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लखनऊ,| उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में शनिवार रात आई आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने के कारण 13 लोगों की जान चली गई। मारे गए लोगों में आठ उन्नाव से और कन्नौज जिले से पांच लोग शामिल हैं। वहीं कई जिलों में संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जानमाल के नुकसान पर दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के लिए चार-चार लाख रुपये और घायल व्यक्तियों के उचित इलाज की घोषणा की है। उन्नाव के अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम) राकेश सिंह ने कहा, "जिले में बारिश और आंधी में आठ लोगों की मौत हो गई। जापसारा गांव में बिजली गिरने से एक 14 वर्षीय लड़की और एक 45 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं बिजली गिरने से एक 70 वर्षीय महिला को भी गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद उन्हें सुमेरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।" एडीएम ने कहा कि बिजली गिरने से हरिश्चंद्रपुर निवासी 38 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि बस्ती खेड़ा निवासी 26 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो उस पर पेड़ गिरने से हो गई। वहीं आंधी के दौरान सेमरिमऊ और परशुराम पुरवा गांवों के दो व्यक्तियों की मौत तब हो गई जब उन पर पेड़ गिर गया। कन्नौज जिले के विभिन्न हिस्सों में आंधी और बिजली गिरने से करीब पांच लोगों की मौत हो गई है। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) गजेंद्र कुमार ने कहा कि छतरपुर गांव में एक गैस सर्विस गोदाम की छत गिरने से पिकअप वाहन के 45 वर्षीय चालक की मौत हो गई। सुरसा गांव के दिनेश पाल की दीवार गिरने के कारण उसके नीचे आने से मौत हो गई, जबकि भिकनीपुरवा निवासी 80 वर्षीय व्यक्ति की मौत भी घर की दीवार गिरने से उसके नीचे दबने से हो गई। वहीं तिजलापुर गांव में तेज हवाओं के कारण एक ट्रोली के पलटने से उसके नीचे आए आठ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। यह चौथी मौत थी। पांचवीं मौत रमाईपुर में हुई, जहां एक पेड़ के गिरने के दौरान उसकी चपेट में आए एक युवक की मौत हो गई। लखनऊ में शनिवार शाम को 57.4 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई। इसने एक दिन में हुई इतनी बारिश का 61 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। साभार-khaskhabar.com  

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चंडीगढ़ । पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सरहद पर बढ़ते तनाव का कूटनीतक तौर पर हल निकालने की वकालत करने के साथ ही चीन को चेतावनी दी कि वह भारतीय सरहद के अंदर घुसपैठ की कोशिश न करे। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश की इस धमकी के बावजूद भारत पीछे नहीं हटेगा। मुख्यमंत्री ने चीन को भारत को हलके में न लेने की चेतावनी देते हुये कहा, ‘‘हालाँकि हम युद्ध नहीं चाहते परन्तु हम चीन की धक्केशाही को भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह 1962 नहीं है।’’ उन्होंने एक बात स्पष्ट करते हुये कहा कि अगर चीन ने ऐसा व्यवहार बंद न किया तो उसे इसकी भारी कीमत भुगतनी पड़ेगी। अपने फेसबुक लाइव सैशन के दौरान कोलकाता के एक निवासी के सवाल के जवाब में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा, ‘‘भारतीय सेना करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है और चीन को कोई ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए।’’ उन्होंने चीन को अपने ढंग बदलने और भारत के साथ बातचीत करके सारा मामला निपटाने की अपील करते हुये कहा, ‘‘हम किसी देश के खि़लाफ़ लड़ाई नहीं चाहते और स्थिति में सुधार चाहते हैं परन्तु अगर वह इसी तरह व्यवहार करते रहे तो हमारे पास कोई और चारा नहीं बचेगा।’’ कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि चीन भारत को सरहद के साथ अपनी साईड कोई भी इमारती ढांचा बनाने से नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा, ‘‘चीनी लोग हमारी कोई बात नहीं सुनते जब हम अकसायी चीन में उनकी तरफ से हमारे इलाके के अंदर सडक़ें बनाने पर ऐतराज़ करते हैं परन्तु अब जब हम अपने इलाके में एक सडक़ बना रहे हैं तो वह उत्तेजक हो गए।’’ मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान को भी सख्त चेतावनी दी जो ड्रोनों का प्रयोग और अन्य ढंग अपना कर सरहद पार से आतंकवादियों, हथियारों और नशों को धकेल कर पंजाब और देश के अन्य हिस्सों में गड़बड़ी पैदा करने की कोशिशों कर रहा है। उन्होंने कहा कि मज़बूत सुरक्षा ढांचा जिसमें बी.एस.एफ., पंजाब पुलिस और भारतीय फ़ौज शामिल हैं, पाकिस्तान से 24 घंटे सरहद की निगरानी और सुरक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने पिछले महीनों में 32 अतिवादी मॉड्यूलों का पर्दाफाश किया था और 200 से अधिक हथियार ज़ब्त किये थे। सिखस फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू की पंजाब में लोगों को भडक़ाने और गड़बड़ी पैदा करने कोशिशों पर कैप्टन अमरिन्दर ने कहा कि वह किसी भी विदेशी तत्त्व को पंजाब की शान्ति भंग करने की आज्ञा नहीं देंगे। उन्होंने पन्नू को चेतावनी दी कि अगर उसने राज्य को अस्थिर करने की कोशिशें बंद नहीं की तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने पड़ेंगे। इस बात पर ज़ोर देते हुये कि पन्नू जैसे लोगों के साथ कैसे निपटना है वह अच्छी तरह जानते हैं, मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर उसमें हिम्मत है तो वह पंजाब में दाखि़ल होकर दिखाए। कैप्टन अमरिन्दर ने कहा कि राज्य पन्नू और उसके प्रतिबंधित संगठन से किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। साभार-khaskhabar.com

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन के बात में कहा देश में सभी के सामूहिक प्रयासों से कोरोना के खिलाफ लड़ाई बड़ी मजबूती से लड़ी जा रही है। तमाम सावधानियों के साथ हवाई जहाज उड़ने लगे हैं, धीरे-धीरे उद्योग भी चलना शुरू हुए हैं, यानी अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा अब चल पड़ा है। ऐसे में हमें और ज़्यादा सतर्क रहने की आवश्कयकता है। दो गज की दूरी का नियम हो, मुंह पर मास्क लगाने की बात हो, इन सारी बातों का पालन करना है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई का रास्ता लंबा है। एक ऐसी आपदा जिसका पूरी दुनिया के पास कोई इलाज ही नहीं है, जिसका पहले का अनुभव ही नहींं है, तो ऐसे में नई-नई चुनौतियां और उसके कारण परेशानियां हम अनुभव कर रहे हैं देशवासियों की संकल्पशक्ति के साथ एक और शक्ति इस लड़ाई में हमारी सबसे बड़ी ताकत है और वो है- देशवासियों की सेवाशक्ति। पंजाब के पठानकोट से दिव्यांग भाई राजू ने दूसरों की मदद से जोड़ी गई छोटी से पुंजी से 3000 से अधिक मास्क बनाकर लोगों में बांटे और 100 परिवारों के लिए राशन जुटाया।