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जयपुर। वैश्विक महामारी कोविड-19 के प्रभाव से रियल स्टेट प्रोजेक्ट भी बन्द पड़े है। इस विषम उत्पन्न स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा रियल स्टेट बिजनेस में राहत पहुँचाने के लिये अति महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये है। इस संबंध में नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल से रेरा के अध्यक्ष एन.सी. गोयल ने बुधवार को उनके निवास स्थान पर चर्चा की। रेरा द्वारा जारी आदेशों में बताया गया है कि राज्य सरकार एवं राजस्थान रियल रेगुलेटरी ऑथरटी के स्तर पर रियल स्टेट बिजनेस से जुड़े क्रेडाई, टोडार, राहड़ा आदि के प्रतिनिधियों द्वारा दिये गये प्रतिवेदनों पर सकारात्मक विचार कर रेरा एक्ट की धारा 6 व धारा 8 में दिये गये प्रावधानों के अनुसार ऐसे समस्त प्रोजेक्ट जो प्रदेश में लॉकडाउन शुरू होने की दिनांक 19 मार्च, 2020 तक पूर्ण नहीं हुए थे। उन सभी को प्रोजेक्ट पूर्ण करने की एक वर्ष की अवधि विस्तारित किये जाने का निर्णय लिया गया है साथ ही इस विस्तारित अवधि के लिये फीस भी माफ कर दी गयी है। परन्तु रेरा द्वारा 16 अगस्त, 2019 को जारी आदेश के क्रम में निर्धारित स्टेण्डर्ड फीस देय होगी। उन्हीं प्रोजेक्ट को अवधि विस्तार दिया जायेगा, जिनका रजिस्ट्रेशन 19 मार्च, 2020 को विधिवत मान्य था। विस्तारित अवधि के लिए निर्धारित फॉर्म-एफ में प्रमाण-पत्र रेरा द्वारा जारी किया जायेगा। जिसके लिए विकासकर्ता को ऑनलाईन आवेदन करना होगा। विस्तारित अवधि हेतु नियमानुसार आवश्यक प्रमाण-पत्र भी 30 जून, 2020 तक ऑनलाईन ही जारी कर वेबसाईट पर उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया है। संबंधित विकासकर्ता अपनी पूर्व में रजिस्टर्ड परियोजना हेतु रेरा की वेबसाईट के पोर्टल के माध्मय से ऑथरिटी को आवेदन पत्र में उपरोक्त प्रमाण-पत्र प्राप्त करने हेतु ऑनलाईन ही आवेदन कर सकेंगे, 30 जून, 2020 से पहले यह सुविधा प्रारम्भ कर दी जायेगी। विकासकर्ता द्वारा अपने प्रोजेक्ट की त्रैमासिक रिपोर्ट वेबसाईट पर प्रदर्शित करनी होती है, जिसमें भी मार्च, 2021 तक छूट दी गई है। रिफंड के आदेशों की क्रियान्विति के लिए विकासकर्ता के विरूद्ध कठोर कार्यवाही 31 मार्च, 2021 तक नहीं की जायेगी। विकासकर्ता अपने रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स को एक से अधिक चरणों में विभाजित कर सकेंगे, और बिल्डिंग प्लान में ऐसे संशोधन कर सकेंगें की आवंटियों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़े। ऐसे सभी परिवर्तनों के लिए न्यूनतम दो तिहाई आवंटियों की सहमति भी आवश्यक होगी। साभार-khaskhabar.com  

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शिमला । मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में यहां आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार का कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत लगाए लाॅकडाउन के कारण प्रभावित अर्थ-व्यवस्था से निपटने के लिए देश को 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा के लिए उनका धन्यवाद किया। मंत्रिमण्डल ने कहा कि यह आर्थिक पैकेज कमजोर वर्गों, एमएसएमई, व्यापार समुदाय, कामगारों व आम जनता को आवश्यक राहत प्रदान कर देश की अर्थ-व्यवस्था को पुनर्जिवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पैकेज भारत को मजबूत, जीवंत और आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। मंत्रिमण्डल ने फैक्ट्री एक्ट 1948 में आॅफेसिंस को कम्पाउंड करने के लिए धारा-2 (एम) (प), 2 (एम) (पप), धारा-65 (3) (पअ), धारा-85(1) (प) में संशोधन करने और नई धारा 106 (बी) की प्रविष्टि करने की अनुमति दी। इससे राज्य में छोटी इकाइयों में उत्पाद गतिविधियों के लिए श्रमिकों की वर्तमान सीमा 10 और 20 को बढ़ाकर क्रमशः 20 और 40 किया जाएगा। इस संशोधन से छोटी विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा और श्रमिकों को रोजगार के अधिक अवसर सृजित होंगे। इसी तरह, वर्तमान में कोई भी कर्मचारी किसी भी तिमाही में अधिकतम 75 घंटे ओवर टाइम काम कर सकता है। लेकिन धारा-65 के खंड (4) 3 संशोधन में इस सीमा को बढ़ाकर 