देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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मथुरा। यम से मुक्ति पाने के लिए तीन लोक से न्यारी मथुरा नगरी में दीपावली की भाईदौज यानि यमदुतिया पर्व का विशेष महत्व है। कहते हैं कि यमदुतिया के दिन अगर भाई-बहन एक साथ मिलकर यमुना स्नान करें तो वह यमराज से मुक्ति पा जाते हैं। शुक्रवार-शनिवार की मध्य रात्रि 12 बजे से यमदुतिया पर्व का स्नान बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रात्रि 12 बजे से यमुना स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का तांता लग गया।
यमुना मिशन ने यमदुतिया पर्व पर यमुना मिशन के संयोजक पं. अनिल शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में यमुना मिशन बॉलियन्टरों को मध्य रात्रि से ही कार्य कर लगा दिया था। जगह-जगह कूड़े के ड्रम रखवाये गए। श्रद्धालुओं को पीने के पानी के लिए जल मुहैया कराया गया। यमुना मिशन द्वारा 20 गोताखोरों को भी 2 नावों पर सवार कर मौका-मुआयने के लिए मुस्तैद किया, जिससे कि कोई अनहोनी न घट सके। यमुना मिशन मार्ग से लेकर ध्रुवघाट तक यमुना मिशन की नाव मध्य रात्रि से दोपहर 12 बजे तक लगातार भ्रमणशील रहीं। 20 बॉलियन्टरों को सफाई व्यवस्था के लिए मुस्तैद किया गया। यमुना पल्लीपार पर महिलाओं के लिए कपड़े बदलने के लिए टैंट भी लगवाया गया। जिससे स्नान के बाद महिलाएं अपने कपड़े बदल सकें। यमुना मिशन द्वारा बार-बार लाउडस्पीकर पर चेतावनी संदेश भी दिया जा रहा था। पानी गहरा है ज्यादा आगे न जाएं। यमुना मिशन बॉलियन्टर स्नान करने आए श्रद्धालुओं की हरेक गतिविधियों पर अपनी निगाह रख रहे थे, जिससे कि बाहर से आए हुए श्रद्धालुओं को यहां किसी तरह की कोई परेशानी न हो। जिन श्रद्धालुओं की परेशानी हुई उन्होंने यमुना मिशन का सहयोग भी लिया। शासन, प्रशासन, नगर निगम भी पूरी मुस्तैदी के साथ अपने अपने कार्य को अंजाम देता रहा।
इस अवसर पर यमुना मिशन के संयोजक पं. अनिल शर्मा, देवेन्द्र शर्मा, दाऊदयाल, गोपी मित्तल, हरीश शर्मा, मुकेश ठाकुर, देवेश चौधरी, मोनू पंडित, राजीव शर्मा, गोपाल लाल, मनीष सक्सैना, हरीमोहन, गोविन्द ठाकुर, सतीश ठाकुर, सचिन गोला, मौनू सैनी, ठा.मानपाल सिंह, गीतेश शर्मा, राजू, भीम आदि उपस्थित थे।













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