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जयपुर/ नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान और महाराष्ट्र में दलितों के साथ हुई पिटाई मामले में राज्य सरकारें संज्ञान लेना चाहिए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि राजस्थान और महाराष्ट्र सरकारों से अपील करता हूं कि वह अपने राज्याें दलितों के साथ हुई मारपीट मामले पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करें। आपको बताते जाए कि राजस्थान के नागौर जिले में दो दलित युवकों की बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है। चोरी के आरोप लगाकर युवकों ने उनके साथ मारपीट तक की। युवकों ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया है। वीडियो में तीन युवक मिलकर एक दलित युवक को पीट रहे हैं और इस दौरान एक शख्स स्क्रू ड्राइवर पर पेट्रोल लगाकर युवक प्राइवेट पार्ट में डाल रहा है। पुलिस ने इस संबंध में पांच लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं आज विधानसभा में इस मामले को लेकर आरएलपी ने विधानसभा में इस घटना को सीबीआई को सौंपने की मांग करते हुए बजट का वॉकआउट कर गए हैं।    साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को 1997 उपहार सिनेमा अग्निकांड मामले के पीडि़तों के समूह की निवारक याचिका को खारिज कर दिया। इस फैसले के बाद अब तय है कि अंसल बंधु जेल नहीं जाएंगे। कोर्ट द्वारा 2015 में 60 करोड़ का जुर्माना भरने का निर्देश देने के बाद फिर से जेल जाने से बच गए थे। प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने एसोसिएशन फॉर विक्टिम ऑफ उपहार ट्रेजडी (एवीयूटी) की निवारक याचिका पर विचार किया और इसे खारिज कर दिया। इस पीठ में न्यायाधीश एनवी रमना और अरुण मिश्रा भी शामिल हैं। कोर्ट ने कहा कि हमने क्यूरेटिव पिटीशन व प्रासंगिक दस्तावेजों पर विचार किया है। हमारी राय में कोई मामला नहीं बनता है..इसलिए क्यूरेटिव पिटीशन खारिज की जाती है। एवीयूटी ने अपने अध्यक्ष नीलम कृष्णमूर्ति के माध्यम से फैसले की समीक्षा की मांग की थी। एसोसिएशन ने शीर्ष कोर्ट में भाइयों के लापरवाही के लिए ज्यादा जेल की मांग करते हुए क्यूरेटिव पिटीशन दायर की। लापरवाही की वजह से भयावह आग ली और 59 लोगों की जान गई। इस घटना को बाद में उपहार त्रासदी के रूप में जाना जाता है। शीर्ष कोर्ट ने अगस्त 2015 में अंसल बंधुओं को मुक्त कर दिया और प्रत्येक को 30-30 करोड़ रुपए का जुर्माना भरने को कहा। फरवरी 2017 में, शीर्ष कोर्ट ने 2:1 बहुमत के फैसले के माध्यम से 78 वर्षीय सुशील अंसल को राहत दी और उनके अधिक उम्र से जुड़ी जटिलताओं का हवाला दिया। हालांकि कोर्ट ने छोटे भाई गोपाल असंल को बाकी की एक साल की सजा को पूरा करने को कहा। 13 जून, 1997 को फिल्म बॉर्डर की स्क्रीनिंग के दौरान दक्षिण दिल्ली के ग्रीन पार्क में स्थित उपहार सिनेमा में आग लग गई, जिसमें 59 लोगों की मौत हो गई। यह भयावह त्रासदियों में से एक है।      साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में गुरुवार को दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से राजघाट तक मार्च के दौरान एक नाबालिग ने फायरिंग की। जामिया इलाके के पास चली गोली से एक छात्र घायल हो गया। हमलावर नाबालिग बताया जा रहा है, जबकि घायल की पहचान शादाब के रूप में हुई है। शादाब जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में मास कम्युनिकेशन का छात्र है। इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना पर कठोर रुख दिखाया है। शाह ने कहा कि आज दिल्ली में जो गोली चलाने की घटना हुई है उस पर मैंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से बात की है और उन्हें कठोर से कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार इस तरह की किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं करेगी, इस पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा की जांच रफ्तार पकड़ती जा रही है। हिंसा और पथराव की जांच के लिए गठित दिल्ली पुलिस अपराध शाखा की एसआईटी ने इस बाबत आम आदमी से भी सहयोग की अपील की है। एसआईटी प्रमुख डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश देव ने लोगों से अपील की है कि उनके पास पथराव से संबंधित जो भी जानकारी या सबूत हों, वे एसआईटी को सौंप दें, ताकि जांच को अंजाम तक पहुंचाया जा सके। डीसीपी राजेश देव के मुताबिक, बीते दिसंबर महीने में दिल्ली में जहां कहीं भी हिंसा-पथराव की घटनाएं हुई हों, एसआईटी विशेषकर उनकी जांच के लिए ही बनाई गई है। इसके लिए जन-सहयोग बेहद जरूरी है। इसीलिए एसआईटी ने जनता के पास मौजूद हिंसा की घटनाओं से संबंधित सबूत मांगे हैं। सबूत के तौर पर वीडियो क्लिप्स (फुटेज) और तस्वीरें एसआईटी को आरोपियों तक पहुंचाने में बेहद मददगार साबित हो सकती हैं। डीसीपी ने आगे कहा, जो भी सबूत किसी के पास मौजूद हों, वो इन्हें दिल्ली के पुरानी कोतवाली थाना परिसर में बने एसआईटी मुख्यालय में जमा करवा सकता है। अगर कोई इन दंगों में मदद के लिए गवाही देना चाहे तो इसी कार्यालय में पहुंचकर अपना बयान भी दर्ज कराने के लिए वो स्वतंत्र है।    साभार-khaskhabar.com  

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भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) युवाओं के बीच अपनी पैठ को और मजबूत करने के मिशन पर है। इसी के तहत संघ प्रमुख मोहन भागवत मध्य प्रदेश के गुना में युवाओं से संवाद करने वाले हैं। इसके जरिए संघ प्रमुख जहां युवाओं के मन की बात जानने की कोशिश करेंगे, वहीं अपनी आगामी रणनीति को उनके जरिए गांव-गांव तक पहुंचाने का मंत्र भी देंगे। संघ प्रमुख भागवत 31 जनवरी को गुना आ रहे हैं और वे दो फरवरी तक यहां रहने वाले हैं। इस दौरान वे कॉलेज के छात्रों के शिविर में हिस्सा लेंगे। यह मध्य क्षेत्र के युवा स्वयंसेवकों का सम्मेलन है, जिसमें 16 जिलों के दो हजार से अधिक युवा हिस्सा लेने वाले हैं। संघ सूत्रों का कहना है कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों के आकलन के साथ युवाओं पर इसका कितना असर पड़ रहा है और वे क्या सोच रहे हैं, यह जानने के मकसद से संघ प्रमुख इस शिविर में आ रहे हैं। इस शिविर में जहां उनकी युवाओं के साथ चर्चा होगी, वहीं वे अपनी बात भी उनके बीच कहेंगे। संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक, गुना में तीन दिन तक चलने वाले इस शिविर में छात्र विभिन्न शारीरिक और बौद्धिक गतिविधियों में भाग लेंगे। इसमें कॉलेज स्तर पर होने वाले कार्यों की समीक्षा की जाएगी और आगे की कार्य योजना भी बनेगी। संघ प्रमुख ऐसे समय युवाओं के शिविर में हिस्सा लेने वाले हैं, जब नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के बाद से पूरे देश में सियासत गर्म है। जगह-जगह विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है और इस कानून को देश विरोधी बताया जा रहा है। संघ की क्या भूमिका होना चाहिए और युवाओं के बीच किस तरह से पहुंचकर इस कानून से संबंधित भ्रम को दूर किया जाए, इस पर विचार होने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि संघ प्रमुख जहां तीन दिन तक गुना में रहकर युवाओं के शिविर में हिस्सा लेंगे, वहीं बाद में वह तीन दिन तक भोपाल में डेरा डालेंगे। इस दौरान भागवत संघ के प्रचारकों और संगठनों के पदाधिकारियों से संवाद करेंगे। साथ ही इस बात पर खास जोर होगा कि सीएए पर संघ की क्या भूमिका होनी चाहिए। संघ प्रमुख के प्रवास को राजनीतिक तौर पर खास माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक अरविंद मिश्रा का मानना है कि केंद्र सरकार आर्थिक मोर्चे और रोजगार के मामले में विफल रही है, जिससे युवाओं में असंतोष है। वहीं सीएए के बाद चल रहे प्रदर्शनों से भी काफी लोगों का गुस्सा सामने आया है। इसलिए लगता है कि संघ प्रमुख अपने कैडर को यह बात समझाने की कोशिश कर सकते हैं कि केंद्र सरकार रोजगार पर बड़े निर्णय ले सकती है। वहीं सीएए किसी वर्ग के विरोध में नहीं है। उन्होंने कहा कि इन दोनों बातों को युवा वर्ग तक कैसे पहुंचाया जाए, इस बात की अहमियत है। शिविर में राष्ट्रवाद का पाठ तो पढ़ाया ही जाएगा, यह तय है।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। देशभर में बैंकिंग सेवाएं खासकर पब्लिक सेक्टर यूनिट (पीएसयू) बैंक की सेवाएं दो दिन के लिए बाधित रहेंगी। शुक्रवार से कई बैंक कर्मचारी यूनियन दो दिन की हड़ताल करेंगे, जिससे बैंक का कामकाज प्रभावित होगा। रविवार का भी अवकाश रहने से लोगों को तीन दिन तक परेशान होना पड़ेगा। हड़ताल में हजारों कर्मचारी हिस्सा ले सकते हैं। बैंककर्मी नवंबर 2017 से वेतन वृद्धि का इंतजार कर रहे हैं। बैंककर्मी बजट सत्र की शुरुआत के साथ ही हड़ताल कर रहे हैं। 31 जनवरी को संसद में इकोनोमिक सर्वे पेश किया जाएगा। एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। श्रम विभाग और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने बैंक यूनियन को हड़ताल पर नहीं जाने के लिए मनाने की कोशिश की थी। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने हड़ताल की अपील की है। यूएफबीयू 9 ट्रेड यूनियन का प्रतिनिधित्व करती है। इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) के साथ वेतन बढ़ोतरी पर बातचीत विफल रहने के बाद यूनियनों ने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। इस बारे में यूएफबीयू के संयोजक संजीव कुमार बांदलिश ने कहा कि हम आईबीए के चेयरमैन, वित्तीय सेवा विभाग के सचिव और श्रम मंत्रालय में मुख्य श्रमायुक्त को पहले ही पत्र भेज चुके हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने हड़ताल से कामकाज बाधित होने की बात कही है।    साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई। केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि सीएए कतई मुस्लिम विरोधी नहीं है, लेकिन इसे गलतफहमी पैदा हो गई है। यह बात केन्द्रीय मंत्री ने निर्भया के आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग को लेकर मौन व्रत पर बैठे अन्ना हजारे से मुलाकात के बाद कही। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि लोगों की भावनाओं का विचार करते हुए इस पर बदलाव हो सकते हैं। इस पर सरकार ने इस पर कुछ सुझाव मांगे हैं। आपको बताते जाए कि पिछले दिनों गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि सरकार सीएए पर जरा भी पीछे नहीं हटेगी। हालांकि, रालेगण सिद्धि में पिछले 34 दिन से मौन व्रत पर बैठे अन्ना हजारे से मुलाकात के बाद रामदास अठावले ने संकेत दिए हैं कि सरकार कानून पर विचार के मूड में है। इससे पहले लखनऊ में रैली संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि 70 साल से पीड़ित लोगों को PM मोदी ने जीवन का नया अध्याय शुरू करने का मौका दिया है। मैं डंके की चोट पर कहने आया हूं कि जिसको विरोध करना है करे, CAA वापस नहीं होगा।  साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। चीनी राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने देश के 24 प्रांतों में कोरोना वायरस फैलने की पुष्टि कर दी है। चीन में इस वायरस से प्रभावित 830 लोगों की पहचान हो चुकी है। इसके अलावा 20 प्रांतों में 1072 लोगों के इसी वायरस से प्रभावित होने का शक है। गुरुवार तक इससे मरने वालों की संख्या 25 पहुंच गई। इसी बीच भारत के 25 स्टूडेंट्स चीन के कोरोना वायरस प्रभावित शहर वुहान में फंस गए है। वायरस को बाहर फैलने से रोकने के लिए वुहान से लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। वहां फंसे 25 में 20 स्टूडेंट्स केरल के हैं। वुहान से 300 किमी दूर यिचांग में 14 इंडियन स्टूडेंट्स एक हॉस्पिटल में इंटर्नशिप कर रहे हैं। वे आज भारत आ जाएंगे। मुंबई में अधिकारियों ने बताया कि पिछले 60 घंटों में वुहान एवं चीन के अन्य हिस्सों से लौटे पांच भारतीयों की गहन जांच की जा रही है। इनमें दो लोगों को सर्दी-जुकाम है, इसलिए उन्हें कस्तूरबा अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन्हें हल्के सर्दी-जुकाम के सिवा वायरस के प्रभाव का कोई अन्य लक्षण नहीं दिखा। मिली जानकारी के अनुसार, चीनी में 630 कोरोना वायरस मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 393 संदिग्ध मामले हैं। चीन की मुख्य भूमि के बाहर चीनी हांगकांग, चीनी मकाओ और चीनी ताईवान में एक-एक मरीजों की पुष्टि हुई है। विदेशों में अमेरिका में 1, जापान में 1, थाईलैंड में 3 और दक्षिण कोरिया में 1 मामले की पुष्टि की गई है । राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने कोरोना वायरस से 17 मृतकों रिपोर्ट भी जारी की है। मृतकों में सबसे कम आयु 48 वर्ष थी, जबकि सब से अधिक आयु 89 वर्ष की थी, जिन में से अधिकांश सिरोसिस, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और दिल की बीमारी जैसी क्रॉनिक बीमारियों से पीड़ित थे। चीन के वुहान शहर से प्रारंभ कोरोना वायरस पड़ोसी सिंगापुर और वियतनाम तक पहुंच चुका है। भारत के लिए खुशखबरी यह है कि यहां का एक भी नागरिक अब तक करॉन वायरस से पीड़ित नहीं पाया गया है। सऊदी अरब में एक भारतीय नर्स की जांच पड़ताल में पाया गया कि वह कोरोना वायरस की शिकार नहीं हुई है। क्या है लक्षण... जिसे वायरस का अटैक हुआ हो उसे बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खरास जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं।  साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तीन रैलियाें को संबोधित करेंगे। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी दो रैलियां करने वाले हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मटियाला विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार को आयोजित जनसभा में आप व कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने सीएए, अनुच्छेद 370, जेएनयू मामला, शाहीन बाग को लेकर आप व कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया। शाह ने कहा कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया कहते हैं कि वह शाहीन बाग वालों के साथ है। यह बयान उनका दिल्ली की शांति को तोड़ने वाला है। आप व कांग्रेस युवा व अल्पसंख्यकों को भड़काने का काम कर रही है। शाह ने यह भी आरोप लगाया कि दोनों पार्टियों (आप व कांग्रेस) ने दिल्ली में दंगा करवाया। जेएनयू में बच्चे नारा लगाते है कि भारत तेरे टुकड़े हों एक हजार। ऐसे लोगों को जेल में होना चाहिए। जब उन्हें जेल भेजा गया तो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मफलर पहन कर विरोध करने पहुंच गए थे। थोड़ी देर बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी समर्थन में पहुंच गए। शाह ने टुकड़े-टुकड़े गैंग पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत माता के टुकड़े करने की बात करने वालों को जेल में भेजने से कोई नहीं रोक सकता।  साभार-khaskhabar.com

