नई दिल्ली। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) को लेकर राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। स्वामी ने मोदी सरकार को चेतावनी दी है कि अभी के आर्थिक हालात को देखते हुए जीएसटी को लागू करना खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने यहां तक कह डाला कि अभी जीएसटी लागू किया गया तो यह ‘वॉटरलू’ साबित होगा। स्वामी का कहना है कि जीएसटी कर प्रणाली को जुलाई 2019 तक के लिए टाल दिया जाना चाहिए। दुनियाभर में प्रसिद्ध वॉटरलू युद्ध में ‘अजेय’ नेपोलियन को हार का सामना करना पड़ा था।
सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने ट्वीट कर कहा है कि उन्होंने एक महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 16 पन्नों की चि_ी लिखी थी। इसमें अर्थव्यवस्था और जीडीपी में गिरावट को लेकर 6 संकेतों का जिक्र किया गया था। हालांकि स्वामी ने इस ट्वीट में लिखा कि मौजूदा हालात में भी अर्थव्यवस्था को सुधारा जा सकता है। स्वामी ने दूसरे ट्वीट में जीएसटी को फिलहाल के लिए टालने की बात लिखी है। उन्होंने लिखा कि वर्तमान आर्थिक हालत और पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा के सुझावों को देखते हुए जीएसटी को जुलाई 2019 तक के लिए टाल देना चाहिए, वरना यह वॉटरलू साबित होगा। स्वामी पहले भी जीएसटी को लेकर क्रिटिकल रह चुके हैं।
पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने हाल में ही कहा था कि जीएसटी को मौजूदा स्वरूप में स्वीकार करना मुश्किल लगता है। मित्रा का कहना था कि उन्होंने जीएसटी पेश करने की तय तारीख को टालने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को भी चि_ी लिखी थी। उन्होंने कहा, ‘हमें इंडस्ट्रीज की तैयारी और जीएसटीएन को लेकर भी गंभीर शंकाएं हैं।’ मित्रा का कहना था कि कुछ स्टडीज के मुताबिक, सर्विस प्रदाताओं ने अब तक नेटवर्क का परीक्षण नहीं किया है।
जीएसटी पर स्वामी की यह टिप्पणी जीडीपी लेकर जारी हुए सीएसओ के ताजे आंकड़ों के आलोक में आई है। इन आंकड़ों में नोटबंदी की मार देश की अर्थव्यवस्था पर दिखाई दी है। मार्च 2017 में समाप्त चौथी तिमाही के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दर घटकर 6.1 फीसदी रही जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह सात फीसदी थी। आधिकारिक सांख्यिकीविद् द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में देश की जीडीपी बढक़र 7.1 फीसदी रही है जो 2015-16 के आठ फीसदी के मुकाबले कम है।इन नए आंकड़ों के आधार पर कांग्रेस ने भी मोदी सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि उनकी देश की अर्थव्यवस्था की धीमी विकास दर की भविष्यवाणी सही थी और नोटबंदी ने इसे और भी बदतर बना दिया। चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा, ‘मैंने कहा था नोटबंदी से देश की विकास दर 1 से 1.5 फीसदी प्रभावित होगी, जबकि जीवीए में 1.3 फीसदी की कमी आएगा। अर्थव्यवस्था की रफ्तार जुलाई 2016 से धीमी पडऩी शुरू हो गई थी।’ चिदंबरम ने कहा, ‘कांग्रेस और विपक्षी दल जो कह रहे थे, वह सही साबित हुआ है। अर्थव्यवस्था में साल 2016 के मध्य से ही गिरावट शुरू हो गई थी, लेकिन उसे ठीक करने के कदम उठाने की बजाए सरकार ने नोटबंदी जैसा असाधारण मूखर्तापूर्ण कदम उठाया, जिसने अर्थव्यवस्था को और अधिक नुकसान पहुंचाया।’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘इस दौरान लाखों लोग दुख में डूब गए। हमने ध्यान दिलाया था कि जीवंत अर्थव्यवस्था के तीन संकेतक नीचे गिर गए हैं। पहला जीडीपी अनुपात के लिए निवेश है, दूसरा क्रेडिट वृद्धि है और तीसरा नई नौकरियों की संख्या है।’
चिदंबरम ने यह भी कहा कि इन तीनों संकेतकों पर सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है और सीएसओ ने यह साबित किया है कि सरकार गलत थी। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में गिरावट को लेकर सरकार की आलोचना की है और देश का ध्यान विफलता से हटाने के लिये अन्य मुद्दे गढऩे का आरोप लगाया है। गांधी ने ट्विटर पर लिखा है, ‘जीडीपी में गिरावट, बेरोजगारी बढ़ रही है। हमारा ध्यान विफलता से हटाने के लिये मुद्दे गढ़े जा रहे हैं।’
साभार-khaskhabar.com
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