देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। वार्ड 33 में जलनिगम द्वारा सीवर लाइन डाली गई थी। ठेकेदार ने जिस बेतरतीव तरीके से काम किया उसका खामियाजा जनता आज तक भुगत रही है। सीवरलाइन डालने के दौरान जगह जगह से पेयजल की पाइप लाइन को तोड डाला था।
पार्षद कविता शर्मा ने बताया कि जल निगम द्वारा सीवर लाइन बिछाने के दौरान पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से सड़क में कई स्थानों पर लीकेज हो गए हैं। इससे पेयजलापूर्ति बाधित हो रही है। इस पर नगरायुक्त ने महाप्रबंधक जल को क्षतिग्रस्त पेयजल पाइपलाइन का सर्वे करा सही कराने व अवर अभियंता सत्यप्रकाश के निर्देशन में कराए गए कार्य में लापरवाही बरतने के संबंध में शासन को पत्र भेजने के लिए निर्देशित किया।
नगर निगम क्षेत्र में जलभराव और सीवरेज की बढ़ती समस्याओं के चलते नगरायुक्त रविद्र कुमार मांदड़ ने वार्ड नंबर 33 का निरीक्षण किया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने नगरायुक्त को बताया कि जनवरी 2020 में जल निगम द्वारा बिछाई गई सीवर लाइन क्षतिग्रस्त पड़ी है। इसे विभाग द्वारा सही नहीं कराया गया है। इस पर जल निगम की सीवरेज व ड्रेनेज इकाई के सहायक अभियंता केपी सिंह द्वारा संतोषजनक उत्तर न देने ने नगरायुक्त ने उनके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। वहीं सहायक अभियंता केपी सिंह व ठेकेदार ने बताया कि चामुंडा कॉलोनी की पांच गलियों में से चार में सीवर लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है। अब केवल सड़क की मरम्मत का काम शेष है। वहीं ठेकेदार द्वारा सीवर के लिए बनाए गए चार मैनहोल को कवर्ड न करने पर नगरायुक्त ने भुगतान से 10 फीसद कटौती करने के साथ ही अधूरे काम को 20 सितंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान सहायक नगर आयुक्त राजकुमार मित्तल, मुख्य अभियंता सिविल पीके मित्तल, महाप्रबंधक जल रमेश चंद्र रघुवंशी, अवर अभियंता पवन कुमार व अवर अभियंता आशीष कुमार मौजूद रहे।













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