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मेवे का प्रयोग उत्तम औषधि के रूप में किया जाता है। क्येांकि मेवा स्वाद की नहीं बल्कि सेहत की दृष्टि से भी उतनी ही फायदेमंद हैं। काजू में मैग्नीशियम पाया जाता हैं जो उच्च रक्तचाप को कम करने में और दिल के दौररे को रोकने में मदद करता है। काजू कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी संतुलित रखता है। काजू में प्रोटीन की मात्रा काफी होती है जो बॉडी व हड्डियों को मजबूत बनाती है। चाहे मिठाई में काजू कतली हो या फिर दूसरे पकवानों में काजू का इस्तेमाल। काजू किसी भी आम डिश को शाही बना सकता है। अब जब काजू हमें इतना पसंद ही है तो इससे होने वाले लाभ के बारे में भी जान लेना चाहिए। काजू में प्रोटीन, खनिज लवण, लौह, फाइबर, फोलेट, मेग्नीशियम, फॉस्फोरस, सेलेनियम, और तांबा का अच्छा स्त्रोत है। काजू का तेल, स्कर्वी मस्सा और रिंगवर्म के उपचार के लिए इस्तेमाल किया जाता है। आप प्रतिदिन 7-10 काजू का सेवन कर सकते हैं। काजू खाने से मसूडों और दांतों को स्वस्थ रखता है। काजू में मोनो सैचुरेटड फैट होता है जो की दिल को स्वस्थ रखता है ओर दिल की बीमारियों के खतरे को कम करते में मदद करता है। काजू में एंटी ओक्सिडेंट भी होते हैं जो कैंसर से बचाव करता है। काजू पाचन शाक्ति को बढाता है। इससे भूख भी कहीं अधिक लगती है। आंतों में भरी गैस कम किया जा सकता है। काजू में पाए जानवाले फाइटो-केमिक्लस कैंसर और दूसरे बीमारियों से सुरक्षा करते हैं। जिन महिलाओं को मेनोपॉज है उन्हें तनाव, स्ट्रेस होनो एक आम सा समस्या है। उन महिलाओं को रोजाना एक काजू खाना चाहिए।  साभार-khaskhabar.com

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चावल पकाने के बाद उसका पानी फेंकने की बजाए पिया जाए तो वो कई सारे फायदे करता है। डॉक्टरों की माने तो चावल का पानी स्किन, बालों और हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद होता है। चावल के इस पानी में भरपूर कार्बोहाइड्रेड्स और अमीनो एसिड्स होते हैं, जो शरीर को एनर्जी देने हैं।  चावल का पानी बनाने की विधि चावल का पानी बनाने के लिए चावल को धोकर थोड़ा ज्यादा पानी डालकर पकाएं। जब आपको लगे कि चावल पूरे पक चुके हैं तो उनमें बचे पानी को निकालकर अलग बर्तन में रख लें। इसे ठंडा होने पर यूज करें।   ये हैं लाभ - चावल का पानी पीने से शरीर में एनर्जी आती और कमजोरी दूर होती है।     - रोज रात को सोने से पहले कॉटन बॉल से चावल का पानी आंखों के आस-पास लगाएं। कुछ ही दिनों में डार्क सर्कल दूर हो जाएंगे।   - चावल का पानी पीने से डाइजेशन सुधर जाता है। क्योंकि इसमें फाइबर्स भरपूर मात्रा में होते हैं। लूज मोशन होने पर चावल का पानी पीने से जल्द आराम मिलेगा। चावल के पानी में एंटीवायरल प्रोपर्टी होती है जिससें वायरल बुखार होने पर चावल का पानी पीएं आराम और ताकत मिलेगा।   - लगातार वोमेटिंग होने पर दिन में 2-3 बार 1 कप चावल का पानी पीने से जल्द राहत मिलेगी।   साभार-khaskhabar.com  

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अक्सर करके खाने की थाली में बैंगन आलू का ही नंबर सबसे ज्यादा आता है मसालों के साथ लटपटे बैंगन के साथ आलू में खास स्वाद से बनी बैंगन आलू की स्वादिष्ट सब्जी है और यह बडी ही आसानी से बन जाती है। यह सब्जी भारत में उगती है। बैंगन एक बहुत ही पौष्टिक सब्जी है लेकिन कुछ लोग इसे बिना गुण वाली सब्जी मानते हैं। अगर आप भी उन्हीं लोगों में से एक है और बैंगन की सब्जी नहीं खाते हैं तो आज हम आपको अवगत करवाते हैं बैंगन के ऐसे गुणों से जिन्हें जानने के बाद आपकी गलतफहमी दूर हो जाएगी। बैंगन में प्रोटीन, विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी, आयरन, कार्बोहाइड्रेट, वसा और भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं। बैंगन के पेड में न्यूट्रियन्ट्स पाए जाते हैं वह हमारे दिमाग के लिये बहुत ही अच्छे होते हैं यह किसी भी प्रकार के नुकसान से हमारी कोशिका की झिल्ली को बचाते हैं यह दिमाग को फ्री रैडिक्ल से बचावता है और ब्रेन का विकास करता है। साभार-khaskhabar.com

