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स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

देहरादून । उत्तराखंड में कांग्रेस को एक बडा झटका लगा है। चुनाव से पहले उत्तराखंड के पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल आर्य बीजेपी में शामिल हो गए हैं। बीजेपी में शामिल होने के बाद यशपाल आर्य ने बीजेपी ऑफिस में श्याम जाजू और विजय बहुगुणा के साथ पार्टी के बड़े नेताओं से मुलाकात की। ज्ञातव्य है कि इससे पहले पूर्व सीएम विजय बहुगुधा सहित 9 कांग्रेसी विधायक बीजेपी में शामिल हो गए थे। अब यशपाल आर्य के भी बीजेपी में शामिल होने से कांग्रेस को एक बडा झटका लगा है। ज्ञातव्य है कि उत्तराखंड में कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला है।  आर्य का कांग्रेस पर हमला: बीजेपी में शामिल हुए यशपाल आर्य ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस में समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है। आर्य ने कहा कि जिस तरीके से कांग्रेस का प्रबंधन हो रहा है उसमें समर्पित कार्यकर्ताओं के हित का कहीं से ख्याल नहीं रखा जा रहा। साथ ही यशपाल आर्य ने कहा कि मैं दुखी मन से कांग्रेस से त्यागपत्र दे रहा हूं। आर्य ने कहा कि अब कांग्रेस में सब कुछ बदल रहा है, कांग्रेस अब पहले जैसी नहीं रही। आर्य ने कहा कि हम उत्तराखंड का विकास चाहते हैं।  आर्य ने कहा कि मैं 40 साल कांग्रेस में रहा और 8 साल प्रदेश अध्यक्ष भी रहा। साथ ही उन्होनें कहा कि अमित शाह जी ने मुझे काम करने का मौका दिया है और मुझे अपनाया है। आर्य ने कहा कि मैं मोदीजी और अमितशाह के विजन और संकल्प के कारण बीजेपी में आ रहा हूं।     साभार-khaskhabar.com  

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बीकानेर । देशी-विदेशी हजारों दर्शकों की साक्षी में डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में 24वां ऊंट उत्सव रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, धधकते अंगारों पर अग्नि नृत्य तथा नायाब आतिशबाजी के साथ संपन्न हुआ। गुलाबी सर्दी में दर्शक कलाकारों की बेहतरीन प्रस्तुतियों के दौरान करतल ध्वनि कर सराहना कर रहे थे। सांस्कृतिक संध्या का आगाज बीकानेर के प्रमुख कलाकार पुखराज शर्मा ने मांड राग पर आधारित गीत से किया। राकेश बिस्सा ने मरु प्रदेश की संस्कृति का साक्षात्कार सधे स्वरों से करवाया। मरु नगर के शशि कुमार सिंह व पार्टी ने कच्छी घोड़ी नृत्य, सुप्रसिद्ध युवा नृत्यांगना मानसी सिंह पंवार ने लोकप्रिय चरखूला नृत्य पेश कर तारीफ बटोरी। पाली की गंगादेवी व पार्टी ने हाथों, पैरों व बाजुओं पर बंधे मजीरों की धुन को अन्य साजों के साथ मिलाते हुए लोकदेवता बाबा रामदेवजी की वंदना का भजन पेश कर कार्यक्रम को भक्तिमय बना दिया। फलौदी के अल्ला बक्श एवं पार्टी ने अपनी पारम्परिक लोकगायकी से आलाप व तानों का बेहतरीन उपयोग करते हुए लोकगीत, मिस मरवण की प्रतिभागियों द्वारा राजस्थानी पारम्परिक वेशभूषा में ’घूमर नृत्य’, बूंदी के हरि शंकर नागर व पार्टी ने हाडौती अंचल के किसानों की ओर से भरपूर खेती के बाद आयोजित होने वाले बैल नृत्य को तथा डीग (भरतपुर) के अशोक शर्मा व पार्टी ने मयूर व ब्रज की होली के गीत व नृत्यों की प्रस्तुति देकर तारीफ ग्रहण की। जोधपुर की मोहनी देवी व पार्टी ने कालबेलिया नृत्य, श्रीगंगानगर के गुरु सिमरन एवं पार्टी ने पंजाबी गिद्दा व भंगड़ा, अलवर के बन्ने सिंह ने साइकिल की रिंग में गजब संतुलन व सामंजस्य रखते हुए रिम नृत्य तथा अलवर के उमर फारुख मेवाती ने मेवाजी परम्परा में भपंग का वादन करते हुए हास्य व्यंग्य के