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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने हाल ही में 25 फीसदी रियायती आयात शुल्क पर 3 लाख टन चीनी आयात करने की अनुमति दी है, जबकि चीनी पर 50 फीसदी आयात शुल्क लगाया गया है। सरकार का लक्ष्य त्योहारी अवधि को देखते हुए आयात से घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी को रोकना है। वहीं, रेंटिंग फर्म आईसीआरए का कहना है कि इससे चीनी की कीमतें गिरने की संभावना नहीं है।
आईसीआरए रेटिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और समूह प्रमुख सब्यसाची मजुमदार ने बताया, ‘‘यह कदम दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों में चीनी की आपूर्ति में पूरक का काम करेगा, जिससे त्योहारी अवधि में चीनी के दाम नहीं बढ़ेंगे और उपभोक्ताओं को फायदा होगा। हालांकि इसका चीनी मिलों की कमाई पर कोई नकारात्मक असर होने की संभावना नहीं है। महज 3 लाख टन चीनी का आयात होना है, जबकि देश में अभी 47 लाख टन स्टॉक खपत के लिए बाकी है। यह मात्रा दो महीनों की घरेलू मांग पूरा करने के लिए पर्याप्त है। हालांकि पिछले साल इसी अवधि में चीनी का 78 लाख टन स्टॉक था।’’
सरकार ने इस साल जुलाई में चीनी पर आयात शुल्क 40 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया था, ताकि सस्ती चीनी की आपूर्ति रोकी जा सके। साथ ही सरकार ने चीनी मिलों के लिए स्टॉक सीमा तय की थी, ताकि बाजार में चीनी की कीमत ना बढ़े। साभार-khaskhabar.com













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