जयपुर। राजस्थान में पिछले दो-तीन दिन से भारी बारिश ( Heavy Rain In Rajasthan ) के कारण राजस्थान के कोटा, बारां और पाली व उदयपुर जिलों में बारिश का कहर जारी है। कोटा, बारां व पाली जिलों में बाढ़ के हालात हैँ।
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जयपुर। राजस्थान में पिछले दो-तीन दिन से भारी बारिश ( Heavy Rain In Rajasthan ) के कारण राजस्थान के कोटा, बारां और पाली व उदयपुर जिलों में बारिश का कहर जारी है। कोटा, बारां व पाली जिलों में बाढ़ के हालात हैँ।
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पटना। बिहार के मुजफ्फरपुर के मीनापुर थाना क्षेत्र में शनिवार को एक बोलेरो से कुचलकर नौ बच्चों की मौत के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मनोज बैठा को गिरफ्तार कर लिया है। सीतामढ़ी पुलिस ने मनोज बैठा को सोमवार देर रात नेपाल के मलंगवा बोर्डर के पास से गिरफ्तार किया। सोनबरसा प्रखंड के फतहपुर निवासी मनोज बैठा की गिरफ्तारी के लिए डीआइजी अनिल कुमार सिंह के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई थी। मुजफ्फरपुर व सीतामढ़ी पुलिस की टीम ने कई स्थानों पर दिन भर छापेमारी की। लेकिन, वह हाथ नहीं लगा। उसके नेपाल में छिपने की आशंका थी। इस आधार पर सीमा क्षेत्र में लगातार छापेमारी चलती रही। इस बीच सोनबरसा पुलिस को उसके मलंगवा बोर्डर क्षेत्र में छिपने की सूचना मिली। इस पर कार्रवाई करते हुए उसे देर शाम पकड़ लिया गया। मीनापुर के थाना प्रभारी सोना प्रसाद सिंह ने बताया कि अब तक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि जब यह हादसा हुआ था, तब बोलेरो खुद मनोज बैठा चला रहा था। इससे पहले मीनापुर थाने में पुलिस ने ग्रामीण मोहम्मद अंसारी और अन्य ग्रामीणों के बयान पर मनोज बैठा के खिलाफ गैरइरादतन हत्या के आरोप में एक प्राथमिकी दर्ज की थी। इधर, बीजेपी ने मनोज बैठा को पार्टी के प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। मनोज भाजपा महादलित प्रकोष्ठ के सीतामढ़ी जिलास्तर का एक नेता था। मनोज बैठा सीतामढ़ी का रहने वाला है। मनोज बैठा की पत्नी किरण कुमारी आंगनबाड़ी सेविका है। उल्लेखनीय है कि शनिवार को मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर क्षेत्र में धर्मपुर उत्क्रमित मध्य विद्यालय के सामने एक तेज रफ्तार बोलेरो की चपेट में आने से नौ बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि 15 से ज्यादा बच्चे घायल हो गए थे। इस हादसे में भाजपा नेता का नाम आने के बाद बिहार की राजनीति गर्मा गई थी। साभार-khaskhabar.com
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पटना। बिहार में चूहों को पहले छापेमारी में बरामद शराब थानों से गायब करने का दोषी बताया गया था, अब बाढ़ जैसी विभीषिका लाने के लिए भी चूहों को ही दोषी ठहराया जा रहा है। नीतीश कुमार के जल संसाधन मंत्री का कहना है, चूहों के कारण ही तटबंध कमजोर हो गए, टूट गए और बाढ़ आ गई। जल संसाधन मंत्री ललन सिंह का कहना है कि तटबंध को कमजोर करने में सबसे बड़ी भूमिका चूहों की रही है। उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि तटबंध पर रहने वाले ग्रामीण वहीं मचान बनाकर अनाज रख देते हैं और फिर चूहे तटबंध में ही अपने रहने के लिए बिल (घर) बना लेते हैं, जिससे तटबंध कमजोर हो जाता है। उन्होंने कहा कि एक-दो जगहों पर रिसाव आया, मगर 