BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

कोलकाता। देश में इस्पात के उपभोग में साल-दर-साल आधार पर जुलाई में 3.7 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई और कुल 69.05 लाख टन इस्पात का खपत हुआ, जबकि इस दौरान निर्यात में 64 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस्पात मंत्रालय के नवीनतम रिपोर्ट से शनिवार को यह जानकारी मिली।    मंत्रालय की संयुक्त संयंत्र समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘जुलाई में इस्पात का कुल उपभोग 69.05 लाख टन हुआ, जोकि जून की तुलना में 4.2 फीसदी कम है, जबकि साल 2016 के जुलाई की तुलना में यह 3.7 फीसदी अधिक है।’’   देश में अप्रैल-जुलाई की अवधि में तैयार इस्पात का कुल खपत 2.79 करोड़ टन रहा, जो कि पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 4.4 फीसदी अधिक है।    वहीं, अप्रैल-जुलाई अवधि में तैयार इस्पात के निर्यात में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 65.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और कुल 28.07 लाख टन इस्पात का निर्यात किया गया। जुलाई में 7.7 लाख टन टन इस्पात का निर्यात किया गया, जोकि जून की तुलना में 19 फीसदी अधिक है और एक साल पहले के समान माह की तुलना में 64 फीसदी अधिक है।    हालांकि कुल तैयार इस्पात के आयात में चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 4.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और कुल 25.05 लाख टन तैयार इस्पात का निर्यात किया गया।      साभार-khaskhabar.com   

Read More

नई दिल्ली। चीन की स्मार्टफोन कंपनी कोमियो ने शुक्रवार को भारतीय बाजार में प्रवेश करते हुए तीन फ्लैगशिप स्मार्टफोन लांच किए। इन स्मार्टफोन के लिए कंपनी ने रिलायंस जियो के साथ एक्सक्लूसिव साझेदारी की है।    इन तीन डिवाइसों - पी1, एस1 और सी1 की कीमत क्रमश: 9,999 रुपये, 8,999 रुपये और 5,999 रुपये रखी गई है।    कोमियो ने रिलायंस जियो के साथ साझेदारी में इन फोन्स के साथ ग्राहकों के लिए 309 रुपये के रिचार्ज पर 5 जीबी अतिरिक्त डेटा का ऑफर दिया है।    कोमियो इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और निदेशक संजय कुमार ने एक बयान में कहा, ‘‘हम भारत में लंबे समय तक टिके रहने के लिए आए हैं और देश के ‘मेक इन इंडिया’ पहल में योगदान करेंगे।’’   कोमियो एस1 में मेटल यूनीबॉडी, 5.2 इंच का एचडी आईपीएस डिस्प्ले, फिंगरप्रिंट सेंसर, 13 मेगापिक्सल का पिछला कैमरा और 8 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा तथा 2,700 एमएएच की बैटरी है।    पी1 में 5,000 एमएएच की बैटरी, मेटल बॉडी, ड्यूअल सिम, 5.5 इंच का एचडी आईपीएस डिस्प्ले, फिंगरप्रिंट सेंसर, 13 मेगापिक्सल पिछला कैमरा तथा 8 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा फ्लैश के साथ है।    कोमियो सी1 में मेटल फ्रेम, 5 इंच का एचडी आईपीएस डिस्प्ले, 8 मेगापिक्सल का पिछला कैमरा तथा 5 मेगापिक्सल का अगला कैमरा है।साभार-khaskhabar.com   

