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महानगर की कमान अजय शर्मा को सौंपी मथुरा। मंगलवार को सर्व ब्राह्मण महासभा की एक आवश्यक बैठक सप्त ऋषि नगर जनरलगंज में हुई, जिसकी अध्यक्षता आगरा मंडल अध्यक्ष अखिलेश गॉड ने की एवं संचालन जिलाध्यक्ष विनोद दीक्षित ने किया। बैठक में संगठन की मजबूती के लिए मंथन किया गया। बैठक में मथुरा महानगर अध्यक्ष के.के.पचैरी को जिले का उपाध्यक्ष बनाते हुए उनके स्थान पर महानगर की कमान अजय शर्मा को सौंपी गई। अब अजय शर्मा सर्व ब्राह्मण महासभा के महानगर अध्यक्ष होंगे। साथ ही जनपद में संगठन को मजबूती के लिए सभी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वह अपनी-अपनी कमेटी गठित करके 15 दिन के अंदर जिला जिलाध्यक्ष विनोद दीक्षित को दें। अध्यक्षता करते हुए आगरा मंडल अध्यक्ष अखिलेश गोड़ ने कहा संगठन तेजी के साथ पूरे भारत देश में बढ़ रहा है। हम देश के अलग-अलग 15 राज्यों में काम कर रहे हैं। संगठन आगरा मंडल में तेजी से बढ़ रहा है। अच्छे-अच्छे लोग जुड़े जा रहे हैं और जनपद मथुरा में भी संगठन तेजी के साथ बढ़ रहा है, जो व्यक्ति संगठन में शामिल होकर समाज की सेवा करना चाहते हैं, उन सभी लोगों का संगठन में स्वागत है। बैठक का संचालन करते हुए जिलाध्यक्ष विनोद दीक्षित ने महानगर अध्यक्ष के लिए अजय शर्मा के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका सभी लोगों ने स्वागत किया। बैठक में मुकेश शर्मा, संजय पंडित, अमरीश शर्मा, अचीन शर्मा, के.के.पचैरी, लक्ष्मीकांत शास्त्री, रमाकांत शर्मा आदि लोग उपस्थित थे।

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कई लूट की घटनाओं में शामिल होना किया स्वीकार मथुरा। शहर कोतवाली की रिपोटिंग चैकी कृष्णा नगर पुलिस ने क्षेत्र के मंडी चैराहा के पास से वाहन चैकिग के दौरान महिलाओं से छीना झपटी करने वाले दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से दो चाकू, दो चोरी की बाइक, एक लूटा गया काला बैग, एक पर्स, आदि सामान बरामद किया हैं। पुलिस के अनुसार पकडें गये दोनो बदमाशों ने कई लूट व छीनैती की घटनाओं को स्वीकार किया हैं।  पुलिस अधीक्षक नगर श्रवण कुमार व क्षेत्राधिकारी नगर ने पुलिस लाइन स्थित सभागार में मंगलवार दोपहर जानकारी देते हुए बताया कि 23 अक्टूबर को श्रीमती सुधा शर्मा, निवासी विष्णुपुरी भूतेश्वर शहर कोतवाली से अज्ञात दो बाइक सवार बदमाश वैग छीन कर भाग गये थे। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर बदमाशों की तालाश के लिए शहर क्षेत्र में सघन वाहन चैकिंग अभियान चलाया इसी दौरान हाईवे स्थिति मंडी चैराहा के पास से अनुज पुत्र हरीशचन्द्र निवासी विकास नगर थाना हाईवें, मूल निवासी ग्राम निजामापुर थाना विलग्राम जिला हरदोई, एवं जीतू उर्फ जितेन्द्र शर्मा उर्फ देवू पुत्र श्याम शर्मा निवासी विसावर थाना सादाबाद जिला हाथरस हाल निवासी महोली रोड राधिका स्वीट सेन्टर के सामने थाना कोतवाली मथुरा को गिरफ्तार कर उनकी तलाश ली तो पुलिस ने उनके कब्जे से लूटा गया काला वैग, शहर कोतवाली क्षेत्र महालक्ष्मी ज्वलैर्स के यहाॅ से चोरी गया एक पर्स, एक सुधा शर्मा से हुई लूट के दौरान हाथ में आया दुपटआ, लाल रंग, आईडी, कागजात, व दो चाकू के अलावा लूट की घटनाओं से सम्बन्धित 280 रूपयें की नगदी बरामद की। पुलिस पुछताछ में इन्होंने कई अन्य बारदातों में शामिल होना स्वीकार किया हैं। पुलिस ने इनका अपराधिक इतिहास खंगाला तो इनके विरूद्व जनपद में करीब आधा दर्जन मुकदमें दर्ज हैं। पुलिस ने दोनो का चालन कर जेल भेजा हैं।    