72 घंटे के अंदर सरकार ने उसे ठीक कर लिया। इतना ही नहीं, आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री दिनेशचंद्र यादव ने कहा, अब चूहों और मच्छरों का क्या उपाय है? आप क्या कर लीजिएगा? यह तो चलता ही रहेगा। उन्होंने आगे कहा, एक दो जगहों पर तटबंधों पर रिसाव हुआ, जिसे विभाग ने तत्क्षण बंद कर लिया। यह तो कोई नहीं कह सकता कि सभी चूहों को खत्म कर लेंगे। इन दोनों मंत्रियों के बयान पर विपक्ष को भी सरकार पर निशाना साधने का मौका मिल गया। राजद के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्तमंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी ने चुटकी लेते हुए कहा, बिहार में अब चूहे सरकार से भी ज्यादा ताकतवर हो गए हैं। सिद्दीकी यहीं नहीं रुके, उन्होंने सरकार की सफाई पर तंज कसते हुए कहा, अगर बिहार के चूहे इतने ताकतवर हैं तो उन्हें ही गद्दी क्यों न सौंप दी जाए। बिहार सरकार फिलहाल अपनी नाक और कान बचाकर रखे, ये चूहे कहीं वो भी न काट लें। साभार-khaskhabar.com
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नयी दिल्ली। सरकारी स्वामित्व वाली तेल विपणन कंपनियों ने शुक्रवार को सब्सिडी वाली रसोई गैस की कीमत प्रति सिलेंडर सात रुपये बढ़ा दी है। यह निर्णय घरेलू गैस की कीमतों में प्रति माह वृद्धि कर सब्सिडी समाप्त करने के निर्णय के हिस्से के रूप में लिया गया है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस वर्ष जुलाई में संसद को बताया था कि मौजूदा वित्त वर्ष के अंत तक सब्सिडी समाप्त करने के उद्देश्य से घरेलू गैस सिलेंडर पर प्रति माह चार रुपये बढ़ाया जाएगा। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन(आईओसी) ने 14.2 किलोग्राम के घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 479.77 रुपये से बढ़ाकर 487.18 रुपये करने की घोषणा की। तेल विपणन कंपनियां घरेलू गैस एवं जेट ईंधन की कीमत हर माह की शुरुआत में संशोधित करती हैं। सब्सिडी वाले 12 सिलेंडर का कोटा पूरा हो जाने के बाद बाजार कीमत पर मिलने वाले सिलेंडर की कीमत में 73.5 रुपये की वृद्धि की गई है और अब इसकी कीमत 597.50 प्रति सिलेंडर हो गई है। विमानन टर्बाइन ईंधन(एटीएफ) या जेट ईंधन की कीमत में भी वैश्विक कीमतों के आधार पर शुक्रवार को चार प्रतिशत की वृद्धि की गई है। एटीएफ की कीमत पहले की 48,110 रुपये प्रति किलोलीटर के मुकाबले अब 50,020 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है। जेट ईंधन की कीमतों में हवाईअड्डों के अनुसार स्थानीय करों के आधार पर परिवर्तन होता रहता है। साभार-khaskhabar.com
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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट बोफोर्स हॉवित्जर तोपों के सौदे में रिश्वत लेने के मामले में कथित संलिप्तता के लिए अमेरिका में रह रहे हिंदुजा बंधुओं के खिलाफ फिर से आरोप बहाल किए जाने की एक याचिका पर अक्टूबर में सुनवाई करेगा।