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सियोल। सैमसंग का परिचालन लाभ 2017 की चौथी तिमाही में रिकॉर्ड 13.6 अरब डॉलर होने का अनुमान है। समाचार एजेंसी योनहप के मुताबिक, एफएनगाइड इंक की रपट में कहा गया है कि बाजार की औसत आम राय तीन महीने पहले के अनुमानित 137 खरब वोन (12 अरब डॉलर) से ऊपर है। यह रपट 23 स्थानीय ब्रोकरेज संस्थाओं के आकलन पर आधारित है।   वित्तीय उद्योग पर नजर रखने वाले एफएनगाइड ने कहा कि हालिया अनुमान एक महीने पहले प्रतिभूति कंपनियों द्वारा अनुमानित 12.9 अरब डॉलर की बाजार सहमति और सैमसंग की दूसरी तिमाही के परिचालन लाभ से ज्यादा है, जो अप्रत्याशित तौर पर 12.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया।   यदि सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का परिचालन लाभ बाजार की उम्मीदों को पूरा करता है तो यह जुलाई-सितंबर की अवधि के लिए 12.5 अरब डॉलर कमाई के अनुमान से ऊपर होगा।   एफएनगाइड ने कहा है कि बाजार के इस अनुमान का मुख्य कारण सेमीकंडक्टर बाजार में तेजी का जारी होना है, जिसके चौथी तिमाही में मजबूत बने रहने की उम्मीद है। साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को कहा कि सरकार आर्थिक सुस्ती के बीच स्थिति की समीक्षा कर रही है और इससे निपटने के लिए जल्द ही ‘उपयुक्त कदम’ उठाए जाएंगे।    जे.पी. मोर्गन की ओर से आयोजित दूसरे ‘भारत इंवेस्टर समिट’ को संबोधित करते हुए जेटली ने कहा, ‘‘पहले दिन से ही यह सरकार अग्रसक्रिय है। हमलोग आर्थिक संकेतकों की समीक्षा कर रहे हैं और सही समय पर सही कदम उठाया जाएगा। निजी निवेश में समस्या है। सरकार ने समस्या सुलझा लिया है, बहुत जल्द ही इस पर कदम उठाएंगे।’’    उन्होंने कहा कि बैंकों ने अतीत में अत्यधिक ऋण दिया था। बैंकों के लिए पूंजी का प्रस्ताव भी लंबित है।   जेटली ने आर्थिक स्थिति और इसके उपायों की समीक्षा के लिए 19 सितंबर को उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी। इस बैठक में रेलमंत्री पीयूष गोयल, वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु, मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन और वित्त मंत्रालय के सचिव अशोक लवासा, सुभाष चंद्र गर्ग, हसमुख अधिया, राजीव कुमार और नीरज कुमार गुप्ता मौजूद थे।    सरकार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और औद्योगिक उत्पादन के साथ चालू खाते में गिरावट के बाद वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज पर विचार कर रही है। विनिर्माण क्षेत्र में सुस्ती के कारण चालू वित्तवर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) की दर घटकर 5.7 फीसदी पर आ गई है, जो साल 2014 में मोदी के सत्ता संभालने के बाद की सबसे कम दर है।    जेटली ने कहा कि सरकार के पास चालू वित्तवर्ष में इस समस्या से निपटने के लिए महत्वाकांक्षी योजना है।   उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि गुरुवार को भी एयर इंडिया विनिवेश की बैठक थी। गत कुछ वर्षों में, बाजार में काफी उथल पुथल रहा है, इसलिए सरकार को विनिवेश के लिए सही समय का इंतजार करना पड़ेगा।’’   वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तकनीकी मुश्किलों का जिक्र करते हुए वित्तमंत्री ने व्यापारियों को रिटर्न जमा कराने की अंतिम तिथि से चार-पांच दिन पहले ही इसे अंतिम दिनों की परेशानी से बचने के लिए जमा करवाने की सलाह दी।   जीएसटी में ज्यादा से ज्यादा सामग्रियों को शामिल करने पर उन्होंने कहा कि रियल स्टेट को इसमें शामिल करना सबसे आसान होगा।    उन्होंने कहा, ‘‘अभी तक हम जीएसटी के बाद मुद्रास्फीति के प्रभाव को रोकने में सक्षम रहे हैं। मौजूदा सरकार जीएसटी को लागू करने से लेकर हर मामले में तत्काल फैसले लेती है।’’   यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई) पर वित्त मंत्री ने कहा कि वह निजी तौर पर इसके पक्ष में हैं लेकिन अभी इसके लिए राजनीतिक परिपक्वता की जरूरत है। साभार-khaskhabar.com   

