देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। लाॅकडाउन के दौरान ट्रेनों के संचालन को लेकर लिए गये भारत सरकार के फैसले का तीर्थ पुरोहित महासभा ने स्वागत किया है। इस रेल संचालन में प्रदेश के किसी भी प्रमुखतीर्थ स्थल पर ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित नहीं किया गया है, इसे लेकर तीर्थ पुरोहितों में नाराजगी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा एवं मुख्य संरक्षक श्री माथुर चतुर्वेद परिषद मथुरा महेश पाठक ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में जहां पूरा विश्व कोरोना महामारी से लड़ रहा है। भारत में भी अपनी लड़ाई बहुत ही अच्छे तरीके से लडी जा रही है। इसी के तहत 15 ट्रेनों के संचालन की जो व्यवस्था की गई है वह भी एक सराहनीय कदम है,परंतु जिन ट्रेनों के चलाने की व्यवस्था की गई है उसमें उत्तर प्रदेश के प्रमुख तीर्थ जैसे मथुरा, अयोध्या, वाराणसी आदि प्रमुख स्थलों पर किसी भी ट्रेन का कोई ठहराव नहीं दिया गया है, जिससे तीर्थयात्रियों और जनमानस को काफी परेशानी हो रही है। इन तीर्थ स्थलों से लगे हुए छोटे-छोटे जो शहर हैं उन शहरों पर जाने में इन तीर्थ स्थानों से लोगों को सुविधा रहती है और लोग अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं। मथुरा से लगे हुए आगरा, अलीगढ,़ हाथरस, कासगंज आदि ऐसे शहर हैं जहां लोग मथुरा में उतर कर अपने गंतव्य को जा सकते हैं। ऐसे ही वाराणसी अयोध्या से लगे लगे छोटे शहरों पर भी लोग पहुंच सकते हैं। इस पत्र के माध्यम से हमारा आपसे विनम्र अनुरोध है कि जो भी ट्रेन इस वैश्विक महामारी में चल रही हैं उनका तहराव उत्तर प्रदेश के प्रमुख तीर्थों जैसे मथुरा, अयोध्या, काशी आदि पर अवश्य रूप से किया जाए जिससे के लोगों को परेशानी ना हो सके।













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