प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ की सदस्यता वाली पीठ ने मामले की अंतिम सुनवाई 30 अक्टूबर को शुरू होने वाले सप्ताह में करने का निर्देश दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता व अधिवक्ता अजय अग्रवाल द्वारा ताजा सबूतों का हवाला देते हुए मामले की जल्द सुनवाई की मांग करने के बाद यह निर्देश दिया। अग्रवाल ने 2005 में बोफोर्स मामले में हिंदुजा बंधुओं के खिलाफ सीबीआई के मामले को खारिज करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को शीर्ष न्यायालय में चुनौती दी है। याचिका पर हुई बहस में उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय का आदेश उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर था, इसलिए अवैध है। उन्होंने यह भी बहस में कहा कि हालांकि सीबीआई ने आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य हासिल कर लिए थे, फिर भी एजेंसी ने उच्च न्यायालय के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती नहीं देने का फैसला किया। स्वीडन से 154 हॉवित्जर तोप खरीदने में रिश्वत से जुड़े तीन दशक से ज्यादा पुराने इस मामले में घटनाओं को बताते हुए अग्रवाल ने अपनी याचिका में मामले में पहले उठाए गए सभी आरोपों को फिर से बताया है।उन्होंने इटली के व्यापारी अट्टावियो क्वात्रोची (आरोपियों में से एक और रिश्वत का कथित प्राप्तकर्ता) के साथ गांधी परिवार की कथित नजदीकी का भी जिक्र किया है। साभार-khaskhabar.com
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मुंबई। दक्षिण मुंबई में गुरुवार को जे.जे. हॉस्पिटल के पास इस मानसून के सबसे बुरे हादसे में करीब 117 साल पुरानी छह मंजिला इमारत के गिरने से 23 लोगों की मौत हो गई और अन्य 34 लोग घायल हो गए। एक अधिकारी ने कहा कि देर शाम तक मलबे में दर्जन भर लोग फंसे हुए थे। उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। इमारत के मलबे में से अब तक 34 लोगों बचाया गया है। इमारत के गिरने के कारणों की जांच हो रही है। दक्षिण मुंबई के भीड़भाड़ वाले भिंडी बाजार के मौलाना शौकत अली रोड पर हुसैनी बिल्डिंग को छह साल पहले खतरनाक घोषित किया गया था। गुरुवार सुबह 8.25 बजे यह भरभरा कर गिर गई। इसमें इमारत के निवासी फंस गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे को लेकर दुख जताया है। मोदी ने ट्वीट किया, मुंबई में एक इमारत के गिरने की घटना दुखद है। मेरी संवेदना इसमें जान गंवाने वाले लोगों के परिवार के साथ है और मैं घायलों के लिए प्रार्थना करता हूं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटनास्थल का दौरा किया और घटना की जांच का आदेश दिया। पुनर्वास मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने मृतकों के परिजनों के लिए 5 लाख रुपये की मुआवजा राशि दिए जाने व घायलों का मुफ्त इलाज कराने की घोषणा की। विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने एमएचएडीए को इमारत का पुनर्निनिर्माण सुनिश्चित नहीं करने के लिए जिम्मेदार ठहराया। घायलों में पांच अग्निशमन कर्मी व एक एनडीआरएफ जवान भी शामिल है। एक महिला ने बताया कि इमारत में एक प्लेस्कूल भी था। जिस समय इमारत ढही, प्लेस्कूल उसके दो घंटे बाद खुलने वाला था। दोपहर में बीएमसी की एक बुलेटिन में बताया गया कि इमारत के भूतल पर एक खाली गोदाम था और शेष ऊपरी मंजिलों में 10 घर थे। एक बीएमसी के अधिकारी ने कहा, ‘‘खतरनाक इमारत को खाली करने के लिए 2011 में नोटिस दी गई और निवासियों को खाली करने का आदेश दिया गया जिससे पुनर्विकास परियोजना शुरू हो सके, लेकिन लोगों ने चेतावनी का पालन नहीं किया।’’