सेवाभाव से लोगों की मदद कर रहे है ऐसे सभी लोगों की मैं प्रशंसा करता हूं,उनका तहे दिल से अभिनंदन करता हूं एक और बात जो मेरे मन को छू गई, वो है संकट की इस घड़ी में इनोवेशन, गांवों से लेकर शहरों तक छोटे व्यापारियों से लेकर स्टार्ट-अप तक, हमारी लैब्स कोरोना से लड़ाई में नए-नए तरीके इज़ाद कर रहे हैं, नए इनोवेशन कर रहे हैं हमारे रेलवे के साथी दिन-रात लगे हुए हैं। केंद्र हो, राज्य हो, स्थानीय स्वराज की संस्थाएं हो-हर कोई दिन रात मेहनत कर रहा है। जिस प्रकार रेलवे के कर्मचारी आज जुटे हुए हैं, वे भी एक प्रकार से अग्रिम पंक्ति में खड़े कोरोना वॉरियर्स ही हैं। किसी भी परिस्थिति को बदलने के लिए इच्छाशक्ति के साथ ही, बहुत कुछ इनोवेशन पर भी निर्भर करता है। हजारों साल की मानव जाति की यात्रा लगातार इनोवेशन से ही इतने आधुनिक दौर में पहुंची है। कहीं श्रमिकों की स्किल मैपिंग का काम हो रहा है, कहीं स्टार्ट-अप इस काम में जुटे हैं, कहीं माइग्रेशन कमीशन बनाने की बात हो रही है। साथ ही केंद्र सरकार ने अभी जो फैसले लिए हैं उससे गांवों में रोजगार, स्वरोजगार और लघु उद्योग से जुड़ी विशाल संभावनाएं खुली हैं। कुछ ही दिन पहले आयुष्मान भारत के लाभार्थियों की संख्या एक करोड़ के पार हो गई। अगर गरीबों को अस्पताल में भर्ती होने के बाद इलाज के लिए पैसे देने पड़ते, इनका मुफ्त इलाज नहीं होता तो एक मोटा-मोटा अंदाजा है ​कि उन्हें 14 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा अपनी जेब से खर्च करने पड़ते एक करोड़ लाभार्थियों में से 80 प्रतिशत लाभार्थी देश के ग्रामीण इलाकों के हैं। इनमें भी करीब 50 प्रतिशत लाभार्थी हमारी माताएं-बहनें और बेटियां हैं बहुत से लोगों ने ये बताया है कि उन्होंने, जो जो समान उनके इलाके में मिलते हैं, उनकी उन्होंने पूरी लिस्ट बना ली है। ये लोग अब लोकल प्रोडक्ट्स को ही खरीद रहे हैं और 'वोकल फॉर लोकल' को प्रमोट कर रहे हैं। कोरोना संकट के इस दौर में मेरी विश्व के अनेक नेताओं से बातचीत हुई है, तो मैंने देखा इन दिनों उनकी बहुत ज़्यादा दिलचस्पी 'योग' और 'आयुर्वेद' के संबंध में होती है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि वे इस योग दिवस पर प्राणायाम करने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि हॉलीवुड तक में लोग योग को अपना रहे हैं। इससे रोग प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने मन की बात रेडियो कार्यक्रम में देश में हुए टिड्डी दल के हमले का जिक्र किया। मोदी ने कहा कि टिड्डियों के हमलों से प्रभावित सभी लोगों को मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस हमले से पता चला कि एक छोटा सा जीव भी कितना नुकसान पहुंचाता है। इस संकट से निपटने के उपाय किए जा रहे हैं और इस संकट से भी निजात मिल जाएगी। साभार-khaskhabar.com

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नासा और एलोन मस्क के स्पेसएक्स ने आधिकारिक तौर पर फ्लोरिडा के केप कैनावेरल में कैनेडी स्पेस सेंटर से फाल्कन 9 रॉकेट के सफल प्रक्षेपण के साथ अंतरिक्ष में दो एस्ट्रोनॉट भेजे। अंतरिक्ष यात्री रॉबर्ट बेहेनकेन और डगलस हर्ले ने शनिवार दोपहर 3:22 बजे लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39 ए से उड़ान भरी - नौ साल में पहली बार एक अमेरिकी दल को अमेरिकी धरती से लॉन्च किया है। आज 50 प्रतिशत मौका ही था कि फाल्कन 9 को बादलों और बिजली के कारण आज लांच नहीं किया जाएगा, लेकिन घड़ी की उलटी गिनती के 45 मिनट के साथ ही मौसम साफ हो गया। लॉन्च अमेरिका मिशन भी पहली बार हुआ है जब एक निजी कंपनी ने अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में ले कर गयी है। 2011 के बाद पहला मौका है जब पहली बार अमेरिकी ऐस्ट्रोनॉट्स अमेरिका की मिट्टी से स्पेस में भेजे गए हैं। अभी तक रूस के Soyuz से ही भेजे जाते थे। किसी प्राइवेट कंपनी के रॉकेट से स्पेस जाने का भी यह पहला मौका है।   साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली/वाशिंगटन, 31 मई (आईएएनएस)| अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सितंबर तक जी 7 शिखर सम्मेलन को स्थगित करने और भारत, रूस, आस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया को आमंत्रित करने का फैसला किया है ताकि 11 अन्य शक्तिशाली राष्ट्रों के बीच बीच चीन के भविष्य को लेकर रोडमैप तैयार करने की योजना पर चर्चा की जा सके। व्हाइट हाउस की ओर से एक बयान में कहा गया कि शनिवार को एयर फोर्स वन में प्रेस केबिन में कुछ मिनटों के लिए राष्ट्रपति ने संवाददाताओं से ऑफ द रिकॉर्ड बात की। हालांकि, उन्होंने व्हाइट हाउस को जी 7 के बारे में रिकॉर्ड पर अपने बयान का उपयोग करने की अनुमति दी। बयान में कहा गया, "वह सितंबर तक इसे स्थगित कर रहे हैं और रूस, दक्षिण कोरिया, आस्ट्रेलिया और भारत को आमंत्रित करने की योजना बना रहे हैं।" राष्ट्रपति ट्रंप ने यह कहते हुए निर्णय लिया, "मुझे नहीं लगता कि जी 7 के रूप में यह ठीक से दशार्ता है कि दुनिया में क्या चल रहा है। यह देशों का एक बहुत पुराना पड़ गया समूह बनकर रह गया है।" जी 7 अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान सहित दुनिया की सात सबसे बड़ी उन्नत अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतरराष्ट्रीय अंतर-सरकारी आर्थिक संगठन है। व्हाइट हाउस की रणनीतिक संचार निदेशक एलिसा एलेक्जेंड्रा फराह ने कहा, "जी 7 बैठक को स्थगित करने और चार अन्य राष्ट्रों को शामिल करने का निर्णय, "चीन के भविष्य से डील करने के बारे में बात करने के लिए हमारे पारंपरिक सहयोगियों को एक साथ ला रहा है।" संयोग से, भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर इन दिनों तनाव है। यहां तक कि राष्ट्रपति ट्रंप दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की पेशकश तक कर चुके हैं। शुक्रवार को, अमेरिका, ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया और कनाडा ने संयुक्त रूप से चीन की आलोचना की और कहा कि हांगकांग पर एक नया सुरक्षा कानून लागू करने का उसका निर्णय अंतर्राष्ट्रीय संधियों का सीधे उल्लंघन है।   साभार-khaskhabar.com

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जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोरोना संक्रमण के खतरे को कम से कम करने के लिए 31 मई के बाद भी प्रदेशभर में रात्रिकालीन कर्फ्यू जारी रखा जाए। इसमें किसी तरह की शिथिलता नहीं हो। उन्होंने कहा कि कंटेनमेंट क्षेत्र का पुनःनिर्धारण एक्टिव केसेज की संख्या के अनुसार किया जाए, ताकि केवल संक्रमित क्षेत्र में ही कर्फ्यू जारी रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना सख्ती से हो। इसमें कोई भी अपना अहम आडे़ नहीं आने दे, चाहे वह वीआईपी ही क्यों न हो। उन्होंने अपील की है कि सभी प्रदेशवासी बार-बार हाथ धोते रहें, मास्क पहनें और सामाजिक दूरी के नियम की पूरी पालना करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन हैल्थ प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना के लिए कैमरों सहित अन्य माध्यमों से प्रभावी निगरानी करे। उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्थान महामारी अध्यादेश के तहत लागू पैनल्टी एवं जुर्माने के प्रावधानों में किसी तरह की शिथिलता नहीं बरती जाए। यह लोगों के जीवन की रक्षा एवं जनस्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना करके ही हम कोरोना की जंग जीत सकेंगे। गहलोत ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित कई विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जुलाई-अगस्त माह में कोरोना का दूसरा दौर अधिक संकट पैदा कर सकता है। ऎसे में कोविड-19 महामारी की इस चुनौती को एक अवसर के रूप में बदलते हुए प्रदेश में जिला अस्पतालों से लेकर