदेड़ डिवीजन के जालना और औरंगाबाद के बीच एक मालगाड़ी ने प्रवासी मजदूरों को कुचल दिया है।" उन्होंने आगे कहा, "यह घटना शुक्रवार सुबह 5.30 बजे के आसपास उस वक्त हुई, जब अपने घरों को वापस जा रहे प्रवासी मजदूर रेलवे की पटरियों पर सो रहे थे।" हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि श्रमिकों का यह समूह कहां से आया और कहां जा रहा था। देशव्यापी लॉकडाउन के चलते अंतरराज्यीय बस सेवा, यात्री, मेल और एक्सप्रेस ट्रेन सेवाओं को 24 मार्च से निलंबित किया हुआ है। ऐसे में कई अन्य शहरों में फंसे हजारों प्रवासी श्रमिकों ने अपने पैतृक स्थानों पर लौटने के लिए पैदल ही यात्रा शुरू कर दी है। गौरतलब है कि रेलवे ने 1 मई से फंसे हुए प्रवासियों को उनके मूल स्थानों तक पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाना शुरू किया है। अब तक रेलवे 201 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चला चुका है। साभार-khaskhabar.com

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जयपुर। प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. रघु शर्मा ने बताया कि प्रदेश में कोविड संक्रमण के बचाव एवं रोकथाम के लिए प्रदेश में एडवांस प्लानिंग पर काम करना शुरू कर दिया है। इसी के मद्देनजर आने वाले दिनों में प्रदेश के सभी जिलों में आवश्यकता के अनुसार 500 या 1 हजार बैडेड की क्षमता वाले कोविड केयर सेंटर बनाए जाएंगे। चिकित्सा मंत्री ने बताया कि इन दिनों लगभग 70 प्रतिशत पाॅजीटिव केसेज में या तो हल्के लक्षण या लक्षण ही नहीं पाए जा रहे हैं। ऐसे केसेज की देखभाल के लिए प्रत्येक जिले में कोविड केयर सेंटर बनाए जाएंगे। इस बारे में विस्तृत गाइड लाइन भी जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि शुरुआत 30 हजार बैडसे की जाएगी और फिर जरूरत के अनुसार इसे 50 हजार बैड तक पहुंचाया जा सकता है। डाॅ. शर्मा ने बताया कि सभी जिलों में कोविड केयर सेंटर का चयन और प्रबंधन का जिम्‍मा संबंधित जिला कलक्‍टर को दिया गया है। कलक्टर द्वारा समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें जिला कलक्टर, चिकित्सा विभाग, लेखा शाखा, नगर निगम या नगर पालिका या पंचायत समिति का प्रतिनिधि शामिल होगा। यह समिति सेंटर से जुड़े तमाम कार्यों का संपादन करेगी। उन्होंने बताया कि सेंटर का चयन आबादी से दूर किया जाएगा और वहां सभी आवश्यक सुविधाएं मसलन भोजन, बिजली, पानी, पंखे-कूलर, वाटर कूलर आदि की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि मरीज को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। सेंटर पर व्यक्तियों के प्रवेश और निकास के लिए एक ही एंट्री गेट रखा जाएगा, ताकि संपूर्ण व्यवस्था पर निगरानी रखी जा सके और संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। डाॅ. शर्मा ने बताया कि सेंटर्स पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे ताकि हर जगह की निगरानी की जा सके। इसके अलावा माइकिंग की भी व्यवस्था की जाएगी। इन सभी सेंटर्स पर चिकित्सक कक्ष, सैंपल कलेक्शन, दवा स्टोर, चिकित्सकों के चेंजिंग रूम (डाॅनिंग एंड डोफिंग रूम) की भी व्यवस्था की जाएगी ताकि मरीज को किसी परेशानी का सामना ना करना पड़े। ये सभी सेंटर पर विषय विशेषज्ञों से जरूरत पड़ने पर टेली कंसलटेंसी के जरिए भी इलाज किया जा सकेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सभी सेंटर्स पर व्हील चेयर, ट्रोली और रोगियों को तनाव मुक्त करने के लिए टेलीविजन या म्यूजिक की भी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि सेंटर पर काम करने वाले लोगों को पहले प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मरीजों का ठीक से उपचार कर सके। केयर सेंटर जिले के डेडिकेटेड कोविड हैल्थ केयर सेंटर व डेडिकेटेड अस्पताल से भी पूरी तरह लिंक रहेगा। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले अप्रवासी राजस्थानियों और श्रमिकों को भी यहां निश्चित समयावधि में आइसोलशन में रखा जा सकता है। साभार-khaskhabar.com