एनडीआरएफ, राज्य आपदा प्रबंधन, अग्निशमन कर्मी, खोजी कुत्ते के दस्ते व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मलबे में से लोगों को खोजने के लिए लगाए गए हैं। इस दौरान स्थानीय निवासियों, खास तौर से दाऊदी बोहरा समुदाय के सदस्यों ने अपने राहत प्रयास शुरू किए और हाथों से मलबे को हटाकर पीडि़तों को बचाने का प्रयास किया। मुंबई में मंगलवार की बाढ़ के बाद यह इमारत गिरने का पहला बड़ा हादसा है और 26 अगस्त को चंडीवली क्रिस्टल बिजनेस पार्क में हादसे के पांच दिन बाद यह दूसरा हादसा है। बिजनेस पार्क हादसे में छह लोगों की मौत हुई थी। इससे पहले बीती 25 जुलाई को घाटकोपर में साई दर्शन बिल्डिंग के गिरने से 17 लोगों की मौत हो गई थी। साभार-khaskhabar.com
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नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष की जून में खत्म हुई तिमाही के दौरान देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर में गिरावट दर्ज की गई और यह वित्त वर्ष 2016-17 की चौथी तिमाही के 6.1 फीसदी से घटकर 5.7 फीसदी पर आ गई। आधिकारिक आंकड़ों से गुरुवार को यह जानकारी मिली। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी 5.7 फीसदी की वृद्धि दर के साथ 31.10 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के दौरान इसकी वृद्धि दर 6.1 फीसदी थी। अगर हम जीडीपी की वृद्धि दर की तुलना एक साल पहले की समान तिमाही से करें तो इसमें काफी अधिक गिरावट दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही के दौरान जीडीपी की रफ्तार 7.9 फीसदी थी।साभार-khaskhabar.com
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शिमला। आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सहित अन्य आठ आरोपियों को चार्जशीट के साथ पेश किए गए दस्तावेज की कॉपी देने के निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई के लिए 31 अक्टूबर की तारीख तय की गई है। वीरभद्र सिंह के वकीलों ने पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज वीरेंद्र कुमार गोयल के समक्ष कहा कि उन्हें अब तक सभी दस्तावेज की कॉपी नहीं मिली है। ऐसे हालात में आरोपों पर बहस करना उनके लिए संभव नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने एजेंसी को दस्तावेज मुहैया करवाने का निर्देश दिया है। आपको बता दें कि आय से अधिक संपत्ति मामले में सीएम वीरभद्र सिंह पर सीबीआई और ईडी ने सितंबर 2015 में मामला दर्ज किया था। सीबीआई ने मामले में चार्जशीट दाखिल करते हुए कहा था कि वीरभद्र ने अपनी आय से 192 प्रतिशत ज्यादा संपत्ति जमा की है। इस मामले में सीबीआई ने अपनी चार्जशीट कोर्ट में दायर की है।सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि जांच अधिकारी किसी अन्य मामले में व्यस्त थे, इसलिए दस्तावेज की कॉपी आरोपियों को मुहैया नहीं करवाई जा सकी। दस्तावेज मुहैया करवाने के लिए थोड़ा समय दिया जाए। इससे पहले 28 जुलाई को हुई सुनवाई में वीरभद्र सिंह व प्रतिभा सिंह व सात अन्य ने आवेदन दायर करके आरोप पत्र के साथ साथ कुछ अन्य कागजात मांगे थे। साभार-khaskhabar.com