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कोलकाता। भारतीय चाय बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष प्रथम सात महीनों के दौरान चाय निर्यात 4.58 प्रतिशत बढक़र 1211.30 लाख किलोग्राम रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान यह 1158.30 लाख किलोग्राम रहा था।   बोर्ड ने बुधवार को कहा कि मूल्य के संदर्भ में जनवरी से जुलाई की अवधि के दौरान चाय निर्यात बढक़र 2,363.22 करोड़ रुपये का रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान यह 2,260.07 करोड़ रुपये का रहा था।   मिस्र, चीन और श्रीलंका को होने वाले भारतीय चाय निर्यात में काफी वृद्धि हुई है।   चाय बोर्ड के अनुसार, इस अवधि के दौरान श्रीलंका को चाय के निर्यात में 98.23 प्रतिशत वृद्धि हुई और यह 22.60 लाख किलोग्राम से बढक़र 44.80 लाख किलोग्राम हो गया।   इसी तरह भारत ने चीन को इस अवधि के दौरान 71 प्रतिशत अधिक चाय का निर्यात किया और यह 41.90 लाख किलोग्राम रहा, जबकि श्रीलंका को चाय के निर्यात में 150 प्रतिशत वृद्धि हुई और यह 25 लाख किलोग्राम रहा।   भारत ने इन सात महीनों के दौरान ईरान को 125.20 लाख किलोग्राम चाय का निर्यात किया और संयुक्त अरब अमीरात को 100.10 लाख किलोग्राम चाय का निर्यात किया। साभार-khaskhabar.com         

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चेन्नई। शहरी परिवहन प्रणाली को ध्यान में रखते हुए डेमलर इंडिया कमर्शियल वेहिकल ने मंगलवार को यूरो 5 उत्सर्जन मानकों के अनुरूप मीडियम ड्यूटी ट्रक (एमडीटी) लांच किया। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी।    डेमलर इंडिया के प्रबंध निदेशक एरिक नेसेलहॉफ ने बताया, ‘‘इन यूरो 5 रेडी ट्रकों की कीमत वही रखी गई है, जो हमारे बीएस 4 वाहनों की है। लेकिन, नए वाहन बीएस 4 वाहनों की तुलना में 40 फीसदी कम नाइट्रोजन ऑक्साइड छोड़ते हैं।’’   उन्होंने कहा कि प्रदूषण कम करने के लिए यह वाहन लांच किया गया है।  साभार-khaskhabar.com 

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चेन्नई। भारतीय ऑटोमोबाइल समूह महिंद्रा और अमेरिका की फोर्ड मोटर कंपनी ने सोमवार को रणनीतिक साझेदारी पर सहमति जताई है। दोनों कंपनियों ने एक बयान में यह जानकारी दी।   दोनों कंपनियों द्वारा संयुक्त रूप से जारी बयान में कहा गया, ‘‘फोर्ड की वैश्विक पहुंच और विशेषज्ञता और महिंद्रा के भारत में बड़े पैमाने पर सफल संचालन मॉडल का लाभ उठाने के लिए दोनों कंपनियां रणनीतिक भागीदारी पर सहमत हुई हैं।’’   दिलचस्प है कि दोनों समूह कई साल बार एक बार फिर एक दूसरे के साथ आ रही है। फोर्ड ने 1990 के मध्य में महिंद्रा के साथ साझेदारी में भारतीय कारोबार शुरू किया था, लेकिन तीन साल बाद दोनों की राहें अलग हो गई।   बयान में कहा गया, ‘‘दोनों कंपनियों के बीच का समझौता वैश्विक मोटर वाहन उद्योग में अभूतपूर्व परिवर्तन की अवधि में दोनों कंपनियों को अपनी पारस्परिक ताकत का लाभ उठाने का अवसर देगा।’’   फोर्ड के कार्यकारी उपाध्यक्ष और वैश्विक बाजारों के अध्यक्ष जिम फारले ने एक बयान में कहा, ‘‘फोर्ड भारत के प्रति प्रतिबद्ध है और यह साझेदारी हमें सबसे अच्छे वाहन और सेवाओं को प्रदान करने में मदद करेगा।’’   महिंद्रा एंड महिंद्रा लि. के प्रबंध निदेशक पवन गोयनका ने कहा, ‘‘यह गठबंधन फोर्ड के साथ साझेदारी की पिछली नींव पर रखी गई है और इससे दोनों कंपनियों के लिए अवसर खुलेगा।’’     साभार-khaskhabar.com   

