BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

महाराष्ट्र के बाद उत्तरप्रदेश में भी दो साधुओं की हत्या, आरोपी को दबोचा

बुलंदशहर । उत्तर प्रदेश में भी दो साधुओं की हत्या करने की बात सामने आईं हैं। बुलंदशहर के अनूपशहर कोतवाली में दो साधुओं की हत्या कर दी गई। मंदिर परिसर में सो रहे दो साधुओं पर धारदार हथियार से वार किया गया और भीड़ ने आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया है।
बुलंदशहर के एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि कुछ दिन पहले आरोपी ने साधुओं के एक सामान (चिमटा) को छीन लिया था, जिसके बाद साधुओं ने उसे डांटा था। इससे नाराज होकर आरोपी ने दोनों साधुओं की हत्या कर दी। मामले की जांच की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, अनूपशहर कोतवाली के पगोना गांव में एक शिव मंदिर है। मंदिर में रहने वाले 55 वर्षीय साधु जगनदास और 35 वर्षीय साधु सेवादास की सोमवार रात हत्या कर दी गई है। मंगलवार सुबह ग्रामीण मंदिर पहुंचे तो साधुओं के शव देखकर भड़क गए। देखते ही देखते मंदिर में काफी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। इस बीच ग्रामीणों ने एक शख्स पर शक जताते हुए उसकी जबरदस्त पिटाई कर दी । घटना की सूचना पाकर मौके पर पुलिस फोर्स पहुंच गई और आरोपी शख्स को अपनी हिरासत में ले लिया । पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। आपको बताते जाए कि महाराष्ट्र के पालघर में 16-17 अप्रैल की दरमियानी रात को दो साधुओं और उनके ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई । ग्रामीणों ने चोर के शक में तीनों की पिटाई कर दी। इस दौरान पुलिसकर्मी मूकदर्शक बन गए। इस मामले में 100 से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए थे।

 

 

साभार-khaskhabar.com

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More