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इंदौर। योगगुरु व पतंजलि ब्रांड के स्वामी बाबा रामदेव ने राम रहीम के अनाचार का खुलासा होने के बाद यहां मंगलवार को कहा कि किसी एक व्यक्ति के आधार पर किसी समूह को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। धर्मसत्ता के लिए एक आचार संहिता बननी चाहिए। पतंजलि योग संस्थान के प्रतिनिधियों की बैठक में हिस्सा लेने इंदौर पहुंचे रामदेव ने संवाददाताओं से कहा कि देश में राजसत्ता और धर्मसत्ता पर जिस तरह से कलंक लगे हैं, इसको देखते हुए उसके शुद्धिकरण की बहुत जरूरत है। इसके लिए आचार संहिता बने, खासकर धर्मसत्ता के लिए आचार्यो ने जो तय की थी, वैसी आचार संहिता बननी चाहिए। राम रहीम को लेकर पूछे गए सवाल पर रामदेव ने कहा कि किसी एक व्यक्ति के आचारण के आधार पर उस समाज, वर्ग को निशाने पर नहीं लिया जाना चाहिए। आज भी लाखों संत हैं, जो प्रामाणिकता से सद्चरित्रता, पवित्रता के साथ जीवन जी रहे हैं, साधना कर रहे हैं, किसी एक साधु-संत ने गलती की और उस आधार पर पूरी परंपरा को अपराधी मान लेना गलत है। बाबा ने कहा कि यह सच है कि हर दो-तीन साल में जो घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे बहुत शर्मिदगी झेलना पड़ रही है। उन्होंने आगे कहा कि जो लोग किसी भी क्षेत्र में शिखर पर हैं, उन्हें अनैतिक आचरण नहीं करना चाहिए और वे अगर ऐसा करते हैं, कानून को तोड़ते हैं तो उन पर कार्रवाई हो। साभार-khaskhabar.com
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हिसार। सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल को हिसार कोर्ट ने दो केसों में बरी कर दिया है। हांलांकि बाबा रामपाल इन दोनों मामलों में बरी होने के बाद भी जेल में ही रहेंगे। रामपाल के खिलाफ राष्ट्रद्रोह और हत्या के मामले चलते रहेंगे। ज्ञातव्य है कि रामपाल लगभग तीन साल से जेल में बंद थे। जिन दो केसों में हिसार कोर्ट ने रामपाल को बरी किया है वेे केस 426 और 427 को लेकर जुडे हैं। इन दोनों मामलों में रामपाल सहित 11 लोग आरोपी थे। ज्ञातव्य है कि रामपाल के खिलाफ देशद्रोह सहित आधा दर्जन केस दर्ज हैं और वह हिसार की सेंट्रल जेल में बंद हैं। बरी होने के बाद भी जेल में रहेंगे रामपाल: ज्ञातव्य है कि पिछले बुधवार को 426 औ 427 के मामलों में रामपाल की कोर्ट में पेशी हुई थी। तब कोर्ट ने दोनों मामलों में सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए हिसार कोर्ट की कार्यवाही हुई। जज मुकेश कुमार ने दोनों केसों में रामपाल को बरी कर दिया। हांलांकि रामपाल देशद्रोह और हत्या का केस चलते रहेंगे। इसलिए बरी होने के बाद भी वे जेल में ही रहेंगे। वहीं रामपाल पर फैसले को देखते हुए हिसार में धारा 144 लगाई गई थी। क्या है मामला: ज्ञातव्य है कि सतलोक आश्रम संचालक रामपाल पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और आश्रम में जबरन लोगों को बंधक बनाने का केस दर्ज है। इन दोनों मामलों में रामपाल के साथ प्रीतम सिंह, राजेंद्र, रामफल, विरेंद्र, पुरुषोत्तम, बलजीत, राजकपूर ढाका, राजकपूर और राजेंद्र को आरोपी बनाया गया है। रामपाल पर हत्या का केस भी: ज्ञातव्य है कि रामपाल कबीर पंथ विचारधारा वाले हैं। रामपाल स्वामी रामदेवानंद महाराज के शिष्य हैं। रामपाल को तीन वर्ष पहले बरवाला में हुए विवाद के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। वहीं रामपाल पर वर्र्ष 2006 में भी हत्या का केस दर्ज हुआ था। कौन हैं रामपाल दास:स्वघोषित संत रामपाल दास का जन्म हरियाणा के सोनीपत के गोहाना तहसील के धनाना गांव में हुआ था। रामपाल पहले सरकारी नौकरी में थे। रामपाल हरियाणा सरकार के सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। नौकरी के दौरान ही उनकी मुलाकात स्वामी रामदेवानंद महाराज से हुई। रामदेवानंद महाराज से प्रभावित होकर रामपाल उनके शिष्य बन गए। 18 साल नौकरी करने के बाद 21 मई 1995 को रामपाल ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया और सत्संग करने लगे। धीरे धीरे रामपाल के अनुयायियों की संख्या बढती गई और एक महिला ने करोंथा गांव में रामपाल दास महाराज को आश्रम के लिए जमीन दे दी। इस पर रामपाल ने 1999 में ट्रस्ट की मदद से सतलोक आश्रम की नींव रखी। साभार-khaskhabar.com