सब सेंटर तक मजबूत हैल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाए, ताकि गांव के लोगों को छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए शहर तक नहीं आना पडे़। उन्होंने कहा कि विधायकों से इस संबंध में सुझाव लेकर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों को निशुल्क इलाज उपलब्ध कराने के लिए निजी अस्पताल मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्वोच्च न्यायालय की भावना के अनुरूप निजी अस्पतालों में कोरोना के निशुल्क इलाज के लिए एक एडवाइजरी जारी की जाए, जो भी अस्पताल इसका उल्लंघन करे उसके विरूद्ध कार्रवाई का प्रावधान हो। अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य रोहित कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण को लेकर राजस्थान की स्थिति अन्य राज्यों के मुकाबले बेहतर है। यहां विगत 6 दिनों में एक्टिव केसेज की संख्या स्थिर है और रिकवरी रेट बढ़ी है। इसी तरह विगत 3 दिन में प्रवासी लोगों, ग्रामीण क्षेत्र सहित सभी तरह के पॉजिटिव केसेज की संख्या घटी है। साथ ही शहरी इलाकों में कफ्र्यू क्षेत्रों की संख्या में कमी आई है। प्रमुख शासन सचिव सूचना प्रौद्योगिकी अभय कुमार ने बताया कि प्रदेश में श्रमिकों को सुगमता से रोजगार मिल सके एवं उद्योगों के लिए श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके, इसके लिए प्रदेश में सोमवार से ‘‘राज कौशल राजस्थान एम्पलॉयमेंट एक्सचेंज‘‘ का शुभारम्भ होगा।   साभार-khaskhabar.com

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चंडीगढ़ । राज्य के लोगों को वस्तुओं के असल भाव से अधिक कीमत वसूलने से बचाने के मकसद से राज्य भर में 1325 दुकानों और कैमिस्ट दुकानों पर छापे मारे गए, जिनमें से 176 व्यापारिक संस्थाएं असल कीमत से अधिक कीमत वसूल कर रहे थे, जिनके विरुद्ध कार्यवाही करते हुए उनको 11,02,000 के जुर्माने किए गए हैं। उपभोक्ता मामलों संबंधी मंत्री भारत भूषण आशु ने बताया कि वस्तुओं की असल कीमत से अधिक कीमत वसूलने सम्बन्धी उनके विभाग को 7 शिकायतें मिली थीं, जिन पर कार्यवाही करते हुए राज्य भर में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की गई, जिस दौरान 186 दुकानदारों पर तय कीमत से अधिक कीमत वसूल करने के मामले में पी.सी.आर. एक्ट और अन्य सम्बन्धित धाराओं के अधीन मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा 176 दुकानदारों का पी.सी.आर. एक्ट और अन्य सम्बन्धित धाराओं के तहत मामले दर्ज करके जुर्माने किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिन्दर सिंह के आदेशों के अनुसार विभाग राज्य में ज़रूरी वस्तुओं की बिक्री एम.आर.पी. या उससे कम होने को यकीनी बनाने के लिए विभाग लगातार काम कर रहा है। साभार-khaskhabar.com

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चंडीगढ़ । देश भर में सबसे अधिक 91 प्रतिशत रिकवरी दर्ज करने के अलावा, पंजाब में मृत्यु दर को भी सबसे कम 1.3 फ़ीसदी तक रोकने में कामयाब रहा है, जिनमें से ज़्यादातर मौतें सह-रोग के नतीजे के तौर पर हुई हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रमुख सचिव अनुराग अग्रवाल ने बताया कि पंजाब में अब तक 40 मरीज़ों की मौत हुई है, उनकी उम्र 50 साल से अधिक थी। इनमें से 31 व्यक्ति (77 प्रतिशत) अंतिम पड़ाव पर गुरदे, कैंसर और एचआईवी जैसी गंभीर बीमारियों के अलावा मधुमेह और हाई-ब्ल्ड प्रैशर से जूझ रहे थे। उन्होंने आगे बताया कि बाकी के 23 प्रतिशत मामलों में मरीज़ मुख्य तौर पर दिल की बीमारी, हाईपरटैंशन, मधुमेह और मोटापा जैसी पुरानी बीमारियों से सम्बन्धित थे और ऐसे मामले बहुत कम थे, जिनको कोई बीमारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि ज़्यादातर मामलों में उन मरीज़ों की मौत हुई है जो पहले ही गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, जिस कारण उनकी मौत कुदरती तौर पर भी हो सकती थी। अब तक रिपोर्ट किए कुल 2106 पॉजि़टिव मामलों में से 1918 मरीज़ पहले ही पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। वैज्ञानिक और योजनाबद्ध ढग़ से प्रभावित मरीज़ों के संपर्क में आए व्यक्तियों का पता लगाने के साथ-साथ लॉकडाउन को प्रभावशाली ढंग से लागू करने संबंधी बात करते हुए श्री अग्रवाल ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से पंजाब में कोविड-19 के दुगने होने की दर लगभग 100 दिन रह गई है, जो कि काफी बेहतर है। अग्रवाल ने बताया कि आईसीएमआर के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी मामलों में, यदि मरीज़ों को कोई पुरानी बीमारी के बिना कोविड से प्रभावित पाया जाता है, तभी उसकी मौत को कोविड से मौत माना जाता है। राज्य की मृत्यु दर, राष्ट्रीय औसत मृत्यु दर (3 प्रतिशत) की अपेक्षा भी बहुत कम है। अग्रवाल ने आगे कहा कि इसके अलावा बहुत से मामलों में मृतक देहों के नमूने लिए गए हैं, जिनमें से कुछ पॉजि़टिव पाए गए परन्तु यह सभी मौतें कोविड-19 मौत के तौर पर ली गई, जबकि यह नमूने सिफऱ् संभावित पॉजि़टिव मामलों के संपर्क का पता लगाने के लिए लिए गए थे। डॉ. तलवाड़ के नेतृत्व अधीन एक माहिर कमेटी को राज्य में हुई मौतों का विश£ेषण और समीक्षा करने और उसके अनुसार सुधारात्मक कार्यवाही करने के लिए भी निर्देश दिए गए। माहिरों की कमेटी द्वारा विस्तृत रूप में मौत के मामलों की समीक्षा की गई और अपडेशन के द्वारा राज्य में काम कर रहे डॉक्टरों को ताज़ा जानकारी दी गई। स्वास्थ्य सेवाओं की डॉयरैक्टर डॉ. अवनीत कौर ने बताया कि आठ मरीज़ अंतिम पड़ाव पर गुरदों की बीमारी से जूझ रहे थे और वह डायलिसिस पर थे, इसलिए उनकी जान पहले ही ख़तरे में थी। इसके अलावा 9 मरीज़ मधुमेह की गंभीर बीमारी से ग्रस्त थे। उन्होंने आगे बताया कि कुछ मामलों में मरीज़ों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कमज़ोर थी, क्योंकि वह एचआईवी पॉजि़टिव थे। ऐसे मरीज़ बहुत जल्द संक्रमित होते हैं और उनके पास संक्रमण से लडऩे की क्षमता भी बहुत कम होती है। साभार-khaskhabar.com

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चंडीगढ़ । पंजाब के स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड-19 महामारी के मद्देनजऱ नाई की दुकानों / हेयर-कट सैलूनज़ की सफ़ाई और स्वच्छता बनाए रखने सम्बन्धी विस्तृत एडवाइजऱी जारी की गई है। इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि नाई की दुकान / हेयर-कट सैलून के मालिकों को यह यकीनी बनाना होगा कि कोई भी स्टाफ मैंबर जिसमें कोविड-19 (बुख़ार, सूखी खाँसी, साँस लेने में तकलीफ़ आदि) के लक्षण होने पर काम पर न बुलाया जाए और उक्त व्यक्ति तुरंत डॉक्टरी सलाह लेकर घर के अंदर रहे। इसी तरह ऐसे लक्षण पाए जाने वाले किसी भी ग्राहक का काम न किया जाए। जिस मामले में किसी को (जैसे माता-पिता / गारडियनज़) साथ लाना ज़रूरी न हो तो बेहतर होगा कि दुकान पर आने वाले ग्राहक अपने साथ किसी अन्य व्यक्ति को साथ न लेकर आएं। प्रवक्ता ने आगे कहा कि नाई की दुकानों / हेयर-कट सैलून के मालिक यह सुनिश्चित करेंगे कि उनकी दुकान / सैलून में अनावश्यक भीड़ न हो। इसके अलावा सेवाएं लेते समय ग्राहकों द्वारा संभव हो तो मास्क का प्रयोग किया जाए। नाई की दुकान / हेयर-कट सैलून के मालिक और वहाँ काम करने वाले स्टाफ द्वारा निश्चित तौर पर मास्क का प्रयोग किया जाए। एडवाइजऱी में कहा गया है कि ग्राहकों और स्टाफ के आपसी