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मथुरा। धर्मिक नगरी मथुरा-वृंदावन में कूड़े का निस्तारण एक बड़ा सवाल बन गया है। पिछले 12 साल की मशक्कत, पालिका से निगम बनने के बाद करोड़ों रूपया खर्च हुआ लेकिन नतीजा सिफर है। कहीं कूड़ा जलाया जा रहा है तो कहीं सड़क किनारे डाल रहे हैं। एक बड़े क्षेत्र से तो कूड़ा उठ भी नहीं पा रहा है। हालांकि कूड़ा निस्तारण के लिए अब तक दस करोड़ से ज्यादा की धनराशि ठिकाने लग चुकी है।कूड़े की समस्या के निस्तारण के लिए जमुनापार में डंपिंग ग्राउंड बना हुआ है। यहां एकत्रित होने वाला कूड़ा क्षेत्रीय लोगों के लिए बड़ी समस्या है। आए दिन इस कूड़े में आग लगाकर निस्तारण कर दिया जाता है। निगम के आंकलन के मुताबिक प्रतिदिन लगभग 200 टन कूड़ा यहां डाला जा रहा है। इससे यहां तीन मंजिल से ऊंचे पहुंच चुके कूड़े के ढेर लग चुके हैं।
हालांकि इसके कूड़े के निस्तारण के लिए निगम ने कई कंपनियों से बातचीत भी की, परंतु कोई समाधान नहीं निकल सका। शुरूआत में इस कूड़े के निस्तारण के लिए एमडब्लूपी कंपनी ने काम शुरू किया। करीब दस करोड़ की लागत से यहां कूड़े निस्तारण के लिए प्लांट लगाया गया। लेकिन, इसका संचालन नहीं हो सका। कूड़े का जहरीला धुआं लोगों के स्वास्थ्य से खेल रहा है तो वातावरण की सेहत भी खराब कर रहा है लेकिन अफसर इन सब बातों से अनजान बने हुए है।
केके सिंह सेनेटरी इंस्पेक्टर
कल से जेसीबी द्वारा कूडा कुरेद कर आग को बझाया जाएगा, रोजाना ऐसा कुछ होगा तो अपानी डाला जाएगा, एक से डेढमहीने में जो कूडा पडा है एसे हटा दिया जाएगा। कूडा निस्तारण की नई व्यवस्था की जा रही है। हाल फिलहाल आग जलती हुई पाई जाती है तो













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