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गोभी का फूल महज एक सब्जी ही नहीं हैं, बल्कि इसमें आपकी की सेहतभरे कई गुण मौजूद होते हैं, गोभी को अपने आहार में शामिल कर आप कई बीमारियों से बच सकते हैं। साथ ही कई रोग होने पर आप गोभी के जरिये उनका उपचार भी कर सकते हैं। गोभी में प्रोटीन, कैल्शियम, विटाममिन ए,सी, फास्फोरस, जिंग, मैग्नीशियम, सोडियम और सेलेनियम जैसे लाभकरी तत्व होते हैं। गोभी को पकाकर खाया जाता है और इसका अचार आदि भी तैयार किया जाता है। यह बहुत ही आसानी से उपलब्ध होने वाली गोभी में कई औषधीय गुण भी हैं। सामान्य बीमारी से लेकर कैंसर जैसी बीामरी के उपचार में गोभी सहायता करती हैं।  गोभी खाने से खून साफ होता है। गोभी का रस पीने से खून की खराबी दूर होती है और खून साफ होता है। पीलिया के लिए भी गोभी का रस बहुत फायदेमंद है। गाजर और गोभी का रस मिलाकर पीने से पीलिया ठीक होता है।   साभार-khaskhabar.com

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ठंड का मौसम शुरू होने वाला है। इस मौसम में बीमारियां होने साधारण सी बात हो जाती है। इस मौसम में जा सी लापरवाही हमारे लिए भारी पड जाती है। ठंड के मौसम में सबसे आम बीमारी है खांसी-जुकाम। सुखी और कफ वाली खांसी 2 प्रकार की होती है और दोनों तरह की खांसी आपको काफी परेशान करती है। खाने पीने से लेकर काम और रात को सोने तक को मजबूर कर देती है। खांंसी से जल्द छुटकारा पाना जरूरी है नहीं तो आगे चलकर टीबी और अस्थमा जैसे गंभीर बीमारियों का रूप ले लेती है। इसलिए समय पर इसका इलाज जरूरी है।  खांसी से छुटकारा पाने के लिए.... एक चौथाई चम्मच शहद और इतने ही सामान मात्रा में मुलेठी पाउडर व दालचीनी पाउडर की मिलाये और इसे मिश्रण का दिन में 2 बार सुबह और शाम पानी के साथ सेवन करें। फिर देखिये परिणाम खांंसी कुछ ही समय में कैसे गायाब हो जाती है।  5-6 लौंग को भूनकर तुलसी के पत्तों के साथ खाने से सभी प्रकार की खांसी से लाभ होता है। हल्दी के टुकडे को घी में सेंककर रात को सोते समय मुंह में रखने से खांसी और कफ में फायदा होता है। इसी तरह दो ग्राम कालीमिर्च पाउडर व डेढ ग्राम मिश्री का चूर्ण मिलाकर दिन में तीन-चार एक-एक ग्राम की मात्रा में शहद के साथ चाटने से भी लाभ होता है।     साभार-khaskhabar.com  

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कीवी छोटा फल होता है, जो फाइबर और न्यूटीएंट्स के साथ विटामिन सी से भरपूर होता है। यह स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी फल है। आप इसका जूस निकालकर पी सकते हैं या इसके फल को खा सकते हैं। इसमें केले से भी ज्यादा पौटेशियम होता है। यह बीटा कैरोटीन का बेहद अच्छा सोर्स होती है। कीवी कफ, सांस लेने में तकलीफ आदि को कम करता है।  कीवी फल को सेवन करने से व्यक्ति का व्यवहार खुशनुमा और सारा दिन शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है। कीवी कैसर जैसे बीमारी से राहत दिलवाता है। यह अस्थमा से भी बचता है। इनके साथ ही यह कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करके हार्ट की बीमारियों से बचाता है। कीवी फ्रूट यूं तो मूल यप से चाइनीज है लेकिन भारत देश में काफी लोकप्रिय है।      साभार-khaskhabar.com

