नई दिल्ली। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से उन परिवारों की मदद करने को कहा, जो देशभर में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) विरोधी प्रदर्शनों के दौरान मारे गए या घायल हुए हैं। राहुल गांधी ने एक ट्वीट किया, सीएए के खिलाफ पूरे भारत में प्रदर्शन करते हुए कई युवा और महिलाएं घायल हो गए और यहां तक कि मारे भी गए। मैं कांग्रेस पार्टी के अपने कार्यकर्ताओं से पीडि़त परिवारों से मिलने और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान करने का आग्रह करता हूं। मैं असम में शनिवार को दो युवा शहीदों के परिवारों से मिला। राहुल गांधी शनिवार को गुवाहाटी और कामरूप में दो युवाओं के परिवारों से मिले, जो प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में मारे गए थे। कांग्रेस पार्टी अब पुलिस की कार्रवाई में घायल या मृत प्रदर्शनकारियों के समर्थन में खुलकर सामने आ गई है। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने जेल में बंद लोगों की कानूनी मदद करने के लिए उत्तर प्रदेश में शीर्ष वकीलों के साथ बैठक की है। प्रदर्शनकारियों को खदेड़ते समय की गई कथित गोलीबारी में उप्र में करीब दो दर्जन, असम में पांच और मंगलुरू में दो लोगों की मौत हुई है। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपकर पुलिस की क्रूरता की न्यायिक जांच और पीडि़तों की सूची प्रस्तुत करने की मांग की है। उप्र पुलिस ने इन आरोपों का खंडन किया है। चेन्नई। नारेबाजी, तख्तियों, जुलूसों और बैठकों के बाद द्रविड़ मुनेत्र कडक़म (द्रमुक) नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनसीआर) के खिलाफ अब पारंपरिक तमिल कोलम (अल्पना) का उपयोग कर रही है। तमिलनाडु में कोलम को समृद्धि के प्रतीक के तौर पर हिंदुओं के घरों के बाहर चित्रित किया जाता है। कोलम को चावल के आटे से बनाया जाता है, ताकि उसे चीटियां खा सकें। सोमवार को द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन और उनकी बहन व राज्यसभा सदस्य कनिमोझी के साथ-साथ उनके दिवंगत पिता एम. करुणानिधि के आवास के बाहर कोलम बनाया गया, जिस पर लिखा था, सीएए-एनआरसी नहीं। पुलिस द्वारा यहां बेसेंट नगर क्षेत्र में सीएए, एनआरसी और एनपीआर विरोधी कोलम बनाने पर छह महिलाओं को हिरासत में लेने के बाद द्रमुक प्रमुख ने यह कदम उठाया है। महिलाओं को बाद में रिहा कर दिया गया। कोलम ने राहगीरों को काफी आकर्षित किया, जिससे यातायात भी बाधित हुआ। अनुमति मांगने पर पुलिस ने ऐसे कोलम बनाने की मंजूरी नहीं दी। पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए स्टालिन ने फेसबुक पर कहा कि अन्ना द्रमुक सरकार की मनमानी का एक और उदाहरण है, जिसमें भारतीय संविधान में उद्धत मूल अधिकारों से लोगों को वंचित किया जा रहा है। साभार-khaskhabar.com
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