देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। ब्रज में कहावत प्रचलित है सीख दीनी बानरा बैया का घर जाये। सीख उसे ही देनी चिहिए जिसे सुहातो हो। किसी को भी सीख देने की हादत जनलेवा भी साबित हो सकती है।
थाना राया के गांव नंदा गढी में ऐसा ही हुआ। आदतन नशेडी को टोकना एक व्यक्ति को महंगा पड गया। उसे इसकी कीमत जान देकर चुकानी पडी।
नंदागढ़ी निवासी परशुराम एक दुकान पर बैठकर शराब पीकर हंगामा कर रहा था। गांव के ही पवन ने परशुराम की हरकतों का विरोध किया। इसी बात को लेकर परशुराम और पवन के बीच में कहासुनी हो गई थी। पवन के चाचा रामबाबू ने दोनों के बीच हो रहे विवाद को शांत कर दिया। इसके बाद वह अपने खेत पर चले गए थे। परशुराम गांव की गलियों में शराब के नशे में गाली-गलौज करते हुए घूमता रहा।
परशुराम पहले से ही आपराधिक प्रवृत्ति का है। इस लिए उससे कोई कुछ कहता भी नहीं था। 15 दिसंबर 2019 को परशुराम ने गांव नौगड़ा में एक शराब के ठेका पर फायरिंग की थी। फायरिंग में एक युवक भी घायल हुआ था। परशुराम के खिलाफ थाना राया में जानलेवा हमले की नामजद रिपोर्ट कराई गई थी।
रात करीब साढ़े आठ बजे रामबाबू खेत से लौट कर गांव आ गए। वह एक दुकान पर बैठे हुए थे। परशुराम भी वहां आ गया और उसने रामबाबू से गाली-गलौज करने लगा। उसने तमंचा से रामबाबू के सीने में गोली मार दी। वह लहूलुहान होकर वहीं गिर गए। सूचना मिलने पर थाना राया के इंस्पेक्टर क्राइम जसवीर सिंह घटनास्थल पर पहुंच गए। घायल को जिला अस्पताल भेजा गया। चिकित्सक ने रामबाबू को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से आरोपित परशुराम फरार है। पुलिस ने आरोपित की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।













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