देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। कोविड-19 के फैलाव को रोकने में सोशल डिस्टेंस को सबसे मारक हथियार माना जा रहा है। प्रदेश में लाकडाउन का विस्तार भी सोशल डिस्टेंस बनाये रखने के लिए ही किया गया है। लाॅकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जा रही है।
जर्माना लगाया जा रहा है तो एफआईआर भी दर्ज हो रही है। बावजूद इसके लाकडाउन में सिस्टम ने कई ऐसे छेद छोड दिये हैं जो लाकडाउन की शतप्रतिशत सफलता पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं।
लाकडाउन में सरकारी राशन की दुकानांे पर उमड रही भीड सब किये धरे पर पानी फेर रही है। एक तरफ लोगों को घर के अंदर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, तो दूसरी तरफ कुछ किलो चावल और गैहूं के लालच में लोगों को घर से बाहर निकलने के लिए मजबूर किया जा रहा है। राशन के लिए प्रत्येक उपभोक्ता को मशीन पर अंगूठा लगाना होता है। राशन की दुकानों पर न सोशल डिस्टेंसिग का पालन हो रहा है, न मास्क लगाने और सेनेटाजिंग के नियमों का पालन कराया जा रहा है। हालात ऐसे बन गये हैं कि लाकडाउन में भी लोग फिजिकली कनेक्ट हो रहे हंै।
सरकारी राशन की दुकानों से गरीबों के लिए अप्रैल माह का राशन वितरण किया जा रहा है। इस दौरान राशन की दुकानों पर भीड उमड रही है। सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के तमाम प्रयासों के बावजूद भीड एकत्रित हो रही है। लोगों का कहना है कि राशन डीलर के पास सभी उपभोक्ताओं की लिस्ट मौजूद है।
यूनिट को आधार बना कर परिवार के हिसाब से राशन के पैकेट बना कर डोर टू डोर डिलवरी हो सकती थी। इससे सोशल डिस्टेंसिंग का चक्र टूटने का का खतरा भी पैदा नहीं होता और लोगों को राशन भी उलब्ध हो जाता। यह काम संबंधित वार्ड या क्षेत्र का राशन डीलर नगर निगम के साथ मिल कर आसानी से कर सकता था। लोगों ने मांग की है कि लाकडाउन की सफलता के लिए डोर टू डोर डिलवरी बेहतर विकल्प साबित हो सकती है।
कोविड-19 के फैलाव को रोकने के लिए शुरूआती प्रयासों में ही सरकार ने कार्यालयों में इलेक्ट्रोनिक हाजरी पर रोक लगा दी थी। यहां तक कि विशेषज्ञ यहां तक बता रहे थे कि लिफ्ट का बटन कैसे दबाना है। इसके बाद हाथ को सेनेटाइज भी कराना है। राशन उपभोक्ताओं की इलेक्ट्रानिक वैरीफिकेशन को इस दौरान स्थगित नहीं किया गया। हालांकि कहा यह गया है कि उपभोक्ता पहले हाथ धोएंगे या सेनेटाइज करेंगे उसके बाद मशीन पर उंगली या अंगूठा लगाएंगे।













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