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सैन फ्रांसिस्को। अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार निर्माता टेस्ला ने 26 अक्टूबर को कैलिफोर्निया के हाथॉर्न में इलेक्ट्रिक अर्ध-ट्रक को लॉन्च करने का फैसला किया है।    इलेक्ट्रिक कार निर्माता टेस्ला 2016 से एक इलेक्ट्रिक अर्ध-ट्रक पर काम कर रही थी और उसने इसे इस साल सितंबर में लॉन्च करने का वादा किया था, हालांकि इस लॉन्च को कंपनी ने स्थगित कर दिया था।    अब हालांकि टेस्ला के सीईओ एलोन मस्क 26 अक्टूबर को कैलिफोर्निया के हाथॉर्न में इलेक्ट्रिक अर्ध-ट्रक को लॉन्च करने के लिए तैयार है।    इस सप्ताह की शुरुआत में आई खबर के मुताबिक मस्क ने ट्वीट कर इसकी बदली हुई तारीख के बारे में बताया था, जिसमें इसकी टेस्ट राइड भी शामिल है, इसका मतलब है कि इसे जनता के सामने पेश करने से पहले इसका परिचालन किया जाएगा।    सीईओ अप्रैल माह में ट्विटर के जरिए पहले ही इसकी घोषणा कर चुके हैं।    मस्क ने जुलाई 2016 में टेस्ला के ब्लॉग पर भी पोस्ट किया था जिसमें एक विशाल स्थायी ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के बारे में बताया गया था। इसमें कहा गया था कि इलेक्ट्रिक अर्ध ट्रक, पिकअप और उच्च घनत्व यात्री वाहन (जैसे कि बसें) को एकीकृत सौर और बैटरी सिस्टम द्वारा संचालित किया जाएगा।   इलेक्ट्रिक अर्ध-ट्रक की अवधारणा उच्च मांग के बाद सामने आई है क्योंकि कंपनियां तेजी से सख्त उत्सर्जन नियमों को पूरा करने की कोशिश कर रही हैं।    इसके साथ ही टेस्ला ने वाहन बैटरी पैक को आसानी से बदलने या अदला बदली करने के लिए पेटेंट आवेदन दायर किया है।   टेक क्रंच ने शनिवार को खबर दी है कि इस पेटेंट को मई में दाखिल किया गया था। इसे दाखिल करने से एक विकल्प का खुलासा हुआ है जो तकनीशियनों को 15 मिनट से भी कम समय में पैक को बदलने की इजाजत देगा।     पेटेंट आवेदन यह भी दर्शाता है कि कंपनी द्वारा ‘मॉडल एस’ और ‘मॉडल एक्स’ वाहनों के लिए लिफ्ट का उपयोग कैसे किया जा सकता है। यह टेस्ला के आगामी ट्रक परियोजना के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। देश के निर्यात में अगस्त में 10.29 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है और कुल 23.81 अरब डॉलर का निर्यात किया गया, जबकि जुलाई में यह 22.5 अरब डॉलर था।    वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को यह जानकारी दी गई। इसमें बताया गया कि पिछले साल (2016) के जुलाई महीने में कुल 21.59 अरब डॉलर का निर्यात किया गया था।    मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘निर्यात में पिछले 12 महीनों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अगस्त में इसमें 10.29 फीसदी की तेजी आई और कुल 2381.88 करोड़ डॉलर का निर्यात किया गया, जबकि एक साल पहले अगस्त में यह 2159.70 करोड़ डॉलर का निर्यात किया गया था।’’   बयान में बताया गया, ‘‘अगस्त में ज्यादातर व्यापारिक वस्तुओं में पिछले साल के समान महीने की तुलना में सकारात्मक बढ़त दर्ज की गई है। इसमें इंजीनियरिंग वस्तुओं में 19.53 फीसदी, पेट्रोलियम पदार्थों में 36.56 फीसदी, ऑर्गेनिक और गैरऑर्गेनिक रसायनों में 32.41 फीसदी, ड्रग और फार्मास्यूटिकल्स में 4.21 फीसदी और कपड़ों में 0.56 फीसदी की वृद्धि हुई है।’’   हालांकि समीक्षाधीन माह में देश के आयात में भी 21.02 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और कुल 35.46 अरब डॉलर मूल्य का आयात किया गया, जो एक माह पहले 29.30 अरब डॉलर था। साभार-khaskhabar.com 