नगमों से उपस्थितजनों को हंसने-खिलखिलाने पर मजबूर कर दिया। मालासर के महंत रघुनाथजी सिद्ध के नेतृत्व में एक दर्जन से अधिक जसनाथजी सम्प्रदाय के अनुयायियों ने जसनाथजी महाराज की स्तुति व वंदना के रूप में अग्नि नृत्यप्रस्तुत किया। पूनरासर, कतरियासर, मालासर आदि स्थानों के साधकों ने जसनाथजी के तीन शब्द के बाद चौथे शब्द ’’नाचणिया’’ शुरू होते ही नगाड़े की थाप पर धधकते अंगारों पर अठखेलियां करनी शुरू कर दी। साधकों ने धधकते अंगारों को जहां मुंह में रखकर फूल की तरह सहजता से उछाला को सैलानी आश्चर्यचकित हो गए। साधकों ने अंगारों को हाथ में लेने, पैर से उछालने सहित विविध रोचक, रोमांचक परिदृश्य दर्शकों के सामने रखे। पूर्व में जसनाथजी महाराज की आरती व वंदना की गई। कार्यक्रम में नगर विकास अध्यक्ष महावीर रांका, पर्यटन विभाग की सहायक निदेशक भारती नैथानी, पर्यटन अधिकारी पुष्पेन्द्र सिंह, सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन संजय पुरोहित, रवीन्द्र हर्ष, किशोर सिंह राजपुरोहित और ज्योति प्रकाश रंगा ने किया।     साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ । देशभर में सोमवार से सहालगों को दौर फिर शुरू हो गया है। लेकिन सबको चिंता है कि आखिर शहनाई कैसे बजेगी। क्योंकि आरबीआई ने शादी के पैसे निकालने की 2.5 लाख की सीमा 31 दिसंबर तक ही रखी थी। इसके बाद इस बारे में कोई आदेश अभी तक नहीं आया। बड़े खर्चो के लिए लोगों की आस फिर बैंकों पर आकर टिक गई। शादी की जरूरतों को पूरा करने में बैंक किस हद तक सहयोग देंगे, इस बात को लेकर लोगों में संशय बरकरार है। आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी के फैसले और नकदी निकासी की सीमा तय करने के बाद शादी की तैयारी में जुटे लोग परेशान हो गए। फिर सहालग का दौर लौटा तो निकासी की 24,000 की सीमा से लोगों की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में परिवार वालों को दिक्कतें आनी जाहिर है। अभी तक आरबीआई ने अभी तक कोई नया आदेश जारी नहीं किया है।     साभार-khaskhabar.com  

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पटना । बिहार की राजधानी पटना में मकर संक्रांति के मौके पर नाव गंगा नदी में डूबने से गंभीर हादसा हुआ जिसमें 25 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 3 महिला, 5 बच्चे और 15 पुरुष शामिल हैं। हादसा पटना के एनआइटी घाट पर हुआ। मामले की प्राथमिकी सारण जिले के सोनपुर थाना में दर्ज कर ली गई है।  हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। पीएमओ ने अपने ट्विटर वॉल पर पीएम का संदेश जारी किया। ट्वीट में लिखा गया हैं कि हादसे पर प्रधानमंत्री ने दुख जताया है। उनकी संवेदना पीडित परिवार के साथ हैं। आज सुबह पीएमओ की ओर से दो और ट्विट किए गए जिसके माध्यम से प्रधानमंत्री ने मुआवजे की घोषणा की। पीएमओ ने ट्वीट में कहा कि प्रधानमंत्री ने पीएमएनआरएफ से अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है जिसके तहत मृतक के परिवार को 2 लाख जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को 50 हजार दिया जाएगा।  