115 घंटे करना प्रस्तावित है। इसमें ओवरटाइम का भुगतान साधारण मजदूरी की दर से दोगुना करने की शर्त होगी, ताकि श्रमिकों को आय के अधिक अवसर मिल सकें। मंत्रिमण्डल ने औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (1947 का 14वां) की धारा-22, (1) धारा 25 एफ (बी) धारा-25-के में संशोधन करने पर भी अपनी सहमति दी। इससे औद्योगिक निवेश, उत्पादन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य में व्यापार करने में आसानी होगी। इससे औद्योगिक प्रतिष्ठानों को अनुकूल और व्यापार मित्र वातावरण पर्यावरण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और कामगारों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मंत्रिमण्डल ने जिला मंडी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टीहरा को 50 बिस्तरों वाले नागरिक अस्पताल में स्तरोन्नत करने की मंजूरी प्रदान की। मंत्रिमंडल ने कुल्लू जिले के भेखली में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में जिला सिरमौर की तहसील नाहन में ग्राम कंुडला (गुमटी) में मैसर्स एल्को स्पिरिट्स प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में आश्रय पत्र की वैधता अवधि को बढ़ाने का निर्णय लिया गया, ताकि कंपनी को परियोजना के काम को पूरा करने में सुविधा हो सके, इसमें कोविड-19 महामारी के कारण विलम्ब हो रहा था। मंत्रिमंडल ने पोस्ट कोविड-19 इकाॅनोमिक रिवाइवल के लिए गठित मंत्रिमंडलीय सब कमेटी के प्रस्ताव पर आयकर दाताओं को लक्षित सार्वजनिक वितरण योजना के तहत सब्सिडी का लाभ पाने से एक साल के लिए बाहर रखने की मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने बीपीएल/प्राथमिकता वाले परिवारों के लाभार्थियों के चयन के लिए ऊपरी आय सीमा को बढ़ाकर 45000 रुपये प्रस्तावित किया। इससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम परिवारों की संख्या 1,50,000 तक बढ़ जाएगी, जिससे वे 3.30 रुपये प्रति किलो गेहूं आटा और 2 रुपये प्रति किलो चावल बहुत ही रियायती दरों पर लेने के लिए पात्र हो जाएंगे। राज्य सरकार द्वारा एपीएल परिवारों को दी जा रही दालों, खाद्य तेल और चीनी पर सब्सिडी के युक्तिकरण के लिए भी अपनी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में 15 अटल आदर्श विद्यालय खोलने का निर्णय लिया, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। साभार-khaskhabar.com  

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चंडीगढ़ । हरियाणा में कोरोना वायरस के मरीजों का आंकड़ा 783 तक जा पहुंचा है. वहीं अब तक 11 लोगों की मौत हो गई है। जबकि कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 421 हो गई है। आंकड़ों के मुताबिक फरीदाबाद में 56, गुरुग्राम में 107 , सोनीपत में 94, झज्जर में 74, पानीपत में 18 कोरोना के एक्टिव पॉजिटिव केस है। जबकि अब तक 351 मरीज ठीक हो चुके है।   साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार बुधवार सुबह तक देश में पिछले 24 घंटों में 3,525 कोरोनावायरस के मामले सामने आए हैं और 122 मौतें हुई हैं। देश में पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या अब 74,281 हो गई है इसमें 47,480 सक्रिय मामले, 24386 ठीक / डिस्चार्ज /माइग्रेट मामले और 2,415 मौतें शामिल हैं। भारत में कोरोनावायरस संक्रमण के चलते मंगलवार सुबह तक 2 हजार 293 मौतों सहित कोविड-19 से संक्रमित हुए लोगों का कुल आंकड़ा 70 हजार 756 हो गया था । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने ताजा आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा, "वर्तमान में 46 हजार 08 लोग कोरोना महामारी से ग्रस्त हैं, जबकि उपचार के बाद पूर्ण रूप से स्वस्थ हुए कुल 22 हजार 454 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।" वहीं, अंडमान निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मणिपुर और मिजोरम कोरोना से मुक्त राज्य बने हुए हैं, जबकि आंध्र प्रदेश में 45 लोगों की मौत सहित कोरोना पीड़ितों की संख्या 2 हजार 18 हो गई है, जिनमें से 975 को डिस्चार्ज किया जा चुका है। असम में कोरोना पीड़ितों का आंकड़ा 65 पहुंच गया है, जिनमे से 34 को अस्पताल से छुट्टी दी गई है। यहां