45 दिन से हडताल पर अधिवक्ता, 50 मामलों में तहसीलदार ने कर दिया फैसला मथुरा। ये तहसीलदार जलवेदार हैं, डीएम की गाडी पर बत्ती हो न हो, इनकी निजी गाडी पर भी नीली बत्ती सजती है। तर्क है कि हम राजस्व वसूली करते हैं, इस लिए बत्ती जरूरी है। प्रदेष में मुख्यमंत्र्ाी योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के बाद अधिकारियों की बत्तियां गुल करा दी गई थीं लेकिन इन महाषय की बत्ती वह भी निजीवाहन पर कभी उतरी नहीं, इसकी जानकारी आलाधिकारियों को भी लेकिन ये तहसीलदार जलवेदार जो ठहरे। ये महाषय हैं सदर तहसील के तहसीलदार उमेषचंद चंद षुक्ला षुक्ला। तहसीदार अपनी कार्यषैली के लिए इन दिनों चर्चा में बने हुए हैं। अधिवक्ता भी इनके खिलाफ लामबंद हैं और आंदोलित हैं। अधिवक्ताओं का आरोप है कि 45 दिन से अधिवक्ता हडताल पर हैं और तहसीलदार ने 50 मामलों में फैसला कर दिया। वर्जन हम राजस्व वसूली करते हैं, जनता के से सीधे जुडे हैं, इस लिए गाडी पर बत्ती जरूरी है।
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