व्यवहार के दौरान कोविड-19 की रोकथाम से सम्बन्धित सभी दिशा-निर्देशों जैसे कि बार-बार हाथ धोना (साबुन और पानी या अल्कोहल आधारित हैंड सैनीटाईजऱ के साथ), एक मीटर की शारीरिक दूरी बनाए रखना, श्वसन स्वच्छता की पालना, बीमारी के लक्षण पर नजऱ रखना, सार्वजनिक स्थानों पर न थूकना आदि का निश्चित रूप से पालन किया जाए। इसके अलावा जहाँ तक हो सके दुकान मालिकों द्वारा ग्राहकों को डिजिटल भुगतान के तरीकों का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। अगर नकदी द्वारा लेन-देन किया जाता है तो दुकानदार, स्टाफ और ग्राहक नकदी के लेन-देन से पहले और बाद में अपने हाथों को तुरंत साफ़ करें। दुकानों की उपयुक्त साफ़-सफ़ाई सम्बन्धी सर्विस रूम, इन्तज़ार वाले स्थानों, काम करने वाले स्थानों आदि समेत अंदर के स्थनों को हर 2-3 घंटे के अंदर उपयुक्त तरह से साफ़ करने की सलाह दी गई है। फ़र्श को 1 प्रतिशत सोडियम हाईपोक्लोराईट या मार्केट में उपलब्ध इसके बराबर के किसी अन्य डिसइनफैक्टैंट के साथ साफ़ किया जाए। फर्नीचर और अक्सर छूईं जाने वाली सतहों और अन्य चीज़ों को नियमित रूप से साफ़ / डिसइनफैक्ट किया जाए। उपकरणों (कैंची, उस्तरा, कंघी, स्टाईलिंग टूलज़) को हर प्रयोग के बाद 1 प्रतिशत सोडियम हाईपोक्लोराईट के साथ साफ़ किया जाए। काम के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले कपड़े, तौलिए और सम्बन्धित चीज़ों को नियमित रूप से साफ़ किया और धोया जाए। साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली । स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में देश में कोरोना वायरस के 6,654 पॉजिटिव आये,यह अब तक सबसे बड़ी बढ़त है और 137 मौतें हुईं हैं । देश में अब कोरोना वायरस पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 1,25,101 है, इसमें 69,597 सक्रिय मामले और 3,720 मौतें शामिल हैं। भारत सरकार कोविड-19 की रोकथाम, उसे फैलने से रोकने और प्रबंधन के लिए एक श्रेणीबद्ध, पूर्व-नियोजित और व्‍यावहारिक दृष्टिकोण के माध्यम से, राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के साथ कई कदम उठा रही है। उच्चतम स्तर पर इनकी नियमित रूप से समीक्षा और निगरानी की जा रही है। कल से, भारत में कोविड-19 के पुष्ट मामलों की संख्या में 6088 की वृद्धि दर्ज की गई है। पुष्‍ट मामलों की कुल संख्या अब 1,18,447 हो गई है। सक्रिय चिकित्सा निगरानी के अंतर्गत आने वाले मामलों की संख्या 66,330 है। अब तक कुल 48,533 लोग ठीक हो चुके हैं। पिछले 24 घंटों में 3234 मरीजों का इलाज हुआ। इलाज के बाद स्‍वस्‍थ होने वाले लोगों की कुल दर 40.98% हो गई है। जब हम लॉकडाउन 4.0 में बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं, यह महत्‍वपूर्ण है कि हम सावधानी के साथ उचित कोविड व्यवहार को अपनी जीवन शैली का अभिन्न अंग बनाएं जिसमें अनिवार्य रूप से नियमित रूप से हाथ धोना और हाथ की स्वच्छता, मास्क/फेस कवर का उपयोग, एक-दूसरे से '2 गज की दूरी’ बनाकर रखना, बुजुर्गों और कमजोर लोगों की देखभाल, आयुष के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए प्रतिरक्षा को बढ़ावा देकर आत्म-सुरक्षा, आरोग्य सेतु ऐप की स्थापना, और किसी प्रकार के लांछन की चिंता किए बिना कोविड-19 के लक्षणों की समय पर जानकारी देकर इलाज के लिए देखभाल की मांग करना शामिल है। साभार-khaskhabar.com  