इससे पहले पटना में हुई नौका दुर्घटना के लिए बचाव अभियान रातभर के लिए रोक दिया गया था जिसे फिर आज सुबह बहाल किया गया। पटना के जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने संवाददाताओं से कहा कि बचाव अभियान अंधेरे के चलते कुछ समय के लिए रोक दिया गया। आपको बता दें कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नागरिक प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारी रातभर इस इलाके पर नजर बनाए हुए थे। आज सुबह से गोताखोर हादसे में शिकार लोगों की खोज में लग गए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना पर दुख जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। इस बीच जनता दल (युनाइटेड) ने मकर संक्रांति पर रविवार को आयोजित दही-चूड़ा भोज को स्थगित कर दिया है। एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट रविकांत ने बताया, ‘‘अब तक 21 शवों को नदी से बाहर निकाल लिया गया है। राहत और बचाव का कार्य अभी भी जारी है। मृतकों की संख्या और बढऩे की आशंका है।’’ पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में अब तक बचाए गए सात लोगों को भर्ती कराया गया है, जिसमें दो बच्चे हैं। इनमें दो की हालत गंभीर बनी हुई है।  प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव पर 50 से ज्यादा लोग सवार थे। 25 लोग तैरकर बाहर निकल गए हैं। घटना की सूचना पाकर पटना के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। इधर, लोग लापता हुए अपने परिजनों को खोजने के लिए परेशान हैं। इस हादसे पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट कर दुख जताया है। नीतीश ने ट्वीट कर लिखा, ‘‘गंगा दियारा में नाव डूबने की घटना दुखद। विभागों को बचाव और राहत कार्य में तेजी लाने का निर्देश।’’ मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को सभी मृतकों के आश्रितों को तत्काल आर्थिक मदद मुहैया कराने का आदेश दिया है। उन्होंने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इस बीच राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये बतौर मुआवजा दिया जाएगा। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । क्रिकेट से राजनीति में आए नवजोत सिंह सिद्धू रविवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। पूर्व बीजेपी सांसद सिद्धू ने रविवार को दिल्ली में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से उनके निवास पर मुलाकात की। उनकी पत्नी भी कांग्रेस का हाथ थाम चुकी हैं। हालांकि उनके कांग्रेस में शामिल होने पर कोई औपचारिक कार्यक्रम नहीं किया गया। अभी तक इस बात पर भी सहमति नहीं बनी है कि वे किस सीट से चुनाव लड़ेंग। चर्चा है कि उन्हें अमृतसर ईस्ट से चुनाव में खड़ा किया जा सकता है। वहीं इस बात की भी चर्चा है कि सिद्धू ने प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ चुनाव लडऩे की इच्छा जताई है। आपको बता दें कि पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को ही बता दिया था कि सिद्धू कांग्रेस में हैं और चुनाव भी लड़ेंगे। राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान उनके पार्टी में शामिल होने की औपचारिकता पूरी कर ली गई। माना जा रहा है कि पंजाब चुनाव से ठीक पहले सिद्धू का कांग्रेस में शामिल होना पार्टी को फायदा पहुंचा सकता है। पंजाब की राजनीति में बड़ी भूमिका न मिलने से नाराज होकर सिद्धू ने बीजेपी छोड़ दी थी। चर्चा थी कि वह आम आदमी पार्टी में जाने वाले हैं, लेकिन वहां भी संभवत: बड़ी भूमिका न मिलने के चलते उनकी बात बन नहीं पाई। इसके बाद से ही उनके कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा ने जोर पकड़ा। रविवार को आखिरकार वह कांग्रेस में शामिल हो ही गए। उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू पहले ही कांग्रेस में शामिल हो चुकी हैं। साभार-khaskhabar.com  