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जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश में सोमवार से कोरोना के गंभीर रोगियों का प्लाज्मा थैरेपी तथा गैर कोविड रोगियों का टेली मेडिसिन के माध्यम से उपचार प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना को चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए राजस्थान अपने हैल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को इस तरह मजबूत बना रहा है कि भविष्य में हम किसी भी संकट का सफलतापूर्वक सामना कर सकें। गहलोत ने कहा कि आईसीएमआर ने एसएमएस अस्पताल को प्लाज्मा थैरेपी से उपचार के लिए इजाजत दे दी है। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण किसी भी गैर कोविड मरीज को उपचार के लिए परेशानी का सामना नहीं करना पड़े इसके लिए सोमवार से चरणबद्ध रूप से एक वेब पोर्टल के जरिए टेलीकन्सल्टेन्सी सेवा की शुरूआत होगी। इसके पहले चरण में 30 चिकित्सकों के माध्यम से रोगियों को परामर्श दिया जाएगा। इसके लिए एक मोबाइल ऐप भी तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गैर कोरोना रोगियों के लिए हमने 428 मोबाइल ओपीडी वैन चलाई थी, जिनमें अब तक करीब 1 लाख 60 हजार रोगियों ने सेवाएं ली हैं। उन्होंने कहा कि पहले राज्य में कोरोना रोगियों के लिए जांच सुविधा नहीं थी। हमें सैम्पल बाहर भेजने पड़ते थे, लेकिन अब प्रदेश में 10 हजार जांचंे प्रतिदिन हो रही हैं और हमारा लक्ष्य इसे 25 हजार प्रतिदिन करना है। हमने अमेरिका से कोबास कम्पनी की 2 मशीनें मंगवाई हैं, जो एक साथ 4 हजार टेस्ट कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि पीसीआर टेस्ट में काम आने वाली आरएनए किट्स भी अब हम स्वयं के स्तर पर खरीद सकेंगे ताकि इनकी कमी नहीं रहे। गहलोत ने कहा कि यह समय आरोप-प्रत्यारोप का नहीं है बल्कि एकजुट होकर इस जंग के खिलाफ भागीदारी निभाने का है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना की जंग को लेकर जो प्रयास किए हैं, उनकी सराहना पूरा देश कर रहा है। मैंने कभी भी इसका श्रेय लेने का प्रयास नहीं किया बल्कि सभी प्रदेशवासियों को इसका श्रेय दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार से 2700 करोड़ और 1500 करोड़ रूपए का जो फण्ड मिला है। वह नियमित राशि है, यदि कोरोना की महामारी नहीं आती तब भी हमें यह राशि मिलती ही। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते करीब 2 माह में राज्य सरकार के राजस्व में करीब 10 हजार करोड़ रूपए की कमी आई है। बेहतर वित्तीय प्रबंधन के लिए हमने एक अध्ययन करवाया था, जिसकी रिपोर्ट आ गई है। उसके आधार पर आगे निर्णय लेेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण लंबे समय तक आर्थिक गतिविधियों के बंद रहने से राज्यों की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। ऐसे में केन्द्र को बड़ा आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज देना चाहिए। गहलोत ने कहा कि अब तक करीब 15 लाख श्रमिकों एवं प्रवासियों ने आवागमन के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। राज्य सरकार लगातार प्रवासियों एवं श्रमिकों के सकुशल आवागमन के लिए प्रयासरत है। अब तक करीब 1 लाख प्रवासी राजस्थान आ चुके हैं और करीब 60 हजार श्रमिक अन्य राज्यों में जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, बिहार, तेलंगाना, महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश की राज्य सरकारें श्रमिकों एवं प्रवासियों के अंतर्राज्यीय आवागमन के लिए फिलहाल तैयार नहीं हैं। हम उनसे लगातार सम्पर्क कर अनुमति के लिए प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन आज भी लागू है। कोरोना का खतरा अभी कम नहीं हुआ है। ऐसे में लोग बेवजह बाहर नहीं निकलें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्थान ऐपिडेमिक डिजीजेज अध्यादेश-2020 लागू कर अधिसूचनाएं जारी की हैं। इसमें कोविड-19 को महामारी घोषित किया गया है। साथ ही, इसके तहत दुकानदार, ग्राहक एवं सार्वजनिक और कार्य स्थल पर हर व्यक्ति को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। सामाजिक दूरी (न्यूनतम 6 फीट) बनाए रखनी होगी। कोई व्यक्ति पान, गुटखा, तम्बाकू आदि नहीं बेच सकेगा और सार्वजनिक स्थान पर नहीं थूक सकेगा तथा शराब नहीं पी सकेगा। शादी-समारोह के लिए उपखण्ड मजिस्ट्रेट को पूर्व सूचना देनी होगी। साथ ही, इनमें 50 से अधिक व्यक्ति नहीं हो सकेंगे। अंतिम संस्कार में भी 20 से अधिक व्यक्तियों को इजाजत नहीं होगी। इन नियमों का उल्लंघन करने पर 200 रूपए से लेकर 10 हजार रूपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। साभार-khaskhabar.com  

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शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में यहां हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में लाॅकडाउन के उपरान्त राज्य सरकार द्वारा शुरू किए जाने वाले आर्थिक सुधारों बारे में एक प्रस्तुति दी गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि कोरोना महामारी के दृष्टिगत राज्य में अर्थव्यवस्था को दोबारा सृदृढ़ करने के लिए शहरी जनता को मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारन्टी योजना के तहत 120 दिन का रोजगार मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए यदि आवश्यक हो तो उनके कौशल उन्नयन के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस महामारी के दौरान प्रदेश में बाहरी राज्यों से हजारों लोग वापस आए हैं, जिनकी विभिन्न क्षेत्रों में कुशलता हैं, उन्हें उनकी कार्यकुशलता अनुसार रोजगार और स्वरोजगार मुहैया कराने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि विकास कार्यों पर प्रदेश सरकार द्वारा व्यय तीव्र किया जाएगा और फिजूल खर्च पर अंकुश लगाया जाएगा। राज्य सरकार ने भवन और अन्य सन्निर्माण कामगार बोर्ड के तहत पंजीकृत लगभग एक लाख श्रमिकों को 2000 रुपये प्रदान किए है, जिसपर अब तक 20 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। अब सरकार ने इन श्रमिकों को और 2000 रुपये प्रति कामगार प्रदान करने का निर्णय लिया है। कोविद-19 महामारी के कारण राज्य के कृषकों और बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान अपनी फसलों का विपणन नहीं कर पाए हैं, जिससे उन्हें नुकसान हो रहा है इसलिए, सरकार ने उन्हें कुछ हद तक क्षतिपूर्ति करने का फैसला किया है। सरकार बाजार में उनके उत्पादों केे विपणन के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के प्रयास कर रही हैै। इस महामारी के कारण पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है, इसलिए सरकार ने छः महीने की अवधि के लिए बिजली की मांग के शुल्क को माफ करने का फैसला किया है, जिसके लिए उन्हें लगभग 15 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की गई है। इसी तरह कराधान लाइसेंस शुल्क को माफ कर दिया जाएगा और बार का लिफटिंग कोटा प्रो-राटा के