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शंखपुष्पी एक पादक है। शंख के समान आकृति वाले श्र्वेत पुष्प होने से इसे शंखपुष्पी कहते है। शंखपुष्पी दूध के समान सफेद फूल है। यह सारे भारत में पथरीली भूमि में जंगली रूप में पायी जाती है।  इनमें से श्र्वेत पुष्पों वाली शंखपुष्पी ही औषधि मानी गई है। आयुर्वेद में हर तरह के रोगोंं व विकारों का रामबाण इलाज होने के वजह से लोहा पूरी दुनिया व ऐलोपैथिक डॉक्टरों ने भी माना है। आयुर्वेद की नजर में शंखपुष्पी स्मरणशक्ति को बढाकर मानसिक रोगों व मानसिक दौर्बल्यता को नष्ट करती है।  इसे लैटिन में प्लेडेरा डेकूसेटा के नाम से जाना जाता है। अगर आपमें दिमागी कमजोरी, अनिद्रा, अपस्मार रोग, सुजाक, मानिकस रोग, भ्रम जैसी शिकायत है तो इसका महीन पिसा हुआ चूर्ण 1-1 चम्मच सुबह-शाम मीठे दूध के साथ या मिश्री की चाशनी के साथ सेवन करने से इन सब रोगों से छुटकारा मिलता है। फ्रेश शंखपुष्पी के पंचांग जड, फल, फूल, तना, पत्ते का रस 4 चम्मच शहद के साथ सुबह-शाम रोजाना सेवन करने से कुछ महीनों में मिर्गी का रोग दूर हो जाता है। बुखार में शंखपुष्पी के पंचांग जड, तना, फल, पत्ते फूल का चूर्ण और मिश्री को मिलाकर पीस लें। इसे 1-1 चम्मच की मात्रा में पानी से रोजाना 2-3 बार सेवन करने से तेज बुखार के कारण बिगडा मानसिक संतुलन ठीक हो जाता है।   साभार-khaskhabar.com  

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अमरूद की तासीर शीतल होती है। यह पेट के अनेक विकार दूर करता है। इस भोजन के बाद खाने से कब्ज, अफारा व मंदाग्रि की शिकायत नहीं होती। यह सर्दी-जुकाम में अमरूद के बीजों का चूर्ण पानी के साथ लेने से आराम मिलता है। अमरूद में विटामिन सी अधिक होने से भी अनेक बीमारियों में फायदा होता है। 1-अमरूद काकाटकर उस पर काला नमक और कालीमिर्च का चूर्ण डालकर खाने से अफारा रोग दूर होता है तथा पाचन क्रिया सुधरती है।  2-अमरूद कृमिनाशक भी है, छोटे बच्चों के पेट में कीडे हों, तो अमरूद के साथ शहद मिलाकर देने से कीडे नष्ट हो जाते हैं। 3-रात को सोते वक्त अमरूद के पत्तों को पीसकर पुल्टिस बनाकर बांधने से आंखों को दर्द, सूजन तथा लाली दूर होती है। 4-कब्ज होने पर खाली पेट नियमित कुछ दिनों तक पके अमरूद का सेवन करने से कब्ज की शिकायत दूर हो जाती है। 5-अधपके ताजा अमरूदों कोपानी में भिगोकर चाशनी में डालकर बनाया हुआ मुरब्बा खाने से आंव की शिकायत दूर हो जाती है।   साभार-khaskhabar.com

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अदरक का भारतीय मसालों में खूब प्रयोग किया जाता है। यही नहीं अदरक मॉनसून सीजन में बीमारियों से भी बचती है। अदरक में कैल्शियल, आयरन, कॉपर, मैग्नीशियम जिंक आदि मिनरल भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं। तो आइए जानते हैं अदरक के लाभकारी गुणों के बारे में...   मॉनसून में होने वाली बीमारियों से जैसे नाक से पानी बहना, सिरदर्द और सर्दी को तुरंत दूर कर देती है। एक कप अदरक, शहद और तुलसी के पत्तो वाली याय बनाकर पीने से जुखाम में राहत मिलती है। अदरक का रस कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल रखता है, जिससे दिल की बीमारी की संभावना घट जाती है। अगर अदरक नियमित रूप से सेवन हो तो पाचन संबंधी समस्याएं जैैसे- गैस, बदहजमी, अपच दूर हो जाती है। अगर जोडो के दर्द से परेशान है तो सूखी अदरक के पाउडर का सेवन करने से जोडो में पैदा होने वाली सूजन और दर्द से छुटकारा मिलता है। अदरक में कैल्शियल, आयरन, कॉपर, मैग्नीशियम जिंक आदि मिनरल भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं। त्वचा में चमक लाये- चेहरे पर अदरक का पेस्ट लगाकर कुछ देर छोड दें। फिर पानी से धो लें कुछ ही दिनों में चेहरा चमकने लगेगा। अदरक के 10 से 20 मिलीलीटर रस में गुड मिलाकर सुबह-सुबह पी लें। इससे सभी प्रकार की सूजन जल्दी ही कम हो जाती है। साभार-khaskhabar.com      