Read More

नई दिल्ली। देश में 4जी तकनीक के आने, डेटा के उपभोग में वृद्धि, बाजार में नई कंपनियों के आने, डिजिटल वॉलेट शुरू होने और स्मार्टफोन की लोकप्रियता में इजाफा होने से प्रौद्योगिकी की मांग में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे दूरसंचार क्षेत्र में रोजगार के मौके बढ़ रहे हैं और 2018 में इस क्षेत्र में 30 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी। एक अध्ययन में गुरुवार को यह जानकारी दी गई।   उभरती प्रौद्योगिकीयों जैसे 5जी, एम2एम और सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के विकास के फलस्वरूप साल 2021 तक 8,70,000 नई नौकरियां पैदा होंगी। यह जानकारी एसोचैम-केपीएमजी की संयुक्त अध्ययन में दी गई है।   इसमें कहा गया, ‘‘कौशल में अंतर को भरने की आवश्यकता है, जिसमें एक तरफ कौशलयुक्त मानव संसाधन की कमी है, खासकर बुनियादी संरचना और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, एप्किलेशन डेवलपर, सेल्स एक्जीक्यूटिव, इंफ्रास्ट्रक्चर टेकनीशियन, हैंडसेट टेकनीशियन आदि के क्षेत्र में तो दूसरी तरफ वर्तमान मानव संसाधन के कौशल को दुबारा बढ़ाने की जरूरत है ताकि वे वर्तमान प्रौद्योगिकी की जरुरतों के अनुरूप काम करने में सक्षम हो सके।’’   दूरसंचार क्षेत्र की मांग और कौशल की जरूरतों को पूरा करने के लिए दूरसंचार क्षेत्र कौशल परिषद की स्थापना की गई है।   हालांकि उद्योग की सिफारिश है कि अधिक लक्षित और विशेषीकृत कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किए जाने चाहिए, जो वर्तमान मानव संसाधन क्षमताओं और उपलब्धता में इजाफा करे, ताकि इस क्षेत्र का कुल मिलाकर बाधारहित विकास हो सके।    अध्ययन में कहा गया, ‘‘टीएसपीज (दूरसंचार सेवा प्रदाताओं) अपने नेटवर्क में लगातार निवेश कर रहे हैं और वर्तमान नेटवर्क अवसंरचना का आधुनिकीकरण कर रहे हैं। इस पर साल 2017 की पहली तिमाही में कुल 85,003 करोड़ रुपये का निवेश किया गया।’’साभार-khaskhabar.com   

Read More

नई दिल्ली। मुद्रास्फीति काबू में होने के बावजूद रुपये की कीमत उसके वास्तविक मूल्य से ज्यादा है, जिससे निर्यातकों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। डॉलर के खिलाफ रुपये के मूल्य में बढ़ोतरी से निर्यातकों की प्रतिस्पर्धी क्षमता सीधे प्रभावित होती है। एसोचैम द्वारा जारी एक रिपोर्ट में यह बातें कही गईं। एसोचैम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, पिछले एक साल में रुपया करीब 6 फीसदी गिरा था। लेकिन अगस्त में यह डॉलर के खिलाफ 66.93 की बजाए 63.63-70 के स्तर पर है। इससे स्पष्ट है कि रुपये के बाह्य मूल्य में मजबूती आई है।    वहीं, दूसरी तरफ मुद्रास्फीति में पांच साल की सबसे बड़ी गिरावट के बावजूद उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के रिवर्स अनुपात में यह मजबूती पर बना हुआ है। इसमें कहा गया, हां, मुद्रास्फीति कमजोर है, लेकिन अभी भी यह अपस्फिति की स्थिति है, क्योंकि कीमतों में गिरावट नहीं हुई है। इसका मतलब यह है कि रुपये से अभी भी कम वस्तुएं ही खरीदी जा सकती हैं (कम से कम 1.58 फीसदी तक), लेकिन जब इसका मूल्य डॉलर के खिलाफ नापा जाता है तो यह करीब 6 फीसदी बढ़ा है।    रुपये में मजबूती से निर्यातकों का कारोबार प्रभावित हुआ है, जिसे निर्यात की जानेवाली वस्तुओं में आई गिरावट से नापा जा सकता है। इसमें कोई शक नहीं है कि जून तक पिछले 9 महीनों में निर्यात में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, लेकिन आरबीआई (भारतीय रिजर्व बैंक) ने भी दर्ज किया है कि अप्रैल में तेजी के बाद से मई और जून में निर्यात की वृद्धि दर प्रभावित हुई है। क्योंकि सभी वस्तुओं का निर्यात मूल्य धीमा हुआ है या घटा है।    साल 2017 के जून में निर्यात में 4.39 फीसदी की वृद्धि हुई और 23.56 अरब डॉलर का निर्यात हुआ जबकि एक साल पहले जून महीने में यह 22.57 अरब डॉलर था। जबकि यह वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में अप्रैल में 20 फीसदी थी। वृद्धि दर में यह गिरावट महीने दर महीने दिख रही है, जिसका कारण रुपये के संदर्भ में डॉलर की गिरती कीमत है।   एसोचैम के महासचिव डी. एस. रावत ने कहा, रुपये में मजबूती से नियार्तकों के मार्जिन में 6-7 फीसदी की गिरावट तो निश्चित रूप से स्पष्ट है और शेयर बाजार में विदेशी धन के मजबूत प्रवाह के कारण अभी रुपया आगे भी मजबूत होगा। डॉलर की आवक से देश का विदेशी मुद्रा भंडार 392 अरब डॉलर के रिकार्ड स्तर तक पहुंच गया है। यह वैश्विक तरलता के उभरती अर्थव्यवस्थाओं के वित्तीय बाजारों में जाने के रास्ते ढूंढने का नतीजा है।   साभार-khaskhabar.com   