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श्री गंगानगर । बीएसएफ ने दुश्मन की हर नापाक हरकत पर नजर रखने के लिए राजस्थान के भारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर पर ऑपरेशन सर्द हवा शुरु किया है.बीएसएफ आज से तमाम सरहदी जिलों मेें ऑपरेशन सर्द हवा के तहत सीमा पर विशेष निगरानी के साथ चौकसी रखेगा। 28 जनवरी तक चलने वाले इस ऑपरेशन के चलते सभी सीमा चौकियों पर पहले से सर्तकता कड़ी कर दी गई है। चौकियों पर अतिरिक्त जवान तैनात किए गए है। साथ ही अधिकारी भी सीमा चौकियों पर रहकर ऑपरेशन का संचालन करेंगे। साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ व आसपास के इलाकों में सुबह से ही धूप निकली हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, हालांकि गुरुवार और शुक्रवार की रात पारा शून्य तक गिर गया और अगले 24 घंटों के दौरान तापमान में और अधिक गिरावट आने की संभावना है। उप्र मौसम विभाग के निदेशक जे.पी गुप्ता के अनुसार, ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज हुई है। शुक्रवार को भी न्यूनतम तापमान में डेढ़ डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। साइबेरियन व स्थानीय हवाओं की आपसी क्रिया से पैदा हुए विंड चिल्ड इफेक्ट के कारण पारे में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। गुप्ता के मुताबिक 19 जनवरी तक न्यून्तम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस के भीतर ही रहने की संभावना है। मौजूदा समय में पश्चिमी उप्र और पूर्वी उप्र में कोहरा बढऩे का अनुमान है। प्रदेश के कई क्षेत्रों में शीतलहर का प्रकोप जारी है। कई इलाकों में पारा एक से डेढ़ डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को राजधानी लखनऊ का न्यूतनम तापमान चार डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जबकि अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किए जाने का अनुमान है। लखनऊ के अतिरिक्त शनिवार को गोरखपुर में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस, आगरा का 4 डिग्री सेल्सियस, कानपुर का 1़5 डिग्री सेल्सियस, इलााहाबाद का 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सर्दी से हुई 9 मौतें: सर्दी से बीते 24 घंटों में 9 लोगों की मौत हो गई। कानपुर देहात के अफसरिया गांव में रामदुलारे (45), रसूलाबाद में होमगार्ड राकेश तिवारी (35), अकबरपुर के ज्योतिष गांव में राजाराम (75) ने सर्दी से दम तोड़ दिया। कन्नौज में शारदा पाठक, डॉ.राकेश गर्ग और कृपाशंकर की मौत सर्दी लगने से हुई। बस्ती के हरैया में छावनी के फागू, परसरामपुर के हसरुद्दीन और अब्दुल कलाम की मौत हो गई।   साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ/इलाहाबाद । उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयाग में मकर संक्रांति के स्नान पर्व पर शनिवार सुबह से ही पवित्र स्नान करने वालों का तांता लगा हुआ है। प्रशासन का अनुमान है कि मकर संक्रांति पर लगभग 75 लाख श्रद्धालु 17 घाटों पर आस्था की डुबकी लगाएंगे। इस बीच स्नान को लेकर प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। स्नानपर्व के एक दिन पहले माघ मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई। ऐसे लोग जो संक्रांति से कल्पवास शुरू करेंगे उनका भी आगमन मेला क्षेत्र में हुआ। उल्लेखनीय है कि प्रशासन ने पवित्रस्नान के एक दिन पहले तैयारी पूरी करने का दावा किया। पांचों पांटून पुलों का निरीक्षण कर व्यवस्था को देखा गया। इसके साथ ही चकर्ड प्लेटों का निरीक्षण किया गया। मेला क्षेत्र में गुड़, तिल की दुकानें सजीं। संगम तट पर प्रकाश और साउंड की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। ज्योतिषाचार्य अविनाश राय के अनुसार, इससे पांच घंटे पहले और इसके पांच घंटे बाद तक स्नान का शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दिन नौ ग्रह को संतुष्ट करने के लिए कंबल, घी, तिल, गौ और गुड़ का दान करने का विधान है।    साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देशवासियों को मकर संक्रांति, बिहू और पोंगल की बधाई देते हुए कहा कि विविधता ही देश की सबसे बड़ी ताकत है। मोदी ने ट्वीट कर कहा, आज (14 जनवरी) देशभर के लोग विभिन्न त्योहार मना रहे हैं। इन त्योहारों को मन रहे लोगों को शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा,ये त्योहार मेहनती किसानों के जीवन में खुशियां और समृद्धि लेकर आए। मोदी ने कहा, ये त्योहार देशभर में मनाए जाते हैं जिनसे हमारे जीवन में खुशियां आती हैं। यही विविधता हमारे देश की ताकत है। मोदी ने मकर संक्रांति के मौके पर भी लोगों को बधाई दी। उन्होंने तमिल लोगों को पोंगल, गुजरातियों को उत्तरायण और असम के लोगों को माघ बिहू की बधाई दी।     साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । पर्वतीय इलाकों में हुई भारी बर्फबारी से पहाडों के साथ-साथ मैदानों में भी पारे में भारी गिरावट दर्ज की गई। उत्तर पश्चिमी हवाओं के चलते मैदानी इलाकों में हाड कंपाने वाली ठंड पड रही है। उत्तरी राज्यों में शुक्रवार को शीतलहर का प्रकोप जारी रहने के बीच राष्ट्रीय राजधानी और जम्मू-कश्मीर में कुछ जगहों पर जनवरी के लिए न्यूनतम तापमान तीन साल में सबसे कम दर्ज किया गया, जबकि पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में कई जगहों पर पारा जमाव बिंदु से नीचे आ गया। घने कोहरे के कारण आज सुबह के समय यातायात खासकर रेल सेवाएं प्रभावित हुईं, जिसमें 26 ट्रेनें विलंब से चल रही थीं। आठ ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया और सात ट्रेनें रद्द कर दी गईं। हालांकि हवाई यातायात निर्बाध रूप से जारी रहा। क्षेत्रीय मौसम अनुमान केन्द्र के मुताबिक गुरुवार का न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री रहा जो पिछले तीन साल में जनवरी में सबसे कम है और यह इस मौसम का भी सबसे कम तापमान है। हिमाचल प्रदेश में आदिवासी और पहाड़ी इलाकों में ठिठुरन की स्थिति बनी रही और शीतलहर से शिमला ठिठुर गया, जहां कई स्थानों पर सातवें दिन बिजली गुल है। हालांकि जलापूर्ति आंशिक रूप से बहाल कर दी गई है। जम्मू-कश्मीर में कई स्थानों पर इस सीजन का सबसे कम रात का तापमान दर्ज किया गया। पहलगाम का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 13 डिग्री सेल्सियस रहा जो जनवरी में तीन साल में सबसे कम है। वहीं, गुलमर्ग में चार साल में इस सीजन का सबसे कम रात्रि का तापमान दर्ज किया गया जो शून्य से नीचे 13.5 डिग्री सेल्सियस रहा। ठंड का आलम यह है कि उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर रिकॉर्ड तोड़ते हुए पारा चार डिग्री से नीचे रिकार्ड किया गया। ठंड के चलते उत्तर प्रदेश में 15 लोगों की मौत की सूचना है। गिरते पारे के साथ ही किसान परेशान होने लगे हैं। वहीं किसानों के मुताबिक आलू, मटर, सरसों की फसलें प्रभावित हो गई हैं। सर्द हवाओं से गलन बढ़ी हुई है। हालांकि पिछले दो दिनों से तेज धूप खिल रही है लेकिन सर्द हवाओं के आगे धूप पस्त नजर आ रही है। लोगों को घरों के बाहर और भीतर ठिठुरन का अहसास हो रहा है। ठंड के चलते प्रदेश में नौ लोगों की मौत हो गई। कानपुर में न्यूनतम पारा लुढक़कर 2 डिग्री सेल्सियस आ गया। यह सामान्य (10 डिग्री) से करीब आठ डिग्री कम है। उत्तर-पश्चिम की हवाओं की गति बृहस्पतिवार को 4.4 किलोमीटर रही। इससे मैदानी क्षेत्रों में गलन बढ़ गई।    साभार-khaskhabar.com  

