देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
मथुरा। सर्दी के मौमस में एक बार फिर आंदोलन गर्माहट ले कर आ रहे है। भारतीय किसान यूनियन 27 दिसम्बर से कलक्ट्रेट पर बडा आंदोलन करने जा रही है। सिंचाई विभाग में हुए 3.27 करोड के घपले, बिजली के बढे हुए बिल और किसानों की दूसरी समस्याओं को लेकर भाकियू ने आंदोलन का फैसाल किया है। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजकुमारतौमर ने बताया कि नहर और रजवाहों की सफाई के 3.27 करोड में सबका हिस्सा बांट हुआ है। किसान चीखचीख कर आलाधिकारियों से फरियाद करते रहे। उनके यहां रजवाह की सफाई नहीं हुई है वहीं सिंचाई विभाग ने कागजों में काम पूरा कर दिया है। जहां सफाई हुई है वहां भी ड्रेन के कुछ हिस्से की सफाई कराकर बाकी सफाई सिर्फ कागजों में पूरी कर दी गयी है। उन्होंने कहाकि बिजली के बढे हुए बिलों से भी किसान परेषान हैं। बिना रिष्वत के कोई काम नहीं हो रहा है। किसान से सरकारी दफ्तरों में हर काम के पैसे मांगे जा रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन इस पूरे घोटाले के लिए जिला प्रषासन को जिम्मेदार मान रही है। भाकियू जिलाध्यक्ष राजकुमार तौमर ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस घोटाले की निष्पक्ष जांच कराई जाये। उन्होंने कहाकि जिलाधिकारी ने ड्रोन से रजवाह साफाई की निगरानी का दावा किया था, उनका ड्रोन कहीं उडता नहीं दिखा। ए
140 माइनर और रहवाहों की होनी है साफाई
140 से अधिक रजवाह, माइनर व अल्पिका का सिल्ट सफाई का कार्य षुरू किया है। बल्देव, दघैंटा, रदोई, छडगांव नैनूपट्टी , फौंडर, रसूलपुर, रामपुर आदि माइनरों की सफाई नहीं हुई है, जबकि कागजों में काम पूरा दिखा दिया गया है।
नहीं मिलेगा सर्वे के लिए मौका
नवम्बर के पहले सप्ताह में रजवाहों में पानी छोडे जाने पर सफाई कार्य के सर्वे का मौका नहीं मिलेगा। दो अक्टूबर तक किसी भी स्थिति में साफाई कार्य पूरा नहीं हो पाएगा। ऐसे में किसानों को भी कम संबंधी षिकायत का मौका नहीं मिलोगा और षिकायत करते हैं तो सर्वे की स्थिति ही नहीं बनेगी।













Related Items
भाकियू की पांच सितम्बर की किसान महापंचायत साबित होगी मील का पत्थर
किसान भवन में तीन दिन चलेगा भाकियू का चिंतन शिविर
महंगाई की मार से बेजार किसान, भाकियू ने किया प्रदर्शन