सिर्फ 2 लोगों की इस बीमारी की वजह से मौत हुई है। उधर, बिहार में कोरोना से संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अब तक 747 लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं, जिनमे से 377 को अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा चुका है, जबकि यहां 6 लोगों की मौत हुई है। चंडीगढ़ में कोरोना पीड़ितों की संख्या 174 पहुंच गई है और उपचार के बाद 24 को डिस्चार्ज किया गया। यहां दो की मौतें देखने को मिली हैं। छत्तीसगढ़ में यह संख्या 59 बनी हुई हैं और 53 मरीजों को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया गया है। दादर नगर हवेली में अब तक सिर्फ एक शख्स की इस बीमारी से संक्रमित होने की सूचना है। राजधानी दिल्ली में कुल 73 मौतों के साथ ही संक्रमितों की संख्या 7 हजार 233 पहुंच चुकी है, जबकि उपचार के बाद 2 हजार 129 को डिस्चार्ज किया गया। गुजरात में यह आकड़ा 8 हजार 541 पहुंच गया है, जिसमें से 513 लोगों की मौत हुई है और 2 हजार 780 को डिस्चार्ज किया गया है। हरियाणा में कोरोना पीड़ितों का आंकड़ा 730 हो गया है, यहां 337 को डिस्चार्ज किया गया और 11 की मौत हुई है। हिमाचल में मंगलवार सुबह तक 69 मामले सामने आए हैं। यहां 39 को डिस्चार्ज किया गया है। जम्मू एवं कश्मीर में यह संख्या 879 पहुंच चुकी और 427 को डिस्चार्ज किया गया है। केंद्र शासित प्रदेश में 10 लोगों की महामारी के चलते मौत हुई है। झारखंड में तीन लोगों की मौत के साथ कोरोना पीड़ितों की संख्या 160 पहुंच चुकी है, जिसमें से 78 को डिस्चार्ज किया गया है। कर्नाटक में यह संख्या 31 मौतों के साथ 862 है और यहां 426 को उपचार के बाद डिस्चार्ज किया गया है। वहीं, केरल में मंगलवार सुबह तक कोरोना पीड़ितों की संख्या 519 रही, जिनमें से 489 स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए और चार लोगों की मौत हुई। इस बीच लद्दाख में कोरोना पीड़ितों की संख्या 42 हो गई है और 21 लोगों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा चुका है। मध्यप्रदेश में कोरोना तेजी से पांव पसार रहा है। मंगलवार सुबह तक 121 मौतों के साथ यहां यह आंकड़ा कुल 3 हजार 785 रहा, जबकि 1 हजार 747 लोगों को डिस्चार्ज किया गया है। उधर, महाराष्ट्र में अभी भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है । अब तक मिली रिपोर्ट के मुताबिक यहां 23 हजार 401 लोग कोरोना वायरस से पीड़ित बताए गए हैं, इनमें से 4 हजार 786 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है और 868 लोगों की मौत हुई है। मेघालय में 13 मामले सामने आए हैं, और 10 पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं। उड़ीसा में अब तक 414 मामले सामने आए हैं और 85 को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। यहां तीन की मौत हुई है। पुडुचेरी में सिर्फ 12 मामले सामने आए हैं और 6 को डिस्चार्ज किया गया है। पंजाब में मंगलवार सुबह तक 1 हजार 877 मामले सामने आए हैं और 168 को डिस्चार्ज किया गया। 31 लोगों की अब तक मौत हो गई है। राजस्थान में यह आंकड़ा 3 हजार 988 पहुंच चुका है, जबकि 2 हजार 264 को डिस्चार्ज किया गया है। 113 की यहां मौत हो गई है । उधर, तमिलनाडु में कोरोना पीड़ितों की संख्या 8 हजार 02 पहुंच गई है, जबकि 2 हजार 54 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। यहां 53 लोगों की मौत हुई है। तेलंगाना में 1 हजार 275 मामले सामने आए हैं, जिसमें से 800 को डिस्चार्ज किया गया। यहां 30 की मौत हुई है। इस बीच त्रिपुरा में 152 मामले सामने दर्ज किए गए हैं और 2 लोगों को डिस्चार्ज किया गया है। उत्तराखंड में 68 मामले सामने आए हैं, जिसमें से 46 को डिस्चार्ज किया गया। यहां एक की मौत हुई है । उत्तर प्रदेश में कोरोना पीड़ितों की संख्या 3 हजार 573 हो गई है। 1 हजार 758 को डिस्चार्ज किया गया ।यहां 80 मौतें हुई हैं। उधर, पश्चिम बंगाल में यह आंकड़ा 2 हजार 63 पहुंच चुका है। यहां 499 लोग डिस्चार्ज हो चूके हैं, जबकि यहां 190 मरीजों की मौत हुई है।   साभार-khaskhabar.com