Read More

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को ई-राकाम (राष्ट्रीय किसान एग्री मोर्चा) लॉन्च किया, जो एक ई-प्लेटफॉर्म हैं, जहां कृषि उत्पादों का कारोबार किया जा सकेगा, ताकि किसानों को बेहतर रिटर्न मिले और खरीदारों को बड़े बाजारों तक पहुंच हासिल हो। केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान और केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने यहां एक कार्यक्रम में इस पोर्टल को लांच किया।    उनके मुताबिक, ई-राकाम पोर्ट इंटरनेट के माध्यम से छोटे गांव के किसानों को बड़े बाजार से जोड़ेगा। इस प्लेटफॉर्म को एमएसटसी ने विकसित किया है, जो इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली सार्वजनिक कंपनी है और इसे विपणन और रसद विभागों के लिए खाद्य मंत्रालय की केंद्रीय रेल वेयरहाउस कंपनी द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी।     साभार-khaskhabar.com   

Read More

मुंबई। देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को तेजी रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 60.23 अंकों की तेजी के साथ 32,575.17 पर और निफ्टी 37.55 अंकों की तेजी के साथ 10,114.65 पर बंद हुआ।    बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 64.86 अंकों की तेजी के साथ 32,579.80 पर खुला और 60.23 अंकों या 0.19 फीसदी की तेजी के साथ 32,575.17 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 32,632.02 के ऊपरी स्तर और 32,462.25 के निचले स्तर को छुआ।   बीएसई के मिडकैप सूचकांक में तेजी व स्मॉलकैप सूचकांक में गिरावट रही। बीएसई का मिडकैप सूचकांक 68.74 अंकों की तेजी के साथ 15,458.31 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 18.73 अंकों की गिरावट के साथ 16,074.83 पर बंद हुआ।   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 23.95 अंकों की तेजी के साथ 10,101.05 पर खुला और 37.55 अंकों या 0.37 फीसदी की तेजी के साथ 10,114.65 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 10,128.60 के ऊपरी और 10,065.75 के निचले स्तर को छुआ।    बीएसई के 19 सेक्टरों में से 15 में तेजी रही। ऑटो (1.57 फीसदी),धातु  (1.02 फीसदी), उपभोक्ता गैर अनिवार्य वस्तु एवं सेवाएं (0.88 फीसदी), तेल एवं गैस (0.36 फीसदी) और आधारभूत सामग्री (0.28 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।   बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में- उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं (0.75 फीसदी), पूंजीगत वस्तुएं (0.37 फीसदी), दूरसंचार (0.37 फीसदी) और वित्त (0.08 फीसदी) प्रमुख रहे।   साभार-khaskhabar.com     