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दरभंगा :लॉकडाउन में दरभंगा की रहने वाली 15 वर्षीय ज्योति ने अपने घायल पिता को साइकिल पर बैठा कर गुरुग्राम, हरियाणा से 7 दिनों में दरभंगा तक 1200 किलोमीटर का सफर ​तय किया। ज्योति के इस साहसिक कदम को देखते हुए भारतीय साइकिलिंग फेडरेशन ने उन्हें ट्रायल के लिए दिल्ली बुलाया है। लेकिन अभी ज्योति कुमारी रेस के लिए तैयार नहीं है। ज्योति ने कहा मुझे साइकिल में रेस लगाने के लिए फोन आया, मैंने कहा कि मैं अभी तो रेस नहीं लगा सकती हूं क्योंकि मेरे पैर और हाथ सब दर्द कर रहे हैं। उन्होंने एक महीने बाद ट्रायल के लिए आने को कहा है। गौरतलब है की ज्योति कुमारी की खबर इवांका ट्रंप तक पहुंच गईं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी और सलाहकार इवांका ट्रंप ने शुक्रवार को ज्योति कुमारी की खबर शेयर करते हुए तारीफ की। उन्होंने कहा कि धीरज और प्रेम के इस सुंदर पराक्रम ने भारतीय लोगों और साइकिल फेडरेशन का ध्यान खींचा है। इवांका ट्रंप के ट्वीट के बाद जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा कि ज्योति की गरीबी और मायूसी को ऐसे महिमांडित किया जा रहा है, जैसे कि उसने 1200 किलोमीटर तक रोमांच के लिए साइकिल चलाई हो। इवांका ट्रंप ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, "15 साल की ज्योति कुमारी अपने घायल पिता को साइकिल पर बैठाकर 7 दिनों में 1,200 किमी सफर तय करके गांव पहुंची। धीरज और प्यार के इस सुंदर पराक्रम ने भारतीयों और साइकलिंग फेडरेशन का ध्यान खींचा है।" इवांका ट्रंप के इस ट्वीट पर उमर अब्दुल्ला ने कहा, "उसकी गरीबी और हताशा को ऐसे महिमामंडित किया जा रहा है जैसे कि ज्योति ने रोमांच के लिए 1,200 किलोमीटर साइकिल से सफर किया। सरकार ने उसे असफल कर दिया।" बता दें कि ज्योति कुमारी और उनके पिता हरियाणा के गुरुग्राम में रहते हैं। लॉकडाउन के दौरान ज्योति के पिता मोहन पासवान एक दुर्घटना में घायल हो गए थे, जिससे वह घर जाने की स्थिति में नहीं थे। ऐसे में बेटी ज्योति 10 मई को गुरुग्राम से पिता को साइकिल पर बैठाकर 12 सौ किमी दूर बिहार के दरभंगा रवाना हुईं। वह 16 मई को घर पहुंचीं। ज्योति कुमारी की इस तकलीफ और साहस के बारे में जानकर लोग हैरान हो गए। यहां तक कि इवांका ट्रंप भी प्रभावित होकर ज्योति कुमारी से जुड़ी एक खबर शेयर कर तारीफ करने को मजबूर हो गईं साभार-khaskhabar.com  

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जयपुर । प्रदेश में लॉकडाउन लागू होने के बाद विभिन्न कारणों से दिवंगत हुए लोगों के परिजन अस्थि विसर्जन के लिए जा सकें, इसके लिए जाने वाली विशेष बसें निःशुल्क संचालित होंगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह मानवीय एवं संवेदनशील निर्णय करते हुए कहा है कि यह अत्यन्त पीड़ादायक है कि अपने परिजनों के निधन के बाद शोकाकुल परिवार उनकी अस्थियों का विसर्जन नहीं कर पाये थे। अब राज्य सरकार के आग्रह पर उत्तराखण्ड सरकार ने अस्थि विसर्जन के लिए बसों के आवागमन की सहमति दे दी है। इससे शोक संतप्त परिजन अस्थि विसर्जन स्थलों पर सुगमता पूर्वक जा सकेंगे। बैठक में बताया गया कि राजस्थान सरकार के विशेष प्रयासों के बाद उत्तराखण्ड की सरकार ने अस्थि विसर्जन के लिए बसों के संचालन की सहमति दे दी है। उत्तर प्रदेश सरकार से सहमति के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। अस्थि विसर्जन के लिए किसी भी परिवार के दो या तीन सदस्य इन विशेष बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकेंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग सुबोध अग्रवाल ने बैठक में बताया कि अब राजस्थान से हरिद्वार एवं अन्य अस्थि विसर्जन स्थलों के लिए प्रतिदिन चार या पांच बसें संचालित होंगी। ये बसें शुरू में प्रदेश के सम्भागीय मुख्यालयों से तथा उसके बाद आवश्यकतानुसार जिला मुख्यालयों से संचालित की जाएंगी। साभार-khaskhabar.com

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