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चंडीगढ़। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने गुरुवार को अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की बकाया अदायगी जारी करने में हुई देरी का गंभीर नोटिस लेते हुए कहा कि वह इस मसले को प्रधानमंत्री के समक्ष उठाएंगे। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति स्कीम की प्रगति का जायज़ा लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह प्रधानमंत्री से अपील करके साल 2017-18 के लिए केंद्रीय प्रायोजित स्कीम के अंतर्गत 780 करोड़ की राशि बिना किसी देरी के जारी करने के लिए उनके दख़ल की मांग करेंगे। मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण और अल्पसंख्यक विभाग के प्रमुख सचिव को इस सम्बन्ध में भारत सरकार को सौंपा जाने वाला केस जल्द से जल्द तैयार करने और इस स्कीम के अंतर्गत ज़रुरी फंड तुरंत जारी करने के लिए विधि तलाशे जाने के लिए कहा। साल 2016-17 के लिए इस स्कीम के अंतर्गत 309 करोड़ रुपए के बकाया फंड का जि़क्र करते हुए मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को साल 2016-17 के लिए इस सम्बन्ध में राज्य के हिस्से की 57 करोड़ की बकाया राशि तुरंत जारी करने के लिए कहा कि ताकि आवश्यक उपयोग प्रमाणपत्र केंद्र सरकार को सौंपे जा सकें जिससे इस समय का 309 करोड़ रुपए का बनता केंद्रीय हिस्सा जल्द जारी होने के लिए रास्ता साफ होगा। उन्होंने विभाग को 31 जनवरी, 2020 तक हर हाल में उपयोग प्रमाणपत्र सौंपने को यकीनी बनाने के हुक्म दिए। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव को कहा कि 57 करोड़ की राशि एक हफ़्ते में योग्य विद्यार्थियों को बांटना यकीनी बनाया जाए। उन्होंने यह भी हिदायत की कि एक बार सर्टिफिकेट सौंपे जाने पर सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण और अल्पसंख्यक विभाग द्वारा 309 करोड़ रुपए की राशि जल्द जारी करवाने के लिए केंद्र सरकार के पास पैरवी की जाए। अनुसूचित जाति के केल्याण हेतु अपनी सरकार की वचनबद्धता को दोहराते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मुख्य सचिव को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति स्कीम की प्रगति की निरंतर निगरानी करने के लिए कहा जिससे यह यकीनी बनाया जा सके कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों का कॅरियर किसी भी कीमत पर खऱाब न हो। यह जि़क्रयोग्य है कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने 17 जून, 2018 को केंद्रीय सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्री को पत्र लिखकर अनुसूचित जातियों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति स्कीम के लिए संशोधित दिशा-निर्देशों की समीक्षा करने के लिए कहा था क्योंकि नए दिशा-निर्देशों से इस स्कीम का उद्देश्य ही ख़त्म हो जाएगा और यह कदम अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को और कठिन स्थिति में धकेलने के अतिरिक्त उनकी सरकार पर अवहनीय वित्तीय बोझ डालेगा। मीटिंग में उपस्थित शख़्सियतों में सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्री साधु सिंह धर्मसोत, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार, प्रमुख सचिव वित्त अनिरूद्ध तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण और अल्पसंख्यक विभाग के प्रमुख सचिव कृपा शंकर सरोज, तकनीकी शिक्षा के प्रमुख सचिव अनुराग वर्मा, स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार राहुल, उच्च शिक्षा के सचिव राहुल भंडारी, स्कूल शिक्षा के सचिव कृष्ण कुमार, पशु पालन के सचिव राज कमल चौधरी, मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव गुरकिरत किरपाल सिंह और सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण और अल्पसंख्यक विभाग के डायरेक्टर दविन्दर सिंह भी उपस्थित थे।  साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को केंद्रीय बजट की उलटी गिनती का शुभारंभ किया। बजट एक फरवरी को संसद में पेश होगा। सीतारमण ने हलवा रस्म में भाग लिया। इसके साथ ही बजट की छपाई अत्यंत गोपनीयता के साथ शुरू हुई। सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने सोमवार को हलवा रस्म में भाग लिया, जिसका आयोजन नॉर्थ ब्लाक में वित्त मंत्रालय में किया गया। यह रस्म बजट 2020-21 से संबंधित दस्तावेजों की छपाई की शुरुआत से जुड़ी है। सीतारमण अपना दूसरा बजट पेश करेंगी। इससे पहले उन्होंने जुलाई 2019 में चुनाव बाद बजट पेश किया था। वित्त मंत्रालय के सभी सचिव, सीबीडीटी, सीबीआईसी प्रमुख व अन्य प्रमुख अधिकारी जो बजट से जुड़े हैं और दूसरे कर्मचारी भी हलवा रस्म का हिस्सा बने। एक फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट में बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा, रेलवे, कृषि, सिंचाई, मोबिलिटी, स्वास्थ्य, जल में निवेश के प्रावधान किए जाने की उम्मीद है। बीती तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 4.5 फीसदी रही। ऐसे में सरकार का मकसद मांग बढ़ाने और अर्थव्यवस्था में सुधार करने पर है। ऐसा कैसे किया जाएगा, इसे देखना बाकी है। वित्त मंत्रालय की यह वार्षिक परंपरा बजट पेश किए जाने से कुछ दिनों पूर्व आयोजित होती है। लोहे के बड़े पात्र में तैयार हलवा मंत्रालय के सभी कर्मचारियों के साथ-साथ वित्त मंत्री को भी परोसा जाता है। हलवा रस्म के बाद आज से वित्त मंत्रालय के बजट बनाने से जुड़े सभी अधिकारी, कर्मचारी बजट पेश होने तक वित्त मंत्रालय में ही रहेंगे और वित्त मंत्री के संसद में बजट पेश करने के बाद ही बाहर आएंगे।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यूनिटेक रियल एस्टेट मामले में यूनियन ऑफ इंडिया द्वारा मैनेजमेंट टेकओवर को मंजूरी दे दी। इसके अलावा पूर्व आईएएस अधिकारी युद्धवीर सिंह मलिक को कंपनी का सीएमडी नियुक्त करने का आदेश दिया। कोर्ट ने यूनिटेक के लिए 7 सदस्यों का नया बोर्ड बनाया है। कोर्ट अब यूनिटेक बायर्स मामले में दो माह तक सुनवाई नहीं करेगा। कोर्ट ने कहा है कि नया बोर्ड मौजूदा प्रोजेक्ट्स को नहीं रोक सकता है। हालांकि वह पुराने प्रोजेक्ट्स की जांच कर सकता है। फिलहाल किसी पुराने प्रमोटर को नॉमिनी डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त नहीं किया जा सकता। नई व्यवस्था प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए रफ्तार बढ़ाने की मंशा से की गई है, लेकिन यूनिटेक के खिलाफ चल रही जांच बंद नहीं होगी। उल्लेखनीय है कि पिछले साल 18 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि क्या वह वर्ष 2017 के अपने प्रस्ताव पर विचार करने के लिए तैयार है। कोर्ट बोला कि भारी कर्ज में डूबी यूनिटेक लिमिटेड के प्रोजेक्ट्स को किसी विशिष्ट एजेंसी द्वारा हाथ में लेने की तत्काल जरूरत है। ऐसा करने से घर खरीदारों के हित में अटके प्रोजेक्ट्स को तय समय के अंदर पूरा किया जा सकेगा। आपको बता दें कि वर्ष 2007 से 2010 के दौरान कंपनी द्वारा टैक्स चोरी के लिहाज से पनाहगाह माने जाने वाले देशों में बड़े निवेश के बारे में भी पता चला था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक लिमिटेड के प्रमोटर्स के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया था। यूनिटेक के प्रमोटर संजय चंद्रा और उनके भाई अजय चंद्रा घर खरीदारों से प्राप्त धन की हेराफेरी के आरोप में फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं। यह दूसरी बार है जब केंद्र ने इस तरह किसी कंपनी का टेकओवर किया हो। इससे पहले 2009 में सत्यम का सरकार ने टेक ओवर किया था, बाद में महिंद्रा आईटी ने कंपनी को टेक ओवर किया था।    साभार-khaskhabar.com  

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