Read More

नई दिल्ली। वित्त राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने कहा है कि सरकार के अंदर वित्तीय वर्ष को अप्रैल-मार्च की जगह जनवरी-दिसंबर करने की चर्चा चल रही है लेकिन यह बदलाव अगले साल से नहीं होने जा रहा है। गंगवार ने कहा कि अगला वित्त वर्ष जनवरी 2018 से शुरू करने के लिए सरकार को वर्तमान आम बजट नवंबर के आसपास पेश करना होगा, जो फिलहाल संभव दिखाई नहीं दे रहा क्योंकि यह प्रक्रिया समय लेने वाली है और इसे काफी पहले से शुरू करना होगा।    गंगवार ने आईएएनएस से एक साक्षात्कार में कहा, ये सब अभी सरकार के बीच चर्चा के मुद्दे हैं। फिलहाल के लिए मार्च को ही इस वित्त वर्ष का समापन मानिए। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद के वर्तमान सत्र में कहा था कि सरकार वित्त वर्ष जनवरी से दिसंबर तक का करने पर विचार कर रही है। इसके बाद से चर्चा का बाजार गर्म है कि यह बदलाव 2018 से होगा। हालांकि, इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और सरकार अपने रुख पर कायम है कि इस पर चर्चा जारी है।   विशेषज्ञों का अनुमान था कि एक जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद एक और इतना बड़ा बदलाव जल्द संभव नहीं होगा क्योंकि इस बदलाव के साथ संचालन संबंधी कई मसले जुड़े हैं, जिनमें इस वर्ष को तीन तिमाहियों में सीमित करना, सरकार के खातों में बदलाव, आयकरदाताओं के लिए नया निर्धारण वर्ष और आम बजट पेश करना शामिल है। नरेंद्र मोदी सरकार एक अप्रैल से वित्त वर्ष शुरू करने से पूर्व सभी विधायी प्रक्रियाएं पूरी करने और वार्षिक खर्च के लिए मंजूरी हासिल करने के मकसद से 2017 से आम बजट को पहले ही एक महीने पहले यानी फरवरी में खिसका चुकी है।    अभी तक जनवरी-दिसंबर के वित्त वर्ष को अपनाने वाला मध्य प्रदेश एकमात्र राज्य है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो मई को घोषणा की थी कि राज्य 2018 से नया वित्त वर्ष अपनाएगा और 2017 के अंत तक अपने सभी बजट संबंधी कार्यो को पूरा कर लेगा। चौहान ने राज्य सरकार के कार्यो को तिमाही, अर्ध वार्षिक और वार्षिक चक्र में पूरा करने का खाका तैयार करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। भारत में अप्रैल-मार्च वित्त वर्ष ब्रिटिश सरकार के अनुरूप करने के लिए 1867 में अपनाया गया था। इससे पूर्व भारतीय वित्त वर्ष एक मई से शुरू होता था और 30 अप्रैल को समाप्त होता था।    इसी बीच, जीएसटी परिषद की बैठक पांच अगस्त को होने वाली है। गंगवार ने कहा कि इसमें नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली लागू होने के बाद से उपजे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि कपड़े, हाईब्रिड कार और सोने पर कर की दरों पर विचार होगा। गंगवार ने कहा, हमने फैसला किया है कि जो भी बदलाव जरूरी हैं, वे पांच अगस्त को लाए जाएंगे।    लोगों द्वारा जिन समस्याओं का सामना किया जा रहा है..परिषद उन पर चर्चा करेगी और साथ ही विचार करेगी कि क्या किसी बदलाव की जरूरत है। उन्होंने कहा, जब से जीएसटी लागू किया गया है, सभी राज्यों से लोग कर दरों पर सुझाव पेश कर रहे हैं। हम उन पर विचार करेंगे। मंत्री ने हालांकि कहा कि जीएसटी लागू करने में ज्यादा समस्या सामने नहीं आई और सरकार अधिक चुनौतियों के लिए तैयार थी। गंगवार ने कहा, इसमें जितना अंदेशा था, उससे कम ही रुकावटें और समस्याएं सामने आईं।   साभार-khaskhabar.com       

Read More

संयुक्त राष्ट्र। भारत आगामी दशक में दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश बन जाएगा। इस सदी की पहली तिमाही के दौरान ही देश का दुग्ध उत्पादन तिगुना हो चुका है। खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) और आर्थिक सहयोग संगठन (ओईसीडी) ने यह खुलासा किया है। इस सप्ताह जारी ओईसीडी-एफएओ कृषि परिदृश्य 2017-2026 की रपट के अनुसार, भारत का दूध उत्पादन 2016 में 16.038 करोड़ टन था, जिसके 2026 तक बढक़र 22.778 करोड़ टन होने की संभावना है।   रपट के अनुसार, इस दशक के दौरान गायों की संख्या 12.25 करोड़ से बढक़र 22.778 करोड़ होने की संभावना है। रपट के अनुसार, 2026 में भारत का दुग्ध उत्पादन दूसरे सबसे बड़े उत्पादक, यूरोपीय संघ से एक-तिहाई अधिक होगा। रपट के अनुसार, 2016 में ताजा दुग्ध उत्पादों की प्रति व्यक्ति वार्षिक खपत करीब 80.74 किलोग्राम थी, जो 2026 तक बढक़र 106.94 किलोग्राम होने की संभावना है।   प्रति व्यक्ति प्रतिदिन उपलब्ध कुल कैलोरी के 2026 तक बढक़र 2,730 किलो कैलोरी होने की संभावना है। पिछले साल यह 2,442 किलो कैलोरी थी। साथ ही रपट में यह भी कहा गया है कि गेहूं का उत्पादन जो पिछले साल 9.229 करोड़ टन था, वह 2026 में बढक़र 10.683 करोड़ टन हो जाएगा। वहीं कृषि क्षेत्र 2026 में 3.19 करोड़ हेक्टेयर हो जाएगा। पिछले साल यह 2.9 करोड़ हेक्टेयर था।साभार-khaskhabar.com   