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शिमला। जिले के कोटखाई में गुड़िया गैंग रेप व मर्डर केस में सीबीआई ने एक बड़ा खुलासा करते हुए 8 पुलिस अफसरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार पुलिसकर्मियों में पुलिस महानिरीक्षक भी शामिल है। मामले में पुलिस महानिरीक्षक की गिरफ्तारी को देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस मामले में कई आलाअधिकारियों की भी मिली भगत है। मामले में सीबीआई दो बार कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश कर चुकी है और अगले महीने फिर से अपनी जांच पेश करनी है। यह एक अहम खुलासा सीबीआई के द्वारा किया गया है क्योंकि मामले को लेकर पूरे राज्यभर में कई बार प्रदर्शन हो चुके हैं। आपको बता दें कि 4 जुलाई को जिले के कोटखाई में एक नाबालिग के साथ गैंग रेप हुआ था और बाद में उसकी हत्या कर दी गई थी। हंगामा होने के बाद यह केस सीबीआई को सौंपा गया था। इससे पहले भी 6 लोगों को इस केस में गिरफ्तार किया जा चुका है जिसमें से एक की कोटखाई थाने में ही हत्या कर दी गई थी। साभार-khaskhabar.com
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शिमला। डेरा सच्चा सौदा के बाबा राम रहीम पर चल रहे यौन शोषण के मामले में 25 अगस्त को कोर्ट के फैसले के बाद हुए बवाल के बाद पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ के अलावा हिमाचल प्रदेश में भी हाई एलर्ट जारी है। हालांकि रोहतक जेल के कोर्ट रूप में बलात्कारी बाबा को 10 साल की कैद की सजा सुना दी गई है लेकिन फिर भी एतिहातन हाई एलर्ट जारी रखा गया है। आशंका है कि सजा तय होने के बाद अनुयायी एक बार फिर सड़कों पर उतरकर बवाल कर सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए हिमाचल के डीजीपी सोमेश गोयल ने सभी एसपी को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा है। साथ ही डेरा अनुयायियों की बस्तियों और डेरों के आसपास की गतिविधियों पर खास नजर रखने के निर्देश दिए है। गोयल ने कहा कि कांगड़ा में बाबा के डेरे पर भी पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। अगर फिर भी कोई आपत्तिजनक स्थिति होती है तो उससे सख्ती से निपटा जाएगा। डेरे की जमीन का रिकॉर्ड खंगालने के आदेश - डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के पालमपुर स्थित चचियां डेरे की संपत्ति जब्त करने की हलचल शुरू हो गई है। डेरे की जमीन का रिकॉर्ड खंगालने के आदेश मिलते ही राजस्व विभाग ने दस्तावेज जुटाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि संपत्ति जब्त करने के आदेश अभी तक नहीं मिले हैं। मौजूदा समय में चचियां का डेरा करीब 300 कनाल जमीन पर चल रहा है। इसका रिकॉर्ड भी राजस्व विभाग ने खंगाला है। बाकी जमीन एक कमेटी के नाम है। इस कमेटी के सभी सदस्य हिमाचली बताए जा रहे हैं।साभार-khaskhabar.com
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