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अदरक का भारतीय मसालों में खूब प्रयोग किया जाता है। यही नहीं अदरक मॉनसून सीजन में बीमारियों से भी बचती है। अदरक में कैल्शियल, आयरन, कॉपर, मैग्नीशियम जिंक आदि मिनरल भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं। तो आइए जानते हैं अदरक के लाभकारी गुणों के बारे में... मॉनसून में होने वाली बीमारियों से जैसे नाक से पानी बहना, सिरदर्द और सर्दी को तुरंत दूर कर देती है। एक कप अदरक, शहद और तुलसी के पत्तो वाली याय बनाकर पीने से जुखाम में राहत मिलती है। अदरक का रस कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल रखता है, जिससे दिल की बीमारी की संभावना घट जाती है।   साभार-khaskhabar.com

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इस भाग-दौड भरी जिन्दगी में हर किसी के कंधों पर काम की जिम्मेदारी इतनी अधिक हो जाती है। कि यह टेंशन कभी-कभी डिप्रेशन का विक्राल रूप धारण कर लेती है जिससे व्यक्ति के सोचने समझने की शक्ति खत्म हो जाती है। लेकिन अब परेशान होने की जरूरत नहीं है और ना ही डिप्रेशन से बचने के लिए ढेर सारी दवाइयाँ खाने की जरूरत है। आपको जानकर ताज्जुब हो कि सिर्फ मीठी खाने से ही आपको डिप्रेशन से राहत मिल सकती है। चीनी का प्रयोग फिकेपन को दूर करने को किया जाता है। जब भी आपको शरीर में थकावट या लो महसूस हो तो शुगर से बने पदार्थो का सेवन करें। यह शरीर में शुगर के लेवल को ठीक कर नई ऊर्जा देता है। जैसे फू्रड कस्टर्ड, जूस का एक ग्लास, केक का एक टुकडा वगैहर खा कर आप पहले से ज्यादा तरोताजा फील कर सकते हैं।   साभार-khaskhabar.com

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रात भर गहरी नींद सोने वाले दिन भर तरोताजा महसूस करते है ऐसे में उनका मन प्रसन्न तो रहता ही है बल्कि कई बीमारियों व रोगों से भी दूर रहते हैं दूसरे शरीर में स्फूर्ति बनी रहेंं तो हर काम में मन लगा रहता है। चाहे बच्चे, बूढे, जवान ही क्यों न हों। अगर नींद पूरी न हो तो कई बीमारियां होने का डर रहता हैं ऐसे में व्यक्ति दिन भर सुस्त, चिडचिडा सा रहता है चाहे ऑफिस हो या घर उसका किसी भी काम में मन नहीं लगता और इसी कारण बॉडी में रोगाणुओं से लडने की क्षमता गहरी नींद सोने वालों की अपेक्षा अत्यधिक कम होती है अगर जिन लोगों को रात में ठीक प्रकार से नींद आती है तो ऐसे लोगों को कई प्रकार के रोगों से ग्रस्त में आ जाते हैं। शोधकर्ताओं ने लिखा है कि हृदयरोग, मोटापा मधुमेह और कमजारे दिमाग सभी खराब नहीं से जुडते हैं। आप नियमित एक्सरसाइज करें, खानपान में तैलीय चीजों का सेवन कम कर दें। इसके अतिरिक्त चैन की नींद लेना चाहते हैं तो चाय की मात्रा को भी सीमित कर दें, क्योंकि चाय या कॉफी की अत्यधिक मात्रा नींद को उडाती है जबकि शरीर को स्वस्थ और प्रसन्नचित्त रखने के लिए कम से कम 6 से 7 घंटे नींद आवश्यक है, लेकिन आपको पता है सोते वक्त आपकी स्थिति। जी हां, सोते टाइम आपकी क्या दिशा होनी चाहिए और आप किस करवट सोते हैं, ये जानना आपकी हैल्थ के लिए बहुत जरूरी है। शरीर से गंदगी निकालने का सबसे ज्यादा काम लीवर व किडनियों का ही है। इसलिये सोते वक्त इन पर ज्यादा प्रेशर नहीं डालना चाहिए। इस पेाजिशन में सोने पर जो पेट का एसिड होता है, वह ऊपर की जगत नीचे की ओर ही जाता है। जिससे एसिडिटी और सीने की जलन नहीं होती। बांए तरफ करवट कर के सोने से यह दोनों ही अपने काम ठीक प्रकार से करते हैं। इस तरह से बॉडी के विभिन्न अंगों और दिमाग तक रक्त के साथ ऑक्सीजन का प्रवाह ठीक तरीके से होता है और आपके शरीर के सभी अंग स्वस्थ रहते हैं। अगर आपको कब्ज की समस्या हो तो बाई ओर सोने से कब्ज से निजात मिल सकती है।   साभार-khaskhabar.com  

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