Read More

मुंबई। वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही में इंजीनियरिंग समूह लार्सन एंड टूब्रो (एल एंड टी) के मुनाफे में 46 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। समीक्षाधीन अवधि में कंपनी की पीएटी (कर चुकाने के बाद मुनाफा) 46 फीसदी बढक़र 893 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 610 करोड़ रुपये थी।    कंपनी के मुताबिक समीक्षाधीन अवधि में कंपनी के राजस्व में 10 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और यह 23,990 करोड़ रुपये रही।    एलएंडटी ने एक बयान में कहा, ‘‘30 जून को खत्म हुई तिमाही में चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल में कंपनी को 26,352 करोड़ रुपये के नए आर्डर मिले। इनका 30 फीसदी हिस्सा अंतर्राष्ट्रीय ऑर्डर का है, जिनका मूल्य 7,885 करोड़ रुपये है। ज्यादातर ऑर्डर अवसंरचना खंड से जुड़े हैं।’’ साभार-khaskhabar.com     

Read More

मुंबई। निजी बैंक आईसीआईसीआई बैंक के मुनाफे में 30 जून को खत्म हुई तिमाही में सालाना आधार पर 8.21 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।कंपनी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। समीक्षाधीन अवधि में कंपनी का मुनाफा 2,049 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 2,232.35 करोड़ रुपये था।    बैंक के मुताबिक समीक्षाधीन अवधि में उसकी कुल आय 0.52 फीसदी बढक़र 16,847.04 करोड़ रुपये रही, जोकि पिछले साल की समान अवधि में 16,749.51 करोड़ रुपये थी।    वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही में बैंक की कुल आय 8.30 फीसदी बढक़र 26,517.57 करोड़ रुपये रही, जोकि वित्तवर्ष 2017 की पहली तिमाही में 24,483.75 करोड़ रुपये थी।    बीएसई (बंबई स्टॉक एक्सचेंज) पर आईसीआईसीआई बैंक के शेयर गुरुवार को 1.02 फीसदी की गिरावट के साथ 307.05 रुपये के भाव पर बंद हुए।   साभार-khaskhabar.com   

Read More

कोलकाता। निजी क्षेत्र के ऋणदाता बंधन बैंक ने अगले पांच सालों में गैरसूक्ष्म ऋण में 25 फीसदी के विस्तार के लक्ष्य रखा है। कंपनी के अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।    बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंद्र शेखर घोष ने बताया, ‘‘वर्तमान में बैंक का 90 फीसदी ऋण सूक्ष्म ऋण है जबकि बाकी गैरसूक्ष्म ऋण है।’’    उनके मुताबिक बैंक का जोर एमएसएमई और किफायती आवास खंड पर है ताकि वह गैरसूक्ष्म ऋण में वृद्धि कर सके।    उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य वित्त वर्ष के अंत तक अपनी शाखाओं की संख्या बढ़ाकर 1,000 करने की है। वर्तमान में हमारी देश भर में कुल 840 शाखाएं है, जिसमें से 70 फीसदी ग्रामीण इलाकों में है।’’   घोष ने कहा, ‘‘अप्रैल-जून तिमाही में बैंक के फंसे हुए कर्जे (एनपीए) 150 करोड़ रुपये रहा, जो कि पिछले साल की समान तिमाही में 86 करोड़ रुपये था। 175 करोड़ के एनपीए में से 75 फीसदी केवल तीन राज्यों में है।’’   बंधन बैंक ने गुरुवार को 30 जून को खत्म हुई तिमाही में मुनाफे में सालाना आधार पर 35 फीसदी की बढ़ोतरी की जानकारी दी थी, जो 327 करोड़ रुपये रही थी। जबकि एक साल पहले समान अवधि में यह 242 करोड़ रुपये थी।    साभार-khaskhabar.com     

Read More

मुंबई। हिंदुजा समूह की प्रमुख कंपनी अशोक लीलैंड ने सोमवार को कहा कि उसने 650 करोड़ रुपये मूल्य की 3,019 बसों के ठेके हासिल हुए हैं।    कंपनी के अनुसार, यह ठेका कर्नाटक राज्य सडक़ परिवहन निगम(केएसआरटीसी) की ओर से प्राप्त हुआ है।   कंपनी की ओर से एक बयान में कहा गया है, ‘‘किसी राज्य परिवहन निगम से एकल ओइएम(मूल उपकरण निर्माता) का यह एक सबसे बड़ा ठेका है, जिसे चालू वित्त वर्ष में पूरा किया जाएगा। इससे बसों में अपना नेतृत्व मजबूत करने में अशोक लीलैंड को मदद मिलेगी।’’    साभार-khaskhabar.com   

Read More

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More