देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। कोरोना की दूसरी लहर की तेजी से हाथपांव फुला दिये हैं। मरीजों की संख्या में तेजी से हुई वृद्धि ने ससाधनों पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया। अब कोरोना मरीजों के लिए संसाधन लगातार जुटाये जा रहे हैं। शनिवार से स्वर्ण जयंती हास्पीटल में कोविड सेंटर विधवत शुरू हो गया। यहां आईओसीएल रिफाइनरी मथुरा की ओर से निर्बाध आक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
दूसरी ओर एक और रहात भरी खबर मथुरा के लिए आई है। एसकेएस आयुर्वेकि मेडिकल कॉलेज में 100 ऑक्सीजन बैड का हॉस्पीटल तैयार होने जा रहा है। इसमें 16- 16 बेड की दो आईसीयू भी तैयार की जा रही हैं। कोरोना मरीजों के लिए यह अस्पताल मई के आखिर तक उपलब्ध हो सकेगा। एसकेएस गु्रप के चेयरमैन एसके शर्मा ने कहा कि मथुरा जनपद में कोरोना महामारी के इस दौर में हॉस्पीटल में बेड नहीं, ऑक्सीजन भी नहीं मिल रही है। इन आवश्यक सुविधओं के अभाव में लोगों की मौतें हो रही है। आसपास के गांस से बड़ी संख्या में लोग उनके पास बेड और ऑक्सीजन दिलवाने के लिए आते हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए शासन के नियमों का अनुसार सौ बेड का कोविड हॉस्पीटल तैयार करने के लिए कार्य शुरु कर दिया है। एसके शर्मा ने बताया कि यह अस्पताल इसी महीन के आखिर तक तैयार हो जाएगा। इसमें आईसीयू यूनिट के अलावा पांच वेंटिलेटर तैयार किए जा रहे हैं। सभी बेडों पर ऑक्सीजन की सुविधा होगी। डॉक्टरों की टीम रहेगी।
उन्होंने बताया कि वह अपने एसकेएस आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में एक लाख लोगों के अनेक बीमारियों के निशुल्क ऑपरेशन कराकर उनकी जान बचाई जा चुकी है। इसके अलावा कई स्कूल और कॉलेजों में भी लैब, लाइबे्ररी, गेट आदि का निर्माण भी कराया है। चार मंदिर भी बनवाए हैं। निर्धन कन्याओं के सामुहिक विवाह भी कराए हैं। ये सभी कार्य हम अपने ही धन से करा रहे हैं। हमारे पास किसी तरह की सरकारी निधि थी, न है।













Related Items
देहरादून के DAV कॉलेज तक पहुंचा करोड़ों रुपये के घोटाले का मामला, CBI ने प्राचार्य को भेजा पत्र
अमित कुमार कॉलेज अध्यक्ष एवं बांके बिहारी बने कॉलेज मंत्री
देश में 2014 के बाद यूजी और पीजी की मेडिकल सीटें बढ़ीं : केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री