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दस दिवसीय संस्कृत संभाषण प्रशिक्षण शिविर शुरू

मथुरा। संस्कृत भाषा को जन जन की भाषा बनाने के लिए संस्कृत भारती ब्रज प्रान्त मथुरा महानगर द्वारा किशोरी रमण बालिका महाविद्यालय में दस दिवसीय संस्कृत संभाषण प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ प्रधानाचार्या श्रीमती डॉ रागनी अग्रवाल की अध्यक्षता में किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि संस्कृत भारती मथुरा महानगर अध्यक्ष एवं विभाग संयोजक आचार्य ब्रजेन्द्र नागर ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का प्राचीन चिन्तन, विचार, संस्कृति, एवं जीवन संस्कृत के ही माध्यम से विकसित हुआ है वेद, उपनिषद, दर्शन  ज्योतिष,योग,वास्तु, नाट्य, संगीत, आयुर्वेदादि विभिन्न ज्ञान शाखाओं की उद्गम स्थली संस्कृत भाषा ही है।अतः भारत की सांस्कृतिक एवं ज्ञान विज्ञान की भाषा के रूप में सामाजिक उन्नति एवं समरसता का सशक्त माध्यम है संस्कृत भाषा।


उन्होंने कहा देववाणी संस्कृत भाषा को सर्वसमाज व जनसाधारण की भाषा बनाने के लिए संस्कृत भारती द्वारा महाविद्यालयों में संस्कृत संभाषण प्रशिक्षण शिविरों और पत्राचार द्वारा भारत की ग्यारह भाषाओं में संस्कृत प्रशिक्षण अभियान का आयोजन किया जा रहा है जिससे छात्र छात्राओं में संस्कृत भाषा के प्रति आकर्षण व जागरूकता पैदा हो सके। आवश्यकता है अपनी भारतीय संस्कृति, सभ्यता व परम्पराओं को जीवित रखने के लिए युवा, युवतियां अग्रणीय भूमिका निभाएं और भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करें।


डॉ रागनी अग्रवाल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि आज विश्व के अनेक देशों में संस्कृत भाषा के प्रति आकर्षण दिखाई दे रहा है हमारे प्राचीन धर्म ग्रंथों पर अनेक देशों में शोध कार्य किये जा रहे हैं अतः हमें देववाणी संस्कृत भाषा को सर्वसामान्य की भाषा बनाने के लिए नई पीढ़ी को जागरूक करने की आवश्यकता है। संस्कृत भारती मथुरा महानगर द्वारा संस्कृत भाषा के प्रचार प्रसार के लिए चलाए जा रहे अभियान प्रशंसनीय व सराहनीय कदम हैं।


शिविर का शुभारंभ मां सरस्वती व भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर मां सरस्वती की वंदना से किया गया। संस्कृत भारती महिला शिक्षण प्रमुख कोमल वर्मा द्वारा ध्येय मंत्र का पाठ किया गया। संस्कृत भारती मथुरा महानगर प्रचार प्रमुख रामदास चतुर्वेदी पार्षद ने संस्कृत भारती द्वारा चलाए जा रहे पत्राचार अभियान, संस्कृत संभाषण शिविर, प्रशिक्षण वर्ग,भाषाबोधन वर्ग,नैपुण्य वर्ग,बालकेन्द्र आदि सभी योजनाओं के विषय में विस्तार से जानकारी  देते हुए बताया कि संस्कृत पूर्ण वैज्ञानिक भाषा है विश्व स्तर पर तेजी से इस भाषा के जानकारों की मांग बढ़ रही है ।


कार्यक्रम के अंत में किशोरी रमण बालिका महाविद्यालय की संस्कृत विभागाध्यक्षा श्रीमती डॉ पल्लवी सिंह जी द्वारा उपस्थित सभी अतिथियों एवं संस्कृत भारती से जुड़े सभी पदाधिकारियों व संभाषण शिविर में दस दिन तक शिक्षण कार्य कराने वाले विद्वान शिक्षकों का तथा महाविद्यालय परिवार व प्रधानाचार्या श्रीमती डॉ रागनी अग्रवाल जी का संस्कृत भाषा के प्रचार प्रसार व संभाषण शिविर में सक्रिय सहयोग प्रदान करने के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन शिक्षिका आरती द्वारा कल्याण मंत्र से किया गया। संचालन संस्कृत भारती मथुरा महानगर शिक्षण प्रमुख हरिश्चंद्र जी द्वारा किया गया ।

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