आधार पर होगा। सरकार एचपीटीडीसी निगम के कर्मचारियों का वेतन भुगतान कर एचपीटीडीसी को भी सहायता प्रदान करेगी। इसके अलावा, टोकन टैक्स और विशेष सड़क कर को 4 महीने के लिए माफ कर दिया जाएगा तथा पंजीकरण और परमिट आदि के नवीकरण की देरी पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। एचआरटीसी को 55 करोड़ की मदद दी जाएगी। उद्योगों को सुदृढ़ करने के लिए जीएसटी रिफंड जल्द से जल्द किया जाएगा। एचपीएसईबी लिमिटेड को भी उद्योग की कम मांग के कारण नुकसान उठाना पड़ा है, जिसकी भरपाई की जाएगी। अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए किए जाने वाले अन्य उपचारात्मक उपायों बारे सुझाव देने के लिए जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इस उप समिति के अन्य सदस्य शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, उद्योग मंत्री विक्रम सिंह और परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर होंगे। यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार उचित स्तर पर ईपीएफओ, ईएसआईसी से संबंधित मामले को भी उठाएगी ताकि जल्द से जल्द इसका निवारण किया जा सके। मंत्रिमंडल ने शिक्षा विभाग में कार्यरत अंशकालिक जलवाहकों को छोड़कर अन्य विभिन्न विभागों में लगे अंशकालिक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, जिन्होंने 31 मार्च, 2020 तक आठ वर्ष का सेवाकाल पूरा कर लिया है तथा जो कर्मी 30 सितम्बर, 2020 तक आठ साल का सेवाकाल पूरा करेंगे, की सेवाओं को दैनिक वेतन भोगी के रूप में परिवर्तित करने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमण्डल ने आबकारी नीति 2019-20 को 31 मई, 2020 तक बढ़ाने के लिए कार्येत्तर स्वीकृति और आबकारी नीति 2020-21 के संचालन का पहली जून से 31 मई, 2021 तक बढ़ाने की स्वीकृति प्रदान की। इस नीति के अनुसार खुदरा आबकारी लाईसेंसधारक, जिनकी कोविड-19 के दृष्टिगत 22 मार्च, 2020 के बाद शराब की दुकानें बन्द रही हैं, उन्हें उस समय की आबकारी फीस जमा करवाने की आवश्यकता नहीं है। खुदरा आबकारी लाईसेंसधारकों, जिन्होंने 31 मार्च, 2020 से पहले लाईसेंस शुल्क जमा करवा दिया है, उन्हें 2019-20 के लिए शेष न्यूनतम गारंटी कोटे को उठाने की अनुमति होगी। यदि 31 मार्च, 2020 तक पूर्ण लाईसेंस शुल्क जमा नहीं करवाई है तो ऐसे लाईसेंसधारकों को अप्रैल व मई 2020, जब दुकानें खुलेंगी तो 2019-20 के लिए लम्बित आबकारी लाईसेंस शुल्क जमा करने पर लम्बित कोटा उठाने की अनुमति होगी। इसके अतिरिक्त यदि खुदरा आबकारी लाईसेंसधारक देशी शराब/आईएमएफ/बीयर/वाईन/सीडर/बीआईओ ब्राण्ड का कोटा 2019-20 के लिए देय से अधिक लम्बित कोटा उठाता है तो लाईसेंसधारी को वह आबकारी नीति 2019-20 में निर्धारित श्ुाल्क जमा करवाकर अपने लम्बित कोटा को उठा सकता है। मंत्रिमण्डल ने टाॅल नीति 2019-20 को 31 मई, 2020 तक बढ़ाने की कार्येत्तर स्वीकृति तथा टाॅल नीति 2020-21 के को पहली जून, 2020 से 31 मई, 2021 तक संचालन की स्वीकृति प्रदान की। टाॅल पट्टाधारकों को उनके टाॅल फीस के वास्तविक एकत्रिकरण के आधार पर अप्रैल तथा मई, 2020 का मासिक टाॅल शुल्क जमा करवाने की अनुमति होगी। मंत्रिमण्डल ने इंदिरा गांधी मंडिकल कालेज शिमला में लोगों की सुविधा के लिए पैथोलाॅजी विभाग में प्रोफैसर तथा सहायक प्रोफैसर का एक-एक पद और मनोचिकित्सा विभाग में सहायक प्रोफैसर के दो पदों को सृजित कर भरने की स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमण्डल ने ओपन एकरिएज लाईसेेसिंग नीति-बिड राउण्ड-1 के अन्तर्गत मैसर्ज वेदांता लिमिटेड को मण्डी जिला के बालीचैकी, चच्योट, सरकाघाट तथा मण्डी क्षेत्र के अतिरिक्त बिलासपुर जिला के घुमारवीं क्षेत्र