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मुंबई । कर्जमाफी व अन्य कई मांगों को लेकर हडताल कर रहे महाराष्ट्र के किसानों ने हडताल वापस लेने का फैसला किया है। किसानों ने सीएम देवेन्द्र फडणवीस से मिलने के बाद हडताल वापस लेने का फैसला किया है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र के किसान अपनी मांगों को लेकर बुधवार आधी रात से हडताल पर हैं। किसानों की हडताल के कारण नागरिकों को दूध, सब्जी व कृषि से जुडे जरूरी सामना ना मिल पाने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड रहा था। किसानों की हडताल में कुछ छिटपुट हिंसक घटनाएं भी हुई।
हडताल कर रहे किसानों से सब्जियां और दूध जे जा रही गाडियों में तोडफोड की और दूध को सडक पर बहा दिया। किसान बाजार तक माल पहुंचने ही नहीं दे रहे थे। मंडियों और डेयरियों तक सब्जी और दूध न पहुंचे, यह सुनिश्चित करने के लिए किसानों द्वारा हाईवे पर ट्रकों को रोका जा रहा था। सतारा, अहमदनगर और नाशिक राजमार्गों पर किसानों ने ट्रक रोके।
मंगलवार को सीएम के साथ वार्ता विफल होन पर हुई हडताल
ज्ञातव्य है कि किसान क्रांति जन आंदोलन कोर कमिटी ने मंगलवार रात को सीएम देवेन्द्र फडणवीस से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात कर अपनी मांगों के बारे में बातचीत की। इस बैठक के दौरान किसानों ने सीएम से पूर्ण कर्जमाफी की मांग की। इस पर सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने एक माह का वक्त मांगा। किसानों और सीएम के बीच करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में सीएम ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाई। किसनों का कहना है कि इस बैठक में सीएम ने बताया कि उनकी सरकार ने किसानों के लिए क्या क्या किया और आगे आने वाले दो सालों में क्या क्या करने वाली है। साथ ही किसानों ने कहा कि सीएम ने उनको मांगो को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया। इस वजह से किसान बैठक को बीच में छोडकर चले गए और हडताल करने का निर्णय लिया।
साभार-khaskhabar.com













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