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने हाल ही में 25 फीसदी रियायती आयात शुल्क पर 3 लाख टन चीनी आयात करने की अनुमति दी है, जबकि चीनी पर 50 फीसदी आयात शुल्क लगाया गया है। सरकार का लक्ष्य त्योहारी अवधि को देखते हुए आयात से घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी को रोकना है। वहीं, रेंटिंग फर्म आईसीआरए का कहना है कि इससे चीनी की कीमतें गिरने की संभावना नहीं है।    आईसीआरए रेटिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और समूह प्रमुख सब्यसाची मजुमदार ने बताया, ‘‘यह कदम दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों में चीनी की आपूर्ति में पूरक का काम करेगा, जिससे त्योहारी अवधि में चीनी के दाम नहीं बढ़ेंगे और उपभोक्ताओं को फायदा होगा। हालांकि इसका चीनी मिलों की कमाई पर कोई नकारात्मक असर होने की संभावना नहीं है। महज 3 लाख टन चीनी का आयात होना है, जबकि देश में अभी 47 लाख टन स्टॉक खपत के लिए बाकी है। यह मात्रा दो महीनों की घरेलू मांग पूरा करने के लिए पर्याप्त है। हालांकि पिछले साल इसी अवधि में चीनी का 78 लाख टन स्टॉक था।’’   सरकार ने इस साल जुलाई में चीनी पर आयात शुल्क 40 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया था, ताकि सस्ती चीनी की आपूर्ति रोकी जा सके। साथ ही सरकार ने चीनी मिलों के लिए स्टॉक सीमा तय की थी, ताकि बाजार में चीनी की कीमत ना बढ़े। साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। भारती एयरटेल ने सोमवार को मुंबई में वॉयस ओवर एलटीई (वीओएलटीई) सेवाएं शुरू करने की घोषणा की। कंपनी ने कहा कि उसकी योजना अगले कुछ महीनों में इस सेवा के देश भर में लागू करने की है।    कंपनी ने एक बयान में कहा कि एयरटेल वीओएलटीई 4जी नेटवर्क पर काम करता है, जो ग्राहकों को तेजी से कॉल कनेक्ट करने के साथ ही एचडी क्वालिटी वॉयस कॉल प्रदान करता है।    भारती एयरटेल के निदेशक (नेटवर्क) अभय सावरगांवकर ने कहा, ‘‘यह प्रोजेक्ट लीप की तरह एयरटेल के नेटवर्क परिवर्तन यात्रा में एक मील का पत्थर है। एयरटेल ने देश भर में वल्र्ड-क्लास 4जी नेटवर्क बनाया है और भारत में वीओएलटीई सक्षम डिवाइस पारिस्थितिकी तंत्र भी परिपक्व हो गया है, इसलिए हमारे लिए वीओएलटीई सेवाएं लांच करने का यह सही वक्त है।’’   उन्होंने आगे कहा, ‘‘अगले कुछ महीनों में हम सभी प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों में वीओएलटीई सेवाएंं लांच करेंगे और अपने ग्राहकों को एचडी क्वालिटी कॉलिंग सेवा मुहैया कराएंगे। ’’   कंपनी के बयान में कहा गया कि एयरटेल वीओएलटीई 4जी/एलटीई सक्षम डिवाइसों के लिए उपलब्ध होगा, जिसके लिए एयरटेल 4जी सिम लगाना जरूरी होगा।    बयान में कहा गया, ‘‘एयरटेल वीओएलटीई के प्रयोग से ग्राहक किसी भी मोबाइल और लैंडलाइन नेटवर्क पर बातचीत कर सकते है। वीओएलटीई और कॉल के लिए कोई अतिरिक्त डेटा शुल्क नहीं लिया जाएगा और ग्राहकों के वर्तमान प्लान या पैक के हिसाब से ही शुल्क लिया जाएगा।’’   साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। हेल्थ और फिटनेस एप उद्योग में साल 2016 से 2017 के दौरान दुनिया भर में 9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि 2014 से लेकर 2016 तक (तीन सालों में) इसके प्रयोग में 330 फीसदी की विशाल वृद्धि दर्ज की गई थी।  वैश्विक मोबाइल सर्वेक्षण कंपनी फ्लरी फ्राम ओथ द्वारा किए गए सर्वेक्षण से यह जानकारी मिली है।  इसमें गिरावट को समझने के लिए हेल्थ और फिटनेस बाजार को चार उप-श्रेणियों में बांटा गया जिसमें वर्कआउट और वेट लॉस, जनरल हेल्थ, न्यूट्रिशन, और स्टूडियो व फिटनेस सामग्री शामिल है।  शोध के निष्कर्षों से पता चलता है कि सबसे बड़ी उपश्रेणी ‘वर्कआउट और वेट लॉस’ की साल-दर- साल वृद्धि दर में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। यह 2015 में 67 फीसदी थी, जो 2016 में घटकर 11 फीसदी रह गई। इस दौरान ‘न्यूट्रिशन’ एप में 26 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। ‘स्टूडियो व फिटनेस’ एप में 2016 में 49 फीसदी की वृद्धि दर दर्ज की गई।  हालांकि ‘जनरल हेल्थ’ श्रेणी के एप की वृद्धि दर पिछले दो सालों से 41 फीसदी पर स्थिर हैं। इसके अलावा सर्वेक्षण से पता चला कि यूजर्स अपने फिटनेस एप के प्रति काफी प्रतिबद्ध होते हैं और हेल्थ और फिटनेस एप इस्तेमाल करने वाले 96 फीसदी यूजर्स कम से कम एक हेल्थ और फिटनेस एप का प्रयोग जरूर करते हैं। साभार-khaskhabar.com   