में पैट्रोलियम अन्वेषण के लिए पैैट्रोलियम लाईसेंस प्रदान करने की अनुमति प्रदान की। मंत्रिमण्डल ने शिमला जिला के कोटखाई के थरोला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को कार्यशील बनाने और लोगों की सुविधा के लिए तीन विभिन्न श्रेणियों के पद सृजित करने का निर्णय लिया। मंत्रिमण्डल ने मण्डी जिला के सराज में राजकीय माध्यमिक पाठशाला कून और सोलन जिला में राजकीय माध्यमिक पाठशाला अनहेच को राजकीय उच्च पाठशाला में स्तरोन्नत करने तथा राजकीय उच्च पाठशाला जाडली और सनावर को वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने तथा इन पाठशालाओं के प्रबन्धन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 20 पदों को सृजित करने की अनुमति प्रदान की। साभार-khaskhabar.com  

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जयपुर । आम दिनों में गर्भवती महिलाओं की देखभाल, प्रसव और बच्चों के टीकाकरण के कार्य में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाने वाली आशा सहयोगिनियाँ अब कोरोना वॉरियर्स के रूप में उभर रहीं हैं। ऐसे ही एक कोरोना वॉरियर है बाड़मेर जिले के सुभाष नगर की आशा सहयोगिनी शायरी बिश्नोई। शायरी कोरोना वायरस से निपटने के लिए चिकित्सा विभाग द्वारा किए जा रहे घर-घर सर्वे अभियान में तो अपनी ज़िम्मेदारी निभा ही रही हैं, लेकिन उनके मन में आया कि इस महामारी से समाज को बचाने के लिए अपनी तरफ से भी कुछ किए जाने की आवश्यकता है। फिर क्या था – उन्होंने ड्यूटी से लौटने के बाद घर पर ही मास्क बनाने का काम शुरू किया और अगले दिन घर-घर जाकर किए जाने वाले सर्वे के दौरान उसे बांटना शुरू कर दिया। कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे की भयावहता को भाँपते हुए लोगों को इससे सुरक्षा मुहैया कराने के लिये वे स्वयं के खर्चे से मास्क बनाकर उन्हें सर्वे के दौरान गरीबों में बांटती हैं। इसके साथ ही वे लोगों को घरों में ही रहने की अपील भी कर रही हैं। वे इस खतरनाक वायरस से निपटने में साबुन से हाथ धोने, होम आइसोलेशन, सोशियल डिस्टेंसिंग और अन्य सावधानियों के बारे में भी लोगों को जानकारी देती हैं। एक सच्चे साथी के रूप में उनके पति मेडिकल व्यवसायी भजनलाल बिश्नोई भी इस पुनीत कार्य में उनका सहयोग कर रहे हैं। वे अपने मेडिकल स्टोर से निःशुल्क दवाइयाँ उपलब्ध कराते हैं जिसे उनकी पत्नी शायरी जरूरतमंदो में बांट देती हैं। बाड़मेर के आशा जिला समन्यवक राकेश भाटी ने बताया कि जिले में आशा कार्यकर्ताओ ने 21 हजार से ज्यादा मास्क बनाकर जरूरतमंदों को बांटे हैं । साथ ही लोगों को लॉकडाउन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी घर घर जाकर समझा रही हैं। साभार-khaskhabar.com  

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चंडीगढ़ । कोविड-19 के कारण राज्य में लगाए गए कर्फ्यू और लाॅकडाउन के दौरान स्मार्ट राशन कार्ड धारकों को मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिन्दर सिंह के हुक्मों के अनुसार गेहूँ और दाल का वितरण शुरू हो गया है। इस वितरण के साथ राज्य के 36 लाख परिवारों के 1.40 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा। इस संबंधी जानकारी देते हुए पंजाब के खाद्य एवं सिविल सप्लाई मंत्री भारत भूषण आशू ने बताया कि जिला अमृतसर, फिरोजपुर, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, मोहाली, पटियाला, रोपड़, संगरूर में दालें पहुँचने के उपरांत वितरण का काम तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एक्ट, 2013 के अंतर्गत राज्य सरकार की स्मार्ट राशन कार्ड स्कीम अधीन आते समस्त लाभार्थीयों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अनुसार