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For Odia migrant workers in Surat, the road back home is fraught with uncertainty. With Supreme Court staying Orissa High Court order that directed migrant workers be allowed entry to Odisha only after testing negative for COVID-19, the ball is now in the State Government’s court. Defying lockdown norms, hundreds of migrant workers from Odisha came on roads here upon learning the Odisha government has revoked permission to three trains which were scheduled to leave from Surat city of Gujarat on Friday. Surat-based powerlooms and textile units employ thousands of people from the eastern state who are now stranded and out of job due to the coronavirus-enforced lockdown. Before the situation escalated, police stepped in and persuaded the restless migrant workers, who numbered in hundreds, to disperse, said officials. “They were anxious after learning that the Odisha government has cancelled permission given to the three trains coming from Surat carrying migrant workers (following a court order). “We urged them to keep calm and made them aware about the court order. They peacefully returned to their homes,” said Deputy Commissioner of Police R.P.  Barot.Till now, as many as 18 Shramik Special trains, each carrying 1,200 migrants, have left for Odisha from Surat. Surat collector Dhaval Patel told reporters that all the three trains scheduled for May 8 stand cancelled following an Odisha High Court order pronounced on Thursday. “As per the order, only those testing negative for coronavirus will be allowed to board (Odisha-bound) trains. People can not go unless their report comes negative. “Thus, the Odisha government has cancelled the three trains which were scheduled to depart from here on Friday,” said Patel. He said the district administration has urged the Railway authorities to refund the ticket fare. साभार-khaskhabar.com    

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चंडीगढ़ । पंजाब में कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। कोरोना के पूरे पंजाब में अब तक 1731 पॉजिटिव केस सामने आ चुके है। इसमें से एक्टिव मरीजों की संख्या 1550 है, जबकि 152 मरीज ठीक हो चुके है। जबकि कोरोना के चलते 29 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। साभार-khaskhabar.com

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नासिक: महाराष्ट्र के नासिक के शैतानपुर इलाके में आज एक कारखाने में आग लग गई। मौके पर फायर ब्रिगेड की 10 गाड़‍ियां मौके पर पहुंची हैं आज सुबह से देश में कई हादसे हुए हैं इससे पहले तमिलनाडु तमिलनाडु के नेवेली में बॉयलर फटने से सात लोग घायल हो गए। आज सुबह विशाखापट्टनम के पास एक केमिकल फैक्टरी में गैस रिसाव होने के बाद वहां 11 लोगों की मौत हो गई थी। साभार-khaskhabar.com

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औरंगाबाद (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के जालना और औरंगाबाद के बीच चलने वाली एक मालगाड़ी ने रेलवे ट्रेक पर सो रहे प्रवासी मजदूरों को कुचल दिया। जिसमे 15 की मौत हो गयी है कोरोनावायरस संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के बीच यह प्रवासी श्रमिक अपने मूल स्थान पर वापस लौटने का प्रयत्न कर रहे थे। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की पुष्टि कर कहा, "दक्षिण मध्य रेलवे के नांदेड़ डिवीजन के जालना और औरंगाबाद के बीच एक मालगाड़ी ने प्रवासी मजदूरों को कुचल दिया है।" उन्होंने आगे कहा, "यह घटना शुक्रवार सुबह 5.30 बजे के आसपास उस वक्त हुई, जब अपने घरों को वापस जा रहे प्रवासी मजदूर रेलवे की पटरियों पर सो रहे थे।" हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि श्रमिकों का यह समूह कहां से आया और कहां जा रहा था। देशव्यापी लॉकडाउन के चलते अंतरराज्यीय बस सेवा, यात्री, मेल और एक्सप्रेस ट्रेन सेवाओं को 24 मार्च से निलंबित किया हुआ है। ऐसे में कई अन्य शहरों में फंसे हजारों प्रवासी श्रमिकों ने अपने पैतृक स्थानों पर लौटने के लिए पैदल ही यात्रा शुरू कर दी है। गौरतलब है कि रेलवे ने 1 मई से फंसे हुए प्रवासियों को उनके मूल स्थानों तक पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाना शुरू किया है। अब तक रेलवे 201 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चला चुका है। साभार-khaskhabar.com

