निर्माता- वायकॉम18/संजय लीला भंसाली निर्देशक- संजय लीला भंसाली सितारे- दीपिका पादुकोण, शाहिद कपूर, रणवीर सिंह, अदिति राव हैदरी, जिम सारभ फिल्म की शूटिंग से लेकर रिलीज होने तक संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती से पद्मावत हो गई। लेकिन फिल्म का विवादों ने पीछा नहीं छोड़ा और न ही करणी सेना ने। भारी विवादों के बीच आखिरकार फिल्म आज रिलीज हो गई है। पूरी फिल्म में विवाद की वजह फिलहाल ढूंढे नहीं मिल रही है। लेकिन वाह-वाह करने और राजपूतों की आन-बान शान को देखकर तालियां बजाने और गर्व करने की वजहें फिल्म में कई जगह दिखाई दे रही हैं। यही नहीं राजपूत अपनी बुद्धिमत्ता और रण में पारंगत रानियों पर गर्व भी कर सकते हैं। कह सकते हैं कि भले ही रानियां पर्दे में रहा करती थीं लेकिन वक्त पड़ने पर दुश्मनों को अपनी अक्ल से बुद्धिमत्ता से दांत खट्टे करने में माहिर थीं। रानी पद्मावती के इस बेजोड़ नमूने को संजय लीला भंसाली ने बखूबी दिखाने की कोशिश की है। कहानी- मलिक मोहम्मद जायसी के महाकाव्य पद्मावत पर आधारित ये फिल्म 13वीं शताब्दी में दिल्ली सल्तनत के खिलजी वंश और मेवाड़ के राजपूत सिसोदिया वंश के बीच लड़ी गई लड़ाई पर आधारित है। फिल्म शुरू होती है अपने चाचा जलालुद्दीन खिलजी को मार कर दिल्ली की शाही गद्दी पर बैठने वाले अलाउद्दीन खिलजी से जो हर बेशकीमती चीज को हासिल करना चाहता है। उसके पास पहुंचकर मेवाड़ से देश निकाला झेल रहा राजपुरोहित चेतन राघव उसे मेवाड़ की महारानी पद्मावती को नायाब बताते हुए हासिल करने के लिए उकसाता है और इसके बाद शुरू होती राजपूत और खिलजियों के बीच एक लंबी जंग। फिल्म में एक भी ऐसा दृश्य नहीं है जिसमें अलाउद्दीन खिलजी बने रणवीर सिंह और रानी पद्मावती बनी दीपिका पादुकोण एक साथ नजर आए हों। पूरी फिल्म में खिलजी रानी पद्मावती की झलक देखने के लिए उतावला नजर आता है। फिल्म का एक हिस्सा जिसमें खिलजी को शीशे में से रानी पद्मावती की झलक दिखाने की बात मानी जाती है वहां भी एक क्षण के लिए घूंघट में दिखाकर पर्दा बंद कर दिया जाता है। बाद में खिलजी ये बात बोलता भी है कि एक झलक दिखाने के नाम पर तुम राजपूतों ने भी तो मेरे साथ धोखा किया। अभिनय: फिल्म की तीनों मुख्य एक्टर रावल रतन सिंह के रोल में शाहिद कपूर, रानी पद्मावती के रोल में दीपिका पादुकोण और अलाउद्दीन खिलजी के रोल में रणवीर सिंह अपने किरदार के साथ न्याय करते दिखते हैं। खिलजी के रोल में रणवीर सिंह इतने उम्दा लगे हैं कि ये रोल उनके करियर में एक मील का पत्थर साबित होगा। कुछ सीन में उनके संवाद और चेहरे के मक्कारी से भरे भाव देखने लायक है। अपने सर के ताज और पद्मावती को लेकर खिलजी की सनक उनके अभिनय में साफ नजर आती है। शाहिद कपूर अपने अभिनय से तो प्रभावित करते हैं लेकिन अपनी कद-काठी से मात खाते दिखते हैं। फिल्म के एक दृश्य जिसमें रावल रत्न सिंह की पीठ पर तीर खाए हुए हैं और खिलजी उनकी तलवार के पहुंच में होते हुए भी वो मार नहीं पाते बेहद शानदार है। दीपिका पादुकोण रानी पद्मावती के रोल प्रभावित करती हैं। खूबसूरती, प्रेम, धैर्य, युद्ध और त्याग सभी तरह के मनोभाव में रानी पद्मावती के किरदार में वो प्रभावित करती हैं। मलिक काफूर के रोल जिम सरब के हिस्से में कई अच्छे दृश्य हैं और वो आपको फिल्म खत्म होने के बाद भी याद रहेंगे। क्यों देखें: भारत में इतिहास आधारित फिल्म बनाने की ज्यादा परंपरा नहीं है। ऐसे में ये फिल्म आपको अपनी आन बान शान के लिए लड़ते राजपूताना के इतिहास की झलक देगी। चित्तौड़गढ़ दुर्ग जिसमें माना जाता है कि आक्रमणकर्ताओं से बचने के लिए तीन बार जौहर किया गया है उन्हें ये फिल्म एक श्रद्धांजलि की तरह है। इसके अलावा राजस्थान की लोक संस्कृति भी फिल्म के माध्यम से करीब से देखने को मिलती है।साभार-khaskhabar.com
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