अगले तीन महीनों के लिए पाँच किलो प्रति जीव प्रति महीना के हिसाब से बनता गेहूँ बिना किसी कीमत के मुफ्त (15 किलो गेहूँ प्रति जीव) और एक किलो प्रति परिवार प्रति महीना के हिसाब से बनती दाल (तीन किलो प्रति परिवार) का वितरण शुरू करने का राज्य सरकार द्वारा फैसला किया गया था। यह गेहूँ और दाल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एक्ट, 2013 अधीन छह महीनों के लिए एक साथ बांटे जाते गेहूँ के अलावा है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा वितरण का यह कार्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी हिदायतों का यथावत पालन करते हुए किया जा रहा है और राज्य के बाकी बचते जिलों जिनमें बरनाला, बठिंडा, फाजिल्का, मानसा, मोगा, शहीद भगत सिंह नगर, श्री मुक्तसर साहिब, तरनतारन और पठानकोट शामिल हैं, में वितरण का काम 10.05.2020 से शुरू हो जायेगा। साभार-khaskhabar.com  

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अलीगढ़। देश में कोरोना वायरस के मरीज लगातार बढते जा रहें हैं । लॉकडाउन में दिल्ली से पैदल घर जाने के लिए निकले फतेहपुर जिले के तीन मजदूर गुरुवार तड़के सड़क दुर्घटना का हादसे के शिकार हो गए। घटना अलीगढ़ के मडराक क्षेत्र में हाईवे बाईपास पर हुई है। इस हादसे में एक ही परिवार के तीन मजदूरों की मौत हो गई। इसमें एक महिला भी शामिल है। इसके अलावा एक किशोरी गंभीर रूप से घायल हो गई। किशोरी का जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फतेहपुर जनपद के भोज थाना क्षेत्र के ऐराया निवासी रंजीत सिंह अपने छोटे भाई दिनेश व उसकी पत्नी संत कुमारी के साथ दिल्ली में रहकर मजदूरी करता था। लॉकडाउन के कारण तीनों दिल्ली में ही फंस गए । दो दिन पहले किसी तरह तीनों दिल्ली से पैदल ही घर के लिए निकल पड़े। बुधवार रात करीब ढाई बजे उन्होंने अलीगढ़ जिले की सीमा में प्रवेश कर गए। उनके साथ एटा का भी एक परिवार पैदल चल रहा था। रास्ते में उन्हें गेहूं से भरा ट्रैक्टर मिल गया, जिसमें सभी लोग सवार हो गए। जैसे ही ट्रैक्टर पड़िवाली के पास रेलवे पुल के निकट पहुंचा, तो पीछे से आ रहे कंटेनर ने इसे टक्कर मार दी। दुर्घटना में ट्रैक्टर पर सवार लोग गिर गए और कंटेनर के नीचे आकर घायल हो गए। रंजीत व दिनेश की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, दिनेश की पत्नी संत कुमारी और एटा के परिवार की 14 वर्षीय युवती घायल हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने संत कुमारी और घायल युवती को जिला अस्पताल पहुंचाया । अस्पताल में ही संत कुमारी को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, उमा का इलाज चल रहा है। पुलिस ने बताया कि मृतकों के पास मिले आधार कार्ड से हुई पहचान के आधार पर उनके परिवार वालों को सूचित कर दिया गया है। साभार-khaskhabar.com

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गाजियाबाद। देश में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हो रहा है। वहीं देश भर में लॉकडाउन के दौरान एक शख्स सब्जी और राशन लेने के लिए बाजार में निकला म। लेकिन वह घर वापस लौटा तो शादी रचाकर दुल्हन को साथ लेकर आ गया। शादी का यह अजीब मामला उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले का है। इसको सुनकर अचंभित हो रहे हैं।  