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मथुरा। वजन दिवस (24 अक्टूबर) अभियान के दौरान मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार गंगवार द्वारा बाल विकास परियोजना मथुरा ग्रामीण के अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र औरंगाबाद प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पर प्रातः 9ः30 बजे पहुॅचकर तत्समय उपस्थित बच्चों का स्वयं के सामने वजन लिया गया। तीनों केन्द्र्र प्राथमिेक विद्यालय, औरंगाबाद में संचालित हैं। निरीक्षण के दौरान परियोजना निदेशक रविकिशोर त्रिवेदी एवं प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी रेखारानी उपस्थित थे।  

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निकाय चुनावः मेयर के लिए 10, पार्षद के 285 आवेदन निकाय चुनावों को गंभीरता से ले रही पार्टी, जल्द नामों की होगी घोषणा मथुरा। कांग्रस से मथुरा वृंदावन मेयर पद की दावेदारी के लिए अब जोर अजमाईश शुरू हो गई है। मंगलवार को मथुरा वृदावन नगर निगम के मेयर के लिए 10 और पार्षद के लिए 285 दावेदारों ने आवेदन पार्टी कार्यालय पर सौंपे। इस दौरान नगर पंचायतों अध्यक्ष और सभासदो के लिये भी आवेदन काफी संख्या मे प्राप्त हुए हंै। पार्टी के अंदर इस बात पर आमसहमति है कि प्रत्याशियों के नामों की घोषणा अन्य पार्टियो से पहले की जाए जिससे कि प्रत्याशी को जनता के बीच रहने का ज्यादा समय मिल सके। जिलाध्यक्ष  सोहन सिंह सिसोदिया ने बताया कि  शीध्र ही प्रत्याशी चयन प्रक्रिया पूर्ण कर ली जायेगी, और कांग्रेस पूरे दम-खम से नगर निकाय चुनाव लडे“गी और सभी निकायो से योग्य निष्ठावान कर्मठ कांग्रेस जनो को चुनाव मैदान मे उतारेगी। और इस दौरान प्रमुख रुप से पं रमेश दत्त शर्मा, एड वीरेश चतुवेर्दी नूतन बिहारी पारीख ,लटूरी सिह, लता चैहान श्याम बिहारी पालीवाल, भगवान दास मौरया पं दिनेश सरदार बांके लाल राजपूत, अब्दुल जबबार, महेदर प्रताप गौतम, दिनेश पाठक  मा प्रताप सिंह, संजय शर्मा पिपरोनिया उमेश शर्मा, महेद्र पाडव,  पं तपेश गौतम जी आशुतोष भारद्वाज कीरती कौशिक चैधरी मोहन सिंह महेश महावर, आदि कांग्रेसी मौजूद रहे। संचालन विनेश सनवाल वाल्मीक ने किया।

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मथुरा। थाना राया क्षेत्र वल्देव रोड पर कल देर शाम बस से गिरकर लोनी गाजियाबाद के रहने वाले युवक नरेंद्र उर्फ नहना की मौत हो गयी। नरेंद्र अपनी ननिहाल बना जा रहा था। मृतक के परिवार के आर्थिक हालात सही नहीं हैं। नरेंद्र लोनी में ही अपनी बीबी बच्चों के साथ रहता था। तीन बच्चों के पिता नरेंद्र की मौत के बाद परिवार पर संकट आ खड़ा हुआ। नरेंद्र का बड़ा बेटा आरुष मात्र 4 साल का है। जबकि छोटा बेटा पुनीत डेढ़ साल का है। नरेंद्र की सबसे छोटी बेटी जशोदा मात्र 27 दिन की है। नरेंद्र की मौत की खवर परिवार पर कहर बनकर टूटी। जिसने भी ये स्थिति सुनी उसका दिल भर गया। कुछ ऐसा ही हुआ थाना प्रभारी राया रमेश चंद्र शर्मा के साथ। जिसके बाद उन्होंने मृतक की पत्नी रेखा को दस हजार रूपये आर्थिक मदद व उसके बच्चों का एक साल तक पूरा खर्च उठाने का निर्णय किया। आज थाना परिसर में मृतक के परिवार के समक्ष नरेंद्र की पत्नी रेखा को अपनी तरफ से दस हजार रूपये नकद दिए व बच्चों की एक साल तक खर्च बहन करने की बात कही। थाना प्रभारी की इस मदद पर परिवार के एक बुजुर्ग की आँखें भर आयीं। वहीँ ग्रामीणों ने थाना प्रभारी की दरियादिली पर उनका धन्यवाद किया।