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जयपुर। प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. रघु शर्मा ने बताया कि प्रदेश में कोविड संक्रमण के बचाव एवं रोकथाम के लिए प्रदेश में एडवांस प्लानिंग पर काम करना शुरू कर दिया है। इसी के मद्देनजर आने वाले दिनों में प्रदेश के सभी जिलों में आवश्यकता के अनुसार 500 या 1 हजार बैडेड की क्षमता वाले कोविड केयर सेंटर बनाए जाएंगे। चिकित्सा मंत्री ने बताया कि इन दिनों लगभग 70 प्रतिशत पाॅजीटिव केसेज में या तो हल्के लक्षण या लक्षण ही नहीं पाए जा रहे हैं। ऐसे केसेज की देखभाल के लिए प्रत्येक जिले में कोविड केयर सेंटर बनाए जाएंगे। इस बारे में विस्तृत गाइड लाइन भी जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि शुरुआत 30 हजार बैडसे की जाएगी और फिर जरूरत के अनुसार इसे 50 हजार बैड तक पहुंचाया जा सकता है। डाॅ. शर्मा ने बताया कि सभी जिलों में कोविड केयर सेंटर का चयन और प्रबंधन का जिम्‍मा संबंधित जिला कलक्‍टर को दिया गया है। कलक्टर द्वारा समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें जिला कलक्टर, चिकित्सा विभाग, लेखा शाखा, नगर निगम या नगर पालिका या पंचायत समिति का प्रतिनिधि शामिल होगा। यह समिति सेंटर से जुड़े तमाम कार्यों का संपादन करेगी। उन्होंने बताया कि सेंटर का चयन आबादी से दूर किया जाएगा और वहां सभी आवश्यक सुविधाएं मसलन भोजन, बिजली, पानी, पंखे-कूलर, वाटर कूलर आदि की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि मरीज को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। सेंटर पर व्यक्तियों के प्रवेश और निकास के लिए एक ही एंट्री गेट रखा जाएगा, ताकि संपूर्ण व्यवस्था पर निगरानी रखी जा सके और संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। डाॅ. शर्मा ने बताया कि सेंटर्स पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे ताकि हर जगह की निगरानी की जा सके। इसके अलावा माइकिंग की भी व्यवस्था की जाएगी। इन सभी सेंटर्स पर चिकित्सक कक्ष, सैंपल कलेक्शन, दवा स्टोर, चिकित्सकों के चेंजिंग रूम (डाॅनिंग एंड डोफिंग रूम) की भी व्यवस्था की जाएगी ताकि मरीज को किसी परेशानी का सामना ना करना पड़े। ये सभी सेंटर पर विषय विशेषज्ञों से जरूरत पड़ने पर टेली कंसलटेंसी के जरिए भी इलाज किया जा सकेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सभी सेंटर्स पर व्हील चेयर, ट्रोली और रोगियों को तनाव मुक्त करने के लिए टेलीविजन या म्यूजिक की भी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि सेंटर पर काम करने वाले लोगों को पहले प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मरीजों का ठीक से उपचार कर सके। केयर सेंटर जिले के डेडिकेटेड कोविड हैल्थ केयर सेंटर व डेडिकेटेड अस्पताल से भी पूरी तरह लिंक रहेगा। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले अप्रवासी राजस्थानियों और श्रमिकों को भी यहां निश्चित समयावधि में आइसोलशन में रखा जा सकता है। साभार-khaskhabar.com

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जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश में सोमवार से कोरोना के गंभीर रोगियों का प्लाज्मा थैरेपी तथा गैर कोविड रोगियों का टेली मेडिसिन के माध्यम से उपचार प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना को चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए राजस्थान अपने हैल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को इस तरह मजबूत बना रहा है कि भविष्य में हम किसी भी संकट का सफलतापूर्वक सामना कर सकें। गहलोत ने कहा कि आईसीएमआर ने एसएमएस अस्पताल को प्लाज्मा थैरेपी से उपचार के लिए इजाजत दे दी है। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण किसी भी गैर कोविड मरीज को उपचार के लिए परेशानी का सामना नहीं करना पड़े इसके लिए सोमवार से चरणबद्ध रूप से एक वेब पोर्टल के जरिए टेलीकन्सल्टेन्सी सेवा की शुरूआत होगी। इसके पहले चरण में 30 चिकित्सकों के माध्यम से रोगियों को परामर्श दिया जाएगा। इसके लिए एक मोबाइल ऐप भी तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गैर कोरोना रोगियों के लिए हमने 428 मोबाइल ओपीडी वैन चलाई थी, जिनमें अब तक करीब 1 लाख 60 हजार रोगियों ने सेवाएं ली हैं। उन्होंने कहा कि पहले राज्य में कोरोना रोगियों के लिए जांच सुविधा नहीं थी। हमें सैम्पल बाहर भेजने पड़ते थे, लेकिन अब प्रदेश में 10 हजार जांचंे प्रतिदिन हो रही हैं और हमारा लक्ष्य इसे 25 हजार प्रतिदिन करना है। हमने अमेरिका से कोबास कम्पनी की 2 मशीनें मंगवाई हैं, जो एक साथ 4 हजार टेस्ट कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि पीसीआर टेस्ट में काम आने वाली आरएनए किट्स भी अब हम स्वयं के स्तर पर खरीद सकेंगे ताकि इनकी कमी नहीं रहे। गहलोत ने कहा कि यह समय आरोप-प्रत्यारोप का नहीं है बल्कि एकजुट होकर इस जंग के खिलाफ भागीदारी निभाने का है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना की जंग को लेकर जो प्रयास किए हैं, उनकी सराहना पूरा देश कर रहा है। मैंने कभी भी इसका श्रेय लेने का प्रयास नहीं किया बल्कि सभी प्रदेशवासियों को इसका श्रेय दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार से 2700 करोड़ और 1500 करोड़ रूपए का जो फण्ड मिला है। वह नियमित राशि है, यदि कोरोना की महामारी नहीं आती तब भी हमें यह राशि मिलती ही। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते करीब 2 माह में राज्य सरकार के राजस्व में करीब 10 हजार करोड़ रूपए की कमी आई है। बेहतर वित्तीय प्रबंधन के लिए हमने एक अध्ययन करवाया था, जिसकी रिपोर्ट आ गई है। उसके आधार पर आगे निर्णय लेेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण लंबे समय तक आर्थिक गतिविधियों के बंद रहने से राज्यों की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। ऐसे में केन्द्र को बड़ा आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज देना चाहिए। गहलोत ने कहा कि अब तक करीब 15 लाख श्रमिकों एवं प्रवासियों ने आवागमन के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। राज्य सरकार लगातार प्रवासियों एवं श्रमिकों के सकुशल आवागमन के लिए प्रयासरत है। अब तक करीब 1 लाख प्रवासी राजस्थान आ चुके हैं और करीब 60 हजार श्रमिक अन्य राज्यों में जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, बिहार, तेलंगाना, महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश की राज्य सरकारें श्रमिकों एवं प्रवासियों के अंतर्राज्यीय आवागमन के लिए फिलहाल तैयार नहीं हैं। हम उनसे लगातार सम्पर्क कर अनुमति के लिए प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन आज भी लागू है। कोरोना का खतरा अभी कम नहीं हुआ है। ऐसे में लोग बेवजह बाहर नहीं निकलें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्थान ऐपिडेमिक डिजीजेज अध्यादेश-2020 लागू कर अधिसूचनाएं जारी की हैं। इसमें कोविड-19 को महामारी घोषित किया गया है। साथ ही, इसके तहत दुकानदार, ग्राहक एवं सार्वजनिक और कार्य स्थल पर हर व्यक्ति को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। सामाजिक दूरी (न्यूनतम 6 फीट) बनाए रखनी होगी। कोई व्यक्ति पान, गुटखा, तम्बाकू आदि नहीं बेच सकेगा और सार्वजनिक स्थान पर नहीं थूक सकेगा तथा शराब नहीं पी सकेगा। शादी-समारोह के लिए उपखण्ड मजिस्ट्रेट को पूर्व सूचना देनी होगी। साथ ही, इनमें 50 से अधिक व्यक्ति नहीं हो सकेंगे। अंतिम संस्कार में भी 20 से अधिक व्यक्तियों को इजाजत नहीं होगी। इन नियमों का उल्लंघन करने पर 200 रूपए से लेकर 10 हजार रूपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। साभार-khaskhabar.com  