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लखनऊ। देश में कोरोना वायरस से मरीजों की संख्या बढती जा रही है। उत्तरप्रदेश में भी मरीजों की संख्या इजाफा होता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव अमित मोहन ने बताया कि उत्तर प्रदेश में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 2115 हो चुकी है, जिनमें एक्टिव मरीजों की संख्या 1602 है. इसके अलावा 36 लोगों की अब तक कोरोना वायरस के कारण मौत हो चुकी है। वहीं कल 4071 सैंपल टेस्ट किए गए। उत्तरप्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि 8140 औद्योगिक इकाइयों में लगभग 3,43,000 श्रमिक काम कर रहे हैं। इनमें से 294 सतत प्रक्रिया वाली इकाइयां हैं। 40 चीनी मीलों ने गन्ना कटाई और पिराई का अपना काम पूरा कर लिया है। उत्तरप्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह ने बताया कि 29 लाख 8 हज़ार श्रमिकों को 1000 रुपए की धनराशि का भुगतान किया गया है। कुल 290 करोड़ रुपया बांटा गया है।   साभार-khaskhabar.com

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शिमला ।मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से प्रदेश की भौगोलिक परिस्थियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के लिए केंद्रीय सड़क विनिर्माण निधि के तहत 27 परियोजनाओं के लिए 563 करोड़ रुपये समयबद्ध तरीके से स्वीकृत करने का आग्रह किया है। इन परियोजनाओं में 17 सड़कें और 10 पुल शामिल हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर एवं अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और लोक निर्माण एवं परिवहन मंत्रियों के साथ बातचीत की। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि वाहनों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए शिमला-मटौर और पठानकोट-मण्डी राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव और सामयिक नवीकरण महत्वपूर्ण है और इसे समय पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से इस कार्य को सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त निधि उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 97 किलोमीटर के सैंज-औट राष्ट्रीय राजमार्ग-305 सहित जलोड़ी सुरंग को विश्व बैंक हरित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के अंतर्गत लाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री का विश्व बैंक हरित राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत पांवटा साहिब-गुम्मा-फेडस पुल सड़क के लिए 1486 करोड़ रुपये तथा हमीरपुर-मंडी सड़क के लिए 1112 करोड़ रुपये स्वीकृत करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने केंद्र सरकार का 205 किलोमीटर समधो-काजा-ग्रामफू राष्ट्रीय राजमार्ग-505 के विकास एवं रखरखाव करने के लिए इसे प्रदेश सरकार को सौंपने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के अलावा इन क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जय राम ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री से प्रदेश के 69 राजमार्गों की शीघ्र स्वीकृति का आग्रह किया, ताकि इन पर कार्य जल्द ही शुरू किया जा सके। उन्होंने केंद्रीय मंत्री का प्रदेश के लिए 25 राष्ट्रीय राजमार्गों की स्वीकृति के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने भारत सरकार को प्राथमिकता सूची भी प्रदान की है और केंद्र सरकार सेे इन प्रस्तावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी और लाॅकडाउन के उपरांत भारत सरकार द्वारा सामाजिक दूरी और अन्य दिशा-निर्देशों का पालन करने हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पर 11 परियोजनाओं पर कार्य आरंभ कर दिया गया है। उन्हांेने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा प्रदेश में सात परियोजनाओं पर भी कार्य आरंभ किया गया है। इस कार्य के लिए लगभग 200 मजदूरों को लगाया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण कार्यालय को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है, ताकि राज्य में एनएचएआई द्वारा चलाई जा रही विभिन्न परियोजनाओं के कार्य में तेजी लाई जा सके। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मनाली टोल बैरियर के युक्तिकरण का भी आग्रह किया, क्योंकि इससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि प्रदेश की विभिन्न मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने राजमार्ग में मालवाहक वाहनों के सुचारू संचालन पर भी बल दिया, क्योंकि सड़क परिवहन मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को पांच ट्रिलियिन डाॅलर की अर्थव्यवस्था बनाने के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। साभार-khaskhabar.com

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बुलंदशहर । उत्तर प्रदेश में भी दो साधुओं की हत्या करने की बात सामने आईं हैं। बुलंदशहर के अनूपशहर कोतवाली में दो साधुओं की हत्या कर दी गई। मंदिर परिसर में सो रहे दो साधुओं पर धारदार हथियार से वार किया गया और भीड़ ने आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया है। बुलंदशहर के एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि कुछ दिन पहले आरोपी ने साधुओं के एक सामान (चिमटा) को छीन लिया था, जिसके बाद साधुओं ने उसे डांटा था। इससे नाराज होकर आरोपी ने दोनों साधुओं की हत्या कर दी। मामले की जांच की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, अनूपशहर कोतवाली के पगोना गांव में एक शिव मंदिर है। मंदिर में रहने वाले 55 वर्षीय साधु जगनदास और 35 वर्षीय साधु सेवादास की सोमवार रात हत्या कर दी गई है। मंगलवार सुबह ग्रामीण मंदिर पहुंचे तो साधुओं के शव देखकर भड़क गए। देखते ही देखते मंदिर में काफी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। इस बीच ग्रामीणों ने एक शख्स पर शक जताते हुए उसकी जबरदस्त पिटाई कर दी । घटना की सूचना पाकर मौके पर पुलिस फोर्स पहुंच गई और आरोपी शख्स को अपनी हिरासत में ले लिया । पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। आपको बताते जाए कि महाराष्ट्र के पालघर में 16-17 अप्रैल की दरमियानी रात को दो साधुओं और उनके ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई । ग्रामीणों ने चोर के शक में तीनों की पिटाई कर दी। इस दौरान पुलिसकर्मी मूकदर्शक बन गए। इस मामले में 100 से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए थे।     साभार-khaskhabar.com

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मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में एक ग्रामीण महिला के बैंक खाते से तीन करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है। महिला की शिकायत पर 41 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। कोतवाली थाने के प्रभारी कुशल सिंह भदौरिया ने आईएएनएस को रविवार को बताया कि अम्बाह निवासी मीनू बाई ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उसके पास आयकर विभाग का नोटिस आया है, जिसमें बताया गया कि उन्होंने बैंक में खाता खोलकर नोटबंदी के दौरान तीन करोड़ रुपये का लेनदेन किया। मीनू बाई ने मुरैना आकर कोतवाली पुलिस से शिकायत की है कि उसने कभी मुरैना आकर किसी बैंक में खाता ही नहीं खोला, तो इतना बड़ा लेन-देन कैसे हो गया। भदौरिया के अनुसार यह खाता एक्सिस बैंक का है। मीनू बाई के खाते में जो राशि आई थी, वह 41 संस्थानों के खातों में गई है। इसलिए पुलिस ने 41 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। साभार-khaskhabar.com  

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