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उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन जारी मथुरा(सतपाल सिंह/रहीस कुरैशी):  "दिया तले अंधेरा" मथुरा जनपद के थाना गोविंदनगर से सटी अवैध निर्मित इमारतों पर भाजपा की होर्डिंग लगाकर चल रहा है अवैध निर्माण. 

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कोकिलावल जा रहें वाइक सवार तीन की मौत मथुरा। भईया दूज पर कोकलावन में शनि देव के दर्जन कर कुंण्ड स्नान करने जा रहे दो बहन सहित भाई की वाइक में ट्रक ने टक्कर मार दी जिससें बाइक सवासर भाई-बहन की मौके पर ही दर्दनलाक मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुूलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर तीनों शवों का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा हैं।  मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली निवासी लीला व उसकी बहन शीला अपने भाई सचिन के साथ शनिवार दर्शन के लिए अपने भाई के साथ कोकिलावन बाइक से आ रही थी कि कोसी के पास राजमार्ग पर आगरा की ओर से जा रहें ट्रक ने इनकी बाइक में अक्कर मार दी। ट्रक की टक्कर लगतें ही बाइक से उछल कर बाइक सवार तीनों सड़क पर उछल कर गिर पड़ें। जिससें तीनों भाई बहन की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना को देख आसपास के लोग घटना स्थल पर एत्रित हो गये। वहीं सूचना पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर आ गई, पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर तीनों शवरों को कब्जें में लेकर घटना से मृतकों के परिजनों को फोन से अवगत कराया। सूचना पर आये मृतक के परिजनों ने बताया कि यह तीनों भइया दौज के चलतके शनिवार के चलते कोकिलावन स्थित शनिदेव मन्दिर के दर्शन व कुंण्ड में स्नान करने आये थे। लेकिन रास्ते में उक्त तीनों के साथ गंभीर हादसा हो गया। पुलिस ने तीनों शवों करा पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा हैं। 

