देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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मथुरा(पवन शर्मा)। गोवर्धन मुड़िया पूनो का करोड़ी मेला है, जिसमे देश भर से लोग आकर गिरिराजजी की परिक्रमा करते हैं और पुण्य लाभ कमाते हैं, इस बार पीडब्ल्यूडी की तैयारियों में खासा अभाव देखने को मिल रहा है, जिसके चलते परीक्षार्थियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा स कच्ची परिक्रमा मे इस बार मिट्टी नहीं डाली गई है जिसके चलते परिक्रमार्थीयों को छोटे पत्थरों को चुभने से खासी परेशानी होगी स जिसे लेकर स्थानीय लोगों ने रोष जताया है।
गोवर्धन में प्रतिवर्ष मुड़िया पूर्णिमा का मेला लगता है, जिसमें देशभर के लाखों लोग आस्था लेकर आते हैं और अपने आराध्य का नाम लेकर गिरिराजजी की इक्कीस कोसीय परिक्रमा करते हैं लेकिन इस मेले को राजकीय मेले का दर्जा प्राप्त है। सात दिवसीय इस मेले में आने वाले परिक्रमार्थीयों की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा तमाम कार्य भी कराए जाते हैं।
लोक निर्माण विभाग द्वारा बेरिकेटिंग के साथ परिक्रमार्थीयों की सुविधा के लिए कच्ची परिक्रमा मे मिट्टी डलवाने का भी काम कार्य जाता है , लेकिन इस बार कच्ची परिक्रमा में मिट्टी नहीं डलवाई गई है। जिसके चलते छोटे छोटे कंकड़ परिक्रमार्थीयों को परेशान कर सकते हैं, लेकिन पूरी परिक्रमा के ज्यादातर हिस्से में कंकड़ हैं जो परेशानी का सबब बनेगे। इतना ही नहीं राधाकुंड में हुए सीसी का ग्रुप फीलिंग भी नहीं हुआ है, तो वहीं सड़कों पर हो रहे गड्ढों, व की हड़ताल का भी कोई निदान नहीं किया गया है। बताते हैं कि गत वर्ष रोटावेटर से मिट्टी की गुडाई करी गई थी जिससे पारिकर्मर्थियों को कभी सुकून मिला था। स्थानीय लोगों की मांग है कि मेले में अब चंद दिन ही शेष हैं और ऐसे में इन परेशानियों को जल्द से जल्द दूर किया जाए।













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