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समाज ने शादी नहीं होने दी तो जान देने की कोशिश की

समाज ने शादी नहीं होने दी तो जान देने की कोशिश कीचूरू । पुराने जमाने से चली आ रही कहावत ‘मियां-बीबी राजी तो क्या करेगा काजी’ आज के इस आधुनिक युग में बेमानी साबित हो रही है। प्रेमी-प्रमिका की रजामंदी आज भी समाज की रूढिय़ों के सामने दम तोड़ रही है। इसका ही परिणाम है कि आए दिन ऑनर किलिंग के साथ-साथ प्रेमी युगल द्वारा आत्महत्या किए जाने जैसे मामले सामने आ रहे हैं। सामाजिक आपत्ति के चलते चूरू जिला मुख्यालय पर भी एक युवक ने गुरुवार को विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। उसे गंभीर हालत में राजकीय डीबी अस्पताल पहुंचाया गया। 

युवक सुरेंद्र कांग्रेस पीसीसी उपाध्यक्ष मकबूल मंडेलिया के कार्यालय में ऑपरेटर है। विषाक्त पदार्थ सेवन करने से पहले सुरेंद्र ने सुसाइड नोट के रूप में फेसबुक पर पोस्ट डालकर अपनी मौत के जिम्मेदरों के नाम भी लिख दिए, लेकिन उसकी किस्मत अच्छी थी कि उसे समय रहते अस्पताल पहुंचा दिया गया और अब उसका इलाज राजकीय डीबी अस्पताल में चल रहा है। सुरेन्द्र नाम के इस युवक को रतनगढ़ निवासी दिल्ली में रहने वाली युवती से प्रेम हो गया। दोनों की शादी में समाज आड़े आ गया। इस पर दोनों ने छिपकर शादी करने का फैसला किया। युवती दिल्ली से झुंझुनूं पहुंच गई और दोनों ने समाज से छिपकर शादी भी कर ली। 

कोर्ट मैरिज के लिए जब दोनो मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने जा रहे थे तो युवती का मामा आ गया और युवती को जबरन अपने साथ ले गया। इसके बाद युवक को उसे और उसके परिवार को समाज से बहिष्कृत करने और परिवार सहित अगवा कर जान से मार देने की धमकी मिलनी शुरू हो गई। अवसाद से घिर चुके सुरेंद्र ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। अभी युवक अस्पताल में भर्ती है और युवती अपने मामा के घर बताई जा रही है।  

साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

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