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भाई दूज पर यमुना के घाटों पर बहिनों ने की भाईयों की आरती  मथुरा। यमुना के विश्राम घाट पर यमद्वितीया पर्व को लेकर शनिवार सुबह से ही भाई बहिनों का सैलाब उमड़ पड़ा। शहर में जगह-जगह जाम देखने को मिला। इस जाम के झाम में पुलिस प्रशासन भी असफल दिखाई दिया। पुलिस की सख्ती से कई श्रद्धालुओं में रोष देखने को मिला। शहर में हर जगह बैरीकेटिंग के चलते श्रद्धालुओं को यमुना नदी में स्नान के लिए दूसरे रास्ते का प्रयोग करना पड़ा। जिसके चलते श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भाई दूज का त्यौहार कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाया जाता है, यह त्यौहार दीपावली के दूसरे दिन मनाया जाता है इस दिन यमराज देवता की पूजा भी की जाती है। यमुना अपने भाई से मिलने के लिए व्याकुल थी, तो इस दिन यम देव ने अपनी बहन यमुना के दर्शन दिए कि आज यमद्वितीया के दिन जो भाई बहिन एक साथ यमुना नदीं में नहाएंगे उन्हें सुखों की प्राप्ति होगी। इस स्नान को जमजतिया स्नान भी कहा जाता है। पतित पावनी यमुनाजी में लाखों श्रद्धालु भाई-बहिनों द्वारा एक साथ डुबकी लगाकर यम की फांस से मुक्ति की कामना की गई। घर-घर बहिनों द्वारा भाईयों के माथे पर टीका करने और उपहार लेने की धूम रही। मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। बाहर से आये श्रद्धालुओं के कारण शहर में गहमा गहमी रही। ब्रजवासियों के अलावा बाहर से आये श्रद्धालुओं का अर्द्धरात्रि के बाद से ही यमुना के घाटों की ओर जाना प्रारम्भ हो गया, सुबह होते-होते श्रद्धालुओं की भीड़ में वृद्धि होती गयी। श्रद्धालुओं की सर्वाधिक भीड़ का दबाव विश्राम घाट पर रहा। श्रद्धालु भाई-बहिन एक दूसरे का हाथ पकड़े यमुना में स्रान करते हुए प्रसन्न चित्त नजर आ रहे थे और अपने आपको धन्य मान रहे थे। इस दौरान जै यमुना मैया के जयकारे गुंजायमान हो रहे थे। स्रान करने के बाद श्रद्धालुओं द्वारा सूर्यनारायण को जल चढ़ाया तथा माँ यमुनाजी महारानी की दुग्ध, पेड़ा, दीप, धूप, पुष्प आदि से पूजा अर्चना की गयी। इसके पश्चात बहिनों द्वारा भाईयों के माथे पर टीका कर भोजन कराया गया। भाईयों द्वारा बहिनों को उपहार प्रदान करते हुए उनके सम्मान को बनाये रखने का वचन दिया गया। यमद्वितीया पर्व को लेकर जिला व पुलिस प्रशासन तथा नगर पालिका परिषद द्वारा व्यापक व्यवस्थायें की गई थी। स्रानार्थियों को गहरे पानी में जाने से रोकने को बल्लियां लगाकर बैरीकेटिंग की गई थी। नावें लगाई गई थी। स्रानार्थियों को बार-बार लाउडस्पीकर से चेतावनी दी जा रही थी। नगर पालिका परिषद द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से नाव, गोताखोरों की व्यवस्था की गई थी। जिसमें कुछ नावों द्वारा प्रशासनिक अधिकारी निरंतर गश्त कर मेले पर नजर रख रहे थे। घाटों पर विशेष सफाई के साथ प्रकाश की समुचित व्यवस्था की गई थी। सहायता शिविर में कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात थे। वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के साथ ही यातायात की माकूल व्यवस्थायें की गई थी। विश्रामघाट पर प्रवेश व निकास द्वार बनाये गये थे। मोटर वोट से तैराक निरंतर गश्त करते हुए स्रानार्थियों पर नजर रख रहे थे। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने कड़े बंदोवस्त किये गये थे। विश्राम घाट व अन्य घाटों की ओर जाने आने वाले मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया था।    

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मथुरा। यम से मुक्ति पाने के लिए तीन लोक से न्यारी मथुरा नगरी में दीपावली की भाईदौज यानि यमदुतिया पर्व का विशेष महत्व है। कहते हैं कि यमदुतिया के दिन अगर भाई-बहन एक साथ मिलकर यमुना स्नान करें तो वह यमराज से मुक्ति पा  जाते हैं। शुक्रवार-शनिवार की मध्य रात्रि 12 बजे से यमदुतिया पर्व का स्नान बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रात्रि 12 बजे से यमुना स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का तांता लग गया।  यमुना मिशन ने यमदुतिया पर्व पर यमुना मिशन के संयोजक पं. अनिल शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में यमुना मिशन बॉलियन्टरों को मध्य रात्रि से ही कार्य कर लगा दिया था। जगह-जगह कूड़े के ड्रम रखवाये गए। श्रद्धालुओं को पीने के पानी के लिए जल मुहैया कराया गया। यमुना मिशन द्वारा 20 गोताखोरों को भी 2 नावों पर सवार कर मौका-मुआयने के लिए मुस्तैद किया, जिससे कि कोई अनहोनी न घट सके। यमुना मिशन मार्ग से लेकर ध्रुवघाट तक यमुना मिशन की नाव मध्य रात्रि से दोपहर 12 बजे तक लगातार भ्रमणशील रहीं। 20 बॉलियन्टरों को सफाई व्यवस्था के लिए मुस्तैद किया गया। यमुना पल्लीपार पर महिलाओं के लिए कपड़े बदलने के लिए टैंट भी लगवाया गया। जिससे स्नान के बाद महिलाएं अपने कपड़े बदल सकें। यमुना मिशन द्वारा बार-बार लाउडस्पीकर पर चेतावनी संदेश भी दिया जा रहा था। पानी गहरा है ज्यादा आगे न जाएं। यमुना मिशन बॉलियन्टर स्नान करने आए श्रद्धालुओं की हरेक गतिविधियों पर अपनी निगाह रख रहे थे, जिससे कि बाहर से आए हुए श्रद्धालुओं को यहां किसी तरह की कोई परेशानी न हो। जिन श्रद्धालुओं की परेशानी हुई उन्होंने यमुना मिशन का सहयोग भी लिया। शासन, प्रशासन, नगर निगम भी पूरी मुस्तैदी के साथ अपने अपने कार्य को अंजाम देता रहा।  इस अवसर पर यमुना मिशन के संयोजक पं. अनिल शर्मा, देवेन्द्र शर्मा, दाऊदयाल, गोपी मित्तल, हरीश शर्मा, मुकेश ठाकुर, देवेश चौधरी, मोनू पंडित, राजीव शर्मा, गोपाल लाल, मनीष सक्सैना, हरीमोहन, गोविन्द ठाकुर, सतीश ठाकुर, सचिन गोला, मौनू सैनी, ठा.मानपाल सिंह, गीतेश शर्मा, राजू, भीम आदि उपस्थित थे।  

