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लॉकडाउन के दौरान राजस्थान सरकार ने दी उद्योगों को बड़ी राहत, यहां पढ़ें

जयपुर। राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला करते हुए उद्योगों को बड़ी राहत दी है। अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि राज्य में अब आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन, दवा, फार्मास्यूटिकल, मेडिकल डिवाइसेज का उत्पादन करने वाली इकाइयों, इनका कच्चा माल तैयार करने वाले, खाद्य पदार्थों, दवा, फार्मास्यूटिकल, मेडिकल डिवाइसेज की पैकेजिंग सामग्री तैयार करने वाली इकाइयों के साथ ही उर्वरकों, कीटनाशकों व बीज आदि की पैकेजिंग सामग्री तैयार करने वाली इकाइयों को भी सषर्त उत्पादन की अनुमति दी जा सकेगी। उन्होंने बताया कि कोल व मिनरल उत्पादक इकाइयों आदि को भी आवष्यक पास, परमिट और अनुमति पत्र जारी किए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि मंगलवार को एमडी रीको आशुतोष पेडनेकर ने डॉक्टर्स के लिए पीपीई किट तैयार करने वाली सीतापुरा की इकाई बाजिया एक्सपोर्ट को सशर्त स्वीकृति जारी की है।
एसीएस उद्योग डॉ. अग्रवाल ने बताया कि इससे पहले सोमवार को लॉक डाउन अवधि में औद्योगिक इकाइयों व संस्थानों के कार्मिकों और श्रमिकों को बिना कटौती के निर्धारित समय पर डिजीटल प्लेटफार्म पर सीधे खातों में ऑनलाईन या सीधे खातों में हस्तांतरण यानी डीबीटी के माध्यम से या एनईएफटी या आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान करने को कहा है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग डॉ. अग्रवाल ने बताया कि उद्योग विभाग ने केन्द्र व राज्य सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार लॉक डाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं का विनिर्माण और आपूर्ति करने वाली औद्योगिक इकाइयों को अनुमति के संबंध में परिवर्द्धित आदेश व दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पूर्व आदेशों में पहले चरण में आटा, बेसन, दाल व तेल मिलों व कंटिन्यूअस नेचर की इकाइयों को अनुमति के निर्देश जारी किए गए थे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुमति जारी करते समय विभाग द्वारा जारी निर्देशों और केन्द्र व राज्य सरकार की समय-समय पर जारी एडवाइजरी की भी सख्ती से पालना सुनिश्चित की जानी है। उन्होंने बताया कि दिषा-निर्देशों के अनुसार इकाइयों का संचालन न्यूनतम आवश्यक श्रमिकों से कराने, श्रमिकों का औद्योगिक परिसर या अनुमति प्राप्त परिसर में आवास सुविधा के साथ ही उनके इकाई व आवास परिसर में मेडिकेटेड सेनेटाइजर, साबुन, मास्क के साथ ही अन्य जरुरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने होंगे। इसके साथ ही आवासीय परिसर में उनके रहने, सोने व जीवन यापन के सभी इंतजाम करने होंगे। दोनों ही स्थानों पर सेनेटाइजेशन के साथ ही फ्यूमिगेशन की व्यवस्था करनी होगी। कार्य स्थल व आवास पर सोषियल डिस्टेंस व संपर्क रहित आदान-प्रदान की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही इकाई में किसी के भी वायरस संक्रमण, बुखार, खांसी, जुखाम अथवा अन्य संक्रमण की स्थिति में तत्काल प्रषासन को जानकारी देने के साथ ही चिकित्सकीय जांच करानी होगी। राज्य सरकार व जिला प्रषासन द्वारा जारी एडवायजरी की पालना सुनिष्चित करने को कहा गया है।
उद्योग आयुक्त मुक्तानन्द अग्रवाल ने बताया कि जिले की रीको क्षेत्र की इकाइयों को रीको द्वारा व रीको क्षेत्र से बाहर की इकाइयों को महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्रों द्वारा आवष्यक पास, परमिट और अनुमति पत्र जारी किया जा सकेगा वहीं एक से अधिक जिलों की इकाइयों के लिए रीको क्षेत्र में एमडी रीको और रीको से बाहर के क्षेत्र की इकाइयों को कलक्टर के माध्यम से प्राप्त अभिषंषा पर अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग द्वारा अनुमति दी जाएगी।
आयुक्त अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में अब तक राज्य स्तर पर 16 इकाइयों व जिला स्तर पर जिला उद्योग केन्द्रों व रीको कार्यालयोें में 371 इकाइयों ने में संपर्क किया है। कार्मिकों एवं श्रमिकोें में कार्य करने हेतु 155 उद्यमियों ने संपर्क किया है जिसमें अब तक 223 पास जारी की जा चुकी है।


 साभार-khaskhabar.com

नारद संवाद

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