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इलाहाबाद । प्रयागराज में संगम की रेती पर पौष पूर्णिमा के साथ माघमेले का शुभारंभ हुआ। गंगा यमुना व अदृश्य सरस्वती के संगम में भोर से ही आस्था की डुबकी शुरू हुई त देर रात तक स्नान-ध्यान का क्रम जारी रहा। प्रशासन की ओर से 40 लाख श्रद्धालुओं के स्नान करने का दावा किया गया। इस स्नान के साथ ही माघ मेले का धार्मिक व आधिकारिक आगाज हो गया है। सुबह के दस बजने तक ही 10 लाख से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके थे। जबकि देर शाम तक लाखों लोग विभिन्न घाटों पर डुबकी लगाते रहे। स्नानार्थियों को स्नान के लिये 17 घाट बनाए गए थे और हर घाट खचाखच भरे रहे। इलाहाबाद में शुरू हुआ यह माघ मेला बसंत पंचमी तक चलेगा। उसके शुभारंभ का गवाह बनने के लिये पूरे देश से लोग संगम तट पर पहुंचे। शुभ मुहूर्त में स्नान करने के लिये होड़ मची रही। 17 घाटों पर सुबह आठ बजे तक करीब 5 लाख, 10 बजे तक 10 लाख और 12 बजे तक 20 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया। जैसे-जैसे दिन चढ़ रहा था, स्नानार्थी का रेला मेले में पहुंचता रहा। इलाहाबाद में एक माह के लिये गंगा यमुना के संगम स्थल पर तंबुओं की नगरी बसी रहेगी। यहां पर लोग एक महीने तक कल्पवास करेंगे और वैरागी जीवन से ईश्वर भक्ति आत्म शुद्धि का महायज्ञ करेंगे। कल्पवासी यहां पर कल्पवास के संकल्प के साथ स्नान, अन्न-जल दान के बाद सिर्फ एक वक्त का भोजन करेंगे और भूमि शयन करेंगे। पहले स्नान पर माघ मेले में सुरक्षा की व्यवस्था चाक चौबंद दिखी। पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फॉर्स भी तैनात रही। मेले में ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी से भी निगरानी की जा रही है। हालांकि ट्रायल परीक्षा में पास होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था की असल परीक्षा शनिवार यानी मकर संक्राति के महापर्व पर होगी। इस दिन शाही स्नान होगा और यह अपने आप में अद्भुत होगा। क्योंकि विभिन्न मठो के मठाधीश, पीठाधीश्वर अपने पूरी शानो-शौकत के साथ यहां स्नान करने पहुंचेंगे।     साभार-khaskhabar.com  

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बीकानेर । ऊंट उत्सव में देशी-विदेशी पर्यटकों को आमंत्रित करने के लिए जूनागढ़ के सामने स्थित क्राफ्ट बाजार में भवई नृत्य की प्रस्तुति के दौरान विदेशी मेहमान भी खुद को रोक नहीं पाए और कलाकारों के साथ ठुमके लगाने लगे। उत्सव में अधिक से अधिक देशी-विदेशी पर्यटकों को आमंत्रित करने की श्रंृखला में जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग द्वारा नवाचार करते हुए स्थानीय कलाकारों द्वारा विभिन्न स्थानों पर लोक संस्कृति से सराबोर कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय किया गया। इसके तहत नंदलाल एंड ग्रुप द्वारा भवई नृत्य एवं घूमर की प्रस्तुतियां दी गई। इसी प्रकार पिथरासर के असलम खां एंड ग्रुप ने कालबेलिया और लंगा के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रामुग्ध कर दिया। अनेक देशी-विदेशी मेहमानों में इन पलों को मोबाइल में कैद करने की होड़ देखने को मिली। क्राफ्ट बाजार के मुख्य द्वार पर सजे-धजे ऊंटों और रोबीलों ने आगंतुकों का स्वागत-सत्कार किया।  साभार-khaskhabar.com  

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नारद संवाद

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हमारी बात

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राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

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