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मथुरा। नंदगांव कस्बे के प्रसिद्ध पावन सरोवर पर एक मित्र मंडली द्वारा दीपदान किया गया। दोहपर 4 बजे से ही पावन सरोवर पर दीपदान करने वालों का तांता लग गया। महाप्रभु जी की बैठक पर आए सैंकिडों बाहरी श्रद्धालुओं ने भी जमकर दीपदान किया। प्रेमचंद तिवारी के नेतृत्व में पावन सरोवर के चारों ओर दीपक लगाए गए। करीब सवा किलोमीटर की परिधि में बने कुंड पर टोलियां बनाकर दीपदान किया। रात्री में 31 सौ दीपकों की रोशनी से सरोवर जगमगा उठा। मान्यता है कि स्वयं प्रयागराज अपने कष्टों को दूर करने के लिए पावन सरोवर में स्नान के लिए आए थे। इस अवसर पर गिरधारी लाल, संतोष कुमार, अनिल, भारत तिवारी, भंवर चैधरी, विनोद, आदि मौजूद रहे। नंदबाबा मंदिर, नंदभवन, यशोदा कुंड, वृंदा कुंड आदि में भी दीपदान किया गया।

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गोवर्धन मे जगह जगह बृजवासियो ने किये गोवर्धन महाराज का पूजन मथुरा ध्गोवर्धन। कार्तिक मास की याुक्ल पक्ष की प्रतिपदा यानी दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। इस दौरान गार्वधन मे जगह जगह गोवर्धन महाराज बनाये गये औ उनकी पूजा अर्चना की गयी हिन्दू मान्यतानुसार महाभारत काल में इसी दिन भगवान कृ-ुनवजयण ने गोवर्धन पर्वत की पूजा की थी। तभी से यह परंपरा कायम है। किवदंती है कि एक बार भगवान श्रीकृष्ण अपने सखाओं, गोप-ंग्वालों के साथ गाएं चराते हुए गोवर्धन पर्वत की तराई में जा पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि नाच-ंगाकर खुशियां मनाई जा रही हैं। जब श्रीकृष्ण ने इसका कारण पूछा तो गोपियों ने कहा-ंउचय आज मेघ व देवों के स्वामी इंद्र का पूजन होगा। पूजन से प्रसन्न होकर वे वर्षा करते हैं, जिससे अन्न पैदा होता है तथा ब्रजवासियों का भरण-ंपोषण होता है। तब श्रीकृष्ण बोले-इंद्र में क्या शक्ति है? उससे अधिक शक्तिशाली तो हमारा गोवर्धन पर्वत है। इसी के कारण वर्षा होती है। हमें इंद्र से भी बलवान गोवर्धन की ही पूजा करना चाहिए। तब सभी श्रीकृ-ुनवजयण की बात मानकर गोवर्धन पर्वत की पूजा करने लगे। यह बात जाकर नारद ने देवराज इंद्र को बता दी। यह सुनकर इंद्र को बहुत क्रोध आया। इंद्र ने मेघों को आज्ञा दी कि वे गोकुल में जाकर मूसलधार बारिश करें। बारिश से भयभीत होकर सभी गोप-ंग्वाले श्रीकृष्ण की शरण में गए और रक्षा की प्रार्थना करने लगे। गोप-ंगोपियों की पुकार सुनकर श्रीकृष्ण बोले तुम सब गोवर्धन-ंपर्वत की शरण में चलो। वह सब की रक्षा करेंगे। सब गोप-ग्वाले पशुधन सहित गोवर्धन की तराई में आ गए। श्रीकृष्ण ने गोवर्धन को अपनी उंगली पर उठाकर छातेशा तान दिया। गोप ग्वाले सात दिन तक उसी की छाया में रहकर अतिवृष्टि से बच गए। सुदर्शन चक्र के प्रभाव से ब्रजवासियों पर एक जल की एक बूंद भी नहीं पड़ी। यह चमत्कार देखकर ब्रह्माजी द्वारा श्रीकृष्णावतार की बात जान कर इंद्रदेव अपनी मूर्खता पर पश्चाताप करते हुए कृष्ण से क्षमा याचना करने लगे। श्रीकृष्ण ने सातवें दिन गोवर्धन को नीचे रखा और ब्रजवासियों से कहा कि अब तुम प्रतिवर्षा गोवर्धन पूजा कर अन्नकूट का पर्व मनाया करो। तभी से यह पर्व गोवर्धन पूजा के रूप में प्रचलित है। बताते है कि अन्नकूट का महोत्सव भी गोवर्धन पूजा के दिन कार्तिकशुक्ल प्रतिपदा को ही मनाया जाता है। यह ब्रजवासियों का मुख्य त्योहार है। अन्नकूट या गोवर्धन पूजा का पर्व यूं तो अति प्राचीनकाल से मनाया जाता रहा है, लेकिन आज जो विधान मौजूद है वह भगवान श्रीकृष्ण के इस धरा पर अवतरित होने के बाद द्वापर युग से आरंभ हुआ है। उस समय जहां वर्षा के देवता इंद्र की ही उस दिन पूजा की जाती थी, वहीं अब गोवर्धन पूजा भी प्रचलन में आ गई है। धर्मग्रंथों में इस दिन इंद्र, वरुण, अग्नि आदि देवताओं की पूजा करने का उल्लेख मिलता है। ये पूजन पशुधन व अन्न आदि के भंडार के लिए किया जाता है। बालखिल्य ऋषि का कहना है कि अन्नकूट और गोवर्धन उत्सव श्रीविष्णु भगवान की प्रसन्नता के लिए मनाना चाहिए। इन पर्वों से गायों का कल्याण होता है, पुत्र, पौत्रादि संततियां प्राप्त होती हैं, ऐश्यवर्य और सुख प्राप्त होता है। कार्तिक के महीने में जो कुछ भी जप, होम, अर्चन किया जाता है, इन सबकी फल प्राप्ति हेतु गोवर्धन पूजन अवश्य करना चाहिए।  

