कोरोनाः सरकारी कर्मचारियों को रास नहीं आ रही भत्तों में कटौती, करेंगे आंदोलन -शिक्षक संघ भी कर चुका है सरकार के इस फैसले का विरोध मथुरा। वेतन भत्तों में बढोतरी के लिए आंदोलन करते रहे सरकारी कर्मचारी संगठनों को कोरोना के खिलाफ लडाई के नाम पर सरकारी कर्मचारियों के भत्तों में कटौती रास नहीं आ रही है। सरकारी कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों ने इस पर अपनी नाराजगी पहले ही जता दी थी, अब सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राजस्व जुटाने के लिए के भक्ते खत्म करने से गुस्साए कर्मचारियों ने आंदोलन का मन बना लिया है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष इंजीनियर हरिकिशोर तिवारी ने कहा है कि सभी कर्मचारी, शिक्षक संगठन मिलकर लॉकडाउन के बाद सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे।तिवारी का कहना है कि सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों का खुलकर विरोध किया जाएगा। परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं श्रम विभाग कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री डीएस दीक्षित एवं परिषद के जिला संयोजन हीरालाल निषाद ने कहा है कि कोरोना की आड़ में कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रही सरकार। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा नगर प्रतिकर भत्ता व सचिवालय भत्ता सहित 6 भत्ते समाप्त किए जाने से कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है। आज पूरा सरकारी तंत्र कोरोना महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर लड़ रहा है। कोई भी प्राइवेट संस्थान अपनी जान जोखिम में डालकर लड़ने नहीं आया, ऐसे में सरकार का रवैया कोरोना योद्धाओं को हतोत्साहित करने वाला है। कर्मचारी नेताओं ने सरकार से तत्काल सभी प्रकार के भत्ते बहाल करने की मांग की है।
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