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बेंगलुरू। विनिर्माण उत्कृष्टता के मामले में देश के सभी राज्यों में कर्नाटक शीर्ष पर है। उद्योग चेंबर्स एसोचैम द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में गुरुवार को यह जानकारी सामने आई है।   ‘भारत में विनिर्माण उत्कृष्टता और उदय : राज्य स्तरीय विश्लेषण’ नामक इस रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘कर्नाटक में सबसे अच्छा विनिर्माण अनुपात 2.63 है, यानी कच्चे माल से सबसे अधिक तैयार माल उत्पादित होता है, जिनका कुल मूल्य 2,000 करोड़ रुपये से अधिक है।’’   इस अध्ययन को एसोचैम की आर्थिक अनुसंधान ब्यूरो द्वारा किया गया।    अध्ययन के मुताबिक, विनिर्माण क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के मामले में कर्नाटक तीसरे स्थान पर है और इसने गुजरात जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।    वित्तवर्ष 2016 में देश में कुल निवेश 169 लाख करोड़ रुपये का किया गया, जिसमें से कर्नाटक को 6.3 फीसदी हिस्सा यानि 10.7 लाख करोड़ रुपये मूल्य का निवेश प्राप्त हुआ।    अध्ययन के अनुसार, कर्नाटक, ब्याज लागत के निम्न अनुपात के मामले में राज्यों में तीसरे स्थान पर है। साभार-khaskhabar.com     

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मुंबई। देश के शेयर बाजार में गुरुवार को कोई खास बदलाव नहीं हुआ और कुल मिलाकर यह सपाट रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 0.77 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 31,662.74 पर और निफ्टी 13.70 अंकों की तेजी के साथ 9,929.90 पर बंद हुए।    बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 76.77 अंकों की तेजी के साथ 31,738.74 पर खुला और 0.77 अंकों की तेजी के साथ 31,662.74 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 31,814.96 के ऊपरी और 31,620.44 के निचले स्तर को छुआ।   सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में तेजी रही। महिंद्रा एंड महिंद्रा (1.69 फीसदी), बजाज-ऑटो (1.37 फीसदी), डॉ. रेड्डी (1.24 फीसदी), सन फार्मा (1.06 फीसदी) और पॉवरग्रिड (0.86 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।   सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में आईटीसी (1.89 फीसदी), भारती एयरटेल (1.36 फीसदी), टाटा मोटर्स (1.17 फीसदी), कोल इंडिया (0.96 फीसदी) और आईसीआईसीआई बैंक (0.86 फीसदी) प्रमुख रहे।   बीएसई के मिडकैप व स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। बीएसई का मिडकैप सूचकांक 118.86 अंकों की तेजी के साथ 15,823.86 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 74.75 अंकों की तेजी के साथ 16,329.92 पर बंद हुआ।   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 29.65 अंकों की तेजी के साथ 9,945.85 पर खुला और 13.70 अंकों या 0.14 फीसदी तेजी के साथ 9,929.90 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 9,964.85 के ऊपरी और 9,917.20 के निचले स्तर को छुआ।   बीएसई के 19 सेक्टरों में से 15 में तेजी रही। इसमें धातु (1.41 फीसदी), वाहन (0.85 फीसदी), आधारभूत सामग्री (0.79 फीसदी), उपभोक्ता गैर अनिवार्य वस्तु एवं सेवाएं (0.73 फीसदी) और रियल्टी (0.69 फीसदी) में तेजी रही।    बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में दूरसंचार (0.75 फीसदी), ऊर्जा (0.41 फीसदी), तेल एवं गैस (0.39 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तुएं (0.28 फीसदी) रहे।   बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,406 शेयरों में तेजी और 1,177 में गिरावट रही, जबकि 153 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।साभार-khaskhabar.com   

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