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मथुरा। जिले में गोवर्धन पूजा पर्व बडे ही हर्षोल्लास से मनाया गया। घर-ंघर में गिरि-ंगिर्राज गोवर्धन महाराज की गोबर से बनी आकृति को फूल, गुलाल, रंग आदि से सजाकर विधिवत मंत्रोच्चार द्वारा पूजा अर्चना कर मनोती मांगी। इस अवसर पर जनपद के विभिन्न मंदिरों में आयोजित हुए अन्नकूट प्रसाद में हजारो श्रद्धालुओ ने प्रसाद ग्रहण कर गोवर्धन महाराज का आर्शीबाद लियां। शुक्रवार की सांय गिरी-गिर्राज गोवर्धन महाराज की जय, पूंछरी के लौठा की जय आदि के जयकारों से समूचा नगर गुजायमान हो उठा। योगीराज के पर्व को मनाने के लिए उत्साहित दिखाई दिये भक्तों ने घर-ंउचयघर गोवर से बनी गिर्राज महाराज प्रतिमा को विभिन्न प्रकार के खुशवू दार फूलों, गुलाल, रंगों से सजाकर श्रद्धा भाव से मंत्रोच्चार द्वारा पूजा-ंअर्चना कर देश मंे शान्ति, सौहार्द और भाईचारा कायम रहने की प्रार्थना की। दीपोत्सव के बाद गोवर्धन पूजा पर्व को लेकर कृष्ण जन्मभूमि, द्वारिकाधीश मंदिर, इस्काॅन मंदिर एवं ंकस्बे के  राधामाधव, बालाजी, कालीमदिर, देव स्थान कुटा, लालदास मन्दिर, बिहारी जी आदि विभिन्न मन्दिरांे में अन्नकूट प्रसाद का आयोजन किया गया। जिसमें हजारो श्रद्धालुओ ने प्रसाद ग्रहण किया। तदोपरान्त मन्दिरों में भव्य दीपदान किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर गिरि गिर्राज गोवर्धन महराज के जयकारो से गुंजायमान हो उठे।   

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नारद संवाद

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