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शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में यहां हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में लाॅकडाउन के उपरान्त राज्य सरकार द्वारा शुरू किए जाने वाले आर्थिक सुधारों बारे में एक प्रस्तुति दी गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि कोरोना महामारी के दृष्टिगत राज्य में अर्थव्यवस्था को दोबारा सृदृढ़ करने के लिए शहरी जनता को मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारन्टी योजना के तहत 120 दिन का रोजगार मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए यदि आवश्यक हो तो उनके कौशल उन्नयन के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस महामारी के दौरान प्रदेश में बाहरी राज्यों से हजारों लोग वापस आए हैं, जिनकी विभिन्न क्षेत्रों में कुशलता हैं, उन्हें उनकी कार्यकुशलता अनुसार रोजगार और स्वरोजगार मुहैया कराने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि विकास कार्यों पर प्रदेश सरकार द्वारा व्यय तीव्र किया जाएगा और फिजूल खर्च पर अंकुश लगाया जाएगा। राज्य सरकार ने भवन और अन्य सन्निर्माण कामगार बोर्ड के तहत पंजीकृत लगभग एक लाख श्रमिकों को 2000 रुपये प्रदान किए है, जिसपर अब तक 20 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। अब सरकार ने इन श्रमिकों को और 2000 रुपये प्रति कामगार प्रदान करने का निर्णय लिया है। कोविद-19 महामारी के कारण राज्य के कृषकों और बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान अपनी फसलों का विपणन नहीं कर पाए हैं, जिससे उन्हें नुकसान हो रहा है इसलिए, सरकार ने उन्हें कुछ हद तक क्षतिपूर्ति करने का फैसला किया है। सरकार बाजार में उनके उत्पादों केे विपणन के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के प्रयास कर रही हैै। इस महामारी के कारण पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है, इसलिए सरकार ने छः महीने की अवधि के लिए बिजली की मांग के शुल्क को माफ करने का फैसला किया है, जिसके लिए उन्हें लगभग 15 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की गई है। इसी तरह कराधान लाइसेंस शुल्क को माफ कर दिया जाएगा और बार का लिफटिंग कोटा प्रो-राटा के आधार पर होगा। सरकार एचपीटीडीसी निगम के कर्मचारियों का वेतन भुगतान कर एचपीटीडीसी को भी सहायता प्रदान करेगी। इसके अलावा, टोकन टैक्स और विशेष सड़क कर को 4 महीने के लिए माफ कर दिया जाएगा तथा पंजीकरण और परमिट आदि के नवीकरण की देरी पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। एचआरटीसी को 55 करोड़ की मदद दी जाएगी। उद्योगों को सुदृढ़ करने के लिए जीएसटी रिफंड जल्द से जल्द किया जाएगा। एचपीएसईबी लिमिटेड को भी उद्योग की कम मांग के कारण नुकसान उठाना पड़ा है, जिसकी भरपाई की जाएगी। अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए किए जाने वाले अन्य उपचारात्मक उपायों बारे सुझाव देने के लिए जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इस उप समिति के अन्य सदस्य शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, उद्योग मंत्री विक्रम सिंह और परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर होंगे। यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार उचित स्तर पर ईपीएफओ, ईएसआईसी से संबंधित मामले को भी उठाएगी ताकि जल्द से जल्द इसका निवारण किया जा सके। मंत्रिमंडल ने शिक्षा विभाग में कार्यरत अंशकालिक जलवाहकों को छोड़कर अन्य विभिन्न विभागों में लगे अंशकालिक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, जिन्होंने 31 मार्च, 2020 तक आठ वर्ष का सेवाकाल पूरा कर लिया है तथा जो कर्मी 30 सितम्बर, 2020 तक आठ साल का सेवाकाल पूरा करेंगे, की सेवाओं को दैनिक वेतन भोगी के रूप में परिवर्तित करने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमण्डल ने आबकारी नीति 2019-20 को 31 मई, 2020 तक बढ़ाने के लिए कार्येत्तर स्वीकृति और आबकारी नीति 2020-21 के संचालन का पहली जून से 31 मई, 2021 तक बढ़ाने की स्वीकृति प्रदान की। इस नीति के अनुसार खुदरा आबकारी लाईसेंसधारक, जिनकी कोविड-19 के दृष्टिगत 22 मार्च, 2020 के बाद शराब की दुकानें बन्द रही हैं, उन्हें उस समय की आबकारी फीस जमा करवाने की आवश्यकता नहीं है। खुदरा आबकारी लाईसेंसधारकों, जिन्होंने 31 मार्च, 2020 से पहले लाईसेंस शुल्क जमा करवा दिया है, उन्हें 2019-20 के लिए शेष न्यूनतम गारंटी कोटे को उठाने की अनुमति होगी। यदि 31 मार्च, 2020 तक पूर्ण लाईसेंस शुल्क जमा नहीं करवाई है तो ऐसे लाईसेंसधारकों को अप्रैल व मई 2020, जब दुकानें खुलेंगी तो 2019-20 के लिए लम्बित आबकारी लाईसेंस शुल्क जमा करने पर लम्बित कोटा उठाने की अनुमति होगी। इसके अतिरिक्त यदि खुदरा आबकारी लाईसेंसधारक देशी शराब/आईएमएफ/बीयर/वाईन/सीडर/बीआईओ ब्राण्ड का कोटा 2019-20 के लिए देय से अधिक लम्बित कोटा उठाता है तो लाईसेंसधारी को वह आबकारी नीति 2019-20 में निर्धारित श्ुाल्क जमा करवाकर अपने लम्बित कोटा को उठा सकता है। मंत्रिमण्डल ने टाॅल नीति 2019-20 को 31 मई, 2020 तक बढ़ाने की कार्येत्तर स्वीकृति तथा टाॅल नीति 2020-21 के को पहली जून, 2020 से 31 मई, 2021 तक संचालन की स्वीकृति प्रदान की। टाॅल पट्टाधारकों को उनके टाॅल फीस के वास्तविक एकत्रिकरण के आधार पर अप्रैल तथा मई, 2020 का मासिक टाॅल शुल्क जमा करवाने की अनुमति होगी। मंत्रिमण्डल ने इंदिरा गांधी मंडिकल कालेज शिमला में लोगों की सुविधा के लिए पैथोलाॅजी विभाग में प्रोफैसर तथा सहायक प्रोफैसर का एक-एक पद और मनोचिकित्सा विभाग में सहायक प्रोफैसर के दो पदों को सृजित कर भरने की स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमण्डल ने ओपन एकरिएज लाईसेेसिंग नीति-बिड राउण्ड-1 के अन्तर्गत मैसर्ज वेदांता लिमिटेड को मण्डी जिला के बालीचैकी, चच्योट, सरकाघाट तथा मण्डी क्षेत्र के अतिरिक्त बिलासपुर जिला के घुमारवीं क्षेत्र में पैट्रोलियम अन्वेषण के लिए पैैट्रोलियम लाईसेंस प्रदान करने की अनुमति प्रदान की। मंत्रिमण्डल ने शिमला जिला के कोटखाई के थरोला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को कार्यशील बनाने और लोगों की सुविधा के लिए तीन विभिन्न श्रेणियों के पद सृजित करने का निर्णय लिया। मंत्रिमण्डल ने मण्डी जिला के सराज में राजकीय माध्यमिक पाठशाला कून और सोलन जिला में राजकीय माध्यमिक पाठशाला अनहेच को राजकीय उच्च पाठशाला में स्तरोन्नत करने तथा राजकीय उच्च पाठशाला जाडली और सनावर को वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने तथा इन पाठशालाओं के प्रबन्धन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 20 पदों को सृजित करने की अनुमति प्रदान की। साभार-khaskhabar.com  

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जयपुर । आम दिनों में गर्भवती महिलाओं की देखभाल, प्रसव और बच्चों के टीकाकरण के कार्य में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाने वाली आशा सहयोगिनियाँ अब कोरोना वॉरियर्स के रूप में उभर रहीं हैं। ऐसे ही एक कोरोना वॉरियर है बाड़मेर जिले के सुभाष नगर की आशा सहयोगिनी शायरी बिश्नोई। शायरी कोरोना वायरस से निपटने के लिए चिकित्सा विभाग द्वारा किए जा रहे घर-घर सर्वे अभियान में तो अपनी ज़िम्मेदारी निभा ही रही हैं, लेकिन उनके मन में आया कि इस महामारी से समाज को बचाने के लिए अपनी तरफ से भी कुछ किए जाने की आवश्यकता है। फिर क्या था – उन्होंने ड्यूटी से लौटने के बाद घर पर ही मास्क बनाने का काम शुरू किया और अगले दिन घर-घर जाकर किए जाने वाले सर्वे के दौरान उसे बांटना शुरू कर दिया। कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे की भयावहता को भाँपते हुए लोगों को इससे सुरक्षा मुहैया कराने के लिये वे स्वयं के खर्चे से मास्क बनाकर उन्हें सर्वे के दौरान गरीबों में बांटती हैं। इसके साथ ही वे लोगों को घरों में ही रहने की अपील भी कर रही हैं। वे इस खतरनाक वायरस से निपटने में साबुन से हाथ धोने, होम आइसोलेशन, सोशियल डिस्टेंसिंग और अन्य सावधानियों के बारे में भी लोगों को जानकारी देती हैं। एक सच्चे साथी के रूप में उनके पति मेडिकल व्यवसायी भजनलाल बिश्नोई भी इस पुनीत कार्य में उनका सहयोग कर रहे हैं। वे अपने मेडिकल स्टोर से निःशुल्क दवाइयाँ उपलब्ध कराते हैं जिसे उनकी पत्नी शायरी जरूरतमंदो में बांट देती हैं। बाड़मेर के आशा जिला समन्यवक राकेश भाटी ने बताया कि जिले में आशा कार्यकर्ताओ ने 21 हजार से ज्यादा मास्क बनाकर जरूरतमंदों को बांटे हैं । साथ ही लोगों को लॉकडाउन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी घर घर जाकर